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                <title>Politics news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Politics news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एक ओर यूएपीए में जमानत,दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद का मामला बड़ी पीठ को भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> ब्यूरो प्रयागराज। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">एक ओर यूएपीए में बंद उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत के मामले पर अब बड़ी बेंच फैसला करेगी। इस मामले में शुक्रवार को दिन में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने ज़ोर देकर कहा था कि इस मामले को एक बड़ी बेंच के पास भेजा जाए। दूसरी ओर एक दूसरे मामले में अन्य बातों के अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साढ़े चार साल से ज़्यादा समय तक हिरासत में रहने की बात पर ध्यान देते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ी साज़िश</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मामले में यूएपीए के आरोपी सुहैल अहमद ठोकर को ज़मानत दे दी। यह</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179982/on-one-hand-bail-in-uapa-on-the-other-hand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/images10.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> ब्यूरो प्रयागराज। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">एक ओर यूएपीए में बंद उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत के मामले पर अब बड़ी बेंच फैसला करेगी। इस मामले में शुक्रवार को दिन में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने ज़ोर देकर कहा था कि इस मामले को एक बड़ी बेंच के पास भेजा जाए। दूसरी ओर एक दूसरे मामले में अन्य बातों के अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साढ़े चार साल से ज़्यादा समय तक हिरासत में रहने की बात पर ध्यान देते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ी साज़िश</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मामले में यूएपीए के आरोपी सुहैल अहमद ठोकर को ज़मानत दे दी। यह मामला संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद सामने आया था। सीजेआई सूर्यकांत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने यह आदेश पारित किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस बीच अब सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आतंकवाद और यूएपीए यानी गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामलों में जमानत देने के नियमों पर अहम फ़ैसला सुना दिया। कोर्ट ने दिल्ली दंगे मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न देने वाले अपने पुराने फैसले पर सवाल उठाते हुए मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने यह आदेश दिया। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों- तसलीम अहमद और खालिद सैफी को 6 महीने की अंतरिम जमानत भी दे दी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली में फरवरी 2020 में </span>CAA <span lang="hi" xml:lang="hi">विरोधी प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे हुए थे। इन दंगों में 50 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने कई लोगों पर आरोप लगाया कि उन्होंने दंगों की साज़िश रची थी। उमर खालिद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शरजील इमाम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तसलीम अहमद और खालिद सैफी समेत कई लोग यूएपीए के तहत गिरफ्तार किए गए थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट से कहा कि यूएपीए मामलों में जमानत के नियमों पर दोबारा विचार होना चाहिए। उन्होंने हाल के एक फ़ैसले पर सवाल उठाया। इससे पहले न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने नार्को-टेरर मामले में स्येद इफ्तिखार अंदरबी को जमानत देते हुए कहा था कि यूएपीए मामलों में भी </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">जमानत नियम है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जेल अपवाद</span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">। उन्होंने उमर खालिद वाले पुराने फ़ैसले पर संदेह जताया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एसजी राजू ने कहा कि यूएपीए जैसे गंभीर मामलों में सभी आरोपियों को एक जैसी छूट नहीं दी जा सकती है। हर मामले को अलग-अलग देखना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बहरहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि के ए नजीब वाले पुराने फैसले में दिए गए सिद्धांतों को लेकर अब भ्रम है। खासकर यूएपीए की धारा 43</span>D(<span lang="hi" xml:lang="hi">5) यानी जमानत के सख्त नियम और अनुच्छेद 21 यानी जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह तय करना जरूरी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि एक बेंच दूसरे बराबर की बेंच के फ़ैसले को आसानी से नहीं बदल सकती। क़ानून में स्पष्टता होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए यह मुद्दा मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा जा रहा है ताकि बड़ी बेंच बने और अंतिम फैसला दे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">तसलीम अहमद और खालिद सैफी को 6 महीने के लिए अंतरिम जमानत मिल गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले इनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बता दें कि उमर खालिद और शरजील इमाम को अभी जमानत नहीं मिली है। उनका मामला अब बड़ी बेंच तय करेगी।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच 2020 दिल्ली दंगे के दो आरोपियों- तसलीम अहमद और खालिद सैफी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले शुक्रवार को दिन में सुनवाई के दौरान आतंकवाद और </span>UAPA <span lang="hi" xml:lang="hi">मामलों में जमानत को लेकर मतभेद के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इस मुद्दे को बड़ी बेंच को भेज दिया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अलग-अलग दो-जज की बेंचों के फैसले एक-दूसरे से उलट हैं। केंद्र सरकार ने सवाल उठाया कि क्या </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बेल नियम है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जेल अपवाद है</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">वाला सिद्धांत आतंकवाद जैसे गंभीर मामलों में भी लागू होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर ट्रायल में देरी हो रही हो</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार ने 26/11 मुंबई हमले के दोषी अजमल कसाब और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का उदाहरण दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू और वकील रजत नायर ने कोर्ट में कहा</span>, '<span lang="hi" xml:lang="hi">अगर अजमल कसाब 7-8 साल जेल में रहने के बाद बेल मांगता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या उसे बेल दे देते</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">सैकड़ों गवाह हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सबूत इकट्ठा करने में समय लगता है। इसी तरह अगर हाफिज सईद पाकिस्तान से आकर ट्रायल में 5 साल जेल में रह जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या सिर्फ देरी के आधार पर उसे बेल दे देंगे</span>?' <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार का कहना है कि हर केस के तथ्यों को देखकर बेल देनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि सिर्फ जेल में कितना समय बीता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस आधार पर।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह फ़ैसला आने वाले समय में आतंकवाद और यूएपीए से जुड़े सभी जमानत मामलों पर असर डालेगा। सुप्रीम कोर्ट ने यूएपीए जमानत क़ानून को और साफ़ करने के लिए बड़े फ़ैसले की तैयारी कर ली है। दो आरोपियों को राहत मिल गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उमर खालिद समेत बड़े सवाल अब बड़ी बेंच के सामने हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एक अन्य मामले में  सीजेआई सूर्यकांत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने  अन्य बातों के अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साढ़े चार साल से ज़्यादा समय तक हिरासत में रहने की बात पर ध्यान देते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने आज जम्मू-कश्मीर के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ी साज़िश</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मामले में यूएपीए के आरोपी सुहैल अहमद ठोकर को ज़मानत दे दी।पीठ ने यह भी कहा कि अगर अपीलकर्ता चल रहे मुक़दमे में सहयोग करने में नाकाम रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसे दी गई राहत का दुरुपयोग माना जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">खास बात यह है कि कोर्ट ने पहले समय-समय पर आदेश जारी किए थे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि याचिकाकर्ता के खिलाफ गवाही देने वाले अहम/सुरक्षित गवाह बिना किसी डर के अपने बयान दर्ज करा सकें (याचिकाकर्ता की रिहाई से पहले)। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आज की सुनवाई के दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने बताया कि हालांकि कुछ अहम/सुरक्षित गवाहों की जांच अभी बाकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उनके बयान सह-आरोपी की भूमिका से जुड़े हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि याचिकाकर्ता से।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह देखते हुए कि कुछ सह-आरोपियों को ज़मानत मिल चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कि मुक़दमे के पूरा होने में समय लग सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हिरासत में पहले ही बिताई जा चुकी अवधि को ध्यान में रखते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने याचिकाकर्ता को ज़मानत दे दी। ज़मानत बांड संबंधित </span>NIA <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत की संतुष्टि के अनुसार जमा करने का निर्देश दिया गया। उक्त अदालत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">याचिकाकर्ता की संबंधित पुलिस थाने में उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपनी मर्ज़ी के अनुसार शर्तें लगाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उनके वकील के अनुरोध पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने याचिकाकर्ता को </span>NIA <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत से वर्चुअली (सह-आरोपियों की तरह) पेश होने की अनुमति मांगने की भी छूट दी</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">इस अनुरोध पर अदालत द्वारा कानून के अनुसार विचार किया जाएगा। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह </span><span lang="hi" xml:lang="hi"> बड़ी साज़िश का मास्टरमाइंड विभिन्न आतंकवादी संगठनों के बड़े नेता थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें लश्कर-ए-तैयबा (</span>LeT), <span lang="hi" xml:lang="hi">हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन (</span>HM), <span lang="hi" xml:lang="hi">अल-बद्र और पाकिस्तान में मौजूद अन्य संगठन शामिल थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चार्जशीट में आगे आरोप लगाया गया है कि यह साज़िश अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद रची गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका मकसद जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य हिस्सों में भी आतंकवाद की घटनाओं को फिर से भड़काना था।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">राज्य एजेंसी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आतंकवादी समूह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान में मौजूद अपने मददगारों और नेताओं के साथ-साथ भारत के भीतर मौजूद अपने ओवर-ग्राउंड वर्करों (</span>OGWs) <span lang="hi" xml:lang="hi">के सहयोग से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आसानी से प्रभावित होने वाले स्थानीय युवाओं को अपने प्रभाव में लेने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने में शामिल थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि उन्हें आतंकवाद की घटनाओं में शामिल होने के लिए भर्ती और प्रशिक्षित किया जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">STF <span lang="hi" xml:lang="hi">ने बताया कि यह गैंग केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सचिवालय सुरक्षा बल और  ब राइफल्स की भर्ती परीक्षाओं में धांधली कर रहा था. आरोपियों ने ऑनलाइन परीक्षा सिस्टम को तकनीकी तरीके से प्रभावित कर उम्मीदवारों तक सही जवाब पहुंचाने की व्यवस्था बना रखी थी. बताया गया कि प्रत्येक उम्मीदवार से परीक्षा पास कराने के लिए करीब 4 लाख रुपये वसूले जाते थे.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सीधे </span>SSC <span lang="hi" xml:lang="hi">के सर्वर को हैक नहीं किया था. इसके बजाय परीक्षा केंद्र पर प्रॉक्सी सर्वर इंस्टॉल किया गया था. स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन के जरिए प्रश्नपत्र बाहर बैठे सॉल्वरों तक पहुंचाया जाता था. वहां से सवाल हल कर उम्मीदवारों को सही जवाब भेजे जाते थे.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस ने बताया कि अरुण कुमार तकनीकी काम संभालता था और वही प्रॉक्सी सर्वर सिस्टम को ऑपरेट करता था. </span>STF <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इसी तरीके का इस्तेमाल अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी किया गया था.</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 21:29:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में जेजेपी ने किया बड़ा संगठनात्मक विस्तार, 50 युवा हलका और ब्लॉक अध्यक्ष किए नियुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: जननायक जनता पार्टी (JJP) ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए युवा प्रकोष्ठ में व्यापक स्तर पर नियुक्तियां की हैं। पार्टी ने 50 युवा हलका अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष घोषित किए हैं। इन नियुक्तियों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव राजेंद्र लितानी और युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला सहित वरिष्ठ नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ।</p>
<p>युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने बताया कि पार्टी युवाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से लगातार संगठन विस्तार कर रही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165903/haryana-jjp-did-a-big-organizational-expansion-in-haryana-50"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/haryana-jjp-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: जननायक जनता पार्टी (JJP) ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए युवा प्रकोष्ठ में व्यापक स्तर पर नियुक्तियां की हैं। पार्टी ने 50 युवा हलका अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष घोषित किए हैं। इन नियुक्तियों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव राजेंद्र लितानी और युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला सहित वरिष्ठ नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ।</p>
<p>युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने बताया कि पार्टी युवाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से लगातार संगठन विस्तार कर रही है। </p>
<p><strong>देखें लिस्ट </strong></p>
<p>नारायणगढ़ – मोहित बड़ौली<br />अंबाला सिटी – सिमरन अंतिल<br />अंबाला कैंट – दलजीत बाच्छल</p>
<p>मुलाना – कुलदीप माजरा<br />भिवानी – अमन रंगा (ग्रामीण)<br />               आशु वाल्मीकि (शहरी)<br />तोशाम – प्रदीप रोढा<br />बवानी खेड़ा – प्रदीप सरपंच (ग्रामीण)<br />                      मनीष राणा (शहरी)</p>
