TOP 15 NEWS -कोरोना कहर में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही

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दस दिन में दोगुने केस

हमीरपुर-जनपद में कोरोना रॉकेट की तरह रफ्तार पकड़ रहा है। शुरुआती तीन माह में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी थी तो स्वास्थ्य विभाग चेन की सांस ले रहा थाए लेकिन जुलाई में कोरोना ने सभी रिकार्ड तोड़ दिए। जुलाई के बीस दिन में तीन माह में मिले मरीजों की संख्या के बराबर मरीज मिले थेए लेकिन बाद के दस दिनों में बीस दिनों का भी रिकार्ड टूट गया और मरीजों की संख्या का आंकड़ा तीन सैकड़ा के पार पहुंच गया। इन दस दिनों में डेढ़ सौ से अधिक पॉजिटिव केस मिले हैं।
अप्रैल में जनपद में कोरोना पॉजिटिव पहला केस मुस्करा ब्लाक के चिल्ली गांव में मिला था। इसके बाद मई में 5ए जून में 77 पॉजिटिव केस और मिले। तीन माह में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 83 के आंकड़े को छू पाई थी। इन तीन माह में 83 मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली।

लेकिन जुलाई के बीस दिन में ही 79 कोरोना पॉजिटिव केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग को आगे की स्थिति ने डराना शुरू कर दिया। 21 जुलाई के बाद से कोरोना के केस रॉकेट की तरफ रफ्तार पकड़ने लगे और इन दस दिनों में ही अगले.पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए और पॉजिटिव मरीजों की संख्या डेढ़ सौ का आंकड़ा पार कर गई। शाम चार बजे तक जनपद में 9 पॉजिटिव केसों के साथ मरीजों की संख्या का आंकड़ा बढ़कर 311 पहुंच चुका था। जिसमें 175 को डिस्चार्ज किया जा चुका है।मुख्य चिकित्साधिकारी डॉण्आरके सचान ने बताया कि 65 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। जहां कोरोना लक्षण वाले मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं। डॉण्सचान ने जनपद के ऐसे व्यक्तियों जो खांसीए जुकाम या सांस लेने में दिक्कतें महसूस कर रहे हैंए उनसे अपने निकटवर्ती अस्पताल में कोरोना टेस्ट कराने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कोरोना की चपेट में आ सकता है। इसलिए लापरवाही न बरतें। सीएमओ ने बताया कि अब तक जनपद में 18 हजार 54 कोरोना संभावित मरीजों की जांच हुई है। जिसमें 14 हजार 402 लोगों के आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए हैं। जबकि 3 हजार 94 मरीजों के एंटीजन और 558 मरीजों के ट्रूनेट से जांच हुई है। जिसमें 311 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। 8 मरीजों की मौत भी हुई है। जुलाई के दस दिनों में बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। एंटीजन टेस्ट के बाद से टेस्ट की संख्या बढ़ी हैए जिससे ज्यादा संख्या में पॉजिटिव केस मिल रहे हैं। प्रतिदिन एक हजार टेस्ट का लक्ष्य है। मगर स्टाफ का अभाव है। इसलिए इतनी बड़ी संख्या में टेस्ट हो पाना मुश्किल हैं। फिर भी ज्यादा से ज्यादा संभावित मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं एल.वन से तीन मरीज डिस्चार्जए ताली बजाकर हुआ स्वागत
एल.वन हॉस्पिटल कुरारा सीएचसी से शुक्रवार को तीन मरीजों को कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। इन मरीजों का अस्पताल के स्टाफ ने ताली बजाकर स्वागत किया। हॉस्पिटल का मैनेजमेंट देख रहे एसीएमओ डॉण्अनूप निगम ने बताया कि 50 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल के चार बेडों में वेंटीलेटर है और 46 बेड मरीजों के लिए हैं। हॉस्पिटल के सभी बेड इस वक्त फुल थे। शुक्रवार को तीन मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर इन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।

कोरोना में प्राइवेट शिक्षकों सहित मध्यम वर्गीय लोगों के सामने गहराया आर्थिक संकट


ऋशिक्षण संस्थान बन्द रोजगार ठपएलोग बेबस


स्वतंत्र प्रभात


सलेमपुर देवरिया-बढ़ते कोरोना कहर के चलते शिक्षण बन्द पड़े हैं। सरकारी अध्यापकों के खाते में सरकार वेतन तो दे रही है लेकिन प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।कोचिंग संस्थान में पढ़ाने वाले लोग हों या घर घर जाकर टीयूसन पढ़ाने वाले लोगों को कोरोना के चलते भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।


सरकार द्वारा उज्ज्वला गैस योजना के अंतर्गत कनेक्सन धारकों को मुफ्त गैस सिलिंडरएमनरेगा मजदूरों के खाते में सरकार द्वारा आर्थिक सहयोग तथा महिला जनधन खाता धारकों के खाते में 500 रुपये प्रति माह आर्थिक सहयोग दिया जा रहा और निःशुल्क राशन देकर लोगों को सरकार द्वारा राहत दी जा रही

लेकिन मध्यम वर्ग के लोगों सहित प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले लोगों को सरकार द्वारा किसी प्रकार का आर्थिक सहयोग नही दिया गया जिस कारण पिछले लगभग पांच महीने से संस्थानों के बन्द होने से अब इनके सामने भारी मुसीबत बढ़ती जा रही है।लेकिन केन्द्र या राज्य की सरकार द्वारा इस वर्ग के लिए कोई घोसड़ा न होने से इनके मन में भारी असंतोष भरा हुआ है।


बूथ सत्यापन का कार्य हुआ सम्पन्न


स्वतंत्र प्रभात


सलेमपुर देवरिया-भाजपा सलेमपुर मण्डल द्वारा 31 जुलाई को प्रत्येक बूथ का सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया गया। मण्डल प्रभारी बिंदा कुशवाहा ने सेक्टर पुरैना में बूथ सत्यापन कर कहा कि मजबूत बूथ से संगठन को मजबूती मिलती है।बूथ स्तरीय कमेटियों के सत्यापन के साथ ही बूथ कमेटियों को और भी सशक्त बनाने की रणनीति तैयार की गई।सेक्टर प्रभारी तारकेश्वर नाथ तिवारी ने सेक्टर बरठी का सत्यापन किया।उन्होंने भरे हुये प्रोफार्मे की जांच की।

उक्त अवसर पर मण्डल मंत्री अजय दुबे वत्सएअनूप मिश्राएअनूप उपाध्यायए राकेश दुबेएसुमित मिश्रा एउक्त अवसर पर धर्मप्रकाश पांडेयएपुरुषोत्तम दुबेएरवि कुशवाहाए अखिलेश कुमारएउपेंद्र पटेलएप्रभाकर गोंड़एसन्तोष पांडेयएसुमन्त पांडेयएपन्नेलाल यादवएसोनू पांडेयएगौतम यादवएअशोक नाथ तिवारी आदि


उपस्थित रहे। इसी क्रम में सेक्टर मधवापुर में सेक्टर प्रभारी पुनीत यादव एसेक्टर खखडी में उपाध्यक्ष ज्ञान पांडेय एमूसैला में सम्पूर्णानन्द कुशवाहाएरामपुर बुजुर्ग में शेषनाथ भाईए भीमपुर में रविन्द्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में बूथ सत्यापन किया गया।

कोरोना कहर में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही


ऋएक ही आदमी के कोरोना के दो रिजल्ट


स्वतंत्र प्रभात


सलेमपुर देवरिया-पूरे देश मे कोरोना का कहर जारी हैएरोज सैकड़ो लोग काल के गाल में समाते जा रहे हैंएसरकार इसे लेकर गंभीर है।केन्द्र व प्रदेश की सरकारें कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोक पाने में असफल होती जा रही हैंएरोज नए नए निर्देश जारी हो रहे हैंएअधिकारियों व कर्मचारियों को इसे लेकर सरकार नए नए फरमान जारी कर लोगों के जान बचाने के प्रति काफी संजीदगी दिखा रही है।ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है जो सरकार के मंसूबे पर पानी फेरता नजर आ रहा है।

मामला देवरिया सदर अस्पताल का है जहां अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा चकीयवा निवासी दिलीप का कोरोना जाँच के लिए 25 जुलाई को सेम्पल लिया गया और जांच रिपोर्ट में निगेटिव दिखाया गया जिससे दिलीप चैन की सांस लेते हुए काफी राहत महसूश कियाएलेकिन जिला अस्पताल द्वारा एक दूसरी जांच रिपोर्ट 29 जुलाई को जारी किया गया और उसमें दिलीप को कोरोना पॉजिटिव दिखाया गया है।जबकि दिलीप का कहना है कि हमने 29 को जांच के लिए कोई सेम्पल नही दिया है और बिना सेम्पल के जांच कर पॉजिटिव दिखाया गया है। जिला अस्पताल व स्वास्थ्य कर्मचारियों की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
कोरोना के बढ़ते कहर के बीच लोग भय के आगोश में जीने को मजबूर हैं।इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आम जनता सरकार के साथ है लेकिन सरकारी महकमे के अधिकारियों व कर्मचारियों के चलते सरकार के मनसूबे पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

