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                <title>Education Policy - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Education Policy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को किया बर्बाद: अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, जिससे छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 22 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को विलय (मर्जर) और अन्य कारणों का हवाला देकर बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184399/bjp-government-ruined-the-education-system-akhilesh-yadav"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-22.00.02.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, जिससे छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 22 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को विलय (मर्जर) और अन्य कारणों का हवाला देकर बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के मंदिरों की बदहाली के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा अध्यक्ष ने कहा कि जहां से बच्चों की शिक्षा की शुरुआत होती है, भाजपा सरकार वहीं से व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में छात्रों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। कई विद्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में हैं, कहीं बिजली और पंखों की समस्या है तो कहीं बारिश के दौरान छतों से पानी टपकने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के एजेंडे में शिक्षा और रोजगार कभी प्राथमिकता नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और छात्र-नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र भाजपा की शिक्षा नीतियों से नाराज हैं और आने वाले समय में युवा इसका जवाब देंगे। अखिलेश यादव ने भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने नए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बनाने के बजाय पुराने संस्थानों को कमजोर किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा अध्यक्ष ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इसे तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि विश्वविद्यालयों को नुकसान पहुंचाने वाले कभी समाज के हितैषी नहीं रहे। उन्होंने शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और मजबूती की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 22:04:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ये इस्तीफ़ा नहीं, इंक़लाब है! - अमिताभ </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगभग एक माह से चल रहे छात्रों के धरने के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने खुशी जाहिर की है। अमिताभ बाजपेई ने कहा कि ये इस्तीफा नहीं इंकलाब है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इंद्रदेव की बरसती कृपा के साथ, फूलबाग में गांधी जी की प्रतिमा पर सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने माल्यार्पण किया और मिठाई बाँटकर कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तीन दिनों से पुलिस हमें यहाँ पहुँचने नहीं दे रही थी, लेकिन आज हमने पहुँचकर गांधी जी के दिखाए मार्ग पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184072/this-is-not-resignation-but-revolution-amitabh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002131487.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगभग एक माह से चल रहे छात्रों के धरने के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने खुशी जाहिर की है। अमिताभ बाजपेई ने कहा कि ये इस्तीफा नहीं इंकलाब है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इंद्रदेव की बरसती कृपा के साथ, फूलबाग में गांधी जी की प्रतिमा पर सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने माल्यार्पण किया और मिठाई बाँटकर कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तीन दिनों से पुलिस हमें यहाँ पहुँचने नहीं दे रही थी, लेकिन आज हमने पहुँचकर गांधी जी के दिखाए मार्ग पर युवाओं का खुलकर समर्थन किया। ज्ञातव्य है कि जंतर मंतर पर छात्रों के धरने समर्थन में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई परसों फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना देने के लिए घर से निकल ही रहे थे कि तभी कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने उन्हें हाऊस अरेस्ट कर लिया था। अमिताभ बाजपेई ने उसी समय भागने की कोशिश की लेकिन अंत में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने वहीं घर पर ही 24 घंटे का सत्याग्रह शुरू कर कल 24 घंटे बाद खत्म किया। इस दौरान बहुत से लोग उनके सत्याग्रह से जुड़े रहे। अमिताभ बाजपेई ने अपने इस प्रदर्शन में छात्र जीवन की झलक दिखाई जिसे कानपुर के लोगों द्वारा सराहा गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:44:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मदरसों की ATS जांच पर रोक से इनकार, टीचर्स एसोसिएशन की याचिका खारिज।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div><strong>प्रयागराज। </strong></div>
</blockquote>
</div>
<div>  </div>
<div>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मदरसों की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) द्वारा की जा रही जांच के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए जांच पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें ATS की जांच पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई थी।</div>
<div>  </div>
