‌ साहित्य और कविता की दुनिया में इफको की अनूठी पहल

‌ साहित्य और कविता की दुनिया में इफको की अनूठी पहल ।

‌ आ न लाइन कवि सम्मेलन का आयोजन

‌ स्वतंत्र प्रभात प्रयागराज श्री दया शंकर त्रिपाठी की विशेष रिपोर्ट।

‌किसानों की सबसे बड़ी संस्था इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव इस कठिन दौर में भी देश के किसानों सरकारों कला प्रेमियों के बारे में निरंतर ध्यान रखते हुए कोई न कोई रचनात्मक कार्य करती रहती है जिससे लोगों का मन ना तो उदास हो ना ही निराश ।

‌ इसी क्रम में संस्था के मुखिया डॉक्टरउदय शंकर अवस्थी ने अपनी रचनात्मक सोच के द्वारा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन करने का विचार किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन देखने की व्यवस्था की गई और 25 जून को सायंकाल काल 4:00 से 10:00 बजे रात तक ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को लाखों लोगों ने फेसबुक टि्वटर यूट्यूब पर सुना और देखा।घर पर बैठे कोविड-19 के इस महा संकट में अपने बोझिल और उदासी मन को हल्का किया।

‌4 सत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में पद्म विभूषण शारदा सिन्हा अशोक चक्रधर रघुवीर यादव चंदन दास नलिन विकास अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी मृत्युंजय सिंह नीलोत्पल मृणाल राम लखन द्विवेदी चंदन तिवारी सोनरूपा विशाल चिराग जैन रघुवीर यादव आदि ने चौपाल में शिरकत की और अपनी रचनाओं से लोगों का मनोरंजन और ज्ञान वर्धन किया।

‌ पहले सत्र में लोकल फार वोकल का संचालन रिचा अनिरुद्ध इरफान जैसे मशहूर एंकरोंकरों ने किया ।
‌दूसरे सत्र में निलोत्पल मृणाल राम लखन द्विवेदी चंदन तिवारी जैसे कवियों ने खेती किसानी से संबंधित अनेक ज्ञानवर्धक बातें अपने रचना में प्रस्तुत की तीसरे सत्र में कुछ खट्टी कुछ मीठी में चिराग जैन जैसे हास्य कलाकार तथासोनरूपा विशाल ने भरपूर भरपूर मनोरंजन किया अंतिम सत्र में साज और आवाज का आयोजन था जिसमें रघुवीर यादव अशोक चंद्र चंदन दास आदि ने शिरकत की ।
‌4 घंटे के इस महा कवि सम्मेलन में जहां मनोरंजन भी हुआ वही खेती किसानी और माटी के महत्व का भी बखान किया गया । किसानों के इस देश में महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित कि गई।

‌ इस कार्यक्रम के शिल्पी प्रबंध निदेशक डॉक्टर उदय शंकर अवस्थी की अनेक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रशंसा की गई है ।

‌ अधिकारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतेंद्र तिवारी ने संबंधने कहा है कि यह चौपाल नई उर्जा नई प्रेरणा लेकर इस कठिनाई और अनिश्चितता के दौर में आया। इस की जितनी तारीफ की जाए वह कम है और इसके प्रणेता और कल्पना कार प्रबंध निदेशक डॉ उदय शंकर अवस्थी की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here