हवस का भूख मिटाने वाला यूपी का दरोगा पत्नी मानने से ही करने लगा इनकार

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उत्तर प्रदेश के रोहित सिंह दरोगा का कारनामा

अपने ऊपर हुए जुल्म को लेकर पीड़िता दर-दर की खा रही है ठोकर

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश में जिन पर जनता की सेवा और सुरक्षा का है जिम्मेदारी वही कर रहे हैं गद्दारी। योगी सरकार में क्या नेता क्या अधिकारी क्या पुलिस के कर्मचारी सभी इन दिनों एक से एक कारनामों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं। अपने घृणित कार्यों से हर तरफ योगी सरकार की वाहवाही और नाम रोशन करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं इनके नेता अधिकारी और सरकारी कर्मचारी।

ऐसा ही ताजा मामला राजधानी लखनऊ से निकल कर आ रहा है।जहां उत्तर प्रदेश के एक दरोगाजी का प्यार परवान चढ़ा तो प्रेमिका का सेक्स करते वीडियो ही बना डाला। दरोगाजी यहीं नहीं रुके बल्कि हवस की भूख को हवस के अग्नि कुंड में जाकर खत्म किए। प्रेमिका ने जब अपना सब कुछ लूटता हुआ देखा तो विवाह के लिए दबाव बनाया तो दरोगाजी नौकरी बचाने के चक्कर में विवाह भी कर लिए. प्रेमिका से पत्नी बनी प्रेमिका को तब भी विश्वास नहीं हुआ तो दरोगाजी विवाह को विवाह पंजीकरण अधिकारी के समक्ष विवाह रजिस्टर्ड भी करा लिए और अब प्रेमिका को पत्नी मानने से ही करने लगे इंकार। दरोगा के इस कारनामों पर दरोगा के परिवार के लोग भी देने लगे भरपूर साथ।


सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला है रोहित सिंह पुत्र कृष्ण सिंह निवासी 529 A/1155, 38b पंतनगर खुर्रम नगर, लखनऊ का जो उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्तमान समय महाराजगंज में दरोगा के पद पर कार्यरत हैं। जिन्होंने कुछ ही दिन पहले कृष्णा दुबे नाम की कन्या से 28 अप्रैल 2017 को विवाह किया था। इस विवाह को विवाह पंजीकरण अधिकारी के समक्ष पंजीकृत भी 27 फरवरी 2018 को करा लिया। वही कृष्णा दुबे जब दरोगा के घर यानी अपने ससुराल पहुंची तो परिवार के लोग इसे रोहित सिंह की पत्नी मानने से इनकार कर दिए। इसके साथ ही शिल्पी सिंह दीपक सिंह लात जूतों से स्वागत करते हुए गाली गलौज जान से मार देने की धमकी दोबारा बलात्कार करने और रोहित सिंह दरोगा के द्वारा बनाया गया आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के साथ लज्जा भंग करने की कोशिश भी किया ।

पीड़िता की माने तो 28 नवंबर 2019 को दरोगा रोहित सिंह के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस आचरण नियमावली 1956 की धारा 2/3 के तहत पत्नी होने के सत्य छुपाने पर इंदिरा नगर थाने में आईपीसी 376 के लंबित विवेचना को छुपाने के संबंध में विभागीय जांच कराने हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिस पर पीड़िता को 16 जनवरी 2020 को बयान के लिए जिला महाराजगंज सीओ सदर बुलाया गया। वही 11 जनवरी 2020 को शिल्पी सिंह तथा दरोगा रोहित ने मुकदमा वापस के लिए दबाव बनाया जब पीड़िता ने ऐसा नहीं किया तो दरोगा और उसके परिवार के लोगों ने 4 अज्ञात लोगों से पीड़िता पर हमला भी करवाया जिसकी वजह से सीओ दफ्तर बयान दर्ज करवाने पीड़िता नहीं पहुंच पाई और डाक के द्वारा अपना लिखित बयान भेजा। इसके बाद शिल्पी सिंह और दरोगा रोहित कुमार सिंह ने ससुराल रहने को बुलाया जिस पर पीड़िता अपने ससुराल 15 जनवरी 2020 को 112 पर सूचित कर पहुंची थी जहां उसके साथ इस तरह ससुराल के लोगों के द्वारा किया गया। अब पीड़िता दर-दर की ठोकरे राजधानी में खा रही है लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई भी अधिकारी नहीं दिख रहा है और ना ही उसकी एफ आई आर ही दर्ज हो रही है।

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