पानी की किल्लत, प्यासो को जिल्लत, टैंकर माफिया ओं की चांदी, डीजेबी को घाटा,कोर्ट का तमाचा

पानी की किल्लत, प्यासो को जिल्लत, टैंकर माफिया ओं की चांदी, डीजेबी को घाटा,कोर्ट का तमाचा

स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी।

 दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कतरा-कतरा पानी के लिए मारामारी जारी है। दिल्ली सरकार का रोना है कि हरियाणा सरकार ने दिल्ली के पानी पर ब्रेक लगाया हुआ है।जिसकी वजह से दिल्ली में पानी की किल्लत पैदा हो गई है।उधर राजधानी के लोग प्यास की जिल्लत झेलने को मजबूर है। वहीं एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग आप्रेशन में पानी के टैंकर माफियाओ की कलाई खोल कर रख दी है। स्टिंग के दौरान पानी के टैंकर काॅलोनी में पानी आपूर्ति के लिए भेजे तो जाते हैं। लेकिन प्यासों तक पानी पहुंचने की बजाए 3000 रूपये प्रति टैंकर के मार्किट में ब्लैक किया जा रहा है। जबकि आम आदमी को मकान बनाने,गाडी को धोने तक के लिए पानी के इस्तेमाल  की पाबंदी लगा रखी है। 

वहीं टैंकर माफिया पानी को खुलेआम ब्लैक कर रहे है। इन सब चोर बाजारी के लिए बीजेपी दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया है कि पानी की कालाबाजारी बाकायदा दिल्ली की सरकार के संरक्षण में चोरी हो रही है।उन्होने जल संकट के लिए दिल्ली जल बोर्ड, उसके अधिकारी,चेयरमैन और केजरीवाल सरकार को.जिम्मेदार बताया है। सचदेवा ने कहा कि जो जल बोर्ड कभी मुनाफे में होता था वो आज 80 हजार करोड रूपये के घाटे में क्यो जूझ रहा है?इसके लिए उन्होंने मिस मैनेजमेंट को जिम्मेदार बताया है। सचदेवा ने कहा कि इनका मकसद सिर्फ-और -सिर्फ दिल्ली को कैसे लूटा जाए ?

और अपनी जेबें भरी जाए।वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पिछले 8-10 सालों में पाईप  लाईन की रिपेयरिंग नहीं कर पाए। जलबोर्ड लीकेज नही रोक पाया।पानी की बर्बादी रोकने इनके बूते से बहार है। उन्होने बाकायदा दावा किया कि अगर मैं गलत कह रहा हूं तो हम पर मुकदमा कर दें। इस वक्त दिल्ली शहर ,गांवों, कालोनियों और स्लम इलाके, झुग्गी झोपड़ियों में गंदा व बदबूदार पानी पीने को मजबूर है। उन्होंने दिल्ली वालों से भी अपील करते हुए  कहा कि आपके घर में पानी आ रहा है उसे कम से कम उबाल कर पियें। उन्होने कहा कि वह दिल्ली सरकार के भरोसे मत रहे ।दिल्ली सरकार का दायित्व था घर में पानी मुहैया कराना।

लेकिन इन्होने इसे लूट का साधन बना दिया। उल्लेखनीय है कि निजी चैनल आजतक पर आप्रेशन टैंकर का बडा असर हुआ है।इस पर सुप्रीमकोर्ट ने दिल्ली सराकार से पूछा है कि टैंकर माफिया पर आपने क्या एक्शन लिया है? हालांकि शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार की सुनवाई पर हरियाणा को बचे हुए पानी को छोडने के संबंध में निर्देश दे दिये है। लेकिन टैंकर माफियाओ पर भी सरकार से जवाब मांगकर कटघरे में खडा कर दिया है।  जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और पीबी वाले की पीठ ने पूछा कि दिल्ली में टैंकर माफिया सक्रिय है और आप कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे है?

अदालत ने यहां तक कह डाला कि अगर दिल्ली सरकार कोई कारवाई नहीं कर सकती है ,तो दिल्ली पुलिस को निर्देश दे सकते हैं। दरअसल पानी टैंकर माफिया बिना किसी डर के पानी को बेचने का गौरखधंधा कर रहा है। इस पर दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि हम समाधान खोजने के लिए यहां आए हैं। कोर्ट ने तल्ख होते हुए कहा कि अगर पानी हिमाचल से आ रहा है तो दिल्ली में पानी कहां जा रहा है? क्या दिल्ली सरकार ने 2023 में पानी की बर्बादी से बचने को रोकने के लिए क्या कदम उठाए है? क्या किसी टैंकर माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है? एफआईआर दर्ज कराई है तो बताइए। 

उधर टैंकर माफियाओ के खिलाफ एक्शन लेने के लिए जल मंत्री ने कहा कि वह एक्शन लेंगे। इस मामले में सुप्रीमकोर्ट  में गुरूवार को भी सुनवाई जारी है। सारा लब्बोलुआब टैंकर माफिया पानी की कालाबाजारी में 3000 रूपये में टैंकर बेच रहे हैं।स्टिंग में टैंकर वाला साफ कह रहा है पानी की कोई किल्लत नहीं है।  आप एड्रेस बताओ टैंकर वहीं पहुंच जाएगा। कंस्ट्रक्शन के लिए 2100 रूपये में टैंकर बेचा जा रहा है।जिसमें 12000 लीटर पानी आता है। अगर टैंकर का पानी छत पर रखी टंकी तक पहुंचाना है तो इसका रेट 3000 रूपये तक वसूले जा रहे हैं। वहीं बोरवेल के पानी की कीमत 2200 रूपये प्रति टैंकर बेचा जा रहा है।

