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                <title>Police Accountability - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Police Accountability RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नहीं संभल रहा जिला पुलिस के उच्च अधिकारियों से थानों पर बिना रुपया लिए नहीं होती है कोई कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में पुलिस व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है नहीं हो रही थानों पर कार्रवाई जिले के जिम्मेदार उच्च अधिकारी से नहीं संभाल रहा है जिला हर थाने पर हत्याएं लूट बलात्कार जैसी जघन्य घटनाएं हो रही है ताजा मामला लालगंज थाना क्षेत्र केलालगंज के मनीष पाण्डेय हत्याकांड के बाद परिजनों और ग्रामीणों में उबाल पुलिस कर शैली पर उठ रहे  सवाल जनपद के सभी थानों में आम जनता को नहीं मिल रहा है न्याय आईजीआरएस पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है जनपद में घटनाओं पर घटनाएं हो रही है पुलिस कुंभकरण नींद में सो</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186315/district-police-is-not-able-to-control-itself-no-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260824-wa0117.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में पुलिस व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है नहीं हो रही थानों पर कार्रवाई जिले के जिम्मेदार उच्च अधिकारी से नहीं संभाल रहा है जिला हर थाने पर हत्याएं लूट बलात्कार जैसी जघन्य घटनाएं हो रही है ताजा मामला लालगंज थाना क्षेत्र केलालगंज के मनीष पाण्डेय हत्याकांड के बाद परिजनों और ग्रामीणों में उबाल पुलिस कर शैली पर उठ रहे  सवाल जनपद के सभी थानों में आम जनता को नहीं मिल रहा है न्याय आईजीआरएस पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है जनपद में घटनाओं पर घटनाएं हो रही है पुलिस कुंभकरण नींद में सो रही है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ताजा मामला लालगंज थाना क्षेत्र के मारपीट के दौरान मनीष पांडे की मौत के बाद आम जनता में उबाल गुस्से के कारणपीएम होने के बाद शव लेकर ग्रामीण पुलिस चौकी के सामने दे रहे धरना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लालगंज SHO से नहीं संभल रहा थाना कुर्सी मिलते ही अपराधों की बाढ़ आ गई है अपराध नहीं कंट्रोल हो रहा है जिले के अधिकारियों से और थाना अध्यक्षों से क्योंकि जब मोटी रकम ले लेते हैं तो गुनाह करने वाले अपराधी सक्रिय नजर आते हैंजब से तैनात हुए SHO विनय पाठक तक से 4 दरोगा हो चुके लाइन हाजिर।</div>
<div style="text-align:justify;">हत्या, चोरी जैसी घटनाएं आम, लगातार वारदातों से क्षेत्र में दहशत।</div>
<div style="text-align:justify;">थानेदार के कार्यकाल और  कार्यशैली से अब तक तीन हत्याओं पर सवाल।</div>
<div style="text-align:justify;">अपराध रोकने में नाकामी के बीच अपनी कुर्सी बचाने की जद्दोजहद जारी।</div>
<div style="text-align:justify;">लालगंज के चार दरोगाओं पर कार्रवाई के बाद भी अपराधियों के हौसले बुलंद।</div>
<div style="text-align:justify;">फिर हत्या से दहला लालगंज, पीट पीट मनीष पाण्डेय की बेरहमी से हत्या।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यवाही को लेकर लाश रखकर परिजन और ग्रामीण दे रहे हैं धरना लेकिन मौ के पर कोई उच्च अधिकारी नहीं पहुंचा</div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों का आरोप, दबंग घंटों मारपीट करते रहे लेकिन नहीं पहुंची पुलिस क्योंकि पुलिस विपक्षी से मोटी रकम लिया था के कारण घटनास्थल पर पहुंचने में कई घंटा लगा दिया जिससे मारपीट में घायलों में एक की मौत हो गई मनीष पांडे नाम युवक की दर्दनाक मौत के घंटे बाद पुलिस पहुंचती है शर्मनाक है बस्ती जिले के पुलिस कार्य प्रणाली से आम जनमानस को न्याय नहीं मिल रहा जगह-जगह पुलिस की रवैया के कारण आईजीआरएस पर फर्जी रिपोर्ट की झड़ी लगाने के कारण हत्याएं हो रही है कुंभ करनीनींद में पुलिस की जिम्मेदार अधिकारी सो रहे हैं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों की माने हत्या की सूचना के करीब तीन घंटे बाद पहुंचे हैं थानेदार ऐसे थाना अध्यक्षों को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए लेकिन पुलिस अधीक्षक कोवाही  में</div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस की सक्रियता और अपराध नियंत्रण की रणनीति पर सवाल खड़ा कर रहा लेकिन फिर  भी पुलिस अधीक्षक के  लापरवाही के कारण लालगंज थाने में घटनाओं पर घटना हो रही है लेकिन समय से अधिक रह रहे दरोगा और पुलिस कर्मियों को हटाने का काम नहीं कर रहे हैं था पुलिस अधीक्षक जिसके चलते क्षेत्र में हत्या लूट बलात्कार राह जनी होती रहती हैकृपा से चलेगा थाना या अपराधियों पर अब वास्तव में कसा जाएगा शिकंजा?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महसों पूरब टोला मनीष हत्याकांड ने फिर खोली लालगंज थानेदार की पोलखोल दी फिर भी पुलिस अधीक्षक महोदय थाना अध्यक्ष विनय पाठक को नहीं हटा रहे हैं इसी कारण कानून व्यवस्था जीरो पर चली गई है गाना अध्यक्षों की मनमानी का कारण कि अपने उच्च अधिकारियों को जनता से लिए गए धन का हिस्सा ऊपर तक पहुंचाते हैं जिससे उनकी पैठ बनी रहती है</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 20:17:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसपी ने रेहरा बाजार थाने का किया औचक निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>बलरामपुर  रेहरा बाजार/बलरामपुर।</strong></div>
<div>  </div>
<div>पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने सोमवार को थाना रेहरा बाजार का आकस्मिक निरीक्षण कर पुलिसिंग व्यवस्था का जायजा लिया। अचानक हुए निरीक्षण से थाना परिसर में पुलिसकर्मियों में सक्रियता देखने को मिली। एसपी ने थाना कार्यालय, हवालात, बैरक, मालखाना, मिशन शक्ति केंद्र, सीसीटीएनएस कार्यालय सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों और अभिलेखों का निरीक्षण किया।</div>
<div>  </div>
<div>निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना कार्यालय में अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित विवेचनाओं, शिकायती प्रार्थना पत्रों, आईजीआरएस प्रकरणों और लंबित अभियोगों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों में नियमानुसार और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186313/sp-conducted-surprise-inspection-of-rehra-bazar-police-station"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260824-wa0512.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>बलरामपुर  रेहरा बाजार/बलरामपुर।</strong></div>
<div> </div>
<div>पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने सोमवार को थाना रेहरा बाजार का आकस्मिक निरीक्षण कर पुलिसिंग व्यवस्था का जायजा लिया। अचानक हुए निरीक्षण से थाना परिसर में पुलिसकर्मियों में सक्रियता देखने को मिली। एसपी ने थाना कार्यालय, हवालात, बैरक, मालखाना, मिशन शक्ति केंद्र, सीसीटीएनएस कार्यालय सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों और अभिलेखों का निरीक्षण किया।</div>
<div> </div>
<div>निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना कार्यालय में अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित विवेचनाओं, शिकायती प्रार्थना पत्रों, आईजीआरएस प्रकरणों और लंबित अभियोगों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों में नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लंबित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण करने के साथ ही पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने पर जोर दिया गया।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>अपराधियों पर शिकंजा कसने के निर्देश</strong></div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>एसपी ने थाना क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाने, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की नियमित चेकिंग करने को कहा गया।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने और क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा आगामी त्योहारों के मद्देनजर शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>महिला अपराधों में संवेदनशीलता बरतने पर जोर</strong></div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>मिशन शक्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान एसपी ने महिला संबंधी शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनने तथा उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल अपराधों में प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।</div>
<div> </div>
<div>पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर की स्वच्छता, अभिलेखों के रखरखाव, अनुशासन और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूर्ण मनोयोग, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने की हिदायत दी।</div>
<div> </div>
<div>एसपी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी उतरौला डॉ. जितेन्द्र कुमार सहित थाना रेहरा बाजार के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/186313/sp-conducted-surprise-inspection-of-rehra-bazar-police-station</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 20:15:40 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मलिहाबाद कोतवाली फिर विवादों में: सिपाही अनुज पर प्रताड़ना के आरोप, सिपाही आशीष मलिक पर व्हाट्सएप ग्रुप से खबर हटाने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद।</strong> मलिहाबाद कोतवाली एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी और पीड़ित पक्ष के आरोपों के अनुसार, एक मामले में पीड़ित से मिलने पहुंचे उसके सहयोगी को पुलिस ने बिना स्पष्ट कारण कोतवाली में बैठाए रखा और कथित रूप से पूरी रात प्रताड़ित किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है।
<div><br />पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हाल के दिनों में जिन मामलों का खुलासा हुआ है, उनके बाद मलिहाबाद पुलिस का रवैया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183396/constable-anuj-faces-allegations-of-harassment-in-malihabad-kotwali-disputes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260522-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद।</strong> मलिहाबाद कोतवाली एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी और पीड़ित पक्ष के आरोपों के अनुसार, एक मामले में पीड़ित से मिलने पहुंचे उसके सहयोगी को पुलिस ने बिना स्पष्ट कारण कोतवाली में बैठाए रखा और कथित रूप से पूरी रात प्रताड़ित किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है।
