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                <title>Trinamool congress - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Trinamool congress RSS Feed</description>
                
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                <title>ममता बनर्जी का दावा- भाजपा की ज्यादतियों से जल्द सत्ता में लौटेगी तृणमूल</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong> पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा सरकार की कथित ज्यादतियां आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी का रास्ता साफ करेंगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस बहुत जल्द पश्चिम बंगाल में फिर से सत्ता में आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस समारोह के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए चुनाव आयोग का दुरुपयोग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186692/mamata-banerjees-claim-trinamool-will-soon-return-to-power"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/28_08_2026_15_03_47_mam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong> पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा सरकार की कथित ज्यादतियां आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी का रास्ता साफ करेंगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस बहुत जल्द पश्चिम बंगाल में फिर से सत्ता में आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस समारोह के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए चुनाव आयोग का दुरुपयोग किया और मतदाता सूची से लाखों नाम हटाकर ‘वोट लूटने’ के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने कोलकाता में रेहड़ी-पटरी वालों के बेदखली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार हटाए गए फेरीवालों का पुनर्वास नहीं कर सकती तो उन्हें हर महीने 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>पुलिस पर राजनीतिक दबाव का आरोप</strong></h6>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस तृणमूल कांग्रेस को सभाएं और रैलियां आयोजित करने की अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही जिलों का दौरा कर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करेंगी। यदि पुलिस अनुमति नहीं देती है तो वह जनता की अनुमति से कार्यक्रम करेंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि अब वह राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट से अनुमति नहीं लेंगी और अदालत का समय बर्बाद नहीं करेंगी। ममता ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह मीलों पैदल चलकर भी लोगों के बीच पहुंचेंगी।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>अभिषेक बनर्जी ने बागी गुट पर साधा निशाना</strong></h6>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी संबोधित किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले ‘बागी लेकिन बहुसंख्यक’ गुट और हाल में राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी (एनसीपीआई) में शामिल हुए पूर्व तृणमूल सांसदों को निशाने पर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभिषेक बनर्जी ने इन नेताओं को ‘गद्दार’ बताते हुए कहा कि वह पार्टी की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी से आग्रह करेंगे कि भविष्य में ऐसे लोगों को तृणमूल कांग्रेस में वापस नहीं लिया जाए। उन्होंने मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय से बिलबोर्ड हटाए जाने को लेकर भी भाजपा और राज्य प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 21:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>TMC के बैंक खातों में रखे 440 करोड़ रुपये फ्रीज; बागी विधायकों की शिकायत पर कार्रवाई।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ी बगावत का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में रखे गए क़रीब </span>440<span lang="hi" xml:lang="hi">  करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पार्टी के बागी विधायकों की शिकायत पर हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्होंने इन पैसों के स्रोत की जाँच की मांग की थी। पहले से ही बगावत झेल रहीं ममता बनर्जी को अब इस कार्रवाई से एक और बड़ा झटका लगा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ताज़ घटना से पार्टी में पैसे के लेन देन पर नियंत्रण को लेकर चल रही आंतरिक लड़ाई और भी तेज हो गई है। ऋतब्रत बनर्जी का</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181815/action-on-the-complaint-of-rebel-mlas-to-freeze-rs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas18.