आनंद और अवसाद

आनंद और अवसाद और सुख और पीड़ा, जीवन के अलग-अलग सोपान

सुख और दुख दो ऐसे सोपान हैं जिन पर चलकर ही मनुष्य अपनी संपूर्णता को समझ पाता है। जीवन कभी एक सीधी रेखा की तरह नहीं चलता, उसमें उतार-चढ़ाव, सुख-दुःख, आशा-निराशा, संभावनाएं और आशंकाएं निरंतर एक-दूसरे में गुंथी रहती हैं।...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार