लोकतंत्र और कर्तव्य

दायित्व बोध से ही श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण

प्रख्यात चिंतक वाल्टेयर ने कहा था जितने अधिक अधिकार, उतनी अधिक जिम्मेदारी। यह कथन आज के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक प्रतीत होता है। स्वतंत्रता तभी सार्थक है जब वह संयम और जिम्मेदारी से संचालित हो अन्यथा वह स्वच्छंदता बनकर अराजकता...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार