रामकृष्ण परमहंस

हिंदुत्व, जाति और बंगाल का भविष्य

- महेन्द्र तिवारी     पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में वर्ष 2026 केवल एक चुनावी वर्ष नहीं बल्कि एक ऐसी निर्णायक ऐतिहासिक घटना बनकर उभरा है जिसने पूरे देश की राजनीति को नए ढंग से सोचने पर विवश कर दिया है।...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

माँ काली के भक्त से परमहंस तक का सफर

महेन्द्र तिवारी    रामकृष्ण परमहंस का जीवन भारतीय आध्यात्मिक इतिहास की एक अमूल्य धरोहर है। 18 फरवरी 1836 को पश्चिम बंगाल के हुगली नदी के किनारे बसे छोटे से ग्रामीण क्षेत्र कामारपुकुर में एक साधारण ब्राह्मण परिवार में उनका जन्म हुआ...
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