<div>याचिकाकर्ता का कहना था कि प्रदेश के विभिन्न मदरसों में ATS द्वारा की जा रही जांच से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अदालत से हस्तक्षेप की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182665/big-decision-of-allahabad-high-court-refusal-to-ban-ats"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/ald.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div><strong>प्रयागराज। </strong></div>
</blockquote>
</div>
<div> </div>
<div>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मदरसों की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) द्वारा की जा रही जांच के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए जांच पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें ATS की जांच पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई थी।</div>
<div> </div>
<div>याचिकाकर्ता का कहना था कि प्रदेश के विभिन्न मदरसों में ATS द्वारा की जा रही जांच से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई थी। हालांकि, डिवीजन बेंच ने मामले में अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए याचिका को ही खारिज कर दिया।</div>
<div> </div>
<div>अदालत के इस फैसले के बाद स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में मदरसों को लेकर ATS की ओर से चल रही जांच पर फिलहाल कोई न्यायिक रोक नहीं रहेगी और जांच एजेंसी अपनी कार्रवाई जारी रख सकेगी।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:41:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक तरफ चलती रही LDA की कार्यशाला, दूसरी तरफ सील होते रहे कोचिंग संस्थान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> एक ओर एलडीए द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन जारी रहा, वहीं दूसरी ओर शहर में कोचिंग संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई भी लगातार चलती रही। इस कार्रवाई से छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संचालकों के बीच असमंजस, चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। संचालकों का कहना है की ज्यादातर कोचिंग किराए की प्रॉपर्टी में चल रही हैं और जो एलडीए के मानक हैं उन्हें मकान मालिक पूरी करने की जगह कोचिंग वाली जगह खाली करने को बोलने लगे हैं ऐसे में जाएँ तो जाएँ कहाँ ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कम्पार्टमेंट परीक्षाओं में अब मात्र 15 दिन शेष हैं। ऐसे में अनेक विद्यार्थियों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182257/on-one-side-lda-workshops-continued-to-operate-on-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/10009980541.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> एक ओर एलडीए द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन जारी रहा, वहीं दूसरी ओर शहर में कोचिंग संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई भी लगातार चलती रही। इस कार्रवाई से छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संचालकों के बीच असमंजस, चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। संचालकों का कहना है की ज्यादातर कोचिंग किराए की प्रॉपर्टी में चल रही हैं और जो एलडीए के मानक हैं उन्हें मकान मालिक पूरी करने की जगह कोचिंग वाली जगह खाली करने को बोलने लगे हैं ऐसे में जाएँ तो जाएँ कहाँ ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कम्पार्टमेंट परीक्षाओं में अब मात्र 15 दिन शेष हैं। ऐसे में अनेक विद्यार्थियों का कहना है कि विशेषकर कमजोर छात्र ऑनलाइन माध्यम से गणित, विज्ञान और अन्य जटिल विषयों को प्रभावी ढंग से समझ नहीं पाते। उनका मानना है कि इस समय ऑफलाइन कक्षाओं का बाधित होना उनकी तैयारी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोचिंग संघ का कहना है कि लगातार हो रही कार्रवाई के कारण कई शिक्षक और संस्थान ख़त्म होने की कगार पर हैं उनका दावा है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और कोचिंग संस्थान का करियर पूरी तरह चौपट हो जाएगा । </div>
<div style="text-align:justify;">प्रशासन का पक्ष है कि शहर में संचालित संस्थानों को निर्धारित नियमों और भवन सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है, और कार्रवाई उन्हीं मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है परंतु उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ के अध्यक्ष बादल चोपड़ा का कहना है ऐसे संस्थान जो अत्यंत छोटे हैं और उनके पास आवश्यक उपकरण हैं उन्हें बिना निरीक्षण , नोटिस दिए सील कर देना नियम विरुद्ध है इससे सम्पूर्ण समाज प्रभावित होता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:04:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक: 'भरोसा' कब लीक होना बंद होगा?</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में पेपर लीक की समस्या एक बड़ा रुप ले चुकी है और इस पर राजनीति भी बहुत हो रही है। लेकिन लेकिन अभी तक लीक प्रूफ परीक्षा का हमें ऐहसास नहीं हो पा रहा है। नीट का पेपर जब लीक हुआ तो उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इसी के बाद महाराष्ट्र में टैट का पेपर लीक हो गया और राज्य सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी। </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi">  को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा </span>MAHA TET <span lang="hi" xml:lang="hi">से ठीक </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi">  घंटे पहले पेपर लीक हो गया। नतीजा: </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi">  लाख </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi">  हजार अभ्यर्थियों का</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> ये</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182229/tet-paper-leak-in-maharashtra-trust-when-will-the-leaking"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/education.