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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

अदालत की चक्की में पिसती जिंदगी

अदालत की चक्की में पिसती जिंदगी स्वतंत्र प्रभात लेखक: सचिन बाजपेई हमारे जीवन के शांत कोनों में, दैनिक अस्तित्व के हलचल भरे शोर से परे, अपनी यात्रा की जटिलताओं से जूझ रहे व्यक्तियों की अनकही कहानियाँ छिपी हैं। यह इन सूक्ष्म आख्यानों में है कि मानवीय...
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उत्तर प्रदेश  राज्य 

 हाई कोर्ट के आदेश को रद्दी की टोकरी में डालकर कोटे की दुकान चलवा रहा विभाग

 हाई कोर्ट के आदेश को रद्दी की टोकरी में डालकर कोटे की दुकान चलवा रहा विभाग स्वतंत्र प्रभातबरेलीनवाबगंज तहसील के गांव करुआ साहिबगंज के कोटेदार जलील अहमद की दुकान को हाईकोर्ट की अदालत ने अब से करीब 5 वर्ष पूर्व दुकान निरस्त कर दी थी परंतु विभाग की मेहरबानी से आज भी चल रही...
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