कुंवरि चन्द्रावती पीजी कालेज में हुआ रक्तदान जागरूकता संगोष्ठी  

कुंवरि चन्द्रावती पीजी कालेज में हुआ रक्तदान जागरूकता संगोष्ठी   

स्वतंत्र  प्रभात 

अयोध्या। कुँवरि चन्द्रावती पीजी कालेज के राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत  अंतिम दिवस पर रक्तदान जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला चिकित्सालय  के सहयोग से राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन के तत्वाधान में आयोजित उक्त संगोष्ठी में कालेज के 75 छात्र-छत्राओं ने प्रतिभाग कर रक्तदान से जुड़ी विभिन्न बिंदुओं पर जानकारियां प्राप्त किया और संकल्प लिया कि रक्तदान के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शिक्षाविद अमरनाथ तिवारी ने कहा है रक्तदान प्रत्यक्ष जीवन दान है और रक्तदान के बाद जो खुशी और संतोष हमें मिलता है वो शायद दुनिया के किसी अन्य कार्य से नही मिलता है। समारोह की अध्यक्षता समाजसेवी व फॉउंडेशन के संरक्षक राजेश चौबे व संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नीति श्रीवास्तव व डॉ मधु दूबे ने सँयुक्त रूप से किया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रमाधिकारी डॉ निर्मल कुमार श्रीवास्तव ने बुके प्रदान कर किया।
जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक के जनसंपर्क अधिकारी विन्देश्वरी प्रसाद जी ने रक्तदान से जुडे प्रत्येक विदुओं पर व्यापक चर्चा करते हुए कहा कि रक्तदान के क्षेत्र में देश अभी आत्मनिर्भर नही है लिहाजा युवाओं को आगे आना होगा जिससे ब्लड के अभाव में किसी की मौत न हो। ब्लड बैंक की काउंसलर ममता खत्री ने कहा कि रक्तदान के बाद रक्तदाता को डोनर कार्ड भी दिया जाता है और उस कार्ड से हम जरूरत पड़ने पर अपना ब्लड वापस भी प्राप्त कर सकते है। सब इंस्पेक्टर रंजीत यादव ने इसे कलयुग का सबसे पुनीत कार्य व समाज सेवा का सबसे बेहतर माध्यम बताया।
समाजसेवी राजेश चौबे जी ने बताया कि संस्था द्वारा 2016 से अब तक साढ़े चार हजार मरीजों को ब्लड देकर उनकी जान बचाया जा चुका है और जरूरतमंद हर समय संस्था से खून प्राप्त कर कर सकते है। रक्तदान का पर्याय बन चुकी समाजसेविका रत्ना जायसवाल, महिला वृद्ध आश्रम की काउंसलर नीलम श्रीवास्तव, रक्त वीरांगना शशि रावत व स्काउट गाइड ट्रेनर  अंशिका सिंह व असिस्टेन्ट प्रोफेसर में महाविद्यालय के डॉ शैलेन्द्र यादव,डॉ मधु दूबे, डॉ अनुपमा सिंह, डॉ रिजवान,मनोज पांडेय, डीपी सिंह, सुमन मिश्रा, बुशरा अंजुम ने भी रक्तदान पर अपने विचार व्यक्त किये।

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