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में पेपर लीक की समस्या एक बड़ा रुप ले चुकी है और इस पर राजनीति भी बहुत हो रही है। लेकिन लेकिन अभी तक लीक प्रूफ परीक्षा का हमें ऐहसास नहीं हो पा रहा है। नीट का पेपर जब लीक हुआ तो उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इसी के बाद महाराष्ट्र में टैट का पेपर लीक हो गया और राज्य सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी। </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा </span>MAHA TET <span lang="hi" xml:lang="hi">से ठीक </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे पहले पेपर लीक हो गया। नतीजा: </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार अभ्यर्थियों का भविष्य फिर से लटका दिया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> ये कोई पहली बार नहीं है। सवाल वही है: आखिर पेपर लीक से छुटकारा कब मिलेगा</span>? 27<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून की सुबह का </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ऑपरेशन लीक</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">भिवंडी में छापा- </span>27<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को सुबह </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि </span>TET <span lang="hi" xml:lang="hi">का पेपर बेचा जा रहा है। छापेमारी में संदिग्धों के पास से जो प्रश्नपत्र मिले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो असली </span>TET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर से हूबहू मैच कर रहे थे। परीक्षा रद्द-  महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद </span>MSCE <span lang="hi" xml:lang="hi">ने तुरंत </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून की परीक्षा स्थगित कर दी। नई तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गिरफ्तारियां- भिवंडी पुलिस ने कम से कम </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों को हिरासत में लिया है और केस दर्ज कर जांच शुरू की है। ये पहली बार नहीं: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बार-बार लीक</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">की कहानी-  महाराष्ट्र में </span>TET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक अब आदत बन चुका है। </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> कोल्हापुर में  </span>23<span lang="hi" xml:lang="hi"> नवंबर की परीक्षा से पहले </span>18<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोग गिरफ्तार। गिरोह </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये में पेपर बेच रहा था। </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> ठाणे/भिवंडी में </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून की परीक्षा से </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन पहले पेपर लीक। </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए। </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> में कोल्हापुर केस के बाद भी परिषद ने कहा था कि "पेपर छपाई बेहद गोपनीय होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोषागार में </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे निगरानी रहती है"। फिर भी लीक हो गया। कौन फंस रहा है बीच में</span>? 4<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख शिक्षक अभ्यर्थी। इस बार करीब </span>4.28<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख उम्मीदवार परीक्षा देने वाले थे। इसमें </span>2.26<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख वो शिक्षक भी शामिल थे जो पहले से नौकरी कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन </span>TET <span lang="hi" xml:lang="hi">क्वालिफिकेशन के लिए फिर से परीक्षा दे रहे थे। एक अभ्यर्थी का </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल बर्बाद। फीस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तैयारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग सब गया। और सबसे बड़ा नुकसान: स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती फिर लटकेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लीक होता कैसे है</span>? '<span lang="hi" xml:lang="hi">माफिया का मॉडल</span>'- <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच और पुराने केस देखें तो पैटर्न साफ है। व्हाट्सएप चेन- </span>HSC <span lang="hi" xml:lang="hi">बोर्ड पेपर लीक में भी </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">टेक वन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रुप से </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">एक्सीलेंट ट्यूशन क्लासेस</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">होते हुए स्टूडेंट्स तक पेपर पहुंचता था। प्राइवेट कोचिंग का रोल- नागपुर बोर्ड केस में एक प्राइवेट कोचिंग से जुड़े व्यक्ति ने पैसे लेकर पेपर साझा किया था। अंदरूनी सांठगांठ- बिना छपाई वाले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या कोषागार/ट्रांसपोर्ट लेवल पर पेपर