ग्राम सभा ओडाझार में बने सचिवालय पर लटका महीनों से ताला

ग्राम सभा के प्रधान व सचिव की बड़ी लापरवाही उजागर

ग्राम सभा ओडाझार में बने सचिवालय पर लटका महीनों से ताला

बलरामपुर- सरकार के द्वारा जहां ग्राम पंचायतो के विकास विकासखंडो के माध्यम से गावो के विकास करवाने का दावा किया जाता है जिसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की होती है लेकिन अक्सर ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर भ्र्ष्टाचार का बोलबाला है । और वहां पर नियुक्त कर्मचारियों की उदासीनता देखने को मिलती है ।जबकिं विकास मात्र फाइलों तक सीमित दिखता है । जिसकी तस्वीर अक्सर ग्राम सभाओं में देखने को मिलता है।
 
जंहा तमाम योजना का संचालन ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के द्वारा किया जाता है और इस की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व सचिव को दी जाती है लेकिन होता यह है कि ग्राम पंचायत में भ्र्ष्टाचार व अवस्थाओं का मिलने के बात अक्सर सामने आती है जहां अक्सर ग्राम सचिवालय में ताला लटका हुआ मिलता और उसके अंदर नियुक्त कर्मचारी नदारत रहते है । ग्राम सचिव से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक लापता रहते हैं जबकिं कागजो में सब कुछ ठीक दिखता है जिससे अधिकारियों को संतुष्ट करने की बात देखी जाती है।
 
वहीं स्थानीय ग्रामीणों की दर्द सुनाने वाला ग्राम सभा में कोई नहीं होता। विकासखंड तुलसीपुर के ग्राम पंचायत ओडाझार में बने सचिवालय में देखने को मिल रही है जहां ग्राम सचिवालय का संचालन न होने की तस्वीर देखने को मिली है और सचिवालय पर अक्सर ताला लटका हुआ ही मिलता है ।जिससे अक्सर स्थानीय ग्राम वासियो को काफी दिक्कत होती है। और उन्हें सरकार के द्वारा संचालित तमाम योजनाओं की न तो कोई जानकारी और न लाभ मिल पाता है जिसको लेकर स्थानीय ग्रामीण बताते हैं। 
 
कि यहा पर ग्राम सचिवालय कभी कभी खुलता है और अक्सर इसमें ताला लगा होता है जिसको लेकर जब हमारी टीम ग्राम पंचायत ओडाझार ग्राम सभा मे पहुंची तो मौके पर देखा गया कि सचिवालय बंद है और गेट पर ताला लगा हुआ है इसके साथ ही सचिवालय परिसर में भारी जलभराव है जिसको लेकर वहां पर स्थानीय लोगो से बात करने पर बताया गया यहां पर कोई कर्मचारी तक नहीं आता है और हमेशा तला लटका रहता है।
 
जिससे ग्राम पंचायत के द्वारा तमाम योजनाओं की जानकारी तक ग्रामीणों को नही मिल पाती है । और अक्सर लोगों को पेंशन और प्रमाण पत्र के लिए तुलसीपुर आना पड़ता है जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पाया गया है तो वहीं भैतिक जांच में यह साबित नही हुआ है कि सचिवालय खुलता है। जांच में ग्रामीणों के द्वारा बताई बात की पुष्टि हुई है। वहां न तो कोई सहायक मिला और न हीं सचिवालय का ताला खुला मिला है।  इस सम्बंध में विकास खण्ड अधिकारी तुलसीपुर से बात की जाती है तो उनका फोन नही लगा जिससे उनका पक्ष नही मिल सका।

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