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                <title>Lakhpati Didi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Lakhpati Didi RSS Feed</description>
                
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                <title>मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता मे जिला अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>  </div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>  ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
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<div>सोमवार को विकास भवन के गंगा सभागार में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में स्वयं सहायता समूहों की प्रगति, बैंक लिंकेज, लखपति महिला योजना एवं शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण की गहन समीक्षा की गई।</div>
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<div>मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की गरीब महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। शासन की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186338/the-meeting-of-the-district-monitoring-and-implementation-committee-was"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/10019420591.jpg" alt=""></a><br /><div> </div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong> ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div> </div>
<div>सोमवार को विकास भवन के गंगा सभागार में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में स्वयं सहायता समूहों की प्रगति, बैंक लिंकेज, लखपति महिला योजना एवं शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण की गहन समीक्षा की गई।</div>
<div> </div>
<div>मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की गरीब महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार समूह से वंचित न रहे।</div>
<div> </div>
<div>मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पात्र गृहस्थी सूची में अवशेष सभी लाभार्थियों के परिवार से एक महिला को अनिवार्य रूप से स्वयं सहायता समूह में जोड़ा जाए। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक, समूह सखी एवं बीएमएम घर-घर जाकर सर्वे करें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>जनपद की कुल प्रगति की समीक्षा के दौरान विकासखंड *सैदाबाद, मांडा, मऊआइमा, श्रृंगवेरपुर एवं उरुवा* की प्रगति सबसे कम पाई गई। इस पर मुख्य विकास अधिकारी  ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारियों को 15 दिन के अंदर प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि अगली बैठक में भी प्रगति खराब मिली तो जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही की जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>लखपति महिला योजनामें कहा कि  प्रधानमंत्री के लखपति दीदी अभियान को जनपद में मिशन मोड में लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं जैसे - बीसी सखी, विद्युत सखी, कृषि सखी, पशु सखी, ड्रोन दीदी, ओडीओपी, डेयरी, मुर्गी पालन, सिलाई-कढ़ाई से समूह की महिलाओं को अनिवार्य रूप से आच्छादित किया जाए, ताकि उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो सके।</div>
<div> </div>
<div>मुख्य विकास अधिकारी  ने लीड जिला प्रबंधक (LDM) एवं सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते खोलने एवं कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। बैंकों में लंबित आवेदनों का निस्तारण 7 दिन के अंदर सुनिश्चित किया जाए। समूह की महिलाओं को बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें।</div>
<div> </div>
<div>बैठक में उपस्थित उपायुक्त स्वतः रोजगार द्वारा सभी विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वह अपने-अपने विभाग में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं अपने विभाग को आवंटित लक्ष्य की सूचना एनआरएलएम कार्यालय में भी उपलब्ध कराएं। जिससे अधिक से अधिक SHG महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें लखपति बनाया जा सके और विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति भी हो सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 20:50:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>&quot;जनकल्याण शिविरों से घर-घर पहुंच रहा विकास का प्रकाश&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">बिहार आज विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। केंद्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में परिवर्तन की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है तथा पात्र लोगों को योजनाओं का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181461/the-light-of-development-reaching-every-home-through-public-welfare"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/bihar-jankalyan-shivir-73-development-projects-phulwarisharif.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">बिहार आज विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। केंद्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में परिवर्तन की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है तथा पात्र लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फुलवारीशरीफ विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 73 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाना इसी जनहितकारी सोच का प्रमाण है। रिमोट के माध्यम से किए गए इन उद्घाटनों और शिलान्यासों ने यह संदेश दिया कि बिहार में विकास की गति निरंतर जारी है और राज्य को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाने का अभियान पूरी मजबूती से आगे बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनकल्याण शिविरों का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। इन शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी योजना तथा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पात्र लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चेक और आवास की चाबियां भी वितरित की गईं। इससे लोगों में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है और योजनाओं के प्रति जागरूकता भी पैदा हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण को विशेष प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लाखों महिलाएं आज "लखपति दीदी" बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को एक करोड़ तक पहुंचाने का है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है बल्कि परिवारों की सामाजिक और आर्थिक प्रगति भी सुनिश्चित हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी बिहार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य के लगभग 94 लाख लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि जिन परिवारों का आधार लिंक या ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें भी जल्द से जल्द इस प्रक्रिया से जोड़कर लाभान्वित किया जाए। जिलाधिकारियों को ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। यह सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रमाण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऊर्जा के क्षेत्र में भी बिहार तेजी से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जिससे अगले 25 वर्षों तक लोगों को सस्ती, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बिजली उपलब्ध हो सके। यह कदम न केवल बिजली की लागत कम करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनकल्याण शिविरों की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लगभग 3.25 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2.75 लाख का निष्पादन भी किया जा चुका है। यह प्रशासनिक दक्षता और सरकार की कार्यशैली का परिचायक है। पहले जहां लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब सरकार स्वयं लोगों के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">फुलवारीशरीफ क्षेत्र के विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। नत्थूपुर सड़क को एम्स गोलंबर से जोड़ने की योजना क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाएगी। नदियावां विद्यालय को प्लस-टू विद्यालय के रूप में विकसित करने की घोषणा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा सभी प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देगी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। नए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। एम्स और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आम नागरिकों को राहत मिल रही है और चिकित्सा सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुलभ हुई हैं।अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आधुनिक तकनीक, बेहतर पुलिसिंग और प्रशासनिक निगरानी के माध्यम से अपराध पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षित वातावरण निवेश, व्यापार और रोजगार के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करता है, जिसका सीधा लाभ राज्य के विकास को मिलता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बुनियादी ढांचे के विकास में बिहार निरंतर आगे बढ़ रहा है। सड़कों, पुलों, फ्लाईओवरों, नई टाउनशिप और मरीन ड्राइव जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था न केवल लोगों की सुविधा बढ़ाती है बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करती है। उद्योग, व्यापार और पर्यटन के विकास में भी इन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी बिहार अपनी गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन की दिशा में किए जा रहे प्रयास बिहार की ऐतिहासिक पहचान को विश्व स्तर पर पुनः स्थापित कर रहे हैं। शिक्षा और ज्ञान की इस परंपरा को आधुनिक स्वरूप देकर नई पीढ़ी को बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज बिहार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, महिला सशक्तीकरण, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। जनकल्याण शिविरों जैसी पहलें इस विकास यात्रा को और अधिक प्रभावी बना रही हैं। सरकार का लक्ष्य केवल विकास करना नहीं, बल्कि विकास के लाभ को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। फुलवारीशरीफ से 73 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास बिहार की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह दर्शाता है कि राज्य में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर उतरकर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। आज का बिहार आत्मविश्वास, विकास और जनभागीदारी के नए अध्याय लिख रहा है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि विकास के अनेक मानकों पर बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह किसी भी राज्य से कम नहीं है। जनकल्याण की यह निरंतर यात्रा आने वाले वर्षों में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की क्षमता रखती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:49:35 +0530</pubDate>
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