निकलना। </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> में भी पेपर परीक्षा से </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> मिनट पहले व्हाट्सएप पर भेजा गया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">                  राजनीति शुरू: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक सरकार</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का आरोप- कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा: "पेपर लीक अब अपवाद नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बीजेपी सरकार की पहचान बन गया है। ठाणे में ही टैट का पेपर लीक... किसका राजनीतिक संरक्षण है</span>?" <span lang="hi" xml:lang="hi">आखिर लीक से छुटकारा कब</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">कड़ी सजा का कानून-  </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">की तरह महाराष्ट्र में भी </span>'Public Examination Act' <span lang="hi" xml:lang="hi">को दांत वाला बनाना। गिरफ्तार लोग </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">महीने में जमानत पर बाहर न आएं। टेक्नोलॉजी से निगरानी- पेपर को ब्लॉकचेन या एन्क्रिप्टेड </span>QR <span lang="hi" xml:lang="hi">कोड से ट्रैक करना। हर हैंडलिंग पर बायोमेट्रिक लॉग। कोचिंग माफिया पर कार्रवाई-  ट्यूशन क्लासेस में छापे और व्हाट्सएप ग्रुप मॉनिटरिंग। पैसे लेकर पेपर बेचने वालों का लाइसेंस रद्द। परिषद की जवाबदेही- हर लीक पर </span>MSCE <span lang="hi" xml:lang="hi">के शीर्ष अधिकारी से स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सिर्फ </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस का मामला</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">कहकर पल्ला झाड़ना बंद। अभ्यर्थियों को मुआवजा-परीक्षा रद्द होने पर फीस वापस + अगली परीक्षा फ्री + ट्रैवल खर्च। ताकि सिस्टम को दर्द हो। </span>NEET, HSC, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब </span>TET... <span lang="hi" xml:lang="hi">हर बार सरकार कहती है "जांच होगी"। पर अभ्यर्थी हर बार नई तारीख का इंतजार करता है। जब तक पेपर लीक करने वाले को नौकरी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जेल और </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल का बैन मिलना तय नहीं होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक </span>4 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगता रहेगा। क्या महाराष्ट्र को हर परीक्षा के लिए </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या </span>MSCE <span lang="hi" xml:lang="hi">खुद को सुधारेगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">अब हर परीक्षा से पहले लीक का डर परीक्षार्थियों को सताने लगा है। और जब वह किसी परीक्षा की तैयारियां करते हैं तो एक सवाल जरूर मन में उठता है कि कहीं परीक्षा लीक न हो जाए। सरकार को इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे। कानून को और सख्त बनाना होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 21:27:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश की शिक्षा प्रणाली एक्सटोर्शन मशीन, बच्चों को दबाती-कुचलती है, इसे बदलना होगा: राहुल गांधी ।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग हब</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में विख्यात कोटा शहर में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों की गूंज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में देश की शिक्षा प्रणाली की प्रासंगकिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हमारे बच्चों को दबाती और कुचलती है जो देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर जोर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली अपने बच्चों को ‘प्रेशराइज’ (दबाव में) करता है। यह उन्हें ‘स्ट्रेस’ (तनाव) देता है। यह बच्चों को दबाता और कुचलता है</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181544/the-countrys-education-system-is-an-extortion-machine-that-oppresses"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas11.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग हब</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में विख्यात कोटा शहर में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों की गूंज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में देश की शिक्षा प्रणाली की प्रासंगकिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हमारे बच्चों को दबाती और कुचलती है जो देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर जोर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली अपने बच्चों को ‘प्रेशराइज’ (दबाव में) करता है। यह उन्हें ‘स्ट्रेस’ (तनाव) देता है। यह बच्चों को दबाता और कुचलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो देश के भविष्य के लिए बिल्कुल सही नहीं है।’’ उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि आगे से किसी भी बच्चे को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मघाती</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">कदम न उठाना पड़े।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि उनकी छात्रों और युवाओं के साथ इस संवाद का मकसद राजनीतिक नहीं है। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं है। इसमें भारत की शिक्षा प्रणाली पर चर्चा होगी कि इसमें क्या कमियां हैं और क्या सुधार करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">यह बैठक आपके बारे में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन युवाओं के बारे में है जो अपना भविष्य बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह शाम आपके बारे में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन चुनौतियों के बारे में जिनका आप हर दिन सामना कर रहे हैं।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहे पांच छात्रों को मंच पर बुलाया और उनसे बात की। उन्होंने एक छात्रा और उसके अभिभावकों से भी मंच पर बात की। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हम अभी आज राजनीतिक बात नहीं कर रहे हैं। मैं हिंदुस्तान के भविष्य की बात कर रहा हूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आपके भविष्य की बात कर रहा हूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश के भविष्य की बात कर रहा हूं। हमें इस (शिक्षा) प्रणाली को बदलना होगा और इस प्रणाली को ठीक करना होगा।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि हम ऐसी शिक्षा प्रणाली चाहते हैं जो हर भारतीय को बड़ा सपना देखने का मौका दे और उसे पूरा करे। सबसे बड़ी बात आपका यह सपना न्यूनतम लागत पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना आपकी जेब से लाखों करोड़ रुपये छीने करना चाहिए। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">देश की शिक्षा प्रणाली हिंदुस्तान के सबसे गरीब मध्यम वर्ग के लोगों से एक परीक्षा के लिए उतना पैसा छीनता है जितना शिक्षा का बजट है और पांच बड़ी परीक्षा के लिए उतना पैसा छीनता है जितने पांच बड़े मंत्रालयों को बजट मिलता है। ये शर्मनाक है। हमें इसे बदलना होगा।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की शिक्षा प्रणाली शोषण (एक्सटोर्शन) मशीन है। ये आपसे पैसे लेने का ‘सिस्टम’ है। ये सिर्फ शिक्षा देने का ‘सिस्टम’ नहीं है। ये परीक्षा के आधार पर आपसे लाखों करोड़ रुपये छीनने का ‘सिस्टम’ है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि यह कार्यक्रम इस आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने युवाओं से इससे जुड़ने और अपने सुझाव देने की अपील की कि हम इस प्रणाली को कैसे बदलें।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181544/the-countrys-education-system-is-an-extortion-machine-that-oppresses</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:05:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी बोर्ड ने 465 स्कूलों की मान्यता रद्द की; लिस्ट में प्रयागराज के 25 विद्यालय शामिल, एडमिशन पर लगी रोक।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:Mangal, serif;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रदेश के </span>465<span lang="hi" xml:lang="hi">  विद्यालयों की मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है. इस बड़ी कार्रवाई की जद में आए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अकेले प्रयागराज जिले के </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi">  विद्यालय शामिल हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परिषद द्वारा कराई गई आंतरिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन डिफाल्टर विद्यालयों से पिछले दो वर्षों में एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुआ था. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने समीक्षा के बाद मान्यता निरस्त किए गए सभी विद्यालयों की</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181538/up-board-canceled-recognition-of-465-schools-25-schools-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas8.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:Mangal, serif;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रदेश के </span>465<span lang="hi" xml:lang="hi"> विद्यालयों की मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है. इस बड़ी कार्रवाई की जद में आए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अकेले प्रयागराज जिले के </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> विद्यालय शामिल हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परिषद द्वारा कराई गई आंतरिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन डिफाल्टर विद्यालयों से पिछले दो वर्षों में एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुआ था. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने समीक्षा के बाद मान्यता निरस्त किए गए सभी विद्यालयों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शर्तों का उल्लंघन करने पर भेजा गया था नोटिस: ये सभी प्रभावित विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय मान्यता प्रदान करने की नियमावली के विशेष प्रावधानों के तहत मान्यता प्राप्त थे. बाद में शासन और बोर्ड द्वारा विभिन्न स्तरों पर की गई आकस्मिक जांच और परीक्षण में पाया गया कि संबंधित विद्यालय निर्धारित अनिवार्य शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे लापरवाह विद्यालयों को बोर्ड द्वारा पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर भी दिया गया था. लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रबंधन से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर अंततः इनकी मान्यता समाप्त करने का कड़ा निर्णय लिया गया.