तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा शिक्षा का तीर्थस्थल

तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा शिक्षा का तीर्थस्थल

अतिथियों ने विद्यालय के अनुशासन की सराहना के बांधे पुल।

‌स्वतंत्र प्रभात
‌फूलपुर,प्रयागराज
‌शिवम् शुक्ला की रिपोर्ट
‌फूलपुर विकास खण्ड के गोमती इंटर कॉलेज फूलपुर में शुक्रवार 19 फरवरी को आयोजित क्लोसिंग एड्रेस तथा पत्रकार सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष प्रयागराज गंगापार अश्वनी कुमार द्विवेदी ने कहा कि विद्यालय में इस तरह का कार्यक्रम एवं एन० सी० सी० के छात्रों की अनुशासन पूर्ण परेड देखकर खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।
वहीं विद्यालय में विशिष्ट अतिथि के रूप में आए मेजर शिवेंद्र मणि त्रिपाठी की कार्यकुशलता का गुणगान करते हुए कहा कि मेजर  शिवेंद्र मणि एक अध्यापक के बच्चे हैं जो कि देश की सेवा कर रहे हैं ।उन्होंने मेजर की तरफ ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पुलवामा हमले के जीते जागते उदाहरण हैं जो कि किसी माता पिता के बेटे हैं, किसी पत्नी के पति हैं और किसी बच्चे के पिता हैं। उन्होंने कहा जो भरा नहीं है भावों से, जिसमें बहती रसधार नहीं, वह हृदय नहीं वह पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।
तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा शिक्षा का तीर्थस्थल
‌उन्होंने कहा कि मेजर शिवेंद्र मणि त्रिपाठी भी मौत के मुंह से निकलकर आए हैं और अपने देश सेवा में निरंतर सेवा दे रहे हैं ऐसे ही जांबाज सैनिकों की वीरता के कारण पुलवामा हमले का बदला भारत देश ने लिया और पाकिस्तान के घर में घुसकर पाकिस्तान की सेनाओं को मारा।
‌जिलाध्यक्ष  द्विवेदी ने कहा कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर है जहां पर छात्रों को अपने गुरू के दिए हुए ज्ञान को अपने जीवन में चरितार्थ करना चाहिए। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश पाण्डेय के मानीटरिंग के साथ साथ लेफ्टीनेंट बालेंन्द्र मिश्रा के संचालन की सराहना की।

‌मेजर शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने एन०सी०सी० कैडेटों को मेडल पहनाकर किया उत्साहवर्धन ।

‌अतिथियों ने विद्यालय के अनुशासन की सराहना के बांधे पुल।
‌मेजर शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने सीनियर अंडर आफीसर रिशाल सिंह, अण्डर आफीसर कुंवर प्रताप यादव,अण्डर आफीसर ओम जी गुप्ता,व कैडेट आकाश यादव को मेडल पहनाते हुए उन्होंने अपने संबोधन में एन० सी० सी० कैडेटों को सैन्य प्रशिक्षण से संबंधित बारीकियों को बिंदुवार बताते हुए अनुशासन का पाठ भी सिखाया। इतना ही नहीं मेजर शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बच्चों को प्रत्येक कार्य को समय समय से करने के साथ साथ अपने भविष्य में निखरने के लिए उन्हें अनुशासित रहते हुए अपनी शिक्षा पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि आपका  अनुशासन प्रत्येक क्षेत्र में आपकी पहचान को दर्शाता है। इसलिए कहीं भी रहें अनुशासित रहें और अनुशासन पूर्ण संगत भी बनाएं।
‌मेजर शिवेंद्र मणि त्रिपाठी वर्ष 2016 के पुलगांव बारूद एक्सीडेंट में गम्भीर रूप से घायल हो गए थे, फिर भी अपने खराब स्वास्थ्य की परवाह न करते हुए कोविड़-19 के इस कठिन हालात में भी असाधारण नेतृत्व का प्रदर्शन करते हुए देश की सेवा की। सेना के कोबीद 19 अस्पतालों को कोविड से बचाव के संसाधन उपलब्ध कराते हुए 5 सौ से अधिक जवानों के लिए क्वारन्टीन कैम्प की स्थापना करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
‌मेजर त्रिपाठी के पिता दिनेश मणि त्रिपाठी इन दिनों प्रधानाचार्य, विकास इंटरमीडिएट कॉलेज, खेसरहा , सिद्धार्थनगर व माता विमला त्रिपाठी सेवानिवृत्त अध्यापिका के सुपुत्र हैं। मेजर की पत्नी दीपा त्रिपाठी राजकीय इंटर कालेज प्रयागराज में अध्यापक के रूप में तैनात है।

