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                <title>Waterlogging - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Waterlogging RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जलभराव से तबाह कारोबार, व्यापारियों ने मांगी राहत राशि</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर) । </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगर में हुई अतिवृष्टि से जलभराव के कारण हुए आर्थिक नुकसान को लेकर व्यापारियों ने प्रशासन से राहत की मांग की है। आदर्श व्यापार मंडल के नेतृत्व में मंगलवार को व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित दुकानदारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि 2 अगस्त को हुई भारी बारिश के दौरान कोतवाली रोड स्थित कई दुकानों और मकानों में पानी भर गया, जिससे दुकानों में रखा सामान खराब हो गया और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जलभराव के चलते कई लोगों की आजीविका भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184691/businessmen-devastated-by-waterlogging-asked-for-relief-amount"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1785857363684.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर) । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर में हुई अतिवृष्टि से जलभराव के कारण हुए आर्थिक नुकसान को लेकर व्यापारियों ने प्रशासन से राहत की मांग की है। आदर्श व्यापार मंडल के नेतृत्व में मंगलवार को व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित दुकानदारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि 2 अगस्त को हुई भारी बारिश के दौरान कोतवाली रोड स्थित कई दुकानों और मकानों में पानी भर गया, जिससे दुकानों में रखा सामान खराब हो गया और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जलभराव के चलते कई लोगों की आजीविका भी प्रभावित हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित दुकानों का शीघ्र सर्वे कराया जाए और शासन की राहत योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि व्यापारी अपने व्यवसाय को दोबारा सुचारु रूप से संचालित कर सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल के साथ वेद प्रकाश अग्रहरि, डॉ. अनूप अग्रहरि, अजय गुप्ता, विजय वर्मा, विजेंद्र प्रताप सिंह, संजय अग्रहरी, राकेश अग्रहरी, विवेक जायसवाल, देवव्रत वर्मा सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 21:04:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगम विस्तार के बाद भी शिक्षक कॉलोनी विकास से वंचित,</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी के माडौका रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल वाली गली के अंतिम छोर पर बनी शिक्षक कॉलोनी के लगभग 50 परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम का विस्तार इस क्षेत्र तक हो चुका है और यहां के निवासी पिछले दो वर्षों से हाउस टैक्स सहित अन्य नगर निगम करों का नियमित भुगतान कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इसके</div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183377/teachers-colony-deprived-of-development-even-after-expansion-of-municipal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी के माडौका रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल वाली गली के अंतिम छोर पर बनी शिक्षक कॉलोनी के लगभग 50 परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम का विस्तार इस क्षेत्र तक हो चुका है और यहां के निवासी पिछले दो वर्षों से हाउस टैक्स सहित अन्य नगर निगम करों का नियमित भुगतान कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसके बावजूद आज तक न तो सड़क अथवा खड़ंजा का निर्माण कराया गया है और न ही जल निकासी के लिए नाली बनाई गई है।क्षेत्रवासियों के अनुसार राजकुमार श्रीवास्तव के घर से लेकर लोटन कुशवाहा के घर तक सड़क और नाली का पूर्ण अभाव है। बारिश के दौरान पानी जमा होने से पूरे मोहल्ले में कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि शिक्षक कॉलोनी में प्राथमिकता के आधार पर सड़क एवं नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो बारिश के मौसम में लोग सड़क पर नहीं, बल्कि पानी से भरे नालों जैसे रास्तों से गुजरने को विवश होंगे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 20:18:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>तमसा की अंतिम सांसें: जलकुंभी का कहर, गंदगी का तांडव</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जिला मुख्यालय अकबरपुर से गुजरने वाली तमसा नदी का बड़ा हिस्सा इन दिनों जलकुंभी और गंदगी के साथ-साथ झाडियों में तब्दील हो चुका है।सबसे बड़ी बात तो यह है कि नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा वार्ड क्षेत्र से निकलने वाला कचरा नदी के किनारे ही डंप किया जा रहा है।तमसा नदी सफाई के नाम पर पालिका द्वारा इस तरह स्वच्छता अभियान की एक ऐसी मुहीम चलाई जाती है कि जिम्मेदार अधिकारी भी तमसा नदी में सफाई करते नजर आते हैं ।नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान की मुहीम नदी के कुछ मीटर के हिस्से तक ही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183254/last-breaths-of-tamsa-havoc-of-water-hyacinth-orgy-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1006297978.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जिला मुख्यालय अकबरपुर से गुजरने वाली तमसा नदी का बड़ा हिस्सा इन दिनों जलकुंभी और गंदगी के साथ-साथ झाडियों में तब्दील हो चुका है।सबसे बड़ी बात तो यह है कि नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा वार्ड क्षेत्र से निकलने वाला कचरा नदी के किनारे ही डंप किया जा रहा है।तमसा नदी सफाई के नाम पर पालिका द्वारा इस तरह स्वच्छता अभियान की एक ऐसी मुहीम चलाई जाती है कि जिम्मेदार अधिकारी भी तमसा नदी में सफाई करते नजर आते हैं ।नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान की मुहीम नदी के कुछ मीटर के हिस्से तक ही सीमित रह जाती है और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया में सुर्खियां बटोरती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उस दौरान की वो तस्वीर जिसमें जिम्मेदार सफाई करते नजर आते हैं।जबकि लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि बरसात के पहले नगर पालिका  द्वारा तमसा नदी की अगर सही तरीके से साफ सफाई कराई  जाए तो नदी के किनारे बने मकान और शहजादपुर नई सड़क के किनारे बने दुकानों में जल भराव जैसी समस्या कभी उत्पन्न ही न हो।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 20:09:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चक फैजुल्ला मोहल्ले में जलभराव से जनजीवन प्रभावित,बीमारियों का बढ़ा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong>नैनी क्षेत्र के चक फैजुल्ला मोहल्ले में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोहल्ले की सड़कों और गलियों में पानी जमा रहने के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण गंदगी और दुर्गंध फैल रही है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि कई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183127/life-affected-due-to-waterlogging-in-chak-faizullah-locality-increased"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0126.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong>नैनी क्षेत्र के चक फैजुल्ला मोहल्ले में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोहल्ले की सड़कों और गलियों में पानी जमा रहने के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण गंदगी और दुर्गंध फैल रही है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जलकल विभाग और संबंधित अधिकारियों द्वारा समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और जलकल विभाग से मांग की है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था कर जलभराव की समस्या का जल्द से-जल्द स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और संभावित बीमारियों के खतरे से बचाव हो सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:46:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्यालय के मार्ग की दशा दयनीय व चिंताजनक - कांग्रेस नेता विवेक पाण्डेय </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विधानसभा मेजा क्षेत्र के अंदर मेजा खास में जवाहर नवोदय विद्यालय को जाने वाले मार्ग की दशा दयनीय व चिंताजनक, साथ ही वर्षा हो जाने पर जलमग्न हो जाता है यह मार्ग विधानसभा मेजा क्षेत्र के अंदर मेजा खास में विगत कई वर्षों पहले से स्थापित हुए जवाहर नवोदय विद्यालय में पहुंचने का एक अहम मार्ग जो आवागमन के किरदार को निभाता है लेकिन दुर्भाग्यवश यह मार्ग बहुत ही बदहाली के दौर में है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जब कि इस इस मार्ग पर प्रतिदिन छात्रों सहित अन्य लोगों के साथ ही मेजा खास क्षेत्र के अतिरिक्त ग्राम बसहरा, बिगहना,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182962/the-condition-of-the-school-road-is-pathetic-and-worrying"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260708-wa0148.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधानसभा मेजा क्षेत्र के अंदर मेजा खास में जवाहर नवोदय विद्यालय को जाने वाले मार्ग की दशा दयनीय व चिंताजनक, साथ ही वर्षा हो जाने पर जलमग्न हो जाता है यह मार्ग विधानसभा मेजा क्षेत्र के अंदर मेजा खास में विगत कई वर्षों पहले से स्थापित हुए जवाहर नवोदय विद्यालय में पहुंचने का एक अहम मार्ग जो आवागमन के किरदार को निभाता है लेकिन दुर्भाग्यवश यह मार्ग बहुत ही बदहाली के दौर में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जब कि इस इस मार्ग पर प्रतिदिन छात्रों सहित अन्य लोगों के साथ ही मेजा खास क्षेत्र के अतिरिक्त ग्राम बसहरा, बिगहना, सिटकी, रामनगर के अलावा आदि ग्रामीण अंचलों को यह मार्ग जोड़ता है साथ ही प्रयागराज के कोरांव तहसील के कुछ भागों को जोड़ने का काम करता है। इस मार्ग के अंदर कई स्थानों पर जलभराव रहता है और जलभराव के बीच से ही लोगों का आवागमन करते हुए उक्त पुराने मार्ग के