भारतीय राजनीति

टूटती तृणमूल कांग्रेस और ममता: संगठनात्मक कमजोरी और जनविश्वास का संकट

राजीव शुक्ल-संपादक  पश्चिम बंगाल की राजनीति में तीन दशक से छाई तृणमूल कांग्रेस आज अंदरूनी दरारों और संगठनात्मक टूटन के दौर से गुजर रही है। 2011 में 34 साल पुराने वाम मोर्चे को उखाड़ फेंकने वाली पार्टी अब खुद अपने...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

‘मैं इस्तीफा नहीं दूंगी’:क्या यह  ब्यान संवैधानिक है या लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अतिक्रमण?”

लेखक:प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश        भारतीय लोकतंत्र में राजनेताओं द्वारा दिये गये ब्यान केवल शब्द या अभिव्यक्ति नहीं होते, वे व्यवस्था की दिशा भी तय करते हैं और राजनेताओं का आचरण। जब माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसा वरिष्ठ नेतृत्व विधानसभा चुनाव में...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

विकसित बिहार की सपना सरकार करने के लिए सद्भाव यात्रा पर निकले जदयू नेता इंo निशांत कुमार को यात्रा की सफलता के बधाई एवं शुभकामनाएं

  गोपालगंज,(बिहार )-विकसित बिहार के सपना साकार करने के लिए सद्भाव यात्रा पर निकले जदयू नेता ईo निशांत कुमार की यात्रा की सफलता के लिए जनता गोपालगंज जनता दल यूनाइटेड जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार पटेल ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं...
राज्य  बिहार/झारखंड 

एग्जिट पोल की सच्चाई — लोकतंत्र का आईना या मीडिया का मुखौटा?

जब आंकड़ों की चकाचौंध सच का मुखौटा पहनने लगे, तभी सवाल उठाना जरूरी हो जाता है—29 अप्रैल 2026 की वह शाम ठीक ऐसी ही थी। मतदान खत्म होते ही टीवी स्क्रीन पर एग्जिट पोल का सैलाब उमड़ पड़ा...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

पांच राज्यों के चुनाव परिणाम को लेकर देशभर में बढ़ती उत्सुकता और राजनीतिक भविष्य की दिशा

देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब पूरे देश की नजर आने वाले परिणामों पर टिकी हुई है। मतदान समाप्त होने के साथ ही विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी किए गए एग्जिट पोल ने राजनीतिक माहौल...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

ब्यूरो प्रयागराज। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गौहाटी उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बता दें कि, गौहाटी उच्च न्यायालय ने मानहानि और जालसाजी के एक मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर...
भारत  Featured  देश 

आप में सियासी भूचाल दलबदल कानून के घेरे में 7 राज्यसभा सांसदों का भविष्य

देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है जिसने संसद से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी में आई इस बड़ी टूट ने न केवल पार्टी के आंतरिक हालात को उजागर...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

दल बदल की राजनीति और जनविश्वास का प्रश्न ईमानदारी से चलने वाले दल की निरंतर उन्नति और भ्रष्टाचार में डूबे दल की अनिवार्य गिरावट

भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता उसकी बहुदलीय व्यवस्था है जहां अनेक विचारधाराएं अनेक नेतृत्व और अनेक सामाजिक आकांक्षाएं एक साथ विकसित होती हैं, परंतु पिछले कुछ वर्षों में एक अलग ही प्रवृत्ति तेजी से उभरती दिखाई दी है जिसे...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

लोकप्रियता से विवाद तक का सफर

महेन्द्र तिवारी     राघव चड्ढा का हालिया राजनीतिक निर्णय केवल संसदीय गलियारों या राजनीतिक दलों के बीच की एक साधारण घटना नहीं है बल्कि इसने अंतर्जाल की आभासी दुनिया में भी अत्यंत गहरा और अभूतपूर्व प्रभाव छोड़ा है। आम आदमी पार्टी...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

परिसीमन बिल गिरने से  देश को तो  लाभ हुआ

अशोक मधुप देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को 33 फीसदी राजनीतिक आरक्षण देने वाला ऐतिहासिक बिल लोकसभा में भले ही गिर गया हो किंतु भाजपा को जो लाभ मिलना था,  वह मिल या।  इस बिल के माध्यम से वह...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

नारी बन्दन बिल के सहारे  बीजेपी बंगाल जीतना चाहती थी या चीन मॉडल लागू करना चाहती थी

प्रोफेसर अशोक कुमार     ब्यूरो प्रयागराज। देश में एक तरफचुनाव का वातावरण बना था पांच राज्यों में चुनाव हो रहा था ।तीन राज्यों का चुनाव भी एक चरण में पूरा होगया है ।दो मजबूत राज्यों बंगाल और तामिलनाडु में तीन चरणों...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

परिसीमन की सियासत, अस्मिता का उभार और चुनावी हवा का बदलता रुख

भारतीय राजनीति में चुनाव केवल मतों का गणित नहीं होता, बल्कि यह भावनाओं, पहचान, रणनीतियों और समय-समय पर बदलते नैरेटिव का एक जटिल मिश्रण होता है। हाल के घटनाक्रमों में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल का संसद में...
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