संजीव-नी कैसे जख्म दिखाएँ ज़माने को l

संजीव-नी कैसे जख्म दिखाएँ ज़माने को l

 
 
 
 
कैसे जख्म दिखाएँ ज़माने को,
हमेशा जहर दिया दीवाने को।।
 
नादाँ न समझ पाया जमाने को,
हमेशा हमदर्द समझा ज़माने को।
 
फरेब नहीं किया कभी किसी से,
मासूम,बूझ न पाया ज़माने को।
 
बन्दीश थी प्यार पर दीवाने की,
इश्क में प्यारा पैगाम दिया ज़माने को।
 
ग़ज़ल,आशिकी, दिवानगी बेमानी है 
आशिक है क्या समझेगा ज़माने को।
 
आवारा मसीहा था दीवाना,मस्ताना,
आशिक की फिक्र ही कहाँ ,जमाने को।
 
इश्क नेमत है, बताओ जरा ज़माने को,
मोहब्बत पाकीजा है समझा जरा ज़माने को,
 
छोङ आशिकी मनाले ज़माने को,
बन जा बाहुबली,चला ज़माने को।।
 
संजीव ठाकुर, रायपुर छत्तीसगढ़

About The Author

Post Comment

Comment List

अंतर्राष्ट्रीय

फिलिस्तीन पर इजरायली कब्जे को यूएन कोर्ट ने बताया अवैध, पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भड़के  फिलिस्तीन पर इजरायली कब्जे को यूएन कोर्ट ने बताया अवैध, पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भड़के 
International Desk संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत ने कहा कि कब्जे वाले फिलिस्तीन में इजरायल की उपस्थिति गैरकानूनी है और...

Online Channel

साहित्य ज्योतिष

राहु 
संजीव-नी।
संजीव-नी।
संजीवनी।
दैनिक राशिफल 15.07.2024