महंगाई, बेरोजगारी व छुट्टा मवेशियों पर गरजे कांग्रेसी

महंगाई, बेरोजगारी व छुट्टा मवेशियों पर गरजे कांग्रेसी

केंद्र व राज्य सरकार अडानी व अंबानी की है सरकार पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी


बाराबंकी।

 रघुपति राघव राजा राम ईश्वर अल्लाह तेरो नाम का संबोधन करते हुए बेरोजगारी, महंगाई व छुट्टा मवेशी के मुद्दा पर देवा व महादेवा की धरती से पूर्व राज्यसभा सांसद ने 2022 यूपी का विधान सभा चुनाव नहीं बल्कि हिंदुस्तान बचाने की चुनौती का चुनाव की बात कह कार्यकर्ताओं में जान फूंकी। वर्तमान सरकार को संवैधानिक और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

गुरुवार जैदपुर विधानसभा अंतर्गत नगर पंचायत सिद्धौर क्षेत्र सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित कांग्रेस प्रतिज्ञा सम्मेलन में पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने  संभावित प्रत्याशी तनुज पुनिया के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार की नाकामियों को गिनाते हुए  कांग्रेस पू्र्वी सरकारों की उपलब्धियों दर्पण दिखाया। कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार अडानी व अंबानी की सरकार है। डीजल, पेट्रोल व गैस के दाम आसमान छूने के साथ-साथ बेरोजगारी चरम पर है। खेतों में फसल की रखवाली किसान दिन रात एक किए है।

उसके बाद उपज का वाजिब दाम नहीं मिल रहा। जब 50 रूपए प्रति लीटर पेट्रोल होने पर यही कांग्रेस को चोर बोल रही थी। जबकि वर्तमान में 110 रूपए तो इन्हे क्या कहे। कहां कांग्रेस की सरकार बनी तो नौजवानों को रोजगार, पेट्रोल, डीजल व गैस के दाम आधे होगे। उन्होंने किसान नेताओं को आंदोलन को धन्य बताया। जिससे सरकार बैकफुट पर आकर काला कानून को वापस लिया।

 अंत में कोविड 19 पर कहा कि प्रधानमंत्री के अहमदाबाद रैली में अमेरिका से साढे सात हजार लोगों आने पर यह भारत आया। जिसका नतीजा है कि  सरकार अब फ्री में कोविड-19 टीके का गुणगान कर रही है। जबकि कांग्रेस ने कई टीको लगवाएं तो समाज को पोलिया मुक्त कर दिया। लेकिन सत्ता पक्ष की सरकार जुमलेबाजी व ढिंढोरा पीटने की सरकार है।

 इस मौके पर मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, डा. पीएल पुनिया, तनुज पुनिया समेत शिवानी सिंह, रजनी मिश्रा, फैसल मियां, पिंकी गौतम सोनी, निधि, अफसर जहां व इरफान कुरैशी आदि मौजूद रहे।

Tags:

About The Author

Post Comment

Comment List

आपका शहर

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि कुल पड़े वोटों की जानकारी 48 घंटे के भीतर वेबसाइट पर क्यों नहीं डाली जा सकती? सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि कुल पड़े वोटों की जानकारी 48 घंटे के भीतर वेबसाइट पर क्यों नहीं डाली जा सकती?
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चुनाव आयोग को उस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिये एक सप्ताह का समय...

अंतर्राष्ट्रीय

Online Channel

साहित्य ज्योतिष