सरकार की गाइड लाइन के अनुसार मनाए त्यौहार. सीओ


शाहाबाद। नवागत क्षेत्राधिकारी अखिलेश राजन ने सरकार के निर्देशों के अनुपालन में ही त्यौहार मनाने के अपील की ।कोतवाली परिसर में आयोजित पीस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्राधिकारी अखिलेश राजन ने कहा सभी लोग महामारी के चलते सोशल डिस्टेंस का अनुपालन करें। और मास्क का प्रयोग करें । त्यौहार आपसी सद्भाव के साथ मनाएं। लेकिन सरकार की गाइड लाइन का अनुपालन अवश्य करें ।

उन्होंने तमाम मौलानाओं और मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की। कि बकरे की कुर्बानी अपने घरों पर ही करें। बड़े जानवर की कुर्बानी के लिए शासन से कोई अनुमति नहीं है। अगर धारा 144 का कोई उल्लंघन करता है तो पुलिस को मजबूरन उसके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी। इसलिए सभी से अनुरोध है कि सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप ही त्यौहार मनाए। कोतवाल महेश चंद्र पांडे ने भी सभी को महामारी का ध्यान रखते हुए बकरीद और रक्षाबंधन जैसा त्यौहार मनाने की अपील करते हुए कहा। अगर किसी को कहीं पर कोई दिक्कत आती है ।तो वह पुलिस प्रशासन से सीधे संपर्क करें । अफवाहों से बचें और आपसी सद्भाव के साथ शांतिपूर्वक त्यौहार मनाए। इस मौके पर तमाम मौलानाए सभासदए गणमान्य नागरिक और पत्रकार मौजूद रहे।

ब्राम्हणों का बीजेपी से मोह भंग प्रदेश भर में उठे आक्रोश के बुलंद आवाज

ब्राहमण समाज खुद को ठाकुर बनाम ब्राह्मण की लड़ाई में घिरे पा रही है जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश में ब्राहमण मतदाताओं का जबरजस्त नाराजगी के साथ दूसरे विकल्प की ओर जाना संभव नजर आ रहा है यह समाज देश के विकास में अपनी प्रबुद्धता के साथ हमेशा ही अग्रसर रहा हैण् विकास दुबे और उस मामले में एक ब्राहमण नाबालिग बच्चे का एनकाउंटर सहित प्रदेश में ब्राह्मणों की लगातार हत्याओं से ब्राह्मण समाज आक्रोशित है।विकास दुबे की पत्नी व बेटे की घुटनों पर बैठी तसवीरें गिरफ्तारी के बाद विकास दुबे का एनकाउंटर ब्राह्मण समाज को बीजेपी से मोह भंग का कारण बताया जा रहा हैण्
सरकार के प्रति ख़ासी नाराज़गी इस समाज में दिख रही है।

प्रदेश में लगातार हो रहे ब्राहमणो की हत्या पर एक तरफ जहां मीडिया आक्रोशित नजर आ रही है तो दूसरी तरफ ब्राहमण समाज के लोगों द्वारा राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा जाना गुस्से को दर्शा रहा हैण्बीजेपी के सत्ता में आने के बाद ब्राहमण समाज में एक उम्मीद की किरण दिखी थी जिस पर योगी सरकार ने पानी फेर दिया हैण् पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश को कोई ब्राह्ममण मुख्यमंत्री नहीं मिलने की वजह भी लोग उत्तर प्रदेश के विकास को ठंडे बस्ते में देख रहे हैंण् उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस सक्रिय हैं

