पाकिस्तान में बिजली गुल, एक दिन में हुआ करोड़ों का नुकसान

पाकिस्तान में बिजली गुल, एक दिन में हुआ करोड़ों का नुकसान

स्वतंत्र प्रभात।

पाकिस्तान में राष्ट्रीय पावर ग्रिड को फिर से चालू कर लिया गया है, लेकिन एक दिन बिजली की आपूर्ति ठप रहने से बहुत नुकसान हुआ है. पाकिस्तान ऊर्जा के गंभीर संकट से गुजर रहा है। सोमवार 23 जनवरी की सुबह 7.30 बजे पूरे देश में बिजली कट गई और फिर ग्रिड की मरम्मत होते होते मंगलवार सुबह करीब 5:15 बज गए।

       बिजली आपूर्ति ठपहोने की वजह से देश की 22 करोड़ आबादी में से अधिकांश लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा. इसके अलावा उद्योग जगत को करोड़ों रुपयों का नुकसान भी हुआ। ऑल पाकिस्तान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के महासचिव शहीद सत्तार ने कहा कि अनुमान है कि इस संकट से उनके क्षेत्र को 19 करोड़ डॉलर से भी ज्यादा का नुकसान हुआ है। यह क्षेत्र देश का सबसे बड़ा निर्यातक है और विदेशी मुद्रा कोष को बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान ने कहा कि अभी भी बिजली की कटौती अगले दो दिनों तक चलती रहेगी और सभी कोयले और परमाणु संयंत्रों को अभी भी ऑनलाइन लाया जा रहा है। 90 प्रतिशत फैक्ट्रियां बंद प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने इस संकट के लिए देश की जनता से माफी मांगी। उन्होंने ट्विटर पर "नागरिकों को हुई असुविधा के लिए खेद" जताया और जानकारी दी कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसकी "जवाबदेही तय की जाएगी।"

          सत्तार ने बताया कि सोमवार को करीब 90 प्रतिशत फैक्ट्रियां बंद थीं जिसका कारण यह भी था कि बिजली के अभाव में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी अच्छी नहीं थी। उन्होंने एएफपी को बताया, "जब भी बिजली की कटौती होती है तो मिल को फिर से शुरू करना पड़ता है जिसमें काफी समय और संसाधान लगते हैं।" उन्होंने कहा, "हम जहां रुके थे वहां से शुरू नहीं कर सकते हैं। जितने भी धागों की रंगाई और अन्य चीजें चल रही थीं उसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. तो इस तरह हमें बेहद नुकसान होता है।" आने वाले दिनों में बिजली कटौती होने का अंदेशा है और खान ने वादा किया है कि उद्योगों को इस कटौती से बचा कर रखा जाएगा। बिजली ठप होने से कराची में सैकड़ों पानी के पंप भी बंद हो गए थे, जिसकी वजह से शहर के 1.5 करोड़ से ज्यादा की कुल आबादी की समस्याएं बढ़ गई थीं। बेलआउट की उम्मीद अधिकांश स्कूल या तो अंधेरे में चलते रहे या उनमें बैटरी से बिजली की व्यवस्था कर ली गई. इससे पहले खान ने बताया था कि शुरू में राष्ट्रीय ग्रिड पर फ्रीक्वेंसी में फर्क आने से ब्रेकडाउन हुआ था।ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि बिजली उत्पादन के संयंत्रों को ईंधन बचाने के लिए हर रात बंद कर दिया जाता है और फिर सुबह चालू किया जाता है।

    पाकिस्तान में 60 प्रतिशत बिजली जीवाश्म ईंधनों से आती है, 27 प्रतिशत पनबिजली से और परमाणु और करीब 10 प्रतिशत सौर ऊर्जा से देश इस समय हाल के सालों में अपने सबसे बुरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। वो इस समय छह अरब डॉलर के बेलआउट प्रस्ताव पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से चर्चा कर रहा है. पाकिस्तान चाह रहा है कि बेलआउट की शर्तों को थोड़ा नर्म कर दिया जाए। कोष ने अगस्त में 1.1 अरब डॉलर की धनराशि जारी की थी लेकिन उसके बाद से नए कर लगाने में पाकिस्तान की हिचकिचाहट की वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है।

 

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