<p>लोहारू – दिनेश सुरपुरा<br />दादरी – विजय धनखड़<br />बाढड़ा – सन्नी श्योराण (बाढड़ा ब्लॉक)<br />               विकास धांगड (झोझू ब्लॉक)  <br />पृथला – संजय ठाकुर<br />फरीदाबाद – तुषार चौहान</p>
<p>बड़खल – राकेश मनचंदा<br />बल्लभगढ़ – राजा राम गुप्ता<br />फरीदाबाद एनआईटी – शाद खान<br />तिगांव – मनोज अलीपुर (ग्रामीण)<br />              मनमोहन शर्मा (शहरी)<br />फतेहाबाद - कुलदीप बगड़िया<br />टोहाना – अंकित बालोदा<br />रतिया – रवि लांबा<br />पटौदी – नेक राव</p>
<p>बादशाहपुर – दीक्षांत बागडवा<br />सोहना – सुमेश सोनी<br />उकलाना – मनीष किरमारा<br />बरवाला – सुनील रावत<br />हिसार – गौरव सैनी</p>
<p>नलवा – विकास पंघाल<br />हांसी – अमित जैन<br />नारनौंद – अशोक मोर<br />बहादुरगढ़ – सोनू नयागांव<br />बादली – प्रवेश गुलिया</p>
<p>झज्जर – अमित ससरोली (ग्रामीण)<br />              सविन पंघाल (शहरी)<br />बेरी – आशीष कादियान<br />जींद – आनंद चहल जाजवान<br />नरवाना – अवतार सिहाग गुरथली (नरवाना ब्लॉक)<br />                रोबिन ढांडा (उझाना ब्लॉक)<br />जुलाना – दिनेश दलाल</p>
<p>उचाना -  नरेश खटकड़ (उचाना ब्लॉक)<br />              अतेश सरोहा सरपंच (अलेवा ब्लॉक)<br />सफीदों – दीपक कालवान<br />गुहला – शीलू काजल</p>
<p>कलायत – सोनू मटोर (कलायत ब्लॉक)<br />                सोनू मलिक जाखोली (राजौंद ब्लॉक)<br />कैथल – सचिन पाडला<br />पुंडरी – प्रदीप बनवाला (पुंडरी ब्लॉक)<br />             गोविंद साकरा (ढांड ब्लॉक)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 18:11:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Parliament Winter Session: 1 दिसंबर से शुरू होगा संसद का शीतकालीन सत्र, 19 दिसंबर तक चलेंगी 15 बैठकें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। पूरे सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें होंगी। इसकी जानकारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म <em>X</em> पर साझा की।</p>
<p>रिजिजू ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि यह सत्र सार्थक रहेगा, हमारे लोकतंत्र को और मजबूत करेगा और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।</p>
<p>इससे पहले मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया था। 21 जुलाई से 21 अगस्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159313/parliament-winter-session-will-start-from-1st-december-15-meetings"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/parliament-winter-session.jpg" alt=""></a><br /><p>Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। पूरे सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें होंगी। इसकी जानकारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म <em>X</em> पर साझा की।</p>
<p>रिजिजू ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि यह सत्र सार्थक रहेगा, हमारे लोकतंत्र को और मजबूत करेगा और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।</p>
<p>इससे पहले मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया था। 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चले उस सत्र में कुल 21 बैठकें हुईं। लोकसभा में 120 घंटे चर्चा का समय निर्धारित था, लेकिन केवल 37 घंटे ही चर्चा हो सकी। राज्यसभा में भी चर्चा का समय घटकर 41 घंटे रह गया।</p>
<p>इस दौरान लोकसभा में 12 और राज्यसभा में 15 विधेयक पारित किए गए। इनमें सबसे चर्चित बिल गिरफ्तार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पद से हटाने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक रहा, जिसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 13:30:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में चौटाला परिवार में फिर विवाद, JJP ने कर्ण चौटाला को भेजा लीगल नोटिस </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा के राजनीतिक गलियारे में चौटाला परिवार को लेकर एक बार फिर विवाद उभरकर सामने आया है। जननायक जनता पार्टी (JJP) ने इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला के बड़े बेटे और सिरसा जिला परिषद के चेयरमैन कर्ण चौटाला को लीगल नोटिस भेजा है।</p>
<h3><strong>विवाद का कारण</strong></h3>
<p>सूत्रों के अनुसार, कर्ण चौटाला ने हाल ही में एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि 1990 के महम कांड की FIR में JJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला का नाम भी शामिल था। JJP ने इसे पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159020/haryana-dispute-again-in-chautala-family-in-haryana-jjp-sent"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/news---2025-11-05t122527.643.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा के राजनीतिक गलियारे में चौटाला परिवार को लेकर एक बार फिर विवाद उभरकर सामने आया है। जननायक जनता पार्टी (JJP) ने इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला के बड़े बेटे और सिरसा जिला परिषद के चेयरमैन कर्ण चौटाला को लीगल नोटिस भेजा है।</p>
<h3><strong>विवाद का कारण</strong></h3>
<p>सूत्रों के अनुसार, कर्ण चौटाला ने हाल ही में एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि 1990 के महम कांड की FIR में JJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला का नाम भी शामिल था। JJP ने इसे पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। पार्टी का कहना है कि ऐसे बयान से न केवल संगठन की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है, बल्कि प्रदेश के लाखों लोगों की भावनाएं भी आहत हुई हैं।</p>
