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                <title>Municipal Corporation - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Municipal Corporation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नैनी में खुले नाले बन रहे जानलेवा, नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> नैनी क्षेत्र में नगर निगम की कथित लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। एचडीएफसी बैंक के सामने सड़क किनारे करीब पांच फीट गहरे नाले खुले पड़े हैं। बारिश के दौरान नालों में पानी भर जाने से सड़क और नाले के बीच का अंतर दिखाई नहीं देता। ऐसे में यहां से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ताजा घटना में बारिश के दौरान एक युवक अपनी बाइक समेत अचानक खुले नाले में जा गिरा। देखते ही देखते बाइक नाले में डूबने लगा और युवक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184791/open-drains-are-becoming-deadly-in-naini-questions-raised-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260805-wa0009.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> नैनी क्षेत्र में नगर निगम की कथित लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। एचडीएफसी बैंक के सामने सड़क किनारे करीब पांच फीट गहरे नाले खुले पड़े हैं। बारिश के दौरान नालों में पानी भर जाने से सड़क और नाले के बीच का अंतर दिखाई नहीं देता। ऐसे में यहां से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ताजा घटना में बारिश के दौरान एक युवक अपनी बाइक समेत अचानक खुले नाले में जा गिरा। देखते ही देखते बाइक नाले में डूबने लगा और युवक की जान पर बन आई। हादसा होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत-बचाव का प्रयास शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद युवक को नाले से बाहर निकाला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बारिश में नाला और सड़क का अंतर हो जाता है खत्म</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के मुताबिक एचडीएफसी बैंक के सामने खुले पड़े नाले की गहराई करीब पांच फीट है। सामान्य दिनों में भी यह नाला दुर्घटना को न्योता देता है, लेकिन बारिश के दौरान स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। नाले में पानी भर जाने के बाद यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां से शुरू है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसे में वाहन चालक अनजाने में नाले की ओर चले जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां आए दिन छोटी-बड़ी घटनाएं होती रहती हैं, बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग की ओर से खुले नाले को ढकने अथवा उसके आसपास मजबूत सुरक्षा व्यवस्था करने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बड़ी घटना टली, लोगों ने बचाई युवक की जान</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बाइक के नाले में गिरने की घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए युवक को बचाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना में युवक की जान बच जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोगों का कहना है कि यदि हादसे के समय आसपास कोई मौजूद नहीं होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। खुले नाले में गिरने के बाद बारिश का पानी बढ़ने की स्थिति में युवक के साथ बड़ा हादसा होने की आशंका थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>खुले नालों पर नहीं है पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि खुले नालों के आसपास न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही ऐसे संकेतक लगाए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को खतरे की जानकारी मिल सके। रात के समय समस्या और बढ़ जाती है। पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में खुले नाले दिखाई नहीं देते। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। खुले नाले को मजबूत ढक्कन से ढकने के साथ-साथ आसपास बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की जरूरत है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 22:06:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिप्टी मेयर जौहर ने शिमलापुरी इलाके में 25 HP ट्यूबवेल प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना-</strong> पीने के पानी की सप्लाई को ठीक करने के मकसद से, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने मंगलवार को शिमलापुरी (वार्ड नंबर 40) में पुरी किराना स्टोर वाली गली में एक ट्यूबवेल लगाने के प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इलाके में करीब 12.5 लाख रुपये की लागत से 25 HP का ट्यूबवेल लगाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों की मौजूदगी में प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने कहा कि यह ट्यूबवेल पार्षद कोटे से लगाया जा रहा है और अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी मेयर जौहर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184781/deputy-mayor-johar-inaugurates-25-hp-tube-well-project-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1000985844.