जो लगातार उत्तर प्रदेश में अपराधियों के बोल बाले का आरोप सत्ताधारियों पर लगा रही हैं। इससे पीछे भी बहुजन हिताय का नारा छोड़ सर्वजन हिताय और ब्राह्मणवाद का विरोध छोड़ हाथी नहीं गणेश है ब्रह्मा विष्णु महेश है का नारा लगवाकर 2007 के विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत से सत्ता में आने वाली मायावती अब एक बार फिर ब्राह्मणों की नाराजगी को भुनाने में लग गई हैं।वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी संभवतः छोटे लोहिया के नाम से विख्यात जनेश्वर मिश्र और बृजभूषण तिवारी के दौर को याद करना चाहते हैं जिन्होंने राज्य में समाजवादी विचारधारा का आधार तैयार किया था। ब्राह्मणों के उत्पीड़न पर सपा ख़ासी मुखर है। सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के समर्थक राज्य में ब्राह्मणों के उत्पीड़न के ख़िलाफ़ खुलकर बोल रहे हैं।

लंबे समय से ब्राह्मण मुख्यमंत्री न होना

समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी में तो मुलायम सिंह अखिलेश यादव और मायावती के अलावा किसी अन्य के लिए मुख्यमंत्री पद के लिए जगह या संभावना ही नहीं है। वही उत्तर प्रदेश का इतिहास देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के आख़िरी मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी थे। उनकी व्यक्तिगत पहलुओं को छोड़ दें तो तिवारी को उत्तर प्रदेश का विजनरी नेता माना जाता है जिन्होंने नोएडा औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की थी। उसके पहले भी राज्य में पहला मुख्यमंत्री कांग्रेस ने ही दिया था और राज्य की राजनीति में कांग्रेस के रहते ब्राह्मणों का वर्चस्व बना रहा। कुल मिलाकर देखें तो गोविंद वल्लभ पंत संपूर्णानंद सुचेता कृपलानी कमलापति त्रिपाठी हेमवती नंदन बहुगुणा नारायणदत्त तिवारी श्रीपति मिश्र सहित उत्तर प्रदेश को 7 ब्राह्मण मुख्यमंत्री कांग्रेस ने दिए हैं।

वहीं 4 बार ब्राह्मणों के दम पर सत्ता में आने वाली भारतीय जनता पार्टी एक भी ब्राह्मण मुख्यमंत्री नहीं बना सकी है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण अन्य दलों की तुलना में कांग्रेस में बेहतर संभावनाएँ देख सकते हैं।हालाँकि नेहरू खानदान का होने के नाते ब्राह्मणों में उनका आकर्षण हो सकता है। क़रीब 27 साल तक बीएसपी और सपा की राजनीति देखकर थक चुके लोग प्रियंका गाँधी में एक ऊर्जावान नेता तलाश सकते हैं। वह राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं और अगर 2022 में पार्टी के लिए कुछ बेहतर संभावना दिखती है तो कांग्रेस परोक्ष तौर पर उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में प्रस्तुत कर सकती है। चेहरे के रूप में वह अखिलेश मायावती या आदित्यनाथ पर भारी पड़ सकती हैं।राज्य की राजनीति में कम से कम सपा बीएसपी में अखिलेश व मायावती के अलावा किसी के मुख्यमंत्री बनने की संभावना नहीं हैै वहीं ख़ासकर ब्राह्मण समाज के लोग बीजेपी को भी कई बार आजमा चुके हैं। ऐसे में ब्राह्मणों के पास कांग्रेस एकमात्र विकल्प बचता है कि वह नेहरु परिवार प्रतिनिधि के रूप में प्रियंका को ब्राह्मण नेता स्वीकार करें और भविष्य में कांग्रेस में किसी और भी ब्राह्मण मुख्यमंत्री की संभावनाएँ तलाशें।

कांग्रेस की ओर ब्राह्मणों के आकर्षित होने की कई वजहें

प्रियंका गाँधी सामान्यतया यूपी की राजनीति कर रही हैं। ऐसे में यह माना जा सकता है कि उनका लक्ष्य 2022 का विधानसभा चुनाव है।लॉकडाउन में उन्होंने बनारस के बुनकरों मज़दूरों की विभिन्न राज्यों से वापसी और उनको नौकरी देने के मसले पर राज्य के कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के विपक्षी नेताओं द्वारा सरकार के कथित समर्थन वाले बयान से यह माना जा रहा है कि यह बीएसपी अध्यक्ष मायावती पर प्रहार था जिन्होंने सीमा मसले पर सरकार या सेना नहीं भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े रहने की बात की थी।लोकसभा चुनाव के पहले दलित नेता चंद्रशेखर से मुलाक़ात से शुरू होकर सीएए.एनआरसी के मसले पर सरकार को लगातार घेरनेए लॉकडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश में पैदल आ रहे प्रवासी मज़दूरों के लिए बसों का इंतज़ाम करने और तमाम मसलों में सक्रियता देखी गई।

