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                <title>Public Healthcare - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Public Healthcare RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>35 जगह मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों में 1705 मरीजों का हुआ उपचार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिले में रविवार को आयोजित 35 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मेलों में कुल 1705 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। इनमें 696 पुरुष, 695 महिलाएं तथा 314 बच्चे शामिल रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही जांच, उपचार, दवा एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य मेलों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186786/1705-patients-were-treated-in-chief-ministers-jan-arogya-melas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260830-wa0595.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले में रविवार को आयोजित 35 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मेलों में कुल 1705 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। इनमें 696 पुरुष, 695 महिलाएं तथा 314 बच्चे शामिल रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही जांच, उपचार, दवा एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य मेलों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श दिया।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 19:01:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल सिर्फ नाम का</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात:</strong>                श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को लेकर क्षेत्रवासियों में बढ़ रहा असंतोष जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है। गंभीर अथवा विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता पड़ने पर आज भी क्षेत्र के मरीजों को श्रीभूमि सिविल अस्पताल अथवा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि अस्पताल में ईएनटी (कान, नाक</div>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186616/dulabhchhada-model-hospital-of-shribhoomi-district-is-in-name-only"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001742063.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात:</strong>        श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को लेकर क्षेत्रवासियों में बढ़ रहा असंतोष जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है। गंभीर अथवा विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता पड़ने पर आज भी क्षेत्र के मरीजों को श्रीभूमि सिविल अस्पताल अथवा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि अस्पताल में ईएनटी (कान, नाक एवं गला), त्वचा रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग और दंत चिकित्सा सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा हाथ टूटने अथवा हड्डी में चोट लगने जैसी स्थिति में भी आवश्यक प्लास्टर और संबंधित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों को श्रीभूमि सिविल अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि गंभीर और सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए भी मरीजों को बार-बार दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़े, तो दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल को किस हद तक ‘मॉडल’ कहा जा सकता है? उनका कहना है कि अस्पताल कई मामलों में मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के बजाय दूसरे अस्पतालों में रेफर करने का केंद्र बनकर रह गया है। इस स्थिति का सबसे अधिक असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है। इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों तक आने-जाने में अतिरिक्त समय और धन खर्च होता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह परेशानी और गंभीर हो जाती है। कई मरीज मजबूरी में श्रीभूमि के निजी चिकित्सकों से उपचार कराने को विवश होते हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, श्रीभूमि सिविल अस्पताल में भी इलाज के लिए मरीजों को लंबे समय तक कतार में इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में दुल्लभछड़ा से मरीजों को बार-बार बाहर रेफर किए जाने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। विशेषकर आपातकालीन परिस्थितियों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का अभाव गंभीर चिंता का विषय बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अस्पताल का नाम बदलने, भवन तैयार करने या बुनियादी ढांचा विकसित करने से स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर नहीं हो सकती। अस्पताल को वास्तव में मॉडल बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आवश्यक जांच सुविधाओं, संबंधित विभागों की नियमित सेवाओं तथा मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। क्षेत्रवासियों ने इस मामले में असम के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों की मांग है कि दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में जल्द से जल्द आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए और सभी महत्वपूर्ण विभागों में नियमित चिकित्सा सेवाएं शुरू की जाएं। क्षेत्रवासियों की स्पष्ट मांग है कि दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल सिर्फ नाम से मॉडल न रहे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और पूर्ण चिकित्सा सेवाओं के मामले में भी वास्तव में ‘मॉडल’ बने।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 18:08:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इलाज सरकारी, दवा बाजार से ! विक्रमजोत सीएचसी पर मरीजों के गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टरों पर मरीजों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में सरकारी दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें नहीं दी जातीं और अधिकांश दवाएं बाहर की मेडिकल दुकानों से खरीदने के लिए लिख दी जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सरोज देवी, अनीता, कमला, राम करन और गोविंद प्रसाद सहित कई मरीजों ने बताया कि वे सरकारी अस्पताल में इस उम्मीद से इलाज कराने आते हैं कि उन्हें बेहतर चिकित्सकीय सुविधा और निःशुल्क दवाएं मिलेंगी। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर अधिकांश दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिख देते हैं, जिससे गरीब और</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181321/serious-allegations-of-patients-on-vikramjot-chc-for-treatment-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260616-wa0017.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टरों पर मरीजों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में सरकारी दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें नहीं दी जातीं और अधिकांश दवाएं बाहर की मेडिकल दुकानों से खरीदने के लिए लिख दी जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरोज देवी, अनीता, कमला, राम करन और गोविंद प्रसाद सहित कई मरीजों ने बताया कि वे सरकारी अस्पताल में इस उम्मीद से इलाज कराने आते हैं कि उन्हें बेहतर चिकित्सकीय सुविधा और निःशुल्क दवाएं मिलेंगी। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर अधिकांश दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिख देते हैं, जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मरीजों का कहना है कि सरकार द्वारा अस्पतालों में मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर इसका लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं तो मरीजों को उनका लाभ मिलना चाहिए। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से सीएचसी विक्रमजोत की व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराकर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:44:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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