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ी बगावत का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में रखे गए क़रीब </span>440<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पार्टी के बागी विधायकों की शिकायत पर हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्होंने इन पैसों के स्रोत की जाँच की मांग की थी। पहले से ही बगावत झेल रहीं ममता बनर्जी को अब इस कार्रवाई से एक और बड़ा झटका लगा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ताज़ घटना से पार्टी में पैसे के लेन देन पर नियंत्रण को लेकर चल रही आंतरिक लड़ाई और भी तेज हो गई है। ऋतब्रत बनर्जी का गुट अब पार्टी के लेन देन में गड़बड़ी का आरोप लगा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्राइवेट सेक्टर के एक बैंक में रखे गए इन तीन खातों पर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">डेबिट फ्रीज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">लगा दिया गया है। इसका मतलब है कि इन खातों से पैसे निकाले या बाहर ट्रांसफर नहीं किए जा सकते हैं। हालााँकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन खातों में पैसे जमा किए जा सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह कार्रवाई हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी में चल रही टूट-फूट के बीच हुई है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में क़रीब </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> विधायकों ने बगवात की है। अब पार्टी के संगठन और पैसे पर नियंत्रण की कोशिश चल रही है। ऋतब्रत बनर्जी गुट के </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> विधायकों ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें एफआईआर दर्ज करने तथा पूरी जांच कराने की मांग की गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायत में इन बागी विधायकों ने पूछा है कि इन खातों में जमा इतना बड़ा पैसा कहाँ से आया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने जाँच एजेंसियों से यह पता लगाने को कहा है कि क्या यह पैसा वैध स्रोतों से आया या कट-मनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">घोटालों आदि गैरकानूनी गतिविधियों से जमा किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बागियों की शिकायत की कॉपी में कहा गया है कि विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि गैरकानूनी गतिविधियों से पैसा जमा किया गया हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें प्रभाव का दुरुपयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेईमानी से वित्तीय लेन-देन और अवैध वसूली शामिल है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाग़ी विधायकों की शिकायत से कुछ दिन पहले ही वरिष्ठ टीएमसी नेता अरूप विश्वास ने बैंक को चिट्ठी लिखकर खातों की सुरक्षा और ट्रांजेक्शन रोकने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी के </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये से ज़्यादा के जमा को तब तक किसी को ऑपरेट नहीं करने देना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब तक पार्टी में नेतृत्व विवाद सुलझ न जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">बिस्वास ने खातों के मैनेजमेंट और कंट्रोल को लेकर चिंता जताते हुए उन्हें फ्रीज़ करने की मांग की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं बागी विधायकों ने अब फंड के सोर्स की आपराधिक जांच की मांग की है। खास बात यह है कि ये शिकायतें उसी साइबर क्राइम थाने में की गई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पहले अरूप विश्वास के ख़िलाफ़ लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे वाले विवाद में केस चल रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 19:20:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सत्ता जाते ही ममता के अपने ही बागी हो गए! </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपने एक पुरानी कहावत तो जरूर सुनी होगी कंगाली में आटा गीला। यह ममता बनर्जी के साथ बिल्कुल खरी साबित हो रही है एक ओर वह सत्ता से बाहर हो गयीं हैं दूसरे ओर उनके अपने ही उनके खिलाफ मुखर हो गएं हैं। आपको बता दें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक और कानूनी परेशानियां मई 2026 में हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद से लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी के भीतर बड़ी बगावत और कानूनी मुकदमों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ममता बनर्जी की बढ़ती परेशानियों की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180755/as-soon-as-she-lost-power-mamatas-own-people-became"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/6a1fc76a46895-mamata-banerjee-031916703-16x9.