‌शिक्षा का तीर्थस्थल है गोमती इंटर कॉलेज

‌अतिथियों ने विद्यालय के अनुशासन की सराहना के बांधे पुल।
‌गोमती इंटर कॉलेज फूलपुर के क्लोजिंग एड्रेस एवं पत्रकार सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए बतौर विशिष्ट अतिथि स्वतंत्र प्रभात के डिवीजनल चीफ वरिष्ठ पत्रकार दयाशंकर त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि गोमती इंटर कॉलेज प्रयागराज के गंगापार का पहला विद्यालय है  जहा शिक्षा के लिए जब कोई विद्यालय नहीं था तब रानी गोमती के नाम से इस विद्यालय की स्थापना की गई और शिक्षा के क्षेत्र में एक शीर्ष के रूप में उभरा ।
‌उन्होंने कहा कि यह विद्यालय ऐसा है जिसमें से न जाने कितने छात्र पढ़कर निकले और आज वह अच्छे अच्छे पदों तैनात रहते हुए अलग अलग क्षेत्र में रहकर देश एवं समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कालेज/ विद्यालय तो बहुत देखे लेकिन गोमती इंटर कॉलेज जैसा नहीं देखा। क्योंकि यह एक ऐसा कालेज है जहां से पढ़कर निकले हुए छात्र कहीं न कहीं बड़े पद आईएएस, पीसीएस, आदि पदों पर रहकर इस विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। श्री त्रिपाठी ने कहा कि आज के समय में विद्यालय विद्यालय नहीं रह गया है बल्कि एक व्यवसाय बन गया है।
‌लेकिन गोमती इंटर कॉलेज पहले से ही अनुशासन में रहा है और आज भी अनुशासित तरीके से बच्चों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए उनके जीवन को संवारने का काम यहां के विद्वान अध्यापकों द्वारा किया जा रहा है।

‌विद्यालय प्रबंधन और अनुशासन के लिए  शीर्ष नेतृत्व की की गई सराहना ।

‌कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी संजय मिश्र बनकटा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय में बच्चों के इस अनुशासन को देखकर ऐसा लगता है कि अनुशासन के मामले में नंबर एक पर है यहां की प्रबंधन व्यवस्था। इस मौके पर उन्होंने विद्यालय के बच्चों को शुभाशीष प्रदान करते हुए कहा कि सदैव इसी तरह का अनुशासन बनाए रखें जिससे कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त हो।
‌तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा  शिक्षा का तीर्थस्थल।

एनसीसी कैडेटों द्वारा किया गया रंगारंग देश भक्ति का सामूहिक नृत्य।

‌इस मौके पर विद्यालय में रंगारंग देशभक्ति सामूहिक नृत्य से एनसीसी कैडेटों ने समाज को यह संदेश दिया कि हमारा राष्ट्रधव्ज तिंरगा हमारे देश की आन,मान,शान है जिसे हम मरते दम तक नहीं झुकने देंगे। इस बात को कैडेटों ने गीत व नृत्य के माध्यम से दर्शाया ।और सामूहिक नृत्य कर देश प्रेम का संदेश दिया।
‌वहीं कार्यक्रम के शुरूआत में एनसीसी कैडेट्स ने अपनी बैंड बाजा के शानदार प्रदर्शन से मुख्यातिथियों का अभिवादन क, सलामी शस्त्र से सलामी देते हुए अपनी बेहतरीन परेड का प्रर्दशन किया ।जिसका निरीक्षण मेजर शिवेंद्र मणि त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष अश्वनी कुमार द्विवेदी, विशिष्ट अतिथि  सहायक संपादक स्वतंत्र प्रभात दयाशंकर त्रिपाठी, वरिष्ठ समाजसेवी संजय मिश्र बनकटा, प्रधानाचार्य ओम प्रकाश पाण्डेय, लेफ्टीनेंट बालेंन्द्र मिश्रा व जेपी मिश्र ने किया। तत्पश्चात दीपप्रज्वलन के साथ विद्यालय के संस्थापक के मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया।

क्षेत्रीय पत्रकारों को किया गया सम्मानित।

‌ तत्पश्चात कार्यक्रम में आए हुए सम्मानित पत्रकारों को प्रधानाचार्य ओम प्रकाश पाण्डेय, पूर्व एन०सी० सी० कैप्टन सी० पी० सिंह, जेपी मिश्र,व बालेन्द्र मिश्रा के द्वारा पुष्पगुच्छ देकर अंगवस्त्रम पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। वहीं विद्यालय के इस कार्यक्रम का संचालन अपनी विद्वत्ता के धनी बालेन्द्र मिश्रा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय में आए हुए समस्त अतिथियों एवं पत्रकारों का सम्मान करते हुए प्रधानाचार्य ओम प्रकाश पाण्डेय ने आभार प्रकट कर धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के अंत में एनसीसी कैडेट्स द्वारा एनसीसी गान को गाया गया और राष्ट्रगान गाकर भारत माता के जयकारे के साथ कार्यक्रम का समापन कि या।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here