कोरोना काल में यूपी में एमबीबीएस के विद्यार्थियों की क्लास शुरू कराए जाने अलीगढ़ के पोस्टमार्टम हाउस की दुर्व्यवस्था यूपी सरकार व उसके विभागों द्वारा उन्हें धमकियाँ दिए जाने के आरोप पेट्रोल डीजल के दाम में बढ़ोतरी का यूपी में कांग्रेस द्वारा विरोध कोरोना से देश में सबसे ज़्यादा मृत्यु दर वाले 15 ज़िलों में 4 यूपी के होने यूपी शिक्षक भर्ती घोटाले यूपी सरकार द्वारा पत्रकारों के उत्पीड़न एक ही नाम से कई प्राइमरी स्कूलों में अध्यापिका के नौकरी करने बुंदेलखंड में मज़दूरों की आत्महत्या सहित अनेक मसले उठाए।हाल के महीनों में उन्होंने सिर्फ़ और सिर्फ़ यूपी के मसले उठाए हैं और बहुत कम मसले राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के मिलते हैं। उन्होंने कासगंज में हुई सामूहिक हत्याओं व गोरखपुर में पान विक्रेता के बेटे के अपहरण एक करोड़ रुपये फिरौती और फिर उसकी हत्या का मसला उठाया। राज्य में क़रीब 80 प्रतिशत आबादी दलितए पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की है। प्रियंका गाँधी यूपी में इसे ध्यान में रखकर रणनीति बना रही हैं। यूपी के उनके पदाधिकारियों में अब ज़्यादातर पिछड़ेए दलित और अल्पसंख्यक हैं।

यूपी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पिछड़ी जाति के कानू बनिया हैं। वहीं उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ताक़तवर कुर्मी जाति के हैं। उनके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट औऱ दीपक कुमार जाटव जाति से आते हैं। कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे कमलापति त्रिपाठी के परिवार ललितेश पति त्रिपाठी ब्राह्मणों के नेता के रूप में प्रियंका की टीम में हैं। इसके अलावा कांग्रेस में हर जाति के लोगों को हमेशा यह उम्मीद बनी रहेगी कि प्रियंका गाँधी केंद्र की राजनीति में जा सकती हैं और मुख्यमंत्री बनने में उनकी जाति के नेता का नंबर आ सकता है। कांग्रेस के ब्राह्मण नेता जितिन प्रसाद ब्राह्मणों को एकजुट करने में जुटे हैं।प्रियंका गाँधी कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी बनने के बाद से ही पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हैं। 2019 में लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र में ज़ोरदार वापसी के बाद प्रियंका की सक्रियता और आक्रामकता दोनों ही बढ़ गई है जो ब्राम्हणों को अपनी ओर लुभा रहा है

’बढ़ती हुई वैश्विक महामारी से बचाव हेतु एक पहल एक किरण समिति द्वारा मास्क वितरण एवं जागरूकता अभियान


कछौना ;हरदोई-जिले में बढ़ती हुई वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ;कोविड.19द्ध का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता हुआ नजर आ रहा है जिसके चलते इस महामारी से बचाव हेतु एक पहल एक किरण सेवा समिति द्वारा जागरूकता कार्यक्रम एवं मास्क वितरण के साथ.साथ थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई।


नगर पालिका कुरसठ में कोरोना वायरस से बचाव हेतु एक पहल एक किरण सेवा समिति के सदस्यों द्वारा घर.घर जाकर मासिक वितरण एवं थर्मल स्क्रीनिंग की गईए तथा साथ ही लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग एमास्क का उपयोगए समय.समय पर साबुन से हाथ धोनेए भीड़.भाड़ इलाके में न जाने की सलाह दी गईए साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए समिति द्वारा पोस्टर भी लगवाए गए।


इस मौके पर समिति के अध्यक्ष ध्संस्थापक आशीष पटेल ष्अंशुलष्ए उप महामंत्री सत्यम पटेलए प्रबंधक सचिव सत्यमए हरदोई जिला अध्यक्ष अभिषेक कुमार लकीए कुरसठ चेयरमैन कल्पना देवी व सक्रिय सदस्य शिवांश पटेलए शुभम पटेलए सोनू त्रिवेदीए मंजेश शुक्लाए गौरव सिंहए संदीप कुमारए आशीष प्रजापति व अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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