पाच वर्षों बाद एक बार फिर पाश्च्यात वेशभूषा दिखी कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में

पाच वर्षों बाद एक बार फिर पाश्च्यात वेशभूषा दिखी कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में

स्वतंत्र प्रभात


मिल्कीपुर अयोध्या।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के 24 वें दीक्षांत समारोह में दीक्षा परिधान के रूप में बंद गले का सूट पूर्व राज्यपाल राम नाईक द्वारा दीक्षांत समारोह से अंग्रेजियत हटाने के निर्णय को चिढ़ाता नजर आ रहा था। ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में गाउन पहनने की परंपरा को समाप्त कर दिया था।

 

 जिसका पालन विश्वविद्यालय द्वारा भी 23 वें दीक्षांत समारोह तक बखूबी किया गया। 23 वें दीक्षांत समारोह में विद्वात परिषद के सदस्यों तथा अतिथियों ने कुर्ता, धोती, सदरी तथा सिर पर साफे में नजर आए थे। लेकिन इस बार पूर्व राज्यपाल निर्णय को अनदेखा करते हुए विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं प्रबंधक परिषद के सदस्यों के साथ-साथ प्रदेश के कैबिनेट कृषि एवं शिक्षा मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी कोट पैंट में नजर आए , वही विश्वविद्यालय के उपाधि एवं स्वर्ण पदक पाने वाले छात्र-छात्राएं गत वर्ष हुए दीक्षांत समारोह के वेशभूषा में नजर आए। 

इस संबंध में जब विश्वविद्यालय के रजिस्टर पी एस प्रमानिक से जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम को देखते हुए ऐसा निर्णय लिया गया, धोती, कुर्ता, सदरी की जरूरत गर्मी के मौसम में पडती है, जब उनसे पुनः पूछा गया कि गत वर्ष दिसंबर माह में ही दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था तो क्या उस वक्त गर्मी थी तो उन्होंने इस पर जवाब ना देते हुए ठंड का ही हवाला देते रहे।

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