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                <title>Government Funds Misuse - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Government Funds Misuse RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ग्राम पंचायत सिसई पंडित के भ्रष्टाचार को रोकना बीडीओ कुदरहा के लिए बना चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कुदरहा बस्ती । </strong>विकासखंड कुदरहा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिसई पंडित में पटरी सफाई और नाला सफाई के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के किनारे दोनों तरफ बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है, जबकि नाले में करीब 10 फीट तक पानी भरा हुआ है। इसके बावजूद मजदूरों के नाम पर हाजिरी दर्ज किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का सवाल है कि जब नाले में पानी भरा हुआ है तो आखिर नाला सफाई का कार्य किस तरह कराया जा रहा है। वहीं, पटरी सफाई के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186614/stopping-corruption-of-gram-panchayat-sisai-pandit-becomes-a-challenge"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260827-wa0044.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कुदरहा बस्ती । </strong>विकासखंड कुदरहा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिसई पंडित में पटरी सफाई और नाला सफाई के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के किनारे दोनों तरफ बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है, जबकि नाले में करीब 10 फीट तक पानी भरा हुआ है। इसके बावजूद मजदूरों के नाम पर हाजिरी दर्ज किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का सवाल है कि जब नाले में पानी भरा हुआ है तो आखिर नाला सफाई का कार्य किस तरह कराया जा रहा है। वहीं, पटरी सफाई के नाम पर भी धरातल पर अपेक्षित कार्य नहीं दिखाई देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान उर्मिला पर उच्च अधिकारियों की निगरानी से बचते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। साथ ही सचिव और तकनीकी सहायक की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पूर्व में भी जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत से फर्जी भुगतान कराए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यदि पटरी और नाला सफाई के नाम पर सरकारी धन खर्च किया जा रहा है तो मौके पर कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि APO कुदरहा और BDO कुदरहा द्वारा प्रभावी निगरानी नहीं किए जाने से ग्राम पंचायत में कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लग पा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब सवाल यह है कि क्या संबंधित अधिकारी मौके पर स्थलीय जांच कराकर मजदूरों की हाजिरी, कार्य की स्थिति और भुगतान अभिलेखों का सत्यापन करेंगे? जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि सफाई कार्य वास्तव में कराया गया है या सरकारी धन के भुगतान में कोई अनियमितता हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी धन की रिकवरी की मांग की है। खण्ड विकास अधिकारी कुदरहा आलोक कुमार पंकज के लिए ग्राम पंचायत सिसई पंडित के भ्रष्टाचार को रोकना चुनौती बना हुआ है । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 18:06:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>03 महीने से लगातार धड़ल्ले से धोबही में जारी है फर्जीवाड़ा, ज़िम्मेदार कुंभकर्णी नींद में मस्त*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के परसरामपुर   03 महीने से लगातार ग्राम पंचायत धोबही पर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी खजाने को लूटने में ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा जुटी हुई है अर्थात् ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा का जुगाड़ फर्जीवाड़ा करने में सफल दिखाई दे रहा है । ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा सचिव , टीए व मनरेगा एपीओ को मुंहमांगा कमीशन देकर धड़ल्ले से विकसित भारत जी राम जी के कार्यों की फर्जी भुगतान कराने में सफल है । रोजगार सेवक / महिला मेट, ग्राम प्रधान, सचिव, टीए व मनरेगा एपीओ की लापरवाही से प्रदेश सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183745/for-03-months-fraud-has-been-going-on-continuously-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260719-wa0038.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के परसरामपुर   03 महीने से लगातार ग्राम पंचायत धोबही पर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी खजाने को लूटने में ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा जुटी हुई है अर्थात् ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा का जुगाड़ फर्जीवाड़ा करने में सफल दिखाई दे रहा है । ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा सचिव , टीए व मनरेगा एपीओ को मुंहमांगा कमीशन देकर धड़ल्ले से विकसित भारत जी राम जी के कार्यों की फर्जी भुगतान कराने में सफल है । रोजगार सेवक / महिला मेट, ग्राम प्रधान, सचिव, टीए व मनरेगा एपीओ की लापरवाही से प्रदेश सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि विकासखंड परसरामपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत धोबही में लगातार 03 महीने से बड़े पैमाने पर विकास कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़ा का खेल चल रहा है जिसमें रोजगार सेवक / महिला मेट , सचिव , तकनीकी सहायक , एपीओ मनरेगा व बीडीओं अहम भूमिका निभा रहे हैं । ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा का मनरेगा फर्जीवाड़ा करने में लगातार सफल होने पर मनोबल दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है और ग्राम पंचायत धोबही में विकास कार्य धीरे - धीरे बन्द हो रहा है । ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा ने 03 महीने से लगातार कई बार चार तालाबों की खुदाई व सफाई कार्य के नाम पर फर्जी मस्टर रोल जारी करवाई थी और फर्जी फोटो के सहारे चारों फर्जी मस्टर रोल को पूर्ण कर लिया है और सचिव, तकनीकी सहायक , एपीओ मनरेगा व खंड विकास अधिकारी को मुंहमांगा कमीशन का लालच देकर फर्जी भुगतान भी प्राप्त कर ली है । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बड़ी बात यह है कि ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा के मनरेगा भ्रष्टाचार पर क्यों नहीं कार्यवाही हो पा रही है ? तेज तर्रार सीडीओ सार्थक अग्रवाल के कड़े निर्देश के बाद भी ग्राम पंचायत धोबही के मनरेगा भ्रष्टाचार मामले में जांच न हो पाना एवं कार्यवाही न हो पाना जांच का विषय बना हुआ है । जांच एवं कार्यवाही के नाम पर लीपा-पोती किया जा रहा है । ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा पंचायत चुनाव नजदीक देखकर सरकारी खजाने को पूरी तरह लूटने में अपार सफलता प्राप्त की है यदि ऐसे ही जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों का ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा को सहयोग मिलता रहा तो भविष्य में कभी भी ग्राम पंचायत धोबही का समुचित विकास नहीं होगा और ग्राम पंचायत में विकास कार्यों हेतु आई धनराशि सरकारी खाते में नही बचेगी । अर्थात् ग्राम प्रधान की जेब गर्म होगी और सरकारी खाता खाली होगा ।  उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने जांच के कार्रवाई करने का निर्देश दिया है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 18:30:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार छिपाने हेतु जांच अधिकारी अरुण पटेल नही प्रेषित कर रहे जांच रिपोट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के कप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181475/to-hide-corruption-investigating-officer-arun-patel-is-not-sending"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0108.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के कप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार के अनुसार बीडीओ कप्तानगंज के मातहत क्रमचारी ग्राम पंचायत नरहरपुर के पानी भरे तालाब में लगी फर्जी हाजिरी की जांच तो कर लिया है । किन्तु एक सप्ताह बाद भी आख्या प्रेषित नही किया गया है।उनका यह रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जांच आख्या को दबाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जानबूझकर हीला-हवाली की जा रही है वही जांच अधिकारी के बोल भी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। मीडिया से बातचीत में जांच अधिकारी ने बताया कि "आख्या नहीं दी जाएगी और कार्य शून्य होगा", जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि सुविधा शुल्क के भारी बोझ तले दबे होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं ।यह रिपोर्ट साफ तौर पर दर्शाती है कि कैसे धरातल पर भ्रष्टाचार की जांच को दबाने के लिए 'सुविधा शुल्क' और प्रशासनिक सांठगांठ का सहारा लिया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों को शह मिल रही है । वहीं बीडीओ का सचिव व रोजगार सेवक पर कानूनी कार्रवाई करने को हाथ कांप रहे हैं।</div></div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:50:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार रोकने में मुख्य विकास अधिकारी नाकाम धरातल पर 10 मजदूर, कागजों में 61 की हाजिरी गोरखर में मनरेगा कार्य की खुली रही पोल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले मेंमनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना केवल फर्जी हाजिरी तक सीमित नहीं रह गयी है, बल्कि नियमों को ताक पर रखकर 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों से कार्य कराए जाने तक पहुंच गयी है। इससे न केवल योजना की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है, बल्कि सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है विकास खंड सल्टौआ गोपालपुर की ग्राम पंचायत गोरखर में सिकंदरपुर पुलिया से गिधानी सरहद तक नाला खुदाई एवं सफाई कार्य भ्रष्टाचार की भेट चढ़ रही है संबंधित मस्टर रोल में 61 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गयी है, जबकि मौके पर मात्र 10</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181316/chief-development-officer-failed-to-stop-corruption-attendance-of-61"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260616-wa0018.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले मेंमनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना केवल फर्जी हाजिरी तक सीमित नहीं रह गयी है, बल्कि नियमों को ताक पर रखकर 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों से कार्य कराए जाने तक पहुंच गयी है। इससे न केवल योजना की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है, बल्कि सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है विकास खंड सल्टौआ गोपालपुर की ग्राम पंचायत गोरखर में सिकंदरपुर पुलिया से गिधानी सरहद तक नाला खुदाई एवं सफाई कार्य भ्रष्टाचार की भेट चढ़ रही है संबंधित मस्टर रोल में 61 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गयी है, जबकि मौके पर मात्र 10 मजदूर ही कार्य करते पाए गए।</div>
<div> </div>
<div>इतना ही नहीं, कार्यस्थल पर दो किशोर भी काम करते मिले, जो मनरेगा प्रावधानों एवं बाल संरक्षण कानूनों की सीधा उल्लंघन किया जा रहा है। शेष 51 मजदूरों को अनुपस्थित रहने के बावजूद हाजिर दर्शाया गया है। सरकारी अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टि कर सरकारी धन के दुरुपयोग उजागर हो रहा है। रोजगार सेवक रामतौल मौर्य एवं पंचायत सचिव अमरनाथ गौतम की मिलीभगत से फर्जी हाजिरी लगाकर मनरेगा की धनराशि का गबन करने का प्रयास किया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>सरकारी धन के इस दुरुपयोग से न केवल मनरेगा की पारदर्शिता प्रभावित हो रही है, बल्कि योजना के मूल उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने को भी नुकसान पहुंच रहा है।सवाल उठना लाजिमी हो जाता है कि जब मौके पर केवल 10 मजदूर मौजूद थे तो 61 की हाजिरी किस आधार पर दर्ज की गयी है और 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों से कार्य कराने की अनुमति किसने दी? ब्लाक प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा आखिर नियमित निरीक्षण क्यों नहीं किया गया?यदि ऐसे ही फर्जी हाजिरी रजिस्टर में दर्ज होता रहेगा तो सरकारी धन की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:40:03 +0530</pubDate>
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