Hindi Sampadkiya
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

क्यों यूपी लोकसभा चुनाव में भरेगा भाजपा की झोली

क्यों यूपी लोकसभा चुनाव में भरेगा भाजपा की झोली अब कुछ हफ्तों के बाद ही देश में लोकसभा चुनावों की घोषणा हो जाएगी। पर उत्तर प्रदेश (यूपी) को छोड़कर देश के लगभग सभी राज्यों की लोकसभा सीटों के लिए कांटे की टक्कर होने की संभावना है । लेकिन, उत्तर...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

आटा ले लो आटा, मोदी ब्रांड सस्ता आटा

आटा ले लो आटा, मोदी ब्रांड सस्ता आटा पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने ' सस्ता आटा,सस्ती दाल ' लांच कर एक नेक काम किया है ।  सरकार की ये जनकल्याणकारी योजना है क्योंकि देश में अब एक तरफ अडानी का फार्च्यून आटा  आम...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

दम घुटती दिल्ली को कौन बचाएगा ?

दम घुटती दिल्ली को कौन बचाएगा ? आजकल मै लोकतंत्र से ज्यादा दिल्ली को लेकर परेशान हूँ,क्योंकि दिन-ब-दिन दिल्ली का दम घुटते देख रहा हूँ ।  दिल्ली कभी खांसती है, कभी खखारती है,कभी बलगम थूकती है,कभी हांफती है। ये दिल्ली देश की राजधानी है ,इसकी ऐसी दशा...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

अखिलेश व  नीतीश की कांग्रेस से नाराजगी

अखिलेश व  नीतीश की कांग्रेस से नाराजगी बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बड़ी जोर-शोर के साथ जिस विपक्षी गठबंधन की नींव पड़ी थी, पांच राज्यों में  चुनाव के बीच वह दरकती दिख रही है। पहले समाजवादी पार्टी  के प्रमुख अखिलेश यादव ने...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

सिटी आफ म्यूजिक का दर्जा किस काम का ?

सिटी आफ म्यूजिक का दर्जा किस काम का ? ग्वालियर का हर निवासी यूनेस्को का कृतज्ञ है कि उसने ' संगीत के तीर्थ ' ग्वालियर को ' सिटी आफ म्यूजिक ' का दर्जा देकर सम्मानित किया,लेकिन मेरे मन में इस ऐलान से कोई हलचल नहीं है। मुझे पता है...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

घरेलू राजनीति का कड़वा चौथ

घरेलू राजनीति का कड़वा चौथ देश भर में महिलाएं आज अपने जीवनसाथी की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत रख रहीं है लेकिन घरेलू राजनीति में आज का दिन कड़वा चौथ का दिन साबित हो रहा है।  लोकतंत्र के दीर्घायु होने के लिए कोई...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

दिल्ली से दिमनी तक मुन्ना ही मुन्ना  

दिल्ली से दिमनी तक मुन्ना ही मुन्ना   मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती और गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा के बाद आज आपको  देश के एक ऐसे नाकाम कृषि मंत्री का किस्सा बताता हूँ जो मोदी सरकार की नाक नीची कराने के लिए हमेशा याद किया जायेगा...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार  Featured 

वोटों की फसल पर किसका हक, कौन कटेगा फसल ?

वोटों की फसल पर किसका हक, कौन कटेगा फसल ? भारतीय किसान ही नहीं बल्कि भारतीय खिलाड़ी भी अभिनंदन के पात्र हैं। ये दोनों देश का अभिमान बढ़ाने के लिए लगातार काम करते है।  क्रिकेट के विश्व कप में भारतीय खिलाड़ी भारतीय विपक्ष की तरह लगातार विजय पथ पर आगे...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

चुनिए उसे जो प्याज दिलाये

चुनिए उसे जो प्याज दिलाये आज बात न हमास की और न विधानसभा चुनाव की ,क्योंकि आज का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है प्याज ।  प्याज जिसके बिना रसोईघर की रौनक ही चली जाती है।  भारत में प्याज अचानक ही टमाटर की तर्ज पर सुर्ख हो...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

खुद नाच न जाने, कहें -'आंगन टेढ़ा '

खुद नाच न जाने, कहें -'आंगन टेढ़ा ' मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की साफगोई का मै कायल हूँ।मेरी तरह बहुत से लोग कायल होंगे।  मै हमेशा से उन्हें ' टिनोपाल मंत्री ' कहता आया हूँ । लकधक में वे मध्यप्रदेश के नारायण दत्त तिवारी भी...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

राम तुम्हारा चरित स्वयं ही काव्य है

राम तुम्हारा चरित स्वयं ही काव्य है राम आखिर राम हैं।  हमारे ,आपके,सबके राम। अयोध्या के राम,ओरछा के राम। लेकिन राजनीति के राम सबसे अलग है। वे राजनीति में डूबती नौकाओं के उद्धारक है।  उनका नाम लेकर की अक्षम व्यक्ति भी सक्षम बन सकता है। इस धारणा...
Read More...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

रावण की ओट में सियासत की मजबूरी

रावण की ओट में सियासत की मजबूरी रामलीला के मंचों से रावण दहन की ओट में सियासी दलों ने जमकर सियासत की और जनता ठगी से खड़ी देखती रह गयी, क्योंकि रामलीलाओं  में न असली राम लड़ रहे थे और न असली रावण जल रहे थे। सब...
Read More...