भारतीय संस्कृति
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विख्यात कथावाचक राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज को मिली महामंडलेश्वर की उपाधि
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By Abhinav Shukla
कानपुर। अपनी ओजस्वी वाणी, मधुर कथा शैली एवं आध्यात्मिक प्रवचनों से देशभर के श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करने वाले विख्यात कथावाचक राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज को अंतरराष्ट्रीय संत ऋषि अखाड़ा द्वारा महामंडलेश्वर की उपाधि से सम्मानित किया...
छात्र-छात्राओं को स्टार ऑफ द मंथ से किया गया सम्मानित
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By Abhinav Shukla
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - भाषा से संवाद, संस्कृति से पहचान, एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार करते हुए पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय पल्हारी, नगवां, सोनभद्र में 13 मई 2026 से 19 मई 2026 तक भारतीय भाषा-ग्रीष्मकालीन शिविर (2026)...
भारतीय अस्मिता के प्रतीक: वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप
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By Abhinav Shukla
- महेन्द्र तिवारी भारतीय इतिहास की गौरवशाली परंपरा में महाराणा प्रताप का नाम एक ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र के समान है जिसकी आभा शताब्दियों के पश्चात भी तनिक भी फीकी नहीं पड़ी है। उनका व्यक्तित्व साहस, त्याग, अद्वितीय स्वाभिमान और अटूट...
स्मार्ट शहर में गौमाता...!
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By Abhinav Shukla
स्मार्ट शहर की चकाचौंध में, खो गई गौमाता, सीमेंट की सड़कों पर, किसे याद है वो नाता। पहले आँगन में बंधकर, घर की शान कहाती, ट्रैफिक में भटकती छाया, बाधा बन है जाती। पहली रोटी उसके नाम की, परंपरा थी...
ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की सेवा कर 11 वर्षीय श्रवण सिंह बना देशभक्ति, समर्पण और साहस का अद्भुत प्रतीक
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By Abhinav Shukla
जब किसी देश की सीमाओं पर सैनिक दिन-रात पहरा दे रहे होते हैं, तब पूरा राष्ट्र उनके साहस और त्याग के भरोसे निश्चिंत होकर जीवन जीता है। लेकिन कभी-कभी इसी देश की मिट्टी से ऐसे अनमोल रत्न जन्म लेते हैं,...
स्वयं को 'फ्री' रखने के लिए बच्चों को मोबाइल सौंपते माता-पिता
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By Abhinav Shukla
लेखक:प्रो (डा.) मनमोहन प्रकाश बच्चे और माता-पिता का संबंध केवल जैविक नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और मार्गदर्शन का जीवंत सूत्र है। भारतीय संस्कृति में माता-पिता को बच्चे का प्रथम गुरु माना गया है, जो उन्हें न केवल चलना-बोलना बल्कि जीवन-मूल्य...
रविंद्रनाथ टैगोर की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
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By Abhinav Shukla
स्वतंत्र प्रभात। नैनी, प्रयागराज। रविंद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्यगण एवं छात्र-छात्राओं ने गुरुदेव टैगोर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर...
राजा रवि वर्मा के चित्रों में जीवित गौरवशाली भारतीय परंपरा
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By Swatantra Prabhat UP
महेन्द्र तिवारी भारतीय चित्रकला के गौरवशाली इतिहास में राजा रवि वर्मा एक ऐसे युगपुरुष के रूप में प्रतिष्ठित हैं जिन्होंने अपनी कूची और रंगों के माध्यम से भारतीय संस्कृति को एक नई पहचान और वैश्विक गरिमा प्रदान की। 29 अप्रैल...
त्याग और समर्पण की देवी - माँ जानकी
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By Swatantra Prabhat UP
ई0 प्रभात किशोर भई प्रगट कुमारी भूमि-विदारी जनहितकारी भयहारी ।,अतुलित छबि भारी मुनि-मनहारी जनकदुलारी सुकुमारी ।। सुन्दर सिंहासन तेहिं पर आसन कोटि हुताशन द्युतिकारी ।, सिर छत्र बिराजै सखि संग भाजै निज-निज कारज करधारी ।। सुर सिद्ध सुजाना हनै निशाना...
हनुमान जयंती: भक्ति, शक्ति और समर्पण का अद्भुत संगम
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By Swatantra Prabhat UP
महेन्द्र तिवारी हनुमान जयन्ती का पावन पर्व हिंदू धर्मानुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी उत्सव है। यह दिन भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो शक्ति, भक्ति,...
मर्यादा,त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के सर्वकालिन प्रतिमान प्रभु श्री राम
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By Swatantra Prabhat UP
रामनवमी का पावन पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि मर्यादा, धर्म और आदर्श जीवन मूल्यों की स्मृति का दिवस है। इस दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ, जिन्हें भारतीय संस्कृति में “मर्यादा पुरुषोत्तम” के रूप में सर्वोच्च स्थान प्राप्त...
श्रीरामनवमी: आत्मशुद्धि और आदर्श जीवन की ओर एक कदम
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By Swatantra Prabhat UP
महेन्द्र तिवारी भारतीय संस्कृति की विशालता और उसकी गहराई का अनुमान उन पर्वों से लगाया जा सकता है जो न केवल कैलेंडर की तिथियों को परिभाषित करते हैं, बल्कि जनमानस के हृदय में नैतिकता और धर्म के बीज बोते...