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना-</strong> पीने के पानी की सप्लाई को ठीक करने के मकसद से, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने मंगलवार को शिमलापुरी (वार्ड नंबर 40) में पुरी किराना स्टोर वाली गली में एक ट्यूबवेल लगाने के प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इलाके में करीब 12.5 लाख रुपये की लागत से 25 HP का ट्यूबवेल लगाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों की मौजूदगी में प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने कहा कि यह ट्यूबवेल पार्षद कोटे से लगाया जा रहा है और अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी मेयर जौहर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट निवासियों की मांग पर शुरू किया जा रहा है और इससे वार्ड नंबर 40 और 39 के निवासियों को फायदा होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डिप्टी मेयर जौहर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में काम करते हुए, उनका फोकस पूरे सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर है। आने वाले दिनों में आम लोगों की सुविधा के लिए ऐसे और प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान मनजीत कौर, धर्मवीर सिंह, परमजीत सिंह, उर्मिला पुरी, सुखदेव सिंह सैनी, गुरमीत कौर, धर्मिंदर सिंह, रंजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, परमिंदर सिंह, चरणजीत कौर, ज्योति रानी, दलीप कौर, जसवीर कौर, अवतार, जतिन, राजू, गिफ्टी, कुलजीत आदि मौजूद थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 21:56:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काकोरी ट्रेन एक्शन वर्षगांठ की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ, </strong></blockquote><p style="text-align:justify;"> आगामी 9 अगस्त को बाजनगर, काकोरी स्थित काकोरी स्मृति स्थल पर आयोजित होने वाले काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ के कार्यक्रम की तैयारियों का गुरुवार को जिलाधिकारी विशाख जी. ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल, पहुंच मार्ग और आसपास की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।</p><p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर पंचायत काकोरी, नगर निगम और जिला पंचायत राज विभाग के समन्वय से पर्याप्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक प्रमुख स्थान पर सफाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184318/dm-took-stock-of-preparations-for-kakori-train-action-anniversary"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-30-at-19.16.37.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ, </strong></blockquote><p style="text-align:justify;"> आगामी 9 अगस्त को बाजनगर, काकोरी स्थित काकोरी स्मृति स्थल पर आयोजित होने वाले काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ के कार्यक्रम की तैयारियों का गुरुवार को जिलाधिकारी विशाख जी. ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल, पहुंच मार्ग और आसपास की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।</p><p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर पंचायत काकोरी, नगर निगम और जिला पंचायत राज विभाग के समन्वय से पर्याप्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक प्रमुख स्थान पर सफाई कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए। बारिश की संभावना को देखते हुए जलभराव से निपटने के लिए भी आवश्यक इंतजाम करने को कहा।</p><p style="text-align:justify;">डीएम ने अपर निदेशक संस्कृति को काकोरी स्मृति स्थल स्थित शहीद मंदिर की रंगाई-पुताई, पुष्प सज्जा, शहीदों के नाम की नई पट्टिकाएं लगाने तथा काकोरी ट्रेन एक्शन की थीम पर आधारित आकर्षक सेल्फी प्वाइंट विकसित करने के निर्देश दिए। संस्कृति विभाग ने बताया कि इस वर्ष 'हर घर तिरंगा' अभियान से संबंधित स्टॉल भी लगाए जाएंगे।</p><p style="text-align:justify;">इसके बाद जिलाधिकारी ने अमर शहीद उद्यान का निरीक्षण कर प्रस्तावित वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने वन विभाग को वृक्षारोपण स्थल का चिन्हांकन कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने तथा उद्यान की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 21:46:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित हुईं। पहली बैठक में उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई, जबकि दूसरी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर केंद्रित रही।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>उपचारित जल के पुनः उपयोग पर जोर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने उपविधियों में संशोधन कर उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के प्रावधान शामिल करने तथा विभागवार पुनः उपयोग योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184003/emphasis-on-timely-implementation-of-schemes-in-chief-secretarys-review"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-22-at-21.56.30.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित हुईं। पहली बैठक में उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई, जबकि दूसरी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर केंद्रित रही।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>उपचारित जल के पुनः उपयोग पर जोर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने उपविधियों में संशोधन कर उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के प्रावधान शामिल करने तथा विभागवार पुनः उपयोग योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और जल उपयोग केंद्रों का जीआईएस आधारित मानचित्रण कराने पर बल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) से प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों के लिए शहर स्तर की पुनः उपयोग कार्ययोजना तैयार करने का अनुरोध करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य स्तर पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति, तकनीकी समिति, जिला स्तरीय पुनः उपयोग समिति तथा विवाद समाधान समिति गठित करने का भी प्रस्ताव रखा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में नोएडा, मथुरा, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी सहित विभिन्न शहरों में उपचारित जल के सफल उपयोग के उदाहरण प्रस्तुत किए गए। लखनऊ और वाराणसी में प्रस्तावित पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्कों के लिए एसटीपी के उपचारित जल के उपयोग की प्रगति की भी समीक्षा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने कहा कि उपचारित जल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि औद्योगिक एवं अन्य उपयोगकर्ताओं का विश्वास बढ़े और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>26 जुलाई से शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का औपचारिक शुभारंभ 26 जुलाई को आगरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसके साथ ही सभी जिलों में भी जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के अधिकतम शिक्षकों को योजना से जोड़ा जाए तथा प्रत्येक जिले में कम से कम 20 लाभार्थियों को कैशलेस कार्ड वितरित किए जाएं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>31 जुलाई तक जनगणना कर्मियों का मानदेय</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण में कार्यरत सभी एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर एवं अन्य कार्मिकों का मानदेय और प्रशिक्षण भत्ता 31 जुलाई तक उनके खातों में अनिवार्य रूप से हस्तांतरित किया जाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गोसंरक्षण और उर्वरक उपलब्धता पर निर्देश</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बैठक में गोसंरक्षण की समीक्षा करते हुए 100 से कम गोवंश वाले गोआश्रय स्थलों के पशुओं को बड़े गोसंरक्षण केंद्रों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गोवंश की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त शेड, चबूतरे, जल निकासी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी उर्वरक केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया एवं फॉस्फेटिक उर्वरक उपलब्ध रहें तथा किसी भी केंद्र पर शून्य स्टॉक की स्थिति न बनने पाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>किसान क्रेडिट कार्ड और छात्रवृत्ति पर फोकस</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने वंचित किसानों की पहचान कर उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने तथा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षित युवाओं को मुख्यमंत्री युवा योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा में कहा गया कि 5 अगस्त तक मास्टर डाटाबेस लॉक हो जाएगा। इसलिए सभी विद्यालयों का विवरण समय पर पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे।</p>
<blockquote class="format2">
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना के तहत सभी जिलाधिकारियों को 31 अगस्त 2026 तक निविदा आमंत्रण सहित सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में समाज सुधारकों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी तथा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184003/emphasis-on-timely-implementation-of-schemes-in-chief-secretarys-review</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 21:40:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगम विस्तार के बाद भी शिक्षक कॉलोनी विकास से वंचित,</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी के माडौका रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल वाली गली के अंतिम छोर पर बनी शिक्षक कॉलोनी के लगभग 50 परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम का विस्तार इस क्षेत्र तक हो चुका है और यहां के निवासी पिछले दो वर्षों से हाउस टैक्स सहित अन्य नगर निगम करों का नियमित भुगतान कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इसके</div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183377/teachers-colony-deprived-of-development-even-after-expansion-of-municipal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी के माडौका रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल वाली गली के अंतिम छोर पर बनी शिक्षक कॉलोनी के लगभग 50 परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम का विस्तार इस क्षेत्र तक हो चुका है और यहां के निवासी पिछले दो वर्षों से हाउस टैक्स सहित अन्य नगर निगम करों का नियमित भुगतान कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसके बावजूद आज तक न तो सड़क अथवा खड़ंजा का निर्माण कराया गया है और न ही जल निकासी के लिए नाली बनाई गई है।क्षेत्रवासियों के अनुसार राजकुमार श्रीवास्तव के घर से लेकर लोटन कुशवाहा के घर तक सड़क और नाली का पूर्ण अभाव है। बारिश के दौरान पानी जमा होने से पूरे मोहल्ले में कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि शिक्षक कॉलोनी में प्राथमिकता के आधार पर सड़क एवं नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो बारिश के मौसम में लोग सड़क पर नहीं, बल्कि पानी से भरे नालों जैसे रास्तों से गुजरने को विवश होंगे।</div>
