नेपाल का कौन होगा प्रधानमंत्री ?

नेपाल का कौन होगा प्रधानमंत्री ?

प्रेसिडेंट विद्या देवी भंडारी ने  पार्टियों को दिया सरकार बनाने का न्‍यौता

प्रधानमंत्री ओली बहुमत सिद्ध कर पाने में रहे असफल,

रूपईडीहा बहराइच ।
प्रधानमंत्री के.पी.शर्मा ओली के संसद में विश्वास मत हारने के बाद नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने बहुमत वाली नई सरकार बनाने के लिए पार्टियों को आमंत्रित दिया है ।
                अनुच्छेद 76 (2) कहता है कि यदि प्रतिनिधि सभा में किसी पार्टी को बहुमत नहीं होगा तो राष्ट्रपति को सदन के ऐसे सदस्य को प्रधानमंत्री नियुक्त करना होगा जो एक या अधिक पार्टियों के समर्थन से बहुमत जुटा सकते हैं। इससे नेपाली कांग्रेस को माओवादी केंद्र के समर्थन से सरकार बनाने का मौका मिलेगा, लेकिन दोनों पार्टियों को नई सरकार के गठन के लिए 26 और सांसदों की आवश्यकता होगी। काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि सदन 76 (2) के तहत सरकार गठन में विफल रहता है या नियुक्त प्रधानमंत्री 30 दिन के भीतर बहुमत साबित नहीं कर पाता है तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 76 (3) को प्रभावी करेंगे।
               इस केस में ओली को एक बार फिर सरकार गठन का मौका मिल सकता है। नेपाल के संविधान के मुताबिक यदि अनुच्छेद 76 (2) के तहत सरकार का गठन नहीं हो पाता है तो राष्ट्रपति प्रतिनिधि सभा में सबसे बड़े दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे। ओली की पार्टी इस समय सदन में सबसे अधिक सांसदों वाली पार्टी है और ओली इसके नेता हैं। यदि ओली अनुच्छेद 76 (3) के तहत फिर प्रधानमंत्री बन भी जाते हैं तो उन्हें नियुक्ति के 30 दिन के भीतर एक बार फिर बहुमत परीक्षण करना होगा।