<div><br />पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हाल के दिनों में जिन मामलों का खुलासा हुआ है, उनके बाद मलिहाबाद पुलिस का रवैया पीड़ित पक्ष से जुड़े लोगों के प्रति सख्त और असहयोगात्मक हो गया है। इसी क्रम में कोतवाली में तैनात पुलिस सिपाही अनुज का नाम भी आरोपों में सामने आया है। आरोप है कि सिपाही अनुज ने पीड़ित पक्ष के सहयोगियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है।<br /><br />बताया जा रहा है कि पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना है कि जब वे न्याय की उम्मीद लेकर कोतवाली पहुंचे, तब उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके बजाय कथित रूप से उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय माना जाएगा।<br /><br />मामले में एक और आरोप यह भी लगाया गया है कि एक पत्रकार द्वारा संबंधित प्रकरण की खबर व्हाट्सएप समूह में साझा किए जाने के बाद उसे समूह से हटा दिया गया। पोस्ट में दावा किया गया है कि यह कार्रवाई समूह के एडमिन, जिनका नाम सिपाही आशीष मलिक बताया गया है, द्वारा की गई। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो यह सूचना के स्वतंत्र प्रसार और पारदर्शिता को लेकर भी प्रश्न खड़े करता है।<br /><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं। उनका मानना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया गया है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं अभी तक मलिहाबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार भाटी का अभी कोई भी बयान सामने नहीं आया है यदि आरोप निराधार हैं, तो पुलिस का पक्ष भी सार्वजनिक रूप से सामने आना चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। </div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 22:16:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईजीआरएस रैंकिंग में बस्ती रेंज नंबर-1, प्रदेश में लहराया उत्कृष्ट कार्य का परचम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> आईजीआरएस मामले में बस्ती पुलिस अपनी पीठ तक दबा रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है फर्जी रिपोर्ट के सहारे जिले को नंबर वन पर पहुंचने वाले अधिकारी जरा शिकायतों पर ध्यान दें की पीढ़ी द्वारा दिया गया शिकायत उसके घर तक जांच अधिकारी पहुंचे कि फर्जी रिपोर्ट लगाकर निस्तारण करती हैजनशिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण के क्षेत्र में बस्ती परिक्षेत्र ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) की जून 2026 की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में बस्ती रेंज को उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इस</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182443/flag-of-excellent-work-hoisted-in-basti-range-no-1"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260701-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> आईजीआरएस मामले में बस्ती पुलिस अपनी पीठ तक दबा रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है फर्जी रिपोर्ट के सहारे जिले को नंबर वन पर पहुंचने वाले अधिकारी जरा शिकायतों पर ध्यान दें की पीढ़ी द्वारा दिया गया शिकायत उसके घर तक जांच अधिकारी पहुंचे कि फर्जी रिपोर्ट लगाकर निस्तारण करती हैजनशिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण के क्षेत्र में बस्ती परिक्षेत्र ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) की जून 2026 की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में बस्ती रेंज को उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि से पूरे पुलिस परिक्षेत्र में खुशी का माहौल है और इसे बेहतर कार्यशैली, जवाबदेही तथा जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम माना जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) संजीव त्यागी के नेतृत्व में बस्ती रेंज के अंतर्गत आने वाले जनपदों में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया गया। शिकायतों की नियमित समीक्षा, लंबित मामलों की सतत निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने से शिकायत निवारण व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है महोदय सच्चाई कुछ और है फर्जी रिपोर्ट के सहारे पुलिस विभाग निस्तारण किया है दर्जनों शिकायत उसे पर फर्जी रिपोर्ट लगाई गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान मिलने के बाद डीआईजी संजीव त्यागी ने परिक्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी आईजीआरएस निरीक्षक ब्रजेन्द्र प्रसाद पटेल एवं उनकी पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, समर्पण तथा बेहतर समन्वय का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन बनाए रखने और जनता की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डीआईजी ने कहा कि आईजीआरएस केवल शिकायतों के निस्तारण का माध्यम