वायुयान संशोधन विधेयक को संसद की मंज़ूरी

वायुयान संशोधन विधेयक को संसद की मंज़ूरी
Vice President Martin Vizcarra gestures, as he is sworn in as Peru's President, at the congress building in Lima, Peru, March 23, 2018. REUTERS/Mariana Bazo

राज्य सभा में वायुयान संशोधन विधेयक पास हो गया है और स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कोविड महामारी पर बयान दिया, वहीं लोकसभा ने संसद सदस्यों के वेतन, भत्ता एवं पेशन संशोधन विधेयक 2020 और आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम विधेयक 2020 को पारित कर दिया.

संसद के मॉनसून सत्र का दूसरा दिन विधायी कामकाज के लिहाज़ से अहम रहा. दोनों सदनों में अहम विधेयक पास हुए. राज्य सभा में वायुयान संशोधन विधेयक पास हो गया है. इस तरह इस विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गई है. लोक सभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है. विधेयक पर जवाब देते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस बिल के पास होने के बाद विमान सेवाओं को और प्रभावी बनाना आसान होगा.

राज्य सभा में स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कोविड महामारी पर बयान दिया. उन्होंने बताया कि सरकार कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है.

कोविड महामारी के दौरान सोशल डिस्टेन्सिंग शब्द का प्रयोग आम हो गया है. राज्य सभा में सांसद सांतनु सेन ने इसकी जगह फिजिकल डिस्टेंस या किसी अन्य शब्द का प्रयोग करने की मांग की. सभापति ने इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए सदन में कहा कि सोशल डिस्टेंस शब्द में सोशल शब्द की बजाय सुरक्षित दूरी या कोई अन्य शब्द का प्रयोग किया जाए, हालांकि उन्होंने कहा कि यह देखना सरकार का काम है.

राज्य सभा में शून्यकाल के दौरान कोलावरम प्रोजेक्ट का भी मुद्दा उठा जिस पर वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार उस मामले में लगातार नजर बनाए हुए है. इसके अलावा सदन में मनरेगा और फिल्म इंडस्ट्री से संबधित मुद्दे भी उठे. वहीं लोकसभा में आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम विधेयक 2020 पारित हो गया है. ये विधेयक आवश्यक वस्तुओं की सूची से अनाज, दाल, तिलहन, खाद्य तेल, प्याज और आलू जैसी वस्तुओं को हटाने के लिए लाया गया है. इन वस्तुओं पर राष्ट्रीय आपदा या अकाल जैसी विशेष परिस्थितियों के अलावा स्टॉक की सीमा नहीं लगेगी.

साथ ही संसद सदस्यों के वेतन, भत्ता एवं पेशन संशोधन विधेयक 2020 को पारित कर दिया गया है. इस बिल में संसद सदस्यों के वेतन, भत्ता एवं पेशन अधिनियम 1954 में संशोधन होगा. इससे जुड़े अध्यादेश को छह अप्रैल को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी. बिल के प्रावधानों में सासंदो के वेतन में एक वर्ष तक 30 फीसदी कमी करने का प्रस्ताव है.

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