<h3><strong>नोटिस में क्या कहा गया</strong></h3>
<p>लीगल नोटिस में कर्ण चौटाला को निर्देश दिया गया है कि वे सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म से उस इंटरव्यू क्लिप को तुरंत हटाएं। इसके अलावा, उन्हें अपने बयान के लिए 15 दिनों के भीतर माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अगर वे इसे नहीं मानते हैं तो JJP कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।</p>
<p>यह विवाद चौटाला परिवार के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक तनातनी को और बढ़ा सकता है। पूर्व में भी परिवार के भीतर कई बार बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के मामले सुर्खियों में रह चुके हैं। अब देखना यह होगा कि कर्ण चौटाला नोटिस का पालन करते हैं या मामला अदालत तक जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 12:25:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में जेजेपी ने अपने संगठन में किया विस्तार, 18 युवा चेहरे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: जननायक जनता पार्टी ने अपने संगठन में विस्तार करते हुए कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की है। जेजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय सिंह चौटाला, पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव राजेंद्र लितानी, युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार-विमर्श करके 18 वरिष्ठ युवा पदाधिकारियों की नियुक्तियों की सूची जारी की। दिग्विजय चौटाला ने बताया कि जसविंदर खेहरा, विनेश गुर्जर और सुरेंद्र राठी को युवा वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।</p>
<p>जेजेपी युवा प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर राहुल सैनी, अमन शर्मा, विपिन यादव, सुनील बूरा, रामविलास बनियानी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155289/jjp-expanded-18-young-faces-in-haryana-haryana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/haryana-jjp.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: जननायक जनता पार्टी ने अपने संगठन में विस्तार करते हुए कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की है। जेजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय सिंह चौटाला, पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव राजेंद्र लितानी, युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार-विमर्श करके 18 वरिष्ठ युवा पदाधिकारियों की नियुक्तियों की सूची जारी की। दिग्विजय चौटाला ने बताया कि जसविंदर खेहरा, विनेश गुर्जर और सुरेंद्र राठी को युवा वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।</p>
<p>जेजेपी युवा प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर राहुल सैनी, अमन शर्मा, विपिन यादव, सुनील बूरा, रामविलास बनियानी, राकेश सिहाग, नरेंद्र डागर, आशिष निम्बड़ी, नवीन राव, दीपक शर्मा, तेजू राव और अमित अंतिल को नियुक्त किया गया हैं। इनके अलावा राजेश कुमार उर्फ राजू पाई को युवा प्रदेश प्रधान महासचिव, रणदीप सिंह मटदादू को युवा प्रदेश संगठन सचिव, विनीत सहरावत को युवा प्रदेश कार्यालय सचिव बनाया गया हैं। </p>
<p>सभी नवनियुक्त युवा पदाधिकारियों को शुभकामना देते हुए दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जल्द ही पूर्ण रूप से युवा प्रदेश कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा और सभी युवा पदाधिकारी 23 सितंबर से शुरू होने वाले जेजेपी के युवा योद्धा अभियान की तैयारियों में जुट जाएं। दिग्विजय ने कहा कि संगठन में युवाओं को अहम पद देने के साथ-साथ युवा योद्धा कार्यक्रम के जरिए मजबूती से युवाओं की आवाज बुलंद की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 16:18:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव कैंपेन के दौरान 10 जुलाई तक, ED नहीं भेजेगी समन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Politics:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद (सांसद) अभिषेक बनर्जी के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया, जिसमें अप्रैल और जून के बीच होने वाले आम चुनावों के पूरा होने तक मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उन्हें बुलाने से रोकने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ 10 जुलाई को दिल्ली में पूछताछ के लिए ईडी के समन को चुनौती देने वाली बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करेगी।</p>
<p>याचिकाकर्ता के वकील का कहना है कि याचिकाकर्ता एक सांसद है और वह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139640/ed-will-not-send-summons-till-july-10-during-election"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/abhishek-banerjee_large_1423_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Politics:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद (सांसद) अभिषेक बनर्जी के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया, जिसमें अप्रैल और जून के बीच होने वाले आम चुनावों के पूरा होने तक मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उन्हें बुलाने से रोकने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ 10 जुलाई को दिल्ली में पूछताछ के लिए ईडी के समन को चुनौती देने वाली बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करेगी।</p>