नहीं, बल्कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान से लोगों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा बढ़ता है, जो सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बस्ती रेंज को प्रदेश में प्रथम स्थान मिलने पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। लेकिन पिछले सब फर्जी रिपोर्ट लगाकर निस्तारण किया गया घटनाओं को अनदेखी किया गया उच्च अधिकारी इस पर ध्यान दें अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि आगे और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगी। आने वाले समय में भी जनशिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम नागरिकों को समय पर न्याय और बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराई जा सके। बस्ती रेंज की यह सफलता प्रदेश की अन्य इकाइयों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण मानी जा रही है।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:32:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिरासत में मौत और पुलिसिया हिंसा के मामलों में अभियोजन मंजूरी जरूरी नहीं: ।मध्य प्रदेश हाईकोर्ट।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि हिरासत में मौत या पुलिसिया हिंसा के मामलों में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (</span>CrPC) <span lang="hi" xml:lang="hi">की धारा 197 के तहत पूर्व सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने दो पुलिस आरक्षकों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों का सरकारी कर्तव्य के निर्वहन से कोई उचित संबंध नहीं माना जा सकता। जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ इंदौर में वर्ष 2015 में हुई एक युवक की कथित हिरासत मौत से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181536/prosecution-sanction-is-not-necessary-in-cases-of-custodial-death"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas7.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि हिरासत में मौत या पुलिसिया हिंसा के मामलों में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (</span>CrPC) <span lang="hi" xml:lang="hi">की धारा 197 के तहत पूर्व सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने दो पुलिस आरक्षकों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों का सरकारी कर्तव्य के निर्वहन से कोई उचित संबंध नहीं माना जा सकता। जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ इंदौर में वर्ष 2015 में हुई एक युवक की कथित हिरासत मौत से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">याचिकाकर्ता पुलिसकर्मियों ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ अभियोजन चलाने से पहले सरकार की मंजूरी आवश्यक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि कथित घटनाएं उनके आधिकारिक कर्तव्यों से जुड़ी हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मामले के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखने वाले 24 वर्षीय पंकज वैष्णव को 19 दिसंबर 2015 को स्कूटर चोरी के मामले में पूछताछ के लिए इंदौर के एमआईजी थाने लाया गया। उसी रात उसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">घटना के बाद </span>CrPC <span lang="hi" xml:lang="hi">की धारा 176 के तहत स्वतंत्र जांच कराई गई। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की गई जांच में निष्कर्ष निकाला गया कि यह मामला आपराधिक मानव वध का प्रतीत होता है।इसके बाद दो आरक्षकों और एक थाना प्रभारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवैध निरुद्ध करने और झूठे साक्ष्य देने सहित विभिन्न आरोपों में आरोपपत्र दायर किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 197 के संरक्षण का लाभ तभी मिल सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब आरोपित कृत्य और सरकारी कर्तव्य के निर्वहन के बीच स्पष्ट और उचित संबंध हो। लेकिन वर्तमान मामले में ऐसा कोई संबंध नहीं पाया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">यह ऐसा मामला नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें पुलिसकर्मी किसी हिंसक भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे और बल प्रयोग करते हुए अपनी सीमा से आगे बढ़ गए हों। यहां आरोपित बल प्रयोग उस समय किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब मृतक पुलिस हिरासत में था और थाने के नियंत्रण में था। ऐसी स्थिति में बल प्रयोग या शारीरिक हमला करने का कोई औचित्य नहीं था।”