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपने एक पुरानी कहावत तो जरूर सुनी होगी कंगाली में आटा गीला। यह ममता बनर्जी के साथ बिल्कुल खरी साबित हो रही है एक ओर वह सत्ता से बाहर हो गयीं हैं दूसरे ओर उनके अपने ही उनके खिलाफ मुखर हो गएं हैं। आपको बता दें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक और कानूनी परेशानियां मई 2026 में हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद से लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी के भीतर बड़ी बगावत और कानूनी मुकदमों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ममता बनर्जी की बढ़ती परेशानियों की वजह ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस  अपने 28 साल के इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक संकट से जूझ रही है। पार्टी के 58 विधायकों ने बागी रुख अपनाते हुए निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष  चुन लिया है, जिसे विधानसभा स्पीकर ने मंजूरी भी दे दी है। इसके साथ ही, लगभग 20 से अधिक टीएमसी सांसदों के भी भाजपा  के संपर्क में होने की खबरें सामने आ रही हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पार्टी पर पकड़ ढीली होने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि संकट के बीच ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई हाई-लेवल बैठक में 80 में से केवल 8 विधायक और 41 में से सिर्फ 6 सांसद ही शामिल हुए। ज्यादातर निर्वाचित प्रतिनिधियों ने इस बैठक से दूरी बना ली, जो उनके नेतृत्व को एक सीधा चैलेंज माना जा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनीतिक मोर्चे के साथ-साथ ममता बनर्जी अब कानूनी पचड़े में भी फंस गई हैं। चुनाव के दौरान दिए गए उनके बयानों और "बांग्लादेश में हुई राजनीतिक हत्या के मामले को केंद्र सरकार से जोड़ने" को लेकर उनके खिलाफ सिलीगुड़ी और कोलकाता में राजद्रोह  और हेट स्पीच की शिकायतें व पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने इसे देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सत्ता हाथ से जाने के बाद जमीनी स्तर पर भी भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण भगदड़ मची हुई है। उनके बेहद करीबी माने जाने वाले कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम और बिधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा राज्यभर में 100 से ज्यादा टीएमसी पार्षदों और स्थानीय नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ममता बनर्जी को अपने ही गढ़ भवानीपुर सीट से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के हाथों 15,105 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। राज्य में 15 साल पुराने टीएमसी शासन का अंत हो गया है और सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की नई सरकार का गठन हो चुका है।  ममता बनर्जी इन सभी विपरीत हालातों के खिलाफ सड़कों से लेकर हाइकोर्ट तक कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको पता है कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के परिणाम एक माह पूर्व 4 मई को सामने आए थे। इनमें ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को निराशा का मुंह देखना पड़ा था। 294 सीटों वाली इस विधानसभा में उसे 80 सीटें ही मिली थीं। इस तरह 15 वर्ष तक प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं ममता का शासन खत्म हो गया था। ममता ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लम्बी अवधि तक वह इसके साथ जुड़ी रहीं, परन्तु 28 वर्ष पूर्व 1998 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस (टी.एम.सी.) का गठन किया था और कम्युनिस्ट पार्टियों के तीन दशकों से भी अधिक प्रदेश में चले आ रहे लम्बे शासन को खत्म करने के लिए बड़ी दिलेरी और दृढ़ता से उसका मुकाबला किया था। इस समय लोकसभा में इनके 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं, परन्तु विगत लम्बी अवधि से इस पार्टी के भीतर ममता की तानाशाही और टकराव वाली नीतियों के कारण असंतोष और असहमति चल रही थी, परन्तु उनकी प्रशासन पर सख्त पकड़ और कठोर फैसलों से यह बग़ावत अंदर-अंदर ही सुलगती रही थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ममता ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को अपने साथ राजनीति में लाकर उसे अधिक शक्तियां दे दी थीं। बनर्जी के काम करने के ढंग-तरीके से भी पार्टी गलियारों में असंतोष था, जिसके संबंध में ममता को लगातार उनकी पार्टी के नेताओं द्वारा अवगत करवाया जाता रहा था परन्तु ममता ने इस बात की ओर ध्यान नहीं दिया। अपनी ताकत के दम पर उन्होंने बड़ी राष्ट्रीय नेता होने का भ्रम भी पाल लिया था, जिस कारण राष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों ही पार्टियों द्वारा बनाए गए 'इंडिया गठबंधन' की वह सदस्य ज़रूर बनी रही थीं, परन्तु इसमें शामिल अलग-अलग पार्टियों के सभी नेताओं से ऊंचा कद होने का भ्रम उन्होंने पाल रखा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपनी किसी भी सहयोगी पार्टी के साथ गठबंधन करने से इन्कार कर दिया था। उनके शासन के समय प्रदेश की आर्थिकता भी बेहद कमज़ोर हो गई थी और यह पूरी तरह कर्ज में डूब चुका था। केन्द्र के साथ लगातार टकराव रहने के कारण और उद्योग को समर्थन न मिलने के कारण प्रदेश की आर्थिकता डावांडोल हो गई थी। इसके साथ ही बेरोज़गारी की दर भी बढ़ चुकी थी, परन्तु पिछला पूरा समय केन्द्र और अन्य पार्टियों के साथ टकराव बने रहने के कारण भी उनकी प्रशासनिक तौर पर पकड़ ढीली पड़ चुकी थी। ऐसी स्थिति लोगों के भीतर निराशा में बदलती गई। लगातार सरकार विरोधी भावनाओं के बढ़ने का अनुमान लगाने में वह असमर्थ रहीं और न ही वह दीवार पर लिखे को पढ़ सकीं, जिस कारण उन्हें चुनाव में निराशा का मुंह देखना पड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हार के बाद भी उन्होंने खुले मन से आत्म-मंथन करने की बजाए अपनी पार्टी के भीतर असंतोष को अनदेखा किए रखा जो अंत में उनके लिए हानिकारक सिद्ध हुई। आंतरिक यह चिंगारी उस समय लपटें बन गई, जब उन्होंने ज्यादातर पार्टी नेताओं को अनदेखा करके अभिषेक बनर्जी के कहने पर विधानसभा में विपक्ष के नेता के लिए सैमन देव का नाम स्पीकर को भेज दिया, परन्तु ज्यादातर विधायक इस पद के लिए रिताव्रता बनर्जी के पक्ष में थे, परन्तु ममता ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया और इस पद के लिए स्पीकर को विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र भेज दिया, जिस कारण ज्यादातर नेताओं ने बग़ावत का मार्ग अपना लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले को लेकर ही बुधवार को पार्टी के 80 विधायकों में से 59 विधायकों ने विधानसभा के स्पीकर से सम्पर्क किया। अपने हस्ताक्षरों वाला पत्र उन्हें सौंपा और अपने गुट को असली तृणमूल कांग्रेस बताया। पार्टी के 28 वर्ष के के इतिहास में ममता पर पहली बार इतना बड़ा हमला हुआ है। इसकी उदाहरण महाराष्ट्र से मिलती है, जब 20 जून, 2022 को वहां शिव सेना के 55 में से 40 विधायकों ने एकनाथ शिंदे का उस समय साथ दिया था, जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे। उसके सप्ताह भर बाद ही शिंदे वहां भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बन गए थे। अब दो तिहाई सदस्यों के एकजुट होने से विधानसभा में ममता के समर्थक सदस्य 2 दर्जन से भी कम रह गए हैं, जिससे उनकी राजनीतिक हालत और भी दयनीय हो गई प्रतीत होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरी तरफ भाजपा को बड़ी जीत प्राप्त होने के कारण उसके नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस के बागियों के साथ कोई भी समझौता करने से इंकार कर दिया है। रिताव्रता बनर्जी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वामपंथी विद्यार्थी संगठन से की थी। 34 वर्ष की उम्र में वह राज्यसभा के सदस्य बन गए थे और बाद में वह टी.एम.सी. में शामिल हो गए थे। ममता ने ही उन्हें वर्ष 2024 में राज्यसभा में भेजा था। विधानसभा चुनाव में वह उलबेरिया सीट से विधायक चुने गए हैं। चाहे ममता ने इस बड़ी चुनौती के समक्ष भी अपना हौसला कायम रखते हुए इन बागियों और भाजपा को ललकारा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही उन्होंने भाजपा विरोधी पार्टियों से सम्पर्क करने की बात भी की है, परन्तु अब यह देखना शेष होगा, कि वह निकट भविष्य में प्रदेश और देश की राजनीति में किस तरह विचरण करेंगी।स्पष्ट है कि आज की राजनीति में साम दाम दंड भेद सब का चलन बढ़ गया है सत्ता में सबको समेट रखने की ताकत है लेकिन सत्ता से बाहर होते ही अपने सगे साथियों की हकीकत सामने आ जाती है कि उनके दिल में कितना खार छुपाए बैठे थे यह बदलते दौर की राजनीति की नंगी तस्वीर है इस को स्वीकार करना ही होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 18:53:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी के बाद TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला, सिर पर लगी चोट</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोका। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद पर कथित रूप से हमला हुआ है। सांसद कल्याण बनर्जी चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट की।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180387/tmc-mp-kalyan-banerjee-attacked-after-west-bengal-abhishek-banerjee"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/attack-on-kalyan-banerjee-1780211370965.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोका। