जो माँ से बच्चे तक बहती है
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

शोषण की वंशावली: जो माँ से बच्चे तक बहती है

शोषण की वंशावली: जो माँ से बच्चे तक बहती है सामाजिक विवशताओं में कुचलता मानवीय अधिकार बाल श्रम और महिला शोषण: दो सिरों वाला एक ही जहरीला तीर समाज की सबसे अँधेरी सच्चाइयाँ अक्सर उन घरों में छिपी होती हैं, जहाँ रोशनी के नाम पर सिर्फ मजबूरी जलती है।...
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