<p>याचिकाकर्ता के वकील का कहना है कि याचिकाकर्ता एक सांसद है और वह आम चुनाव लड़ रहा है, जिसके मद्देनजर मामले को जुलाई तक के लिए टाल दिया जाए। अदालत ने कहा कि इस मामले को 10 जुलाई को सूचीबद्ध करें।</p>
<p>अदालत ने बनर्जी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की दलीलों पर गौर किया कि सांसद को सितंबर 2021 से तलब नहीं किया गया है और संघीय एजेंसी को आगामी लोकसभा चुनाव पूरा होने तक उन्हें नहीं बुलाने के लिए कहा जाना चाहिए। सिब्बल ने कहा कि वह एक मौजूदा सांसद हैं और 1 जून को होने वाले डायमंड हार्बर से फिर से चुनाव लड़ेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ईडी को चुनाव के बीच उन्हें समन न करने के लिए कहा जाना चाहिए। पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर-जनरल एसवी राजू द्वारा प्रतिनिधित्व की गई एजेंसी से पूछा कि क्या वह अनुरोध स्वीकार करने को तैयार है। इसमें राजू से कहा गया कि अगर आपने उन्हें इतने लंबे समय तक नहीं बुलाया है, तो उन्हें कुछ महीनों तक और न बुलाया जाए। वह भी चुनाव लड़ रहे हैं। </p>
<p>राजू ने पहले कहा कि वह सक्षम अधिकारी से निर्देश प्राप्त करेगा। बाद में उन्होंने कहा कि ईडी सुनवाई की अगली तारीख तक बनर्जी को तलब नहीं करेगी. राजू ने कहा कि ईडी सांसद की पत्नी रुजिरा को भी यही रियायत नहीं देगी, जिन्होंने भी समन के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139640/ed-will-not-send-summons-till-july-10-during-election</link>
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                <pubDate>Wed, 20 Mar 2024 15:59:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झूठी दबिश और झूठी हिरासत, मेरठ पुलिस के अतरंगी कारनामे </title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस का एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। जहां एक युवक को फंसाने के लिए पुलिस ने पहले खुद उसकी बाइक में तमंचा छुपाया और फिर उसे हिरासत में लेने पहुंच गई, लेकिन ये पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने आईजी दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। अब इस मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेरठ पुलिस के कारनामे को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर तंज किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135251/false-raid-and-false-detention-strange-acts-of-meerut-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/whatsapp-image-2023-09-28-at-5.35.41-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस का एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। जहां एक युवक को फंसाने के लिए पुलिस ने पहले खुद उसकी बाइक में तमंचा छुपाया और फिर उसे हिरासत में लेने पहुंच गई, लेकिन ये पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने आईजी दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। अब इस मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेरठ पुलिस के कारनामे को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर तंज किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पहले ख़ुद ही रखकर फिर करते हैं बरामद, झूठी है इनकी दबिश और झूठी है हिरासत।''</p>
<p><strong>CCTV में कैद हुई पुलिसकर्मियों की शर्मनाक हरकत </strong></p>
<p>सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला खरखौदा थाना इलाके के खंदरावली गांव का है। जहां के निवासी अशोक त्यागी के परिवार का जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पुलिस पर आरोप है कि उन्हें दूसरे पक्ष के साथ सांठगांठ कर ली और जबरदस्ती अशोक के बेटे अंकित को फंसाने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस उनके घर पर पहुंची और कहा कि अंकित की बाइक में तमंचा होने की सूचना मिली है और उसकी तलाशी लेनी है। तलाशी के बाद पुलिस को बाइक में तमंचा मिला और उन्होंने युवक को हिरासत में ले लिया। लेकिन इस पूरे मामले में उस समय ट्विस्ट आ गया जब पुलिसवाले खुद ही उसकी बाइक में तमंचा रखते हुए सीसीटीवी में कैद हो गए।</p>
<p>आपको बता दें कि अब मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र में एक बाइक में खुद ही तमंचा रखकर उसकी बरामदगी दिखाते हुए एक युवक को गिरफ्तार करने के आरोपी दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर जांच शुरु कर दी गई है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। युवक को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। उसके परिवार वालों का आरोप है कि खरखौदा थाने में तैनात सिपाही संतोष कुमार और दिनेश पिछले मंगलवार की रात खंदावली गांव में उनके आवास पर तलाशी लेने के लिए पहुंचे और दावा किया कि उन्हें घर में अवैध हथियार रखे होने की सूचना मिली है। </p>
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                                                            <category>राज्य</category>
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                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Sep 2023 17:36:42 +0530</pubDate>
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