</div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 20:18:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनी स्टेशन रोड पर जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त, ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वार्ड संख्या-20, चक रघुनाथ के पार्षद राकेश जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर नैनी स्टेशन रोड पर जलनिकासी की गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाकुंभ के दौरान पीडीए द्वारा नाली निर्माण का कार्य कराया गया था, लेकिन निर्माण के बाद भी जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।</div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद ने बताया कि इस संबंध में कई बार नगर आयुक्त को पत्र लिखकर शिकायत की गई। इसके अलावा चीफ इंजीनियर को भी अवगत कराया गया तथा अपर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182245/drainage-system-collapsed-on-naini-station-road"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260628-wa0102.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वार्ड संख्या-20, चक रघुनाथ के पार्षद राकेश जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर नैनी स्टेशन रोड पर जलनिकासी की गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाकुंभ के दौरान पीडीए द्वारा नाली निर्माण का कार्य कराया गया था, लेकिन निर्माण के बाद भी जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।</div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद ने बताया कि इस संबंध में कई बार नगर आयुक्त को पत्र लिखकर शिकायत की गई। इसके अलावा चीफ इंजीनियर को भी अवगत कराया गया तथा अपर नगर आयुक्त ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। बावजूद इसके अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि महापौर द्वारा भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण नालियों का पानी अब सड़कों पर बहने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 13:40:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अतिक्रमण और जाम से कराहते शहर: फुटपाथ गायब, सड़कें सिकुड़ीं, वक्त बर्बाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुम्बई</span>,</strong>  <span lang="hi" xml:lang="hi">बेंगलुरु व कोलकाता की तरह अब उत्तर प्रदेश के लखनऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आगरा और इलाहाबाद जैसे शहर जाम से जूझ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटपाथों पर दुकानदारों व स्ट्रीट वैंडर ने कब्जा कर लिया है आखिर अब पैदल चलने वाले लोग कहां चलें और वाहनों को चलाने वाले कहां वाहन चलायें। नतीजा सड़कों पर जाम आधा घंटे का रास्ता दो घंटे में पूरा हो रहा है और हमारे शहरों के नगर निगम व यातायात विभाग कुछ भी कर पाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। देश के नगर निगमों ने इंदौर नगर निगम से कुछ भी</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181534/cities-groaning-due-to-encroachment-and-traffic-jams-footpaths-disappearing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas4.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुम्बई</span>,</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">बेंगलुरु व कोलकाता की तरह अब उत्तर प्रदेश के लखनऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आगरा और इलाहाबाद जैसे शहर जाम से जूझ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटपाथों पर दुकानदारों व स्ट्रीट वैंडर ने कब्जा कर लिया है आखिर अब पैदल चलने वाले लोग कहां चलें और वाहनों को चलाने वाले कहां वाहन चलायें। नतीजा सड़कों पर जाम आधा घंटे का रास्ता दो घंटे में पूरा हो रहा है और हमारे शहरों के नगर निगम व यातायात विभाग कुछ भी कर पाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। देश के नगर निगमों ने इंदौर नगर निगम से कुछ भी नहीं सीख पाया। सुबह </span>9<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे  लखनऊ का आलमबाग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर का टाटमील चौराहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आगरा की एमजी रोड और इलाहाबाद का चौक व सिविल लाइंस हर जगह एक ही तस्वीर - सड़कें गाड़ियों से पैक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटपाथ पर ठेले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दुकानों का सामान बाहर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और लोग सड़क पर चलने को मजबूर। भारत के शहर तेजी से बढ़ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सड़कें उतनी ही रहीं। नतीजा: अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम ने शहरों की सांस रोक दी है। अतिक्रमण: फुटपाथ पर कब्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क पर हक। व्यावसायिक अतिक्रमण- दुकानदार शटर से </span>5-10<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट बाहर सामान रख देते हैं। कपड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सब्जी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैकेनिक का सामान सब सड़क पर। आवासीय अतिक्रमण- कॉलोनियों में लोग घर के आगे पार्किंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाउंड्री वॉल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीढ़ियां निकाल लेते हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अस्थायी कब्जा-  ठेले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेहड़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टेंट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धार्मिक आयोजन। एक बार लग गया तो हटाना मुश्किल। जगह की कमी- जमीन महंगी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लोग सार्वजनिक जगह को निजी समझ लेते हैं। राजनीतिक संरक्षण- चुनाव के समय हटाने की हिम्मत कोई नहीं करता। वोट बैंक बन जाते हैं। प्रशासन की निष्क्रियता तोड़फोड़ होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन में वही स्थिति। जुर्माना वसूलने का सिस्टम कमजोर है। जाम: सिर्फ देरी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आर्थिक नुकसान- कितना बुरा है हाल</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">नीति आयोग के मुताबिक बेंगलुरु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली में लोग औसतन सालाना </span>100-120<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे जाम में फंसते हैं। यानी </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन सिर्फ गाड़ी में बैठे-बैठे। आर्थिक: ईंधन बर्बादी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिलीवरी में देरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोडक्टिविटी गिरना। दिल्ली में हर साल </span>60,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रु का नुकसान सिर्फ ट्रैफिक जाम से होता है। स्वास्थ्य-  गाड़ी में बैठे-बैठे </span>PM 2.5<span lang="hi" xml:lang="hi"> और </span>CO <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस में जाता है। एम्स की स्टडी कहती है कि ट्रैफिक पुलिस और ऑटो ड्राइवरों में फेफड़े की बीमारी </span>40%<span lang="hi" xml:lang="hi"> ज्यादा है। मानसिक तनाव- रोज </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटा जाम में फंसने वाले लोगों में एंग्जाइटी और रोड रेज के केस </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> गुना ज्यादा हैं। अतिक्रमण और जाम एक-दूसरे को फीड करते हैं। सड़क </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट पर दुकानों का सामान</span>, 10<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट पर पार्किंग। बच गई </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट। </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीट पर </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> लेन की जगह </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लेन बनती है। एक गाड़ी खराब हुई नहीं कि पूरी सड़क ब्लॉक। लोग फुटपाथ पर नहीं चल सकते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सड़क पर चलते हैं। इससे ट्रैफिक स्लो होता है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यानी </span>10%<span lang="hi" xml:lang="hi"> सड़क पर कब्जा होने से ट्रैफिक की स्पीड </span>40%<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक गिर जाती है। कुछ शहरों ने क्या किया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">इंदौर का सिस्टम - बात जब स्मार्ट सिटी की होती है तो सबसे पहले इंदौर का नाम आता है क्योंकि इंदौर नगर निगम ने कई ऐसे प्रावधान किए हैं जिनसे अन्य नगर निगमों को सीख लेनी चाहिए। इंदौर नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत </span>80%<span lang="hi" xml:lang="hi"> फुटपाथ खाली कराए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्रीट वेंडर को वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया। अब शहर स्वच्छता में नंबर </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> है और ट्रैफिक फ्लो बेहतर है। भुवनेश्वर </span>ITMS <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम लगाया। कैमरे और </span>AI <span lang="hi" xml:lang="hi">से जाम का रियल टाइम एनालिस होता है। सिग्नल खुद एडजस्ट होते हैं। अहमदाबाद </span>BRTS <span lang="hi" xml:lang="hi">और फुटपाथ डेमार्केशन ने पैदल यात्रियों को जगह दी। अतिक्रमण पर जुर्माना सख्त किया। वेंडिंग जोन बनाओ-  हर </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> मीटर पर स्ट्रीट वेंडर के लिए जगह तय करो। दिल्ली में ये कानून </span>2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> में बना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन लागू नहीं हुआ। रियल टाइम एक्शन-  शिकायत पर </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे में कार्रवाई। </span>Noida <span lang="hi" xml:lang="hi">का "हटाओ ऐप" इसका उदाहरण है। पार्किंग पॉलिसी-  रेजिडेंशियल एरिया में ऑन-स्ट्रीट पार्किंग को महंगा करो। ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग को सस्ता करो। मास ट्रांजिट- मेट्रो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइकिल लेन बढ़ाओ। जब लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करेंगे तो गाड़ी कम होगी। मास्टर प्लान में बदलाव-  नई कॉलोनियों में </span>30%<span lang="hi" xml:lang="hi"> जगह सड़क और फुटपाथ के लिए रिजर्व हो। जवाबदेही तय करो-  अतिक्रमण हटाने का टार्गेट म्यूनिसिपल कमिश्नर के दायरे में हो। हर </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने में ऑडिट हो। नागरिक क्या कर सकते हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">फोटो खींचो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिपोर्ट करो- </span>MCD, BMC, BBMP <span lang="hi" xml:lang="hi">के पास ऐप हैं। </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> शिकायत पर एक्शन होता है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्थानीय दुकानदारों से बात करो- </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> दुकानदार मिलकर तय करें कि सामान अंदर रखेंगे। एकता काम करती है। पैदल चलो-  </span>1-2 km <span lang="hi" xml:lang="hi">के काम के लिए गाड़ी मत निकालो। साइकिल और मेट्रो यूज करो। शहर सिर्फ सीमेंट और कंक्रीट नहीं होते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो लोगों के चलने-फिरने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस लेने की जगह हैं। जब फुटपाथ गायब हो जाएं और सड़कें पार्किंग बन जाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो शहर रहता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट रह जाता है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अतिक्रमण हटाना सिर्फ बुलडोजर का काम नहीं है। ये पॉलिसी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पॉलिटिक्स और पब्लिक के तीनों के बदलने से होगा। वरना अगले </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल में हमारे शहर सिर्फ गूगल मैप पर लाल रंग के दिखेंगे - जाम का रंग।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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