सामूहिक विवाहः निगरानी बढ़ी तो पड गया पात्रों का टोटा

-लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 28.16 प्रतिशत तक ही पहुंच सका विभाग

सामूहिक विवाहः निगरानी बढ़ी तो पड गया पात्रों का टोटा

स्वतंत्र प्रभात 
मथुरा। जनपद में सामूहिक विवाह योजना अपने लक्ष्य से पिछड गई है। इस योजना के तहत जनपद को मिले लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 28.16 प्रतिषत को ही अभी तक प्राप्त किया जा सका है। हालांकि योजना का लाभ लेने के लिए हुए आवेदनों की संख्या में कमी नहीं आई है बल्कि आवेदनों पर की गई जांच पडताल भारी पड रही है। इस बार समाज कल्याण विभाग के तहत कराई जाने वाले सामूहिक विवाह के लिए ऑन लाइन आवेदन मांगे गये हैं। 1100 से अधिक आवेदन हुए लेकिन जांच पड़ताल में करीब 60 प्रतिशत आवेदनों को निरस्त कर दिया।

चालू वित्त वर्ष के फरवरी माह के अंत तक समाज कल्याण विभाग की ओर से करीब 400 शादियां इस योजना के तहत कराई गई हैं। एक शादी पर सरकार कुल 51 हजार रुपये खर्च कर रही है। जिनमें से 35 हजार कन्या के खाते में भेज दिये जाते हैं। 10 हजार का सामान दिया जाता है। इस राशि में से छह हजार रूपये आयोजन में खर्च कर दिये जाते हैं।

सामूहिक विवाह आयोजन के लिए आवश्यक है कि कम से कम 10 जोड़ों की एक साथ शादी कराई जा सके। इस योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को प्रेरित करने तथा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नगर पंचायत और ब्लॉक स्तर एवं जिला स्तर पर कमेटियां हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। जिसके बाद विभाग द्वारा सत्यापन किया जाता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद पत्रों का सुचिता के साथ चयन हो रहा है, जिसके चलते लक्ष्य प्राप्ति में परेशानी आ रही है।  
 
वर्जन
लगातार प्रयास किये जा रहे हैं कि समाज को इस योजना का अधिक से अधिक लाभ मिले। योजना का लाभ लेने के लिए हमारे विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। दो लाख रुपये से कम आय वाले पात्र आय प्रमाण पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं।
-नगेन्द्र पाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी मथुरा  

 

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