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिषद ने संबंधित सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि इन विद्यालयों में वर्तमान में पठन-पाठन कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा की जाए. छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके लिए उन्हें पास के अन्य सरकारी व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में समायोजित (शिफ्ट) कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज समेत यूपी के </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">जिलों में हुई कार्रवाई: बोर्ड द्वारा जारी की गई इस ब्लैकलिस्टेड सूची में आगरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अलीगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मथुरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेरठ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुरादाबाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बरेली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशांबी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुल्तानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गोरखपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देवरिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आजमगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बलिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जौनपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गाजीपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वाराणसी और मिर्जापुर सहित कुल </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">से अधिक जिलों के विद्यालय मुख्य रूप से शामिल हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:59:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का दिया धरना और दिया ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर गुरुवार को एन.आई.सी.परिसर में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (प्राथमिक संवर्ग), प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष अशोक राय के नेतृत्व में विशाल भीड़ एकत्रित होकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री,केन्द्रीय शिक्षा मंत्री तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री  को सम्बोधित सेवारत शिक्षक शिक्षिकाओं को शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया।  कार्यक्रमों का संचालन जिला महामंत्री जय प्रकाश पाण्डेय ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;">उपस्थित शिक्षक समूह को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अशोक राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 27जुलाई2011और केन्द्रीय सेवाओं में 23 अगस्त 2010 के पूर्व से कार्यरत शिक्षकों, शिक्षिकाओं के लिए भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181511/the-biggest-loss-in-democracy-is-the-breakdown-of-parties"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0119.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर गुरुवार को एन.आई.सी.परिसर में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (प्राथमिक संवर्ग), प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष अशोक राय के नेतृत्व में विशाल भीड़ एकत्रित होकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री,केन्द्रीय शिक्षा मंत्री तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री  को सम्बोधित सेवारत शिक्षक शिक्षिकाओं को शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया।  कार्यक्रमों का संचालन जिला महामंत्री जय प्रकाश पाण्डेय ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;">उपस्थित शिक्षक समूह को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अशोक राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 27जुलाई2011और केन्द्रीय सेवाओं में 23 अगस्त 2010 के पूर्व से कार्यरत शिक्षकों, शिक्षिकाओं के लिए भी उच्चतम न्यायालय, द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य किया जाना सरासर अन्याय है और यह नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है। उन शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता एक जबर्दस्ती थोपी गई व्यवस्था है, जो कतई स्वीकार्य नहीं है।माध्यमिक संवर्ग के अध्यक्ष प्रभात त्रिपाठी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2017 के संसद के जिस संशोधन के आधार पर बेसिक शिक्षकों को बीस-पच्चीस साल तक नौकरी करने के बाद पुनः पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने का निर्णय दिया है , देश में वैसा उदाहरण मिलना असम्भव है। इसमें मानवीय पक्ष को पूरी तरह नकार दिया गया है।माध्यमिक संवर्ग के पूर्व प्रान्तीय कार्यकारी अध्यक्ष अरुण शुक्ल ने कहा कि संसद सर्वोच्च है और  उच्चतम न्यायालय के निर्णय से बड़ी विसंगति पैदा हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">विशाल एकत्रीकरण कार्यक्रम एवं ज्ञापन कार्यक्रम में आज उपस्थित अन्य प्रमुख पदाधिकारियों में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक वैश्य, उपाध्यक्ष डा.राज श्री पाण्डेय,जिला महामंत्री जय प्रकाश पाण्डेय,सह संगठन मंत्री गौरव त्रिपाठी, जिला संयुक्त महामंत्री/सदर ब्लाक अध्यक्ष डा.अजय सिंह, जिला मंत्री/बाबा गंज महामंत्री अरूण द्विवेदी,जिला मंत्री/शिवगढ़ अध्यक्ष सुशील द्विवेदी, क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष ध्रुव शर्मा,ब्लॉक अध्यक्ष गण-सुरेन्द्र पाण्डेय,रामेन्द्र सिंह, देवेन्द्र पति तिवारी,डा.