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद पर कथित रूप से हमला हुआ है। सांसद कल्याण बनर्जी चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोकते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए। तस्वीरों में नजर आया कि कल्याण बनर्जी भीड़ का सामना कर रहे थे। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। इस दौरान सुरक्षाबलों को स्थिति को संभालने का प्रयास करते हुए भी देखा गया। वहीं, टीएमसी समर्थकों ने कल्याण बनर्जी को संभाला और उन्हें भीड़ से दूर ले जाने का प्रयास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं अकेला आ रहा था। मेरे साथ कोई नहीं था। बीजेपी सदस्यों ने गाली-गलौज की और मेरे सिर पर बॉल से मारा। मेरे सिर से खून बह रहा है।" उन्होंने कहा, "अब लोग तय करेंगे कि यह सही है या गलत कि सांसदों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले, शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। वे चुनाव के बाद शनिवार को हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने सोनारपुर गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनके काफिले पर अंडे व ईंट के टुकड़े फेंके और नारे लगाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, "फिलहाल इलाज घर पर ही किया जाएगा। जितनी जरूरत होगी, सलाइन और ऑक्सीजन घर पर ही दी जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो अभिषेक को इलाज के लिए हैदराबाद ले जाया जाएगा।"पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि हमले के बाद अभिषेक बनर्जी के सीने में ब्लड क्लॉट जम गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उस समय अभिषेक के सिर पर हेलमेट नहीं होता, तो घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 19:06:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम से बंगाल तक मोदी का आक्रामक संदेश घुसपैठ, विकास और सुशासन पर सियासी प्रहार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम और पश्चिम बंगाल के अपने हालिया कार्यक्रमों के दौरान कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए घुसपैठ, भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों को केंद्र में रखा। गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कांग्रेस की दशकों पुरानी गलतियों को सुधारने का काम कर रहे हैं। उनका आरोप था कि कांग्रेस ने असम के साथ हमेशा असम विरोधी रवैया अपनाया और वोटबैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को खुली छूट दी, जिसके चलते राज्य की डेमोग्राफी में बड़ा बदलाव आया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बदलाव ने न</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163954/modis-aggressive-message-from-assam-to-bengal-political-attack-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/004.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम और पश्चिम बंगाल के अपने हालिया कार्यक्रमों के दौरान कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए घुसपैठ, भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों को केंद्र में रखा। गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कांग्रेस की दशकों पुरानी गलतियों को सुधारने का काम कर रहे हैं। उनका आरोप था कि कांग्रेस ने असम के साथ हमेशा असम विरोधी रवैया अपनाया और वोटबैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को खुली छूट दी, जिसके चलते राज्य की डेमोग्राफी में बड़ा बदलाव आया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बदलाव ने न सिर्फ असम की सांस्कृतिक पहचान को खतरे में डाला है, बल्कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा भी दांव पर लग गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोदी ने अपने भाषण में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर असम के संसाधनों का उपयोग करते हुए अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इसे डबल इंजन सरकार का उदाहरण बताया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के तालमेल से असम में विकास की एक नई धारा बह रही है। उनका दावा था कि आज असम में बिना पर्ची और बिना खर्ची के युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं, जो पहले की सरकारों में केवल एक सपना था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुवाहाटी में प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई। गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक इमारत नहीं, बल्कि असम की बढ़ती आर्थिक क्षमता और कनेक्टिविटी का प्रतीक है। मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से कटे रहने का शिकार रहा, लेकिन अब असम भारत के एक महत्वपूर्ण गेटवे के रूप में उभर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर हवाई, सड़क और रेल कनेक्टिविटी से न सिर्फ व्यापार बढ़ेगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि उसके एजेंडे में असम का विकास कभी प्राथमिकता में नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक असम को कमजोर बनाए रखने की राजनीति की, ताकि उसकी सीमाओं की समस्याएं और सामाजिक तनाव बने रहें। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार असम को कमजोर नहीं, बल्कि सशक्त बनाना चाहती है, ताकि राज्य न सिर्फ अपनी पहचान बचा सके, बल्कि देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम के बाद प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल पहुंचे। कोलकाता पहुंचने के बाद उन्होंने रानाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम को फोन के जरिए वर्चुअली संबोधित किया। अपने संबोधन में मोदी ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि पश्चिम बंगाल में विकास के लिए पैसों की कमी है। उनके अनुसार केंद्र सरकार ने राज्य को विकास के लिए पर्याप्त संसाधन दिए हैं, लेकिन समस्या यह है कि राज्य सरकार काम करना ही नहीं चाहती, क्योंकि वह कट और कमीशन की राजनीति में उलझी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस घुसपैठियों को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। उन्होंने कहा कि इस वजह से पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां भाजपा की सरकार है, वहां विकास की रफ्तार तेज है, जबकि पश्चिम बंगाल विकास के मामले में त्रिपुरा से भी पिछड़ता जा रहा है। उनका कहना था कि यह फर्क सिर्फ नीतियों और नीयत का है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने बंगाल के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे भाजपा को एक मौका दें। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से परेशान हो चुके हैं और अब बदलाव चाहते हैं। मोदी ने कहा कि भाजपा का मॉडल विकास, पारदर्शिता और सुशासन पर आधारित है, जिसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं बिना किसी भेदभाव के सीधे जनता तक पहुंच रही हैं, लेकिन राज्य सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण उनका पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने पूरे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का भाषण राष्ट्रवाद, सुरक्षा और विकास के मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमता रहा। उन्होंने असम में बदलती डेमोग्राफी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि जब किसी राज्य की पहचान और जनसंख्या संरचना पर संकट आता है, तो उसका असर पूरे देश पर पड़ता है। मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी और घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार शहीदों के परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और देश की सीमाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक स्थिरता के बिना विकास संभव नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री के इन बयानों को आगामी चुनावों के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है। असम और पश्चिम बंगाल दोनों ही राज्यों में घुसपैठ, पहचान और विकास जैसे मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहे हैं। मोदी ने इन मुद्दों को एक साथ जोड़ते हुए विपक्ष पर सीधा हमला किया और खुद को सुधारक और विकास के वाहक के रूप में प्रस्तुत किया। उनके भाषणों से यह संदेश साफ था कि भाजपा आने वाले समय में इन राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंकने वाली है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुल मिलाकर, असम से बंगाल तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक सशक्त राजनीतिक संदेश भी था। उन्होंने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए खुद को घुसपैठ के खिलाफ सख्त, विकास के प्रति प्रतिबद्ध और सुशासन का पक्षधर नेता के रूप में पेश किया। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि मोदी के इन आक्रामक बयानों और विकास के दावों का असर जमीनी राजनीति और मतदाताओं के फैसले पर किस तरह पड़ता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 17:48:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> विधायक को TMC ने लगाई फटकार प्रदर्शनकारी डॉक्टर्स को कसाई बताने वाले बयान पर , चेतावनी जारी कर दी  हिदायत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पार्टी ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को 'कसाई' कहने वाले मैत्रा से ऐसे बयान देने से परहेज करने को कहा है। इससे पहले भाजपा ने एक्स पर लवली मैत्रा का एक वीडियो साझा किया था, जहां उन्हें कोलकाता बलात्कार-हत्या मामले पर विरोध कर रहे डॉक्टरों को कसाई कहते हुए सुना जा सकता था।