राजधानी दिल्ली में कतरा-कतरा पानी के लिए मारामारी जारी है। दिल्ली सरकार का रोना है कि हरियाणा सरकार ने दिल्ली के पानी पर ब्रेक लगाया हुआ है।जिसकी वजह से दिल्ली में पानी की किल्लत पैदा हो गई है।उधर राजधानी के लोग प्यास की जिल्लत झेलने को मजबूर है। वहीं एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग आप्रेशन में पानी के टैंकर माफियाओ की कलाई खोल कर रख दी है। स्टिंग के दौरान पानी के टैंकर काॅलोनी में पानी आपूर्ति के लिए भेजे तो जाते हैं। लेकिन प्यासों तक पानी पहुंचने की बजाए 3000 रूपये प्रति टैंकर के मार्किट में ब्लैक किया जा रहा है। जबकि आम आदमी को मकान बनाने,गाडी को धोने तक के लिए पानी के इस्तेमाल  की पाबंदी लगा रखी है।

वहीं टैंकर माफिया पानी को खुलेआम ब्लैक कर रहे है। इन सब चोर बाजारी के लिए बीजेपी दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया है कि पानी की कालाबाजारी बाकायदा दिल्ली की सरकार के संरक्षण में चोरी हो रही है।उन्होने जल संकट के लिए दिल्ली जल बोर्ड, उसके अधिकारी,चेयरमैन और केजरीवाल सरकार को.जिम्मेदार बताया है। सचदेवा ने कहा कि जो जल बोर्ड कभी मुनाफे में होता था वो आज 80 हजार करोड रूपये के घाटे में क्यो जूझ रहा है?इसके लिए उन्होंने मिस मैनेजमेंट को जिम्मेदार बताया है। सचदेवा ने कहा कि इनका मकसद सिर्फ-और -सिर्फ दिल्ली को कैसे लूटा जाए ?और अपनी जेबें भरी जाए।

वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पिछले 8-10 सालों में पाईप  लाईन की रिपेयरिंग नहीं कर पाए। जलबोर्ड लीकेज नही रोक पाया।पानी की बर्बादी रोकने इनके बूते से बहार है। उन्होने बाकायदा दावा किया कि अगर मैं गलत कह रहा हूं तो हम पर मुकदमा कर दें। इस वक्त दिल्ली शहर ,गांवों, कालोनियों और स्लम इलाके, झुग्गी झोपड़ियों में गंदा व बदबूदार पानी पीने को मजबूर है। उन्होंने दिल्ली वालों से भी अपील करते हुए  कहा कि आपके घर में पानी आ रहा है उसे कम से कम उबाल कर पियें। उन्होने कहा कि वह दिल्ली सरकार के भरोसे मत रहे ।दिल्ली सरकार का दायित्व था घर में पानी मुहैया कराना।

लेकिन इन्होने इसे लूट का साधन बना दिया। उल्लेखनीय है कि निजी चैनल आजतक पर आप्रेशन टैंकर का बडा असर हुआ है।इस पर सुप्रीमकोर्ट ने दिल्ली सराकार से पूछा है कि टैंकर माफिया पर आपने क्या एक्शन लिया है? हालांकि शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार की सुनवाई पर हरियाणा को बचे हुए पानी को छोडने के संबंध में निर्देश दे दिये है। लेकिन टैंकर माफियाओ पर भी सरकार से जवाब मांगकर कटघरे में खडा कर दिया है।  जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और पीबी वाले की पीठ ने पूछा कि दिल्ली में टैंकर माफिया सक्रिय है और आप कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे है?

अदालत ने यहां तक कह डाला कि अगर दिल्ली सरकार कोई कारवाई नहीं कर सकती है ,तो दिल्ली पुलिस को निर्देश दे सकते हैं। दरअसल पानी टैंकर माफिया बिना किसी डर के पानी को बेचने का गौरखधंधा कर रहा है। इस पर दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि हम समाधान खोजने के लिए यहां आए हैं। कोर्ट ने तल्ख होते हुए कहा कि अगर पानी हिमाचल से आ रहा है तो दिल्ली में पानी कहां जा रहा है? क्या दिल्ली सरकार ने 2023 में पानी की बर्बादी से बचने को रोकने के लिए क्या कदम उठाए है?

Screenshot_20240612_144457_Dailyhuntक्या किसी टैंकर माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है? एफआईआर दर्ज कराई है तो बताइए।  उधर टैंकर माफियाओ के खिलाफ एक्शन लेने के लिए जल मंत्री ने कहा कि वह एक्शन लेंगे। इस मामले में सुप्रीमकोर्ट  में गुरूवार को भी सुनवाई जारी है। सारा लब्बोलुआब टैंकर माफिया पानी की कालाबाजारी में 3000 रूपये में टैंकर बेच रहे हैं।स्टिंग में टैंकर वाला साफ कह रहा है पानी की कोई किल्लत नहीं है।  आप एड्रेस बताओ टैंकर वहीं पहुंच जाएगा। कंस्ट्रक्शन के लिए 2100 रूपये में टैंकर बेचा जा रहा है।जिसमें 12000 लीटर पानी आता है। अगर टैंकर का पानी छत पर रखी टंकी तक पहुंचाना है तो इसका रेट 3000 रूपये तक वसूले जा रहे हैं। वहीं बोरवेल के पानी की कीमत 2200 रूपये प्रति टैंकर बेचा जा रहा है।

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