कामेश्वर मणि त्रिपाठी, रमेश सिंह,अखिलेश सिंह, जीतेन्द्र सिंह, विनोद शर्मा,भागवत प्रसाद, महामंत्री गण-धर्मेन्द्र सिंह, राकेश वर्मा,  मनोज मिश्र, बिहार, राजीव कौशल, मनोज मिश्र,कुण्डा,लालजी यादव विद्याशंकर,बालचन्द्र,अनीस हैदर रिजवी, प्राचार्य कृपाशंकर पाण्डेय,इन्द्र देव सिंह, मीना भारती, कुसुम कुमारी, अनुराधा उपाध्याय,मंजू चौरसिया,जय प्रकाश सिंह आदि रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:43:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डांसिंग गर्ल: जिसे ढककर हम खुद को उजागर कर बैठे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इतिहास बदलने के लिए बड़े फैसलों की जरूरत नहीं होती</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी-कभी एक छोटी-सी शेडिंग ही काफी है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सिंधु घाटी सभ्यता की कांस्य प्रतिमा "डांसिंग गर्ल" आज इसी कारण विवाद में है। मोहनजोदड़ो से प्राप्त लगभग </span>4500 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्ष पुरानी (</span>2500-2300 <span lang="hi" xml:lang="hi">ईसा पूर्व) यह प्रतिमा भारतीय पुरातत्व की महत्वपूर्ण धरोहरों में गिनी जाती है। एक हाथ कमर पर रखे आत्मविश्वास से खड़ी यह किशोरी केवल कलाकृति नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस सभ्यता की सहजता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कलाबोध और आत्मविश्वास का प्रमाण है। हाल ही में एनसीईआरटी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की कक्षा </span>9 <span lang="hi" xml:lang="hi">की कला शिक्षा पुस्तक ‘मधुरिमा’ में उसके नग्न धड़</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181457/the-dancing-girl-whom-we-covered-and-exposed-ourselves-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/dancing-girl.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इतिहास बदलने के लिए बड़े फैसलों की जरूरत नहीं होती</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी-कभी एक छोटी-सी शेडिंग ही काफी है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सिंधु घाटी सभ्यता की कांस्य प्रतिमा "डांसिंग गर्ल" आज इसी कारण विवाद में है। मोहनजोदड़ो से प्राप्त लगभग </span>4500 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्ष पुरानी (</span>2500-2300 <span lang="hi" xml:lang="hi">ईसा पूर्व) यह प्रतिमा भारतीय पुरातत्व की महत्वपूर्ण धरोहरों में गिनी जाती है। एक हाथ कमर पर रखे आत्मविश्वास से खड़ी यह किशोरी केवल कलाकृति नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस सभ्यता की सहजता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कलाबोध और आत्मविश्वास का प्रमाण है। हाल ही में एनसीईआरटी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की कक्षा </span>9 <span lang="hi" xml:lang="hi">की कला शिक्षा पुस्तक ‘मधुरिमा’ में उसके नग्न धड़ को शेडिंग से ढक दिया गया। मामूली दिखने वाला यह बदलाव राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया। सवाल प्रतिमा का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उस दृष्टि का है जिससे हम अपने अतीत को देख रहे हैं। क्या हम इतिहास को उसके वास्तविक रूप में स्वीकार कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या उसे अपने समय की नैतिक कसौटियों के अनुरूप बदल रहे हैं</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डांसिंग गर्ल केवल प्रतिमा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक सभ्यता का आत्मविश्वास है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लॉस्ट-वैक्स तकनीक से बनी यह </span>10.5 <span lang="hi" xml:lang="hi">सेंटीमीटर कांस्य मूर्ति दिखाती है कि सिंधु सभ्यता धातु-कला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सौंदर्य-बोध और रचनात्मकता में कितनी विकसित थी। उसकी मुद्रा उस समाज की सहजता का प्रमाण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ शरीर संकोच का विषय नहीं था। दशकों तक यह प्रतिमा एनसीईआरटी की पुस्तकों में बिना बदलाव प्रकाशित होती रही और लाखों विद्यार्थियों ने इसे इतिहास के प्रमाण के रूप में देखा। ऐसे में अचानक इसे "उम्र के अनुकूल" बनाने की जरूरत क्यों महसूस हुई</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या इतिहास को इतिहास की तरह दिखाना अब पर्याप्त नहीं है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यह बदलाव केवल चित्र का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस सोच का है जो अतीत को उसकी वास्तविकता से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वर्तमान की असहजताओं से परिभाषित करती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह बदलाव केवल संपादन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इतिहास की पुनर्रचना जैसा है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इतिहासकार मिशेल डैनिनो ने इसकी कड़ी आलोचना करते हुए इसे "सेंसरशिप" और "फर्जी कलाकृति" का निर्माण बताया। उनका तर्क था कि किसी ऐतिहासिक वस्तु का मूल रूप बदलने पर विद्यार्थी वास्तविक इतिहास नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसका संपादित संस्करण देखते हैं—यह बौद्धिक अन्याय है। उन्होंने इसे प्राचीन भारत पर विक्टोरियन नैतिकता थोपने की कोशिश भी कहा। विडंबना यह है कि जिस सभ्यता ने कला को सहज स्वीकार किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके प्रतीकों पर आज कृत्रिम शालीनता लादी जा रही है। जबकि इतिहास का काम सुविधा के अनुसार बदलना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि असुविधाजनक सच्चाइयों से रूबरू कराना है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह विवाद भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की समझ पर सवाल खड़ा करता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">खजुराहो के मंदिर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोणार्क