प्राकृतिक संसाधन
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
हर मिनट उजड़ते ग्यारह फुटबॉल मैदान जितने जंगल—मानव विकास या विनाश ?
Published On
By Swatantra Prabhat UP
जल, जंगल और जमीन—प्रकृति के ये तीनों आधार स्तंभ समस्त जीव-जगत के जीवन की धुरी हैं। किंतु विडंबना यह है कि आधुनिक और शिक्षित मानव ने अपने तथाकथित विकास की अंधी दौड़ में इन्हीं आधारों का निर्मम दोहन किया...
लू की हवा का प्रकोप, कैसे सांस लेंगे हम
Published On
By Swatantra Prabhat UP
बेरहम तथा अप्राकृतिक प्रकृति के दोहन का परिणाम अब अपने चरम परिणामों के साथ हमारे सामने खड़ा है। आने वाले महीनों में मौसम वैज्ञानिकों ने जिस तीव्र गर्मी की आशंका जताई है, वह केवल मौसमी उतार-चढ़ाव नहीं बल्कि दशकों से...

