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                <title>फिट इंडिया - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>फिट इंडिया RSS Feed</description>
                
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                <title>विकसित युवा से विकसित भारत' का संकल्प, लखनऊ में चौथे राष्ट्रीय चिंतन शिविर का समापन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित "विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत (Viksit Yuva for Viksit Bharat)" विषयक चौथा एवं अंतिम क्षेत्रीय चिंतन शिविर शनिवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ। इसके साथ ही देशभर में आयोजित क्षेत्रीय विचार-विमर्श श्रृंखला का समापन हुआ, जिसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन सत्र को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री <strong>रक्षा निखिल खडसे</strong> ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183755/resolve-for-developed-india-from-developed-youth-fourth-national-thinking"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-19-at-18.46.15.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित "विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत (Viksit Yuva for Viksit Bharat)" विषयक चौथा एवं अंतिम क्षेत्रीय चिंतन शिविर शनिवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ। इसके साथ ही देशभर में आयोजित क्षेत्रीय विचार-विमर्श श्रृंखला का समापन हुआ, जिसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन सत्र को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री <strong>रक्षा निखिल खडसे</strong> ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में युवा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से जमीनी स्तर पर युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें देश के विकास में सहभागी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि <strong>MY Bharat</strong>, <strong>Experiential Learning Programme (ELP)</strong>, <strong>Prime Minister Internship Scheme (PMIS)</strong> तथा <strong>Fit India</strong> जैसी योजनाओं पर प्रस्तुत विचार अधिकारियों की प्रतिबद्धता और स्थानीय चुनौतियों की गहरी समझ को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल अपने करियर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के भविष्य के निर्माण में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">युवा कार्यक्रम विभाग के संयुक्त सचिव <strong>शिव रतन</strong> ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों की MY Bharat के साथ बढ़ती साझेदारी इस मंच की उपयोगिता और प्रभाव को प्रमाणित करती है। उन्होंने अधिकारियों से राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक राज्य की चुनौतियां अलग हैं और उनके समाधान भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप होने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-19-at-18.46.15.jpeg" alt="केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने युवा अधिकारियों से राष्ट्र निर्माण में उत्प्रेरक की भूमिका निभाने का किया आह्वान, उत्तर प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य का सम्मान" width="1512" height="1006"></img></p>
<p style="text-align:justify;">MY Bharat की मुख्य कार्यकारी अधिकारी <strong>डॉ. प्रियंका शुक्ला</strong> ने अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि MY Bharat युवाओं को स्वयंसेवा, नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता के सार्थक अवसर प्रदान करने का एक प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने विभिन्न राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों का दस्तावेजीकरण और व्यापक स्तर पर उनके विस्तार पर भी जोर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">चिंतन शिविर के दूसरे दिन प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) और फिट इंडिया पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा विभिन्न कार्य समूहों ने नशा मुक्त भारत अभियान, फिट इंडिया, जेंडर सेंसिटाइजेशन, युवा नेतृत्व एवं स्वयंसेवा, एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम, सामुदायिक जनसहभागिता तथा MY Bharat एवं MY Bharat NSS के संस्थागत सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर अपनी कार्ययोजनाएं और अनुशंसाएं प्रस्तुत कीं।</p>
<p style="text-align:justify;">दो दिवसीय चिंतन शिविर में इस बात पर सहमति बनी कि MY Bharat को युवाओं के नेतृत्व वाले राष्ट्र निर्माण के सशक्त मंच के रूप में और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर व्यापक पहुंच, संस्थागत समन्वय, तकनीक आधारित कार्यक्रम क्रियान्वयन, स्थानीय भागीदारी तथा अधिकारियों की क्षमता वृद्धि पर विशेष बल दिया गया। साथ ही राज्य-विशिष्ट रणनीतियों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान और मंत्रालय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच सतत संवाद को भी आवश्यक बताया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन समारोह में <strong>उत्तर प्रदेश</strong> को MY Bharat पंजीकरण की सर्वाधिक संख्या के आधार पर <strong>सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य</strong> के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं <strong>दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव</strong> को अपनी युवा आबादी के अनुपात में सर्वाधिक पंजीकरण प्रतिशत हासिल करने के लिए सम्मानित किया गया। मंत्रालय ने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर से प्राप्त सुझाव भविष्य में कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करेंगे और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 19:42:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>योग दिवस: सिर्फ इवेंट बनकर न रह जाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format2"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">21<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi">  को </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi">वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देशभर में मनाया गया। राजधानी दिल्ली के साथ साथ देश के हर शहर और कस्बों में हजारों जगहों पर कार्यक्रम हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में विशेष सत्र में शामिल हुए। तस्वीरें अच्छी आईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बयानबाजी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगले दिन सब सामान्य हो गया। अब सवाल ये है कि क्या योग दिवस सिर्फ एक दिन का इवेंट बनकर रह गया है या इसका जमीनी असर भी दिख रहा है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद: जो दिखता है- हर साल </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून को योग दिवस का मतलब हो जाता है: सरकारी</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181923/yoga-day-should-not-remain-just-an-event"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images.jpeg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format2"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi">वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देशभर में मनाया गया। राजधानी दिल्ली के साथ साथ देश के हर शहर और कस्बों में हजारों जगहों पर कार्यक्रम हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में विशेष सत्र में शामिल हुए। तस्वीरें अच्छी आईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बयानबाजी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगले दिन सब सामान्य हो गया। अब सवाल ये है कि क्या योग दिवस सिर्फ एक दिन का इवेंट बनकर रह गया है या इसका जमीनी असर भी दिख रहा है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद: जो दिखता है- हर साल </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को योग दिवस का मतलब हो जाता है: सरकारी अधिकारी मैट पर बैठे हुए फोटो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल-कॉलेज में अनिवार्य ड्रिल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया पर सेलेब्स के वीडियो</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशों में भारतीय दूतावासों के कार्यक्रम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये सब जरूरी है। इसने योग को ग्लोबल ब्रांड बनाया। </span>2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> से पहले योग को "हिंदू प्रैक्टिस" कहकर खारिज किया जाता था। आज </span>190+ <span lang="hi" xml:lang="hi">देश इसे मनाते हैं। यूएन ने </span>2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> में </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। लेकिन प्रतीकवाद की सीमा यही है कि वो एक दिन में ही खत्म हो जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जमीनी हकीकत: आंकड़े क्या कहते हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">सकारात्मक पक्ष- आयुष मंत्रालय के मुताबिक </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक </span>1.2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख से ज्यादा योग इंस्ट्रक्टर ट्रेंड हो चुके हैं। अब योग को भी स्कूलों में शामिल किया जाने लगा है। सीबीएसई ने </span>6-12<span lang="hi" xml:lang="hi"> क्लास में योग को पार्ट बनाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मेडिकल टूरिज्म-</span>,  <span lang="hi" xml:lang="hi">ऋषिकेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैसूर में योग-आयुर्वेद के लिए विदेशी आ रहे हैं। ये </span>8000<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ का इंडस्ट्री बन गया है। इसका एक कमजोर पक्ष यह है कि ग्रामीण भारत में इसकी पहुंच बहुत कम या ना के बराबर है। एनसीआरबी का हेल्थ सर्वे कहता है कि </span>70%<span lang="hi" xml:lang="hi"> ग्रामीण लोग रोज योग नहीं करते। उनके लिए योग "शहरियों का शौक" है। क्वालिटी का सवाल- </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन के सर्टिफिकेट कोर्स से बने इंस्ट्रक्टर स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। इससे गलत प्रैक्टिस का खतरा है। निरंतरता नहीं-  </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून के बाद ज्यादातर लोग मैट समेट देते हैं। रोजाना योग करने वालों की संख्या </span>15%<span lang="hi" xml:lang="hi"> से ज्यादा नहीं बढ़ी। असर कहां दिखना चाहिए था</span>?- <span lang="hi" xml:lang="hi">योग को स्वास्थ्य नीति का हिस्सा बनना था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हुआ नहीं। नॉन-कम्यूनिकेबल डिजीज पर रोक-  भारत में डायबिटीज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हाई </span>BP, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्रेस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। </span>ICMR <span lang="hi" xml:lang="hi">कहता है कि </span>2030<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक </span>13.4<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ लोग डायबिटिक होंगे। योग प्रिवेंटिव हेल्थ में काम करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आयुष बजट कुल हेल्थ बजट का सिर्फ </span>2.3%<span lang="hi" xml:lang="hi"> है। मानसिक स्वास्थ्य-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">NIMHANS <span lang="hi" xml:lang="hi">के डेटा के मुताबिक भारत में </span>15% <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। योग और प्राणायाम का असर डिप्रेशन-एंग्जाइटी में साबित है। लेकिन मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में योग को मेनस्ट्रीम नहीं किया गया। स्कूलों में योग पीरियड है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन परीक्षा में नहीं पूछा जाता। बच्चे </span>45 <span lang="hi" xml:lang="hi">मिनट करके भूल जाते हैं। अगर इसे फिजिकल एजुकेशन का ग्रेड हिस्सा बनाया जाए तो आदत बने। दूसरे देशों ने क्या किया</span>?