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कोलकाता में एक मेडिकल कॉलेज के अंदर एक महिला चिकित्सक के साथ कथित बलात्कार और हत्या का विरोध करने वाले जूनियर डॉक्टरों की तुलना कसाईयों से करने वाली कथित टिप्पणी के लिए तृणमूल कांग्रेस नेता लवली मैत्रा पर हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144446/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/mla_large_1541_19.webp" alt=""></a><br /><p>पार्टी ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को 'कसाई' कहने वाले मैत्रा से ऐसे बयान देने से परहेज करने को कहा है। इससे पहले भाजपा ने एक्स पर लवली मैत्रा का एक वीडियो साझा किया था, जहां उन्हें कोलकाता बलात्कार-हत्या मामले पर विरोध कर रहे डॉक्टरों को कसाई कहते हुए सुना जा सकता था।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कोलकाता में एक मेडिकल कॉलेज के अंदर एक महिला चिकित्सक के साथ कथित बलात्कार और हत्या का विरोध करने वाले जूनियर डॉक्टरों की तुलना कसाईयों से करने वाली कथित टिप्पणी के लिए तृणमूल कांग्रेस नेता लवली मैत्रा पर हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपने सोशल मीडिया पर लवली मैत्रा के भाषण का एक वीडियो पोस्ट किया और उनकी टिप्पणियों की निंदा की। उन्होंने पूछा कि क्या बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नेता को बर्खास्त करेगी या आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की तरह कथित तौर पर उनका बचाव करेगी।</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मंगलवार को पार्टी की सोनारपुर दक्षिण विधायक अरुंधति मैत्रा उर्फ ​​लवली मैत्रा को कोलकाता के आरजी कर कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के बलात्कार और हत्या पर विरोध कर रहे डॉक्टरों पर उनकी टिप्पणी के लिए चेतावनी दी। पार्टी ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को 'कसाई' कहने वाले मैत्रा से ऐसे बयान देने से परहेज करने को कहा है। इससे पहले भाजपा ने एक्स पर लवली मैत्रा का एक वीडियो साझा किया था, जहां उन्हें कोलकाता बलात्कार-हत्या मामले पर विरोध कर रहे डॉक्टरों को कसाई कहते हुए सुना जा सकता था।</p>
<p>पूनावाला ने कहा कि टीएमसी विधायक लवली मैत्रा ने प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों की तुलना कसाइयों से की। वह कोलकाता पुलिस के एक आईपीएस की पत्नी भी हैं जो डॉक्टरों को नोटिस और समन जारी करते रहे हैं। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से इतनी नफरत क्यों? सिर्फ इसलिए कि वे ममता सरकार और उनके पुलिस बल को जवाबदेह ठहरा रहे हैं? टीएमसी नेता ने हाल ही में एक पार्टी कार्यक्रम में बोलते हुए कथित तौर पर ये टिप्पणी की। डॉक्टर विरोध प्रदर्शन के नाम पर कसाई बन रहे हैं। गरीब और वंचित लोग जो बंगाल के अंदरूनी हिस्सों, ग्रामीण इलाकों से सरकारी अस्पतालों में इलाज की तलाश में आते हैं। जो लोग निजी अस्पतालों में इलाज नहीं करा सकते, उन्हें परेशानी हो रही है। उनका इलाज नहीं किया जा रहा है। क्या वे (डॉक्टर) इंसान हैं? क्या यह मानवीय है? </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 17:01:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>चुनाव कैंपेन के दौरान 10 जुलाई तक, ED नहीं भेजेगी समन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Politics:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद (सांसद) अभिषेक बनर्जी के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया, जिसमें अप्रैल और जून के बीच होने वाले आम चुनावों के पूरा होने तक मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उन्हें बुलाने से रोकने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ 10 जुलाई को दिल्ली में पूछताछ के लिए ईडी के समन को चुनौती देने वाली बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करेगी।</p>
<p>याचिकाकर्ता के वकील का कहना है कि याचिकाकर्ता एक सांसद है और वह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139640/ed-will-not-send-summons-till-july-10-during-election"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/abhishek-banerjee_large_1423_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Politics:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद (सांसद) अभिषेक बनर्जी के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया, जिसमें अप्रैल और जून के बीच होने वाले आम चुनावों के पूरा होने तक मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उन्हें बुलाने से रोकने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ 10 जुलाई को दिल्ली में पूछताछ के लिए ईडी के समन को चुनौती देने वाली बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करेगी।</p>
