ग्राम पंचायत व्यवस्था

साधारण जन से असाधारण शासन तक: पंचायती राज की नई परिभाषा

जब गाँव की धूल भरी पगडंडी पर बैठा किसान निडर होकर अपनी बात रखता है और उसी स्वर से विकास की दिशा आकार लेने लगती है, तब लोकतंत्र अपनी सबसे जीवंत और वास्तविक पहचान में सामने आता है। 24...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार