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                <title>Hindu Rituals - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Hindu Rituals RSS Feed</description>
                
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                <title>सावन के अंतिम सोमवार को जगह जगह हुआ रुद्राभिषेक</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
<div>  </div>
<div>रुद्राभिषेक सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना का सबसे प्रभावी और कल्याणकारी अनुष्ठान है। जिसमें शिवलिंग पर मंत्रोच्चार के साथ पवित्र द्रव्यों की धारा अर्पित की जाती है। उसका बाजार कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र में तमाम श्रद्धालुओं ने मंदिर में एवं अपने घर में रुद्राभिषेक किया।</div>
<div>  </div>
<div>श्री पयोहारी आश्रम उसका राजा के पुजारी पंडित रमाकांत शुक्ला ने  बताया कि शास्त्रों के अनुसार, 'रुद्र' स्वयं भगवान शिव का उग्र रूप हैं और 'अभिषेक' का अर्थ है स्नान कराना, अर्थात रुद्राभिषेक का सीधा अर्थ है भगवान रुद्र का पावन अभिषेक करना। यह अनुष्ठान मुख्य रूप से ऋग्वेद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186310/rudrabhishek-took-place-at-various-places-on-the-last-monday"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1787582380125.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
<div> </div>
<div>रुद्राभिषेक सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना का सबसे प्रभावी और कल्याणकारी अनुष्ठान है। जिसमें शिवलिंग पर मंत्रोच्चार के साथ पवित्र द्रव्यों की धारा अर्पित की जाती है। उसका बाजार कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र में तमाम श्रद्धालुओं ने मंदिर में एवं अपने घर में रुद्राभिषेक किया।</div>
<div> </div>
<div>श्री पयोहारी आश्रम उसका राजा के पुजारी पंडित रमाकांत शुक्ला ने  बताया कि शास्त्रों के अनुसार, 'रुद्र' स्वयं भगवान शिव का उग्र रूप हैं और 'अभिषेक' का अर्थ है स्नान कराना, अर्थात रुद्राभिषेक का सीधा अर्थ है भगवान रुद्र का पावन अभिषेक करना। यह अनुष्ठान मुख्य रूप से ऋग्वेद और यजुर्वेद के श्री रुद्रम मंत्रों के पाठ के साथ संपन्न किया जाता है। वैदिक नियमों के अनुसार, अनुष्ठान को निर्विघ्न पूरा करने के लिए सबसे पहले भगवान गणेश और माता गौरी का पूजन होता है।</div>
<div> </div>
<div>यजमान अपने नाम, गोत्र और विशिष्ट मनोकामना का उच्चारण कर हाथ में जल लेकर संकल्प करता है।सुख-समृद्धि और ग्रहों की शांति के लिए पवित्र कलश की स्थापना कर नौ ग्रहों का आह्वान किया जाता है।शिवलिंग पर निरंतर शिव मंत्रों जैसे महामृत्युंजय मंत्र या 'ॐ नमः शिवाय के साथ विभिन्न द्रव्यों की धार चढ़ाई जाती है। कस्बा में नगर पंचायत की चेयरमैन मंजू जायसवाल पत्नी हेमंत कुमार जायसवाल ने भी अपने घर परिवार में रुद्राभिषेक किया।</div>
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<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 20:14:19 +0530</pubDate>
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                <title>भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का  शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div><div><div><div><div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> नगर पंचायत बिस्कोहर के वार्ड नंबर 15 विश्वनाथ नगर टोला डेंगहर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा  का शुभारम्भ दिन मंगलवार को भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।  बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने  गाजे बाजे के साथ  बिस्कोहर बस स्टाप से होते हुए  बूढ़ी राप्ती नदी घाट पर  जल भरने के लिए पहुंची। अयोध्या धाम से पधारे यज्ञाचार्य बनवारी लाल त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोचारण के द्वारा मुख्य यजमान शीला देवी पत्नी स्व हरीराम त्रिपाठी को विधि विधान के अनुसार पवित्र जल भराया । इसके बाद कलश यात्रा पुनः</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181377/inauguration-of-shrimad-bhagwat-katha-with-grand-kalash-yatra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781620488598.jpg" alt=""></a><br /><div><div><div><div><div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> नगर पंचायत बिस्कोहर के वार्ड नंबर 15 विश्वनाथ नगर टोला डेंगहर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा  का शुभारम्भ दिन मंगलवार को भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।  बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने  गाजे बाजे के साथ  बिस्कोहर बस स्टाप से होते हुए  बूढ़ी राप्ती नदी घाट पर  जल भरने के लिए पहुंची। अयोध्या धाम से पधारे यज्ञाचार्य बनवारी लाल त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोचारण के द्वारा मुख्य यजमान शीला देवी पत्नी स्व हरीराम त्रिपाठी को विधि विधान के अनुसार पवित्र जल भराया । इसके बाद कलश यात्रा पुनः यज्ञ स्थल पर  जल को लेकर  यज्ञ मण्डप में विधि विधान से स्थापित किया गया। कथा संयोजक महेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि कथा 22 जून तक चलेगी।इस कार्यक्रम में  कथा ब्यास स्वामी मधुसूदन चार्य जी, यज्ञाचार्य बनवारी लाल त्रिपाठी, मुख्य यजमान शीला देवी, मोहन मिश्रा, राम बोल पाठक, सुरेश पाण्डेय,बैजनाथ गुप्ता, हरिकीर्तन मणि त्रिपाठी,विवेक शुक्ला, संजय सोनी, डाक्टर अभि विश्वास,</div><div>महेंद्र मणि त्रिपाठी, मनोज कुमार त्रिपाठी, धर्मेन्द्र मणि त्रिपाठी, धीरेंद्र मणि त्रिपाठी, राघवेंद्र, अविनाश, शुभम, आशीष, दिव्यांश, राज रतन आदि मौजूद रहे।</div></div></div></div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div><div class="adL"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 21:05:03 +0530</pubDate>
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