दुर्दशा को झेलने के लिए विवश है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सूचना का अधिकार के प्रदेश महासचिव व प्रभारी प्रयागराज मंडल विवेक पाण्डेय ने अपने वक्तव्य के माध्यम से कहा कि इस मार्ग पर सफर करना टेढ़ी खीर के साथ बेहद ही दुर्लभ है। और यही नहीं बल्कि वर्तमान में विधानसभा मेजा के अंतर्गत क्षेत्र मेजा खास जिस तरह से विकास के दावे किए जा रहे हैं वह केवल एक कोरे कागज की तरह से आज भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जब कि यह अहम मार्ग नवोदय विद्यालय के अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों सहित शिक्षकों को भी इसी दयनीय स्थिति के मार्ग से गुजरना पड़ता है। </div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182962/the-condition-of-the-school-road-is-pathetic-and-worrying</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:11:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बभनान मंडी के मुख्य द्वार पर जलभराव व गंदगी, व्यवस्था पर उठे सवाल मच्छरों का प्रकोप </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के नगर पंचायत बभनान के वार्ड संख्या 3 पटेल नगर स्थित बभनान–गौर मार्ग पर बनी नवीन सब्जी मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या सामने आई है। मंडी जैसे व्यस्त स्थल के गेट पर बदहाल स्थिति से राहगीरों, ग्राहकों और व्यापारियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मंडी के मुख्य गेट के ठीक सामने सड़क पर लंबे समय से पानी भरा हुआ है, जिससे वहां कीचड़युक्त हालात बन गए हैं। लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182567/questions-raised-on-waterlogging-and-dirt-system-at-the-main"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260702-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के नगर पंचायत बभनान के वार्ड संख्या 3 पटेल नगर स्थित बभनान–गौर मार्ग पर बनी नवीन सब्जी मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या सामने आई है। मंडी जैसे व्यस्त स्थल के गेट पर बदहाल स्थिति से राहगीरों, ग्राहकों और व्यापारियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडी के मुख्य गेट के ठीक सामने सड़क पर लंबे समय से पानी भरा हुआ है, जिससे वहां कीचड़युक्त हालात बन गए हैं। लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता जोखिम भरा हो गया है, जहां फिसलने की आशंका बनी रहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सड़क किनारे कूड़े का ढेर और जलभराव की स्थिति नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। गंदगी के कारण आसपास दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही मंडी में आने वाले ग्राहकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि नियमित सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडी में दुकान लगाने वाले व्यापारियों ने बताया कि गंदगी और जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इससे उनके व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, क्षेत्रीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में अधिशासी अधिकारी (ईओ) कीर्ति सिंह ने बताया कि नाला खुदाई का कार्य कराया जा रहा है और वर्तमान में मिट्टी व पत्थर निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जा रहा है और शीघ्र ही सड़क को समतल कराकर जलभराव की समस्या दूर कर दी जाएगी। कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, जिन्हें जल्द ठीक कर लिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिलहाल स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि मंडी परिसर में स्वच्छता और सुचारु आवागमन सुनिश्चित हो सके।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 18:28:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मॉनसून का करिश्माई रूप और कुदरत की विराट शक्ति के सामने इंसान की सीमाएं तथा असम की बाढ़ से मिला प्रकृति का बड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">असम में मॉनसून की पहली बड़ी बाढ़ ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति जब अपना स्वरूप बदलती है तब इंसान की सारी योजनाएं और सारी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं। जून का अधिकांश समय देश के अनेक हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे। कहीं खेत सूखे रहे तो कहीं जलाशय खाली दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। लेकिन जून के अंतिम दिनों में जैसे ही पूर्वोत्तर भारत में बादलों ने डेरा डाला वैसे ही असम</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182342/the-charismatic-form-of-monsoon-and-the-limitations-of-humans"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas26.