<p>याचिकाकर्ता के वकील का कहना है कि याचिकाकर्ता एक सांसद है और वह आम चुनाव लड़ रहा है, जिसके मद्देनजर मामले को जुलाई तक के लिए टाल दिया जाए। अदालत ने कहा कि इस मामले को 10 जुलाई को सूचीबद्ध करें।</p>
<p>अदालत ने बनर्जी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की दलीलों पर गौर किया कि सांसद को सितंबर 2021 से तलब नहीं किया गया है और संघीय एजेंसी को आगामी लोकसभा चुनाव पूरा होने तक उन्हें नहीं बुलाने के लिए कहा जाना चाहिए। सिब्बल ने कहा कि वह एक मौजूदा सांसद हैं और 1 जून को होने वाले डायमंड हार्बर से फिर से चुनाव लड़ेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ईडी को चुनाव के बीच उन्हें समन न करने के लिए कहा जाना चाहिए। पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर-जनरल एसवी राजू द्वारा प्रतिनिधित्व की गई एजेंसी से पूछा कि क्या वह अनुरोध स्वीकार करने को तैयार है। इसमें राजू से कहा गया कि अगर आपने उन्हें इतने लंबे समय तक नहीं बुलाया है, तो उन्हें कुछ महीनों तक और न बुलाया जाए। वह भी चुनाव लड़ रहे हैं। </p>
<p>राजू ने पहले कहा कि वह सक्षम अधिकारी से निर्देश प्राप्त करेगा। बाद में उन्होंने कहा कि ईडी सुनवाई की अगली तारीख तक बनर्जी को तलब नहीं करेगी. राजू ने कहा कि ईडी सांसद की पत्नी रुजिरा को भी यही रियायत नहीं देगी, जिन्होंने भी समन के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Mar 2024 15:59:23 +0530</pubDate>
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                <title>तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने ED को किया चैलेंज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तृणमूल कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी विवादों के घेरे में हैं. स्कूल भर्ती घोटाले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें तलब किया है. इस मामले में पूछताछ के लिए बनर्जी को तीन अक्टूबर को पेश होने के आदेश भी दिए हैं. लेकिन, ईडी द्वारा तलब किए जाने के एक दिन बाद ही उन्होंने कहा है कि वह तीन अक्टूबर को नई दिल्ली में पार्टी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे.</p>
<p>प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें कोलकाता स्थिति अपने ऑफिस में पेश होने के आदेश दिए हैं. तृणमूल कांग्रेस के नेता ने किसी का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135284/trinamool-congress-leader-abhishek-banerjee-challenges-ed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/abhishek-banerjee-ed-1.webp" alt=""></a><br /><p>तृणमूल कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी विवादों के घेरे में हैं. स्कूल भर्ती घोटाले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें तलब किया है. इस मामले में पूछताछ के लिए बनर्जी को तीन अक्टूबर को पेश होने के आदेश भी दिए हैं. लेकिन, ईडी द्वारा तलब किए जाने के एक दिन बाद ही उन्होंने कहा है कि वह तीन अक्टूबर को नई दिल्ली में पार्टी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे.</p>
<p>प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें कोलकाता स्थिति अपने ऑफिस में पेश होने के आदेश दिए हैं. तृणमूल कांग्रेस के नेता ने किसी का नाम लिए बिना प्रवर्तन निदेशालय को चुनौती दी और कहा कि यदि वे उन्हें रोक सकते हैं, तो रोक कर दिखाएं. बनर्जी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर यह जानकारी दी है.</p>
<p>उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल को उसके अधिकारों से वंचित रखने के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी. दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें और पश्चिम बंगाल के लोगों को उनका मौलिक अधिकार से दूर नहीं कर सकती है. उन्होंने आगे लिखा, “मैं दो और तीन अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाऊंगा. यदि मुझे रोक सकते हो, तो रोक लो.</p>
<p>नई दिल्ली में आयोजित होने वाली तृणमूल कांग्रेस की रैली पर पार्टी की तरफ से प्रतिक्रिया भी आई है. उन्होंने कहा कि निर्धारित रैली को बाधित करने की भारतीय जनता पार्टी ने यह चाल चली है. बता दें कि बनर्जी, पार्टी पार्टी के अन्य सांसदों और विधायकों के साथ दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर,राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.</p>
<p>वहीं, गांधी जयंती के अगले दिन तृणमूल पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह से भी मुलाकात करेगा. बताया जा रहा है कि गिरिराज सिंह के समक्ष पार्टी रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) कार्यक्रम के तहत बकाया राशि जारी न करने का मुद्दा उठा सकती है.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Sep 2023 17:31:29 +0530</pubDate>
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