का सूर्य मंदिर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अजंता-एलोरा की चित्रकला और गुप्तकालीन मूर्तिशिल्प बताते हैं कि भारतीय कला में मानव शरीर सदैव सौंदर्य और अभिव्यक्ति का माध्यम रहा है। यहाँ नग्नता को अश्लीलता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि स्वाभाविकता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शक्ति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सृजन और सौंदर्य का प्रतीक माना गया। कामसूत्र की परंपरा वाली इस सभ्यता में यदि आज अपनी ही कलात्मक विरासत पर असहजता होने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो प्रश्न उठता है—बदल इतिहास रहा है या हमारी दृष्टि</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">डांसिंग गर्ल की नग्नता अश्लीलता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उस युग की सांस्कृतिक सहजता का प्रमाण है। उसे ढकने का प्रयास उस समझ को ढकने जैसा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने उस कला को जन्म दिया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस विवाद की एक और परत भीतर का विरोधाभास खोलती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एनसीईआरटी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की कक्षा </span>6 <span lang="hi" xml:lang="hi">की सामाजिक विज्ञान पुस्तक में यही प्रतिमा अपने मूल रूप में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कक्षा </span>9 <span lang="hi" xml:lang="hi">की कला शिक्षा पुस्तक में उसका संशोधित रूप दिखाया गया है। एक ही संस्था की दो पुस्तकों में एक ही ऐतिहासिक वस्तु के दो अलग-अलग रूप शिक्षा की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाते हैं। क्या हम छात्रों को इतिहास पढ़ा रहे हैं या उसे अपने वर्तमान मानकों के अनुसार ढाल रहे हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यह केवल एक चित्र का मामला नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस प्रवृत्ति का संकेत है जहाँ पाठ्यक्रम संशोधन के नाम पर इतिहास और पुरातत्व पर वैचारिक दबाव दिखने लगता है। जब तथ्य बदलते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो शिक्षा का आधार कमजोर पड़ता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सांस्कृतिक संवेदनशीलता का तर्क नकारा नहीं जा सकता।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ अभिभावक और शिक्षक मानते हैं कि किशोर विद्यार्थियों के सामने नग्नता का प्रदर्शन सावधानी से होना चाहिए। लेकिन सवाल यह है—समाधान समझाना है या छिपाना</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा का दायित्व संदर्भ देना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि तथ्य बदलना। यदि किसी कलाकृति में नग्नता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो छात्रों को बताया जा सकता है कि प्राचीन कला में उसका अर्थ आधुनिक दृष्टि से अलग था—वह शक्ति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सौंदर्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्रता और स्वाभाविकता का प्रतीक भी हो सकती है। हर असहज तथ्य पर शेडिंग चढ़ाते रहेंगे तो अगली पीढ़ी इतिहास नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका सुविधाजनक संस्करण पढ़ेगी। तब पाठ्यपुस्तकें दस्तावेज़ कम और कल्पना अधिक बन जाएँगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा मंत्रालय के स्पष्टीकरण और सार्वजनिक आलोचना के बाद एनसीईआरटी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने मूल छवि बहाल करने का निर्णय लिया।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल संस्करण में तुरंत संशोधन हुआ और भविष्य की मुद्रित प्रतियों में भी मूल प्रतिमा प्रकाशित करने की घोषणा की गई। यह कदम स्वागत योग्य है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सवाल छोड़ता है कि शुरुआत में यह परिवर्तन क्यों किया गया। यह निर्णय दिखाता है कि पाठ्यपुस्तकें अब केवल शैक्षणिक सामग्री नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वैचारिक संघर्ष का भी हिस्सा बन चुकी हैं। यह घटना याद दिलाती है कि संवेदनशीलता और सेंसरशिप की रेखा बहुत पतली है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उसे पार करने पर संस्थाओं पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डांसिंग गर्ल विवाद किसी प्रतिमा का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे आत्मविश्वास का है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय संग्रहालय में रखी यह डांसिंग गर्ल हर वर्ष असंख्य विद्यार्थी और पर्यटक देखते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कोई उसे अश्लीलता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भारतीय सभ्यता की उपलब्धि मानता है। यदि हम अपनी विरासत को उसके वास्तविक रूप में स्वीकार नहीं कर सकते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसके गौरव पर गर्व भी अधूरा है। इतिहास को ढक देने से वह बदलता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल हमारी समझ सीमित होती है। पाठ्यपुस्तकें ज्ञान की खिड़कियाँ हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नैतिकता की दीवारें नहीं। डांसिंग गर्ल को उसकी पूर्ण वास्तविकता के साथ स्वीकार करना ही उस सभ्यता का सच्चा सम्मान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने हजारों वर्ष पहले आत्मविश्वास को कांस्य में ढाल दिया था।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:40:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

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