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">असम में मॉनसून की पहली बड़ी बाढ़ ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति जब अपना स्वरूप बदलती है तब इंसान की सारी योजनाएं और सारी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं। जून का अधिकांश समय देश के अनेक हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे। कहीं खेत सूखे रहे तो कहीं जलाशय खाली दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। लेकिन जून के अंतिम दिनों में जैसे ही पूर्वोत्तर भारत में बादलों ने डेरा डाला वैसे ही असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते नदियां उफान पर आ गईं और हजारों परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए। यह दृश्य केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं बल्कि यह संदेश भी है कि प्रकृति के अपने नियम हैं और उसके सामने मनुष्य की शक्ति सीमित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम के अनेक जिलों में हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों गांव पानी में घिर गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। पशुधन भी संकट में है। रेल संपर्क बाधित हो गया है और लोगों का सामान्य जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यह केवल असम की समस्या नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है क्योंकि प्राकृतिक आपदाएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहतीं। कभी पहाड़ों में बादल फटते हैं तो कभी मैदानों में नदियां उफान पर आ जाती हैं। कहीं समुद्र तूफान लेकर आता है तो कहीं सूखा लोगों की जिंदगी कठिन बना देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा ने भी स्थिति को गंभीर बना दिया है। पहाड़ों से उतरने वाला पानी असम की नदियों में पहुंचा और बाढ़ का स्वरूप और भी भयावह हो गया। यह प्रकृति का वही चक्र है जिसे मनुष्य पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकता। विज्ञान ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं लेकिन आज भी बादलों को आदेश नहीं दिया जा सकता कि वे कहां बरसें और कितनी देर तक बरसें। यही कारण है कि कुदरत के सामने हर व्यक्ति समान रूप से असहाय दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मॉनसून भारत की जीवनरेखा माना जाता है। देश की कृषि का बड़ा हिस्सा आज भी वर्षा पर निर्भर है। अच्छी बारिश होती है तो खेतों में हरियाली छा जाती है और किसानों के चेहरे खिल उठते हैं। लेकिन यही बारिश जब सीमा से अधिक हो जाती है तब वही जीवनदायिनी जलधारा विनाश का कारण बन जाती है। इस बार भी यही देखने को मिला। जहां देश के कई हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे वहीं असम में इतनी अधिक वर्षा हुई कि लोगों के घर और खेत पानी में डूब गए। प्रकृति का यही विरोधाभास उसे रहस्यमयी और करिश्माई बनाता है।</div>
<div style="text-align:justify;">देश के अनेक किसान इस समय कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे हैं। कहीं बारिश नहीं होने से बुवाई प्रभावित हुई है तो कहीं अत्यधिक वर्षा ने तैयारियां बिगाड़ दी हैं। खेती पूरी तरह मौसम पर आधारित है और मौसम का मिजाज हर वर्ष बदलता रहता है। किसान मेहनत करता है लेकिन अंतिम निर्णय प्रकृति के हाथ में होता है। यही कारण है कि भारतीय किसान सदियों से धरती और आकाश दोनों को समान श्रद्धा से देखता आया है। उसे पता है कि मेहनत उसकी है लेकिन सफलता का आशीर्वाद प्रकृति देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष अधिक मास के कारण लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि मॉनसून देर से आया। चाहे इसके धार्मिक या सांस्कृतिक संदर्भ अलग हों लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से मॉनसून का आगमन समुद्री हवाओं तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। फिर भी भारतीय समाज में प्रकृति और आस्था का गहरा संबंध रहा है। लोग वर्षा को केवल मौसम नहीं बल्कि ईश्वर की कृपा भी मानते हैं। जब समय पर बारिश होती है तो खुशियां आती हैं और जब अत्यधिक या कम वर्षा होती है तो चिंता बढ़ जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम की बाढ़ ने यह भी सिखाया है कि प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से भी संभव है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलना चाहिए। प्रभावित परिवारों तक भोजन दवाइयां और सुरक्षित आश्रय पहुंचाना सबसे पहली जिम्मेदारी है। बच्चों महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। जिन किसानों की फसलें और पशुधन प्रभावित हुए हैं उन्हें आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए ताकि वे दोबारा अपने जीवन को संभाल सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा राज्य सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखना और राहत कार्यों की समीक्षा करना सकारात्मक पहल है। ऐसे समय में राजनीति से ऊपर उठकर केवल मानवता को प्राथमिकता देनी चाहिए। प्राकृतिक आपदा किसी दल या क्षेत्र को देखकर नहीं आती। उसका सामना पूरे समाज को मिलकर करना पड़ता है। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत भी है कि संकट की घड़ी में लोग एक दूसरे का हाथ थाम लेते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता केवल राहत पहुंचाने की नहीं बल्कि भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने की भी है। नदियों के किनारे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जल निकासी की प्रभावी योजना समय पर चेतावनी प्रणाली और पर्यावरण संरक्षण जैसे उपाय भविष्य में नुकसान कम कर सकते हैं। जंगलों की अंधाधुंध कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के असंतुलित दोहन ने भी कई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं को बढ़ाया है। यदि मनुष्य प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलेगा तो आपदाओं की तीव्रता को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुदरत का अपना अद्भुत स्वभाव है। वही धरती को हरियाली देती है वही नदियों को जीवन देती है वही अन्न उपजाती है और वही कभी कभी अपनी अपार शक्ति का परिचय भी देती है। मनुष्य ने ऊंची इमारतें बना लीं आधुनिक तकनीक विकसित कर ली और अंतरिक्ष तक पहुंच गया लेकिन बादलों की चाल और नदियों के वेग के सामने आज भी उसकी सीमाएं स्पष्ट दिखाई देती हैं। यही प्रकृति का सबसे बड़ा करिश्मा है कि वह जीवन भी देती है और समय आने पर विनम्रता का पाठ भी पढ़ाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम की बाढ़ केवल एक समाचार नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी और सीख है। हमें प्रकृति का सम्मान करना होगा उसके संतुलन को बनाए रखना होगा और आपदाओं से निपटने की तैयारी को मजबूत करना होगा। बारिश जीवन का उत्सव भी है और जिम्मेदारी की परीक्षा भी। जब तक संतुलन बना रहता है तब तक वर्षा अमृत बनकर बरसती है लेकिन जब संतुलन बिगड़ता है तब वही जल प्रलय का रूप ले लेता है। इसलिए आवश्यक है कि हम प्रकृति को जीतने का नहीं बल्कि उसके साथ सामंजस्य बनाकर चलने का प्रयास करें क्योंकि कुदरत के विराट स्वरूप के सामने अंततः हर मनुष्य विनम्र और लाचार ही दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"><strong>          *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:09:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनी स्टेशन रोड पर जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त, ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वार्ड संख्या-20, चक रघुनाथ के पार्षद राकेश जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर नैनी स्टेशन रोड पर जलनिकासी की गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाकुंभ के दौरान पीडीए द्वारा नाली निर्माण का कार्य कराया गया था, लेकिन निर्माण के बाद भी जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।</div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद ने बताया कि इस संबंध में कई बार नगर आयुक्त को पत्र लिखकर शिकायत की गई। इसके अलावा चीफ इंजीनियर को भी अवगत कराया गया तथा अपर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182245/drainage-system-collapsed-on-naini-station-road"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260628-wa0102.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वार्ड संख्या-20, चक रघुनाथ के पार्षद राकेश जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर नैनी स्टेशन रोड पर जलनिकासी की गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाकुंभ के दौरान पीडीए द्वारा नाली निर्माण का कार्य कराया गया था, लेकिन निर्माण के बाद भी जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।</div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद ने बताया कि इस संबंध में कई बार नगर आयुक्त को पत्र लिखकर शिकायत की गई। इसके अलावा चीफ इंजीनियर को भी अवगत कराया गया तथा अपर नगर आयुक्त ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। बावजूद इसके अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि महापौर द्वारा भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण नालियों का पानी अब सड़कों पर बहने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182245/drainage-system-collapsed-on-naini-station-road</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 13:40:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नामित पार्षद अरुण कुमार मिश्रा के, झूंसी सहित कई क्षेत्रों में विकास कार्यों से जनता खुश।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>झूंसी/प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  नगर निगम प्रयागराज के नामित पार्षद अरुण कुमार मिश्रा ‘पिंटू नेता’ आज जनसेवा, विकास और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के कारण क्षेत्र में एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में पहचान बना चुके हैं। झूंसी, मायापुरी, नैका, छतनाग तथा आसपास के अनेक क्षेत्रों में उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों और जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार की व्यापक सराहना हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों के अनुसार स्ट्रीट लाइट खराब होने, नालियों की सफाई, सड़क मरम्मत, जल निकासी, जलभराव, स्वच्छता एवं अन्य नागरिक समस्याओं के समाधान में पार्षद अरुण मिश्रा की सक्रिय भूमिका लगातार देखने को मिलती</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182088/people-are-happy-with-the-development-works-of-nominated-councilor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260624-wa0100.