- <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका में </span>20,000 <span lang="hi" xml:lang="hi">से ज्यादा स्कूलों में "</span>Yoga in Schools" <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोग्राम चलता है। इंश्योरेंस कंपनियां योग करने वालों को प्रीमियम में छूट देती हैं। चीन में ताई-ची को नेशनल फिटनेस प्रोग्राम बनाया। हर पार्क में सुबह ग्रुप प्रैक्टिस होती है। भारत में हम इवेंट कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पब्लिक हेल्थ सिस्टम में योग को इंटीग्रेट नहीं किया। सवाल यह उठता है कि अब क्या करना चाहिए</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद से हटकर पॉलिसी बनाओ। योग दिवस को सिर्फ इवेंट न रखो। हर जिला अस्पताल में योग थेरेपी सेंटर हो। आयुष्मान भारत में योग कवर हो। क्वालिटी कंट्रोल ऐसा हो जो भी योग सिखाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन सख्त हो। गलत आसन से स्पाइन इंजरी के केस बढ़ रहे हैं। ग्रामीण फोकस-  हर पंचायत में एक योग मित्र हो। जैसे आशा वर्कर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैसे ही योग वर्कर। उन्हें स्टाइपेंड मिले। डेटा पर काम करो- योग से कितने लोगों का शुगर कंट्रोल हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कितनों की दवा कम हुई - ये डेटा इकट्ठा करो। तभी पॉलिसी मेकर मानेंगे। योग दिवस का महत्व कम नहीं हुआ है। इसने भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ाई है। लेकिन अगर अगले </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल भी हम सिर्फ </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">जून को मैट बिछाते रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो योग "इंस्टाग्रामेबल एक्टिविटी" बनकर रह जाएगा। योग का असली मकसद था - "योगः कर्मसु कौशलम्"। काम में कुशलता। वो कुशलता तब आएगी जब योग स्कूल की क्लास से निकलकर अस्पताल की </span>OPD, <span lang="hi" xml:lang="hi">फैक्ट्री के ब्रेक रूम और गांव के चौपाल तक पहुंचे। तस्वीरें अच्छी लगती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बदलाव तब दिखता है जब किसी गांव के डायबिटिक मरीज की दवा आधी हो जाए क्योंकि उसने रोज </span>30 <span lang="hi" xml:lang="hi">मिनट अनुलोम-विलोम किया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:27:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>विश्व योग दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विशाल योग कार्यक्रम का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /></p><blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span></strong>,  </blockquote><p><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर भाग के महाराजा सुहेलदेव नगर द्वारा श्रीराम शाखा पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें समाज के सैकड़ों नागरिकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ के स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज के प्रबंधक</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रवण मिश्रा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत पुनः विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि भारत की प्राचीन योग परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग चिकित्सा एवं योग</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181921/rashtriya-swayamsevak-sangh-organizes-huge-yoga-program-on-world-yoga"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-15.08.50-(1)-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p><br /></p><blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span></strong>,  </blockquote><p><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर भाग के महाराजा सुहेलदेव नगर द्वारा श्रीराम शाखा पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें समाज के सैकड़ों नागरिकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ के स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज के प्रबंधक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रवण मिश्रा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत पुनः विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि भारत की प्राचीन योग परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग चिकित्सा एवं योग पद्धति को आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वभर के लोग भारतीय सनातन संस्कृति और उसकी परंपराओं को जानने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समझने और अपनाने के लिए उत्सुक हैं।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-15.08.50-(1)-(1).jpeg" alt="विश्व योग दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विशाल योग कार्यक्रम का आयोजन" width="1080" height="810"></img></span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित रहने की आवश्यकता है और योग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम सिद्ध हो रहा है। योग से तन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मन और मस्तिष्क स्वस्थ रहते हैं तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक इस कार्य को कुशलतापूर्वक समाज तक पहुंचा रहे हैं।