पत्रकार और पटकथा लेखक कमलेश्वर
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

जब गले पड़े पुरस्कार का हो गया 'तिरस्कार'

जब गले पड़े पुरस्कार का हो गया 'तिरस्कार'   प्रसिद्ध हिंदी लेखक, पत्रकार और पटकथा लेखक कमलेश्वर ने सम्मान, एवार्ड अथवा पुरस्कार के विषय पर बातचीत करते हुये एक बार बहुत ही महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी।  उन्होंने कहा था कि कोई भी 'सम्मान' ग्रहण करने से पहले यह ज़रूर...
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