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>झूंसी/प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> नगर निगम प्रयागराज के नामित पार्षद अरुण कुमार मिश्रा ‘पिंटू नेता’ आज जनसेवा, विकास और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के कारण क्षेत्र में एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में पहचान बना चुके हैं। झूंसी, मायापुरी, नैका, छतनाग तथा आसपास के अनेक क्षेत्रों में उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों और जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार की व्यापक सराहना हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों के अनुसार स्ट्रीट लाइट खराब होने, नालियों की सफाई, सड़क मरम्मत, जल निकासी, जलभराव, स्वच्छता एवं अन्य नागरिक समस्याओं के समाधान में पार्षद अरुण मिश्रा की सक्रिय भूमिका लगातार देखने को मिलती है। कई स्थानों पर लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान उनके प्रयासों से संभव हो सका है, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:52:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तालाब की भूमि की पैमाइश के दौरान 150 एअर जमीन पर मिला अवैध कब्जा - हल्का लेखपाल अख्तर आलम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के तहसील हरैया के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बसन्तपुर में सोमवार को शाम 04 बजे राजस्व टीम ने गोयरी तालाब की पैमाइश किया । राजस्व टीम की पैमाइश के दौरान पता चला कि बैनामे की जमीन के आड़ में तिलकराम पुत्र सुक्खू बसन्तपुर निवासी द्वारा तालाब की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है । राजस्व टीम के पैमाइश के दौरान बैनामेदार तिलक राम द्वारा लगभग 150 एअर भूमि पर अवैध अतिक्रमण मिला ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  आप को बता दे कि रामचेत पुत्र स्व० भगवान दत्त एवं समस्त ग्रामवासी ग्राम बसन्तपुर  सेमरहिया थाना दुबौलिया जिला बस्ती ने आरोप</div>
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<div style="text-align:justify;">इस</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181318/illegal-occupation-of-150-acres-of-land-found-during-measurement"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260616-wa0019.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के तहसील हरैया के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बसन्तपुर में सोमवार को शाम 04 बजे राजस्व टीम ने गोयरी तालाब की पैमाइश किया । राजस्व टीम की पैमाइश के दौरान पता चला कि बैनामे की जमीन के आड़ में तिलकराम पुत्र सुक्खू बसन्तपुर निवासी द्वारा तालाब की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है । राजस्व टीम के पैमाइश के दौरान बैनामेदार तिलक राम द्वारा लगभग 150 एअर भूमि पर अवैध अतिक्रमण मिला ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> आप को बता दे कि रामचेत पुत्र स्व० भगवान दत्त एवं समस्त ग्रामवासी ग्राम बसन्तपुर  सेमरहिया थाना दुबौलिया जिला बस्ती ने आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत बसन्तपुर में गोयरी नामक तालाब है जिस‌का गाटा सं०-375 है इसी तालाब में अमृत सरोबर का भी निर्माण हुआ है। इसी तालाब में पूरब तरफ प्रधान प्रतिनिधि सोमनाथ शर्मा के सहयोग से तिलक राम पुत्र सुक्खू ग्रा० बसन्तपुर ( सेमरहिया ) द्वारा जे० सी०बी लगाकर अवैध कब्जा किया जा रहा था जिसपर ग्रामीण रामचेत पुत्र भगवान दत्त द्वारा 112 पर पुलिस को फोन करके सूचना दी गयी थी 112 पुलिस द्वारा उस समय कार्य बन्द करा दिया गया था 112 पुलिस जाने के बाद पुनः कार्य किया जाने लगा। तालाब से एक नाला निकला हुआ था जो मनोरमा नदी में गिरता था जिसे बन्द कर दिया दिया गया था इसी नाले से होकर 08 से 10 गांवों का पानी बारिश के मौसम में नदी में जाता था ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस नाले के बन्द होने से सभी 10 गांवों के लोग परेशान हैं एवं उनके फसल को काफी नुकसान होने की संभावना है । न्याय हित में ग्रामीणों ने थाना दिवस के दिन  दुबौलिया थाने पर लिखित शिकायत किया था । राजस्व टीम ने ग्राम प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में पैमाइश किया । बैनामे दार तिलक राम पर 150 एअर जमीन अवैध कब्जा करने की पुष्टि होने पर ग्रामीणों ने तत्काल तालाब की जमीन को खाली करने की मांग कर रहे हैं और तालाब की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले भूमाफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं । उक्त प्रकरण में हल्का लेखपाल अख्तर आलम ने बताया कि तालाब की जमीन का पैमाइश निष्पक्ष रूप से किया गया जिस पर बैनामे दार द्वारा तालाब की 150 एअर अवैध कब्जा पाया गया है जिसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जायेगी जिसके आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:42:30 +0530</pubDate>
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