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विजली उपभोक्ता परेशान जाने बिजली कनेक्शन काटने के जाने के क्या है नियम ?
बिना किसी सूचना के ही काटा जा रहा विद्युत कनेक्शन खरगूपुर सहित जिले में चल रहा जोरों पर कार्य
बिना नोटिस के किसी भी उपभोक्ता का नहीं काट सकते विजली कनेक्शन जाने नियम
स्वतंत्र प्रभात
बृजभूषण तिवारी
ब्यूरो गोंडा।उत्तर प्रदेश सरकारो के सख्त दिशानिर्देश के बावजूद विद्युत विभाग की अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैया से विद्युत उपभोक्ता परेशान जहां एक तरफ प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की समस्या ना हो इसलिए विद्युत विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को समय समय पर निर्देशित करते रहते हैं इसके बावजूद भी गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण गर्मी में उपभोक्ता परेशानियों का शिकार हो रहे हैं जहां पर खरगूपुर विद्युत उप केंद्र के अवर अभियंता की गैर जिम्मेदाराना रवैये से क्षेत्र में विद्युत विच्छेदन का कार्य जोरों पर चल रहा है जहां पर बिना किसी नोटिस के ही उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे हैं जिससे गर्मी में लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है यही हाल पूरे जिले में देखने को मिल रहा
है ।
विद्युत उप केंद्र खरगूपुर मे समस्याओं का भरमार लापरवाही
विद्युत उप केंद्र खरगूपुर क्षेत्र में विद्युत की भारी समस्याएं कहीं तार जर्जर तो कहीं खंबे कहीं बांस बल्लियों के सहारे जलाया जाता विद्युत शिकायतों के बावजूद भी नहीं दिया जाता अधिकारियों के द्वारा ध्यान आखिर क्यों ?
भवानीपूर उपाध्याय हनुमान मंदिर के मुख्य गेट के ऊपर ही रखा विद्युत तार हादसे का दे रहा दावत आखिरी घटना होने पर कौन होगा जिम्मेदार।
देवरिया कला में 86 जी जी राजकीय नल कूप से गाँव को जाने वाली विद्युत लाइट दो वर्ष पूर्व आँधी तूफान भारी वर्षा के कारण सात खंबे टूटे जिसकी शिकायत के बावजूद आज तक नहीं हुआ निराकरण दर्जनों ऐसी समस्याएं जिस पर नहीं दिया जा रहा ध्यान आखिर क्यों?
जहाँ भी जाओ बस समस्याओं की भरमार सरकार के दिशानिर्देशों का नहीं होता पालन जांच होगी तो खुलेगा भ्रष्टाचार का पिटारा।
विद्युत उपभोक्ता जाने नियम की आखिर कैसे विद्युत विभाग द्वारा काटा जा सकता है विद्युत कनेक्शन
- जब कोई बिजली उपभोक्ता बिजली काटने के लिए अनुरोध करता है।
- जब वितरण लाइसेंसधारी को कानूनी अधिकार वाला व्यक्ति द्वारा डिस्कनेक्ट करने के लिए कहा/निर्देशित किया जा रहा हो।
- जब अनुज्ञप्तिधारी और उपभोक्ता के बीच समझौता हुआ हो कि लाइसेंसधारी को डिस्कनेक्ट करने के लिए अधिकार देता हो।
- यदि लाइसेंसधारी यथोचित रूप से मानता है कि उपभोक्ता ने संहिता के प्रावधान उल्लंघन किया है, जो लाइसेंसधारी को डिस्कनेक्ट करने का अधिकार देता है।
- लाइसेंसधारी डिस्कनेक्शन का सहारा ले सकता है, जब उसे लगता है कि कनेक्शन स्वास्थ्य के लिए खतरा या सुरक्षा जोखिम या संपत्ति को या उपभोक्ता को या किसी व्यक्ति को क्षति का कारण हो सकता है या होने की संभावना है।
- यदि उपभोक्ताओं द्वारा लागू नियम या द्वारा निर्धारित कोई अन्य उचित आवश्यकताओं का अनुपालन नहीं करती है, तब लाइसेंसधारी द्वारा, बिजली आपूर्ति काट दी जा सकती है।
- यदि उपभोक्ता ने जमानत राशि का भुगतान नहीं किया है या अपर्याप्त है, तो बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है।
- उपभोक्ता को बिजली बिल का भुगतान करना आवश्यक है, जैसा कि विनियम में प्रदान किया गया है। यदि उपभोक्ता बिल का भुगतान करने में विफल रहता है, तो लाइसेंसधारी को बिजली की आपूर्ति को डिस्कनेक्ट करने के लिए अधिकार प्राप्त है।
- यदि उपभोक्ता को विद्युत संयंत्र के साथ छेड़छाड़ करते पाया जाता है, तो बिजली लाइन या मीटर, लाइसेंसधारी बिजली कनेक्शन काटने जैसी कार्यवाही का सहारा ले सकता है।
- भुगतान लिखतों (चेक आदि) के अनादर के मामले में, उपभोक्ता द्वारा भुगतान न करने पर, लाइसेंसधारी डिस्कनेक्शन के लिए कार्रवाई शुरू कर सकता है।
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बिजली कनेक्शन काटने के पूर्व उपभोक्ताओं को सूचना नोटिस देना जरूरी
- लाइसेंसधारी यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ता को नोटिस जारी किया गया है।
- नोटिस में लाइसेंसधारी द्वारा कारण और संभावित कार्रवाई का उल्लेख होना चाहिए।
- नोटिस में उपभोक्ता से संपर्क करने का अनुरोध करने वाला एक खंड शामिल होना चाहिए।
- नोटिस पंजीकृत डाक द्वारा, पोस्टिंग प्रमाण पत्र के तहत, कुरियर या अन्य समान साधन द्वारा भेजा जाना चाहिए।
- नोटिस उपभोक्ताओं के पास रहने वाले व्यक्ति को भी सौंपा जा सकता है।
- लाइसेंसधारी परिसर के विशिष्ट भाग पर भी बिजली कनेक्शन काटने का नोटिस लगा सकता है।
- नोटिस में निर्दिष्ट किया जाएगा कि उपभोक्ता ने नियत तारीख तक बिल के भुगतान में चूक की है।
- नोटिस में उपभोक्ता को सूचित किया जाना चाहिए कि देय राशि का भुगतान करने में विफलता लाइसेंसधारी को सेवा की आपूर्ति को डिस्कनेक्ट करने या प्रतिबंधित करने का अधिकार देगा।


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