भगवान श्रीराम

मर्यादा,त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के सर्वकालिन प्रतिमान प्रभु श्री राम

रामनवमी का पावन पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि मर्यादा, धर्म और आदर्श जीवन मूल्यों की स्मृति का दिवस है। इस दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ, जिन्हें भारतीय संस्कृति में “मर्यादा पुरुषोत्तम” के रूप में सर्वोच्च स्थान प्राप्त...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

श्रीरामनवमी: आत्मशुद्धि और आदर्श जीवन की ओर एक कदम

महेन्द्र तिवारी भारतीय संस्कृति की विशालता और उसकी गहराई का अनुमान उन पर्वों से लगाया जा सकता है जो न केवल कैलेंडर की तिथियों को परिभाषित करते हैं, बल्कि जनमानस के हृदय में नैतिकता और धर्म के बीज बोते...
आपका शहर 

गायत्री मंत्र से होता है आत्मिक उत्थान और संकटों का निवारण - कैलाश नाथ तिवारी

स्वतंत्र प्रभात संवाददाता  सिद्धार्थनगर,    नगर पंचायत बिस्कोहर क्षेत्र के भरौली कैथोलिया में चल रहे पांच दिवसीय संगीतमय श्रीमद पावन प्रज्ञा पुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ के चौथे दिन रविवार रात श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर रहे। कथा व्यास कैलाश नाथ...
ख़बरें  सांस्कृतिक और धार्मिक