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हाईकोर्ट ने कहा कि कानून पुलिस को कुछ विशेष परिस्थितियों में बल प्रयोग की अनुमति देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे हिंसक भीड़ को तितर-बितर करना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गिरफ्तारी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों का भी उल्लेख किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें कहा गया कि हिरासत में हिंसा और मौत सभ्य समाज में सबसे गंभीर अपराधों में से हैं तथा यह व्यक्ति के मूल मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन टिप्पणियों के साथ हाईकोर्ट ने आरक्षकों की पुनरीक्षण याचिका खारिज की और स्पष्ट किया कि हिरासत में मौत या पुलिसिया हिंसा जैसे मामलों में धारा 197 के तहत अभियोजन मंजूरी का संरक्षण उपलब्ध नहीं होगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:57:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमोढ़ा पुलिस चौकी बनी शोपीस, ताले में कैद जनता की सुरक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र स्थित अमोढ़ा पुलिस चौकी की कार्यशैली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अमोढ़ा पुलिस चौकी अधिकांश समय बंद रहती है और चौकी पर न तो चौकी प्रभारी धर्मेंद्र प्रजापति मौजूद रहते हैं और न ही अन्य पुलिसकर्मी दिखाई देते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी समस्या, विवाद या शिकायत के लिए जब लोग चौकी पहुंचते हैं तो वहां ताला लटका मिलता है। इससे लोगों को मजबूर होकर छावनी थाने का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181481/amodha-police-post-became-a-showpiece-for-the-safety-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0102.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र स्थित अमोढ़ा पुलिस चौकी की कार्यशैली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अमोढ़ा पुलिस चौकी अधिकांश समय बंद रहती है और चौकी पर न तो चौकी प्रभारी धर्मेंद्र प्रजापति मौजूद रहते हैं और न ही अन्य पुलिसकर्मी दिखाई देते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी समस्या, विवाद या शिकायत के लिए जब लोग चौकी पहुंचते हैं तो वहां ताला लटका मिलता है। इससे लोगों को मजबूर होकर छावनी थाने का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी अधिकतर समय थाने पर ही रहते हैं और चौकी केवल नाम मात्र की बनकर रह गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ने जनता की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए लाखों रुपये खर्च कर पुलिस चौकी का निर्माण कराया था, लेकिन जब चौकी पर पुलिसकर्मी मौजूद ही नहीं रहते तो इसका उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है। लोगों का कहना है कि यदि चौकी हमेशा बंद ही रहनी है तो उसके निर्माण का क्या औचित्य है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों ने पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर चौकी की नियमित कार्यप्रणाली सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चौकी पर पुलिसकर्मियों की नियमित उपस्थिति से क्षेत्र में कानून व्यवस्था बेहतर होगी और आम जनता को तत्काल सहायता मिल सकेगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:58:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिश्वतखोरी के आरोप में परसरामपुर थाने के तीन पुलिसकर्मी निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती में पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाले मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना परसरामपुर में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मियों में मुख्य आरक्षी जगत नारायण यादव, आरक्षी आनंद यादव तथा आरक्षी बृजभूषण सिंह शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार इन पुलिसकर्मियों के कार्य एवं व्यवहार को लेकर क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि संबंधित कर्मियों का आचरण आम जनता के प्रति संतोषजनक नहीं है, जिससे पुलिस विभाग की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181473/three-policemen-of-parasrampur-police-station-suspended-on-bribery-charges"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0104.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती में पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाले मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना परसरामपुर में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मियों में मुख्य आरक्षी जगत नारायण यादव, आरक्षी आनंद यादव तथा आरक्षी बृजभूषण सिंह शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार इन पुलिसकर्मियों के कार्य एवं व्यवहार को लेकर क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि संबंधित कर्मियों का आचरण आम जनता के प्रति संतोषजनक नहीं है, जिससे पुलिस विभाग की साख और जनविश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब उक्त पुलिसकर्मियों का एक वीडियो पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आया। वीडियो में उन्हें सार्वजनिक स्थान पर कथित रूप से उत्कोच (रिश्वत) लेते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर मामले की जांच कराई गई, जिसके उपरांत प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से कराई जाएगी तथा दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता तथा जनविश्वास को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य के प्रति विभाग की नीति शून्य सहिष्णुता की है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात नहीं बरता जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह कार्रवाई जनपद में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:47:24 +0530</pubDate>
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