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-15.08.50.jpeg" alt="विश्व योग दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विशाल योग कार्यक्रम का आयोजन" width="1080" height="810"></img></span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह जिला बौद्धिक प्रमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">त्रियुगी नाथ</span></strong>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नगर संघ चालक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">संतोष</span></strong>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सह नगर संघ चालक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्यामू</span></strong>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाग सद्भाव संयोजक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">सुधीर</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तथा नगर समरसता प्रमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विनोद</span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम में नगर समरसता प्रमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विनोद </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ने उपस्थित सभी आगंतुकों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:20:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं योग सप्ताह का भव्य शुभारंभ, जनपद भर में हुए सामूहिक योग कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं योग सप्ताह के अंतर्गत जनपद अमेठी में सोमवार को मुख्यालय सहित सभी तहसीलों, विकास खंडों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्टेडियम अमेठी, वृद्धाश्रम पार्क गौरीगंज, टीकर माफी आश्रम तथा अन्य प्रमुख स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 15 जून से 21 जून तक चलने वाले योग सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन ने सहभागिता कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “Yoga for Healthy Ageing (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग)” निर्धारित की गई है। इस थीम का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181264/grand-inauguration-of-international-yoga-day-and-yoga-week-mass"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1-.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं योग सप्ताह के अंतर्गत जनपद अमेठी में सोमवार को मुख्यालय सहित सभी तहसीलों, विकास खंडों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्टेडियम अमेठी, वृद्धाश्रम पार्क गौरीगंज, टीकर माफी आश्रम तथा अन्य प्रमुख स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 15 जून से 21 जून तक चलने वाले योग सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन ने सहभागिता कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “Yoga for Healthy Ageing (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग)” निर्धारित की गई है। इस थीम का मुख्य उद्देश्य बढ़ती आयु में लोगों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना, सक्रिय जीवनशैली को प्रोत्साहित करना तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है। योग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी संतुलित और सकारात्मक बना रहता है। मुख्यालय स्तर पर जवाहर नवोदय विद्यालय, गौरीगंज में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विकास अधिकारी वीर भानु सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात योगा मास्टर ट्रेनर धर्मेंद्र कुमार वर्मा एवं प्रेम सुधा सिंह द्वारा आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगा मास्टर ट्रेनर धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा व्यक्ति स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन जीने में सक्षम बनता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग की उपयोगिता और भी बढ़ गई है। योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर न केवल वर्तमान को स्वस्थ बनाया जा सकता है, बल्कि वृद्धावस्था को भी अधिक सक्रिय, ऊर्जावान एवं सम्मानजनक बनाया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से प्रतिदिन योग करने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी योग के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी, जिला पंचायती राज अधिकारी मनोज कुमार त्यागी, क्षेत्रीय वन अधिकारी रणवीर मिश्रा, आयुर्वेद विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अनुपम श्रीवास्तव, होम्योपैथी विभाग के डॉ. प्रभात श्रीवास्तव, आयुष विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक माधवेन्द्र प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं योग साधक उपस्थित रहे। जनपद के सभी तहसील एवं विकास खंड मुख्यालयों पर भी योग सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों को योग के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी गई। आयोजकों ने बताया कि 21 जून तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, योग शिविर एवं सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किए जाएंगे। योग सप्ताह के प्रथम दिन आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से जनपदवासियों को योग को दैनिक जीवन में अपनाने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा स्वस्थ एवं समृद्ध समाज के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया। योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 19:35:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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