संविधान और लोकतंत्र: खतरा या भ्रम?
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

संविधान और लोकतंत्र: खतरा या भ्रम?

संविधान और लोकतंत्र: खतरा या भ्रम? हाल के वर्षों में भारतीय राजनीति और सार्वजनिक विमर्श में एक वाक्य बार-बार दोहराया जा रहा है “संविधान और लोकतंत्र खतरे में हैं”। विपक्षी दलों द्वारा इसे सरकार पर प्रहार का सबसे प्रभावी औज़ार बनाया गया है। किंतु लोकतंत्र में...
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