हिंदी साहित्य
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डिजिटल युग में हिंदी साहित्य की नई शुरुआत
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By Swatantra Prabhat UP
जोधपुर। हिंदी और भारतीय भाषाओं के साहित्य को डिजिटल रूप में पाठकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से “हिंदीज़ा” ऐप का ऑनलाइन लॉन्च 14 जुलाई को किया जाएगा। यह ऐप साहित्य प्रेमियों के लिए एक ऐसा मंच होगा, जहाँ वे ई-बुक्स,...
11जून को पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती है!इस अवसर पर यह आलेख है
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By Abhinav Shukla
शाहजहाँपुर की मिट्टी ने 11 जून 1897 को मुझे जन्म दिया था। माँ का नाम मूलमती, पिता का नाम मुरलीधर। घर गरीब था, पर सीना गर्व से भरा था। दादा ग्वालियर से अकाल के दिनों में भागकर यहाँ आए थे।...
स्वाधीनता संग्राम में अमर नाम है राम प्रसाद बिस्मिल का
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By Abhinav Shukla
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में वैचारिक चेतना और सशस्त्र क्रांति का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलता है जिसने दमनकारी ब्रिटिश सत्ता की नींव हिलाकर रख दी थी। इस अद्वितीय संगम के सबसे प्रखर प्रतीक पुरुष थे अमर...
हिंदी साहित्य के युग प्रवर्तक आचार्य द्विवेदी को किया नमन
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By Abhinav Shukla
लालगंज (रायबरेली)। क्षेत्र के ऐहार स्थित श्री गणेश विद्यालय इंटर कॉलेज में शनिवार को हिंदी साहित्य के महान साहित्यकार आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जयंती उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उनके चित्र पर पुष्प...
प्रज्ञा तिवारी की पुस्तक बाल प्रज्ञा प्रबोधिनी और प्रगति पथ का हुआ विमोचन
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By Swatantra Prabhat UP
प्रतापगढ़। शहर के सिद्धार्थ होटल में जनपद सुल्तानपुर की लोकप्रिय कवयित्री एवं सुप्रसिद्ध लेखिका प्रज्ञा तिवारी की पुस्तक बाल प्रज्ञा प्रबोधिनी एवं प्रगति पथ का विमोचन संपन्न हुआ।इस अवसर पर प्रज्ञा तिवारी ने कहा कि उन्होंने सैकड़ो कविताएं लिखी है...
किस्सागोई: जो समय से परे जाकर मनुष्य को मनुष्य से जोड़ती है
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By Swatantra Prabhat UP
कृति आरके जैन जब भीतर की अनुभूतियाँ शब्द बनकर फूट पड़ती हैं और कल्पना समय की दीवारों को लाँघकर दूर-दूर तक अपनी छाया बिखेर देती है—तभी किस्सागोई का असली जादू आकार लेता है। 20 मार्च इसी अदृश्य, गहरे असर...

