सोशल मीडिया पर भूमाफिया का पोस्टर हो रहा वायरल

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प्रशासन भूमाफिया पर डाल रहा पर्दा, आम जनता कर रही भूमाफिया घोषित


ललितपुर। प्रदेश में भाजपा की सरकार बने के बाद जमीनों पर कब्जा करने वाले लोगो को चिंहित कर उन्हें भूमाफिया घोषित करने के आदेशों की जनपद में खुले आम धज्जियां उड़ाई जा रही है, इसके बाद भी प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है, जनता भूमाफिया को बेनकाव करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेने को मजबूर हो गई है, जनता द्वारा इन दिनों एक पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, पोस्टर में चार लोगो की फोटो लगी हुई है, जिन्हें लोग भूमाफिया बता रहे है, इतना सब होने के बाद भी प्रशासन उन पर कार्यवाही नही कर रहा है, इससे यह स्पष्ट होने लगा है कि प्रशासन इन भूमाफिया को संरक्षण देने का काम कर रहा है, जिसका खामयाजा आम जनता को भोगना पड़ रहा है।


शहर क्षेत्र में हर विवादित जमीन के नाम आने वाले चंद भूमाफिया के कारण आज भी गरीव व लाचार लोग प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते नजर आ रहे है, लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान ही नही है, जिसका फायदा उठाकर आज भी यह भूमाफिया जनता के हक पर खुला डाका डाल कर माला माल हो रहे है, जमीनी विवाद के कई मामलों में इन भूमाफिया के नाम सामने आने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नही की जा रही है, प्रशासन की इस डील का फायदा उठाकर भूमाफिया जनपद के बड़े भूमाफिया में सुमार हो गए।

हाल ही में मोहल्ला तालावपुरा में एक जमीनी विवाद के बाद यह चहरे बेनकाव हो गए। पीडि़त के आत्मदाह के प्रयास के बाद नींद से जागे जिला प्रशासन ने स्थलीय निरीक्षण कर पीडि़तों के व्यान दर्ज किए। लेकिन प्रशासन द्वारा इन भूमाफिया पर कोई कार्यवाही न होते देख आखिरकार आम जनता को सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्टर वायरल कर चार लोगो को भूमाफिया बताया जा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन है कि अभी भी उन पर कार्यवाही करने से कतरा रहा है, प्रशासन की लेट लतीफी देख जनता ने उनका चहरा बेनकाव करने का वीडा उठा लिया है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन भूमाफिया पर कार्यवाही करता है या नही?



अलग- अलग फर्म बनाकर हथयाते है जमीन


जमीनों पर हथयाने के नशे में चूर भूमाफिया अपने मनसूबों को पूरा करने के लिए अलग-अलग फर्म बनाकर अपने गिरोह के सदस्यों के साथ हर विवादित जमीन को सस्ते दामों में खरीदने के बाद उन पर कब्जा करना शुरू कर देते है, कुछ पीडि़त इनके वाहूवल के कारण खामोश हो जाते है, तो वही कुछ लोगो की जीवन भर की जमा पूजी जमीन खरीदने में लग जाने के बाद वह उनसे संघर्ष करने के लिए सामने आने लगते है, लेकिन प्रशासन से न्याय न मिलता देख कुछ पीडि़तो को उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए आत्मदाह व सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ता है। इतना सब होने के बाद भी जिला प्रशासन है कि उनके रसूख के आगे फीका पड़ता नजर आ रहा है।

 
भूमाफिया पर्यावरण को भी पहुंचा रहे नुकसान


जमीनों के नशे में अंधे हो चुंके भूमाफिया जमीनों को हथयाकर उस पर प्लाटिंग करने के लिए वहां पर लगे हरे भरे पेड़ काट कर पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे है, जहां एक ओर प्रदेश सरकार प्रगति के संतुलन को बनाये रखने के लिए लाखों की सं या में वृक्षारोपण कर रहा है, तो वही यह भूमाफिया ठीक उसके विपरीत कार्य कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे है। इतना सब होने के बाद भी वन विभाग द्वारा हरे भरे पेड़ काटने वाले भूमाफिया के खिलाफ वन अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज नही करा रहा है, वन विभाग की इस शिथिलता का फायदा उठाकर यह भूमाफिया बैखौफ होकर अपने कारनामों को अंजाम देने का काम कर रहे है।