आईजीआरएस के खिलाफ भड़के डिप्टी रेंजर शैलेश

शिकायतकर्ता को धमकाया, झूठे केस में फंसा देने की दी धमकी

आईजीआरएस के खिलाफ भड़के डिप्टी रेंजर शैलेश

 सीतापुर से वसीम बेग 
सकरन(सीतापुर)
 
वन रेंज बिसवां इन दिनों प्रतिबंधित लकड़ी कटान की लेकर सुर्खियों में है। यहां वन विभाग में काम करने वाले भ्रष्ट अधिकारी जैसे- वन दरोगा, वन माली,डिप्टी रेंजर आदि व्यापक कमीशन खोरी व प्रतिबंधित लकड़ी कटान की ठेकेदारी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।
 
मौजूदा समय में वन रेंज बिसवां के थाना सकरन के अंतर्गत लगभग 1 दर्जन प्रतिबंधित लकड़ी खरीद के अवैध ठेके संचालित हो रहे हैं, जिनके पास कोई वैध खरीद दस्तावेज भी नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं, यदि पिछले कुछ दशकों का रिकॉर्ड उठा के देखा जाए तो अवैध रूप से संचालित हो रहे इन ठेकों को लेकर वन विभाग की तरफ से आजतक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है।
 
इन अवैध लकड़ी खरीद केंद्रों पर कार्यवाही न होने के पीछे अधिकारियों की कमीशनखोरी बड़ी वजह सामने आ रही है। प्रतिबंधित लकड़ी कटान के इसी क्रम में दिनांक 21 नवंबर को क्षेत्र के ही एक व्यक्ति के द्वारा प्रतिबंधित लकड़ी कटान को लेकर वन दरोगा नरेंद्र पाल को फोन किया गया था तथा प्रतिबंधित लकड़ी कटान की शिकायत की गई थी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे वन दरोगा के द्वारा प्रतिबंधित लकड़ी कटान करने वाले ठेकेदार से सांठ गांठ कर मामले को रफा दफा कर दिया गया।
 
 
कार्यवाही न होने की स्थिति में शिकायत कर्ता द्वारा वन दरोगा के खिलाफ आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद वन माली व वन दरोगा समेत पहुंचे डिप्टी रेंजर ने शिकायत कर्ता को धमकाना शुरू किया तथा साथ ही यह भी कहा कि यदि दोबारा शिकायत की तो तुम पर मुकदमा करवा दूंगा।
 
प्रतिबंधित लकड़ी कटान के खिलाफ हुई कार्यवाही को लेकर जब पत्रकारों के द्वारा डिप्टी रेंजर को फोन किया गया तो उन्होंने मुझे कुछ नहीं मालूम कह फोन काट दिया। ठीक ऐसा ही एक दूसरा मामला भी थाना सकरन का है,
 
जहां वन दरोगा नरेंद्र पाल ने 5 हजार रुपए लेकर प्रतिबंधित पीपल का पेड़ कटवा दिया था। क्षेत्र में प्रतिबंधित लकड़ी कटान ने तूल पकड़ रखी है लेकिन इनके खिलाफ कार्यवाही लेस मात्र भी नहीं हो रही।

About The Author

Post Comment

Comment List

आपका शहर

अंतर्राष्ट्रीय

Online Channel