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                <title>Environmental News - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Environmental News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राजस्थान नहर से एक बड़ा घड़ियाल बचाया गया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़-</strong> एक बड़ी कंज़र्वेशन सफलता में, राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर से 12 फीट से ज़्यादा लंबे एक बड़े घड़ियाल को सफलतापूर्वक बचाया गया है। यह राजस्थान और पंजाब के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की लगभग पांच महीने की लगातार मॉनिटरिंग और मिलकर की गई कोशिशों के बाद हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस गंभीर रूप से लुप्तप्राय रेप्टाइल को पंजाब के छतबीर ज़ू ले जाया गया है, जहाँ ब्यास नदी कंज़र्वेशन रिज़र्व में छोड़ने से पहले जानवरों के डॉक्टर इसकी जांच, रिहैबिलिटेशन और मौसम के हिसाब से ढलने की प्रक्रिया से गुज़रेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस घड़ियाल को पहली बार मार्च 2026 में इंदिरा गांधी नहर में देखा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184433/a-big-crocodile-was-rescued-from-a-rajasthan-canal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1000976086.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़-</strong> एक बड़ी कंज़र्वेशन सफलता में, राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर से 12 फीट से ज़्यादा लंबे एक बड़े घड़ियाल को सफलतापूर्वक बचाया गया है। यह राजस्थान और पंजाब के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की लगभग पांच महीने की लगातार मॉनिटरिंग और मिलकर की गई कोशिशों के बाद हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस गंभीर रूप से लुप्तप्राय रेप्टाइल को पंजाब के छतबीर ज़ू ले जाया गया है, जहाँ ब्यास नदी कंज़र्वेशन रिज़र्व में छोड़ने से पहले जानवरों के डॉक्टर इसकी जांच, रिहैबिलिटेशन और मौसम के हिसाब से ढलने की प्रक्रिया से गुज़रेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस घड़ियाल को पहली बार मार्च 2026 में इंदिरा गांधी नहर में देखा गया था। अगले कुछ महीनों में इसे बचाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन पानी का लेवल ज़्यादा होने, तेज़ बहाव और नहर के बड़े नेटवर्क में जानवर के लगातार घूमने की वजह से ऑपरेशन में देरी हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पानी की स्थिति ठीक होने के बाद इस रेप्टाइल को आखिरकार 27 जुलाई को जैसलमेर ज़िले के मोहनगढ़ माइनर से बचाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों ने कहा कि राजस्थान और पंजाब के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट और फील्ड टीमों के बीच लगातार तालमेल से यह सफल रेस्क्यू मुमकिन हो पाया, जिन्होंने कई जिलों में जानवर की मूवमेंट को करीब से ट्रैक किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पंजाब घड़ियाल कंजर्वेशन के लिए एक अहम जगह के तौर पर उभरा है। WWF-इंडिया और दूसरे कंजर्वेशन पार्टनर्स के टेक्निकल सपोर्ट से पंजाब फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के नेतृत्व में एक कोलेबोरेटिव प्रोग्राम के तहत, 94 छोटे घड़ियालों को पहले ही ब्यास रिवर कंजर्वेशन रिजर्व में दोबारा लाया जा चुका है। बचाए गए बड़े घड़ियाल के आने से ब्यास-हरिके नदी सिस्टम में इस प्रजाति की ठीक हो रही आबादी और मजबूत होने की उम्मीद है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वाइल्डलाइफ अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को प्रजाति कंजर्वेशन के लिए सफल इंटर-स्टेट कोलेबोरेशन का एक अहम उदाहरण बताया, जिससे भारत के सबसे खतरे में पड़े मीठे पानी के रेप्टाइल्स में से एक को बचाने और उत्तर-पश्चिमी भारत में इसके नेचुरल हैबिटैट को फिर से ठीक करने के लिए दोनों राज्यों के कमिटमेंट की पुष्टि होती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 22:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमसा की अंतिम सांसें: जलकुंभी का कहर, गंदगी का तांडव</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जिला मुख्यालय अकबरपुर से गुजरने वाली तमसा नदी का बड़ा हिस्सा इन दिनों जलकुंभी और गंदगी के साथ-साथ झाडियों में तब्दील हो चुका है।सबसे बड़ी बात तो यह है कि नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा वार्ड क्षेत्र से निकलने वाला कचरा नदी के किनारे ही डंप किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तमसा नदी सफाई के नाम पर पालिका द्वारा इस तरह स्वच्छता अभियान की एक ऐसी मुहीम चलाई जाती है कि जिम्मेदार अधिकारी भी तमसा नदी में सफाई करते नजर आते हैं ।नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान की मुहीम नदी के कुछ मीटर के हिस्से तक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183210/last-breaths-of-tamsa-havoc-of-water-hyacinth-orgy-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1006297978-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जिला मुख्यालय अकबरपुर से गुजरने वाली तमसा नदी का बड़ा हिस्सा इन दिनों जलकुंभी और गंदगी के साथ-साथ झाडियों में तब्दील हो चुका है।सबसे बड़ी बात तो यह है कि नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा वार्ड क्षेत्र से निकलने वाला कचरा नदी के किनारे ही डंप किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तमसा नदी सफाई के नाम पर पालिका द्वारा इस तरह स्वच्छता अभियान की एक ऐसी मुहीम चलाई जाती है कि जिम्मेदार अधिकारी भी तमसा नदी में सफाई करते नजर आते हैं ।नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान की मुहीम नदी के कुछ मीटर के हिस्से तक ही सीमित रह जाती है और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया में सुर्खियां बटोरती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उस दौरान की वो तस्वीर जिसमें जिम्मेदार सफाई करते नजर आते हैं।जबकि लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि बरसात के पहले नगर पालिका  द्वारा तमसा नदी की अगर सही तरीके से साफ सफाई कराई  जाए तो नदी के किनारे बने मकान और शहजादपुर नई सड़क के किनारे बने दुकानों में जल भराव जैसी समस्या कभी उत्पन्न ही न हो।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 22:25:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों पर ठेकेदार द्वारा चलाया गया आरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong>   महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182373/a-saw-run-by-a-contractor-on-fruit-trees-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260627-wa0218.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong>  महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना वैध स्वीकृति के कटान किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बीच कथित अवैध कटान से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल तस्वीरों के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि, यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों का यह भी कहना है कि, यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिलहाल पूरे मामले पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगाहें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि, जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना वैध स्वीकृति के कटान किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बीच कथित अवैध कटान से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल तस्वीरों के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि, यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों का यह भी कहना है कि, यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिलहाल पूरे मामले पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगाहें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि, जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:03:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गैर-कानूनी माइनिंग के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कपूरथला,  </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गैर-कानूनी माइनिंग के खिलाफ पंजाब सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी अपनाते हुए, ज़िला एडमिनिस्ट्रेशन ने माइनिंग नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 42 FIR दर्ज की हैं, 110 गाड़ियां ज़ब्त की हैं और 1.25 करोड़ रुपये से ज़्यादा का जुर्माना लगाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल ने कहा कि गैर-कानूनी माइनिंग में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिसके तहत 1 अप्रैल, 2022 से 31 मार्च, 2026 के बीच 42 FIR दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, गैर-कानूनी माइनिंग की गतिविधियों में शामिल 110 गाड़ियां ज़ब्त की गई हैं और उल्लंघन करने वालों पर 1.25</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181158/zero-tolerance-against-illegal-mining"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000903417-(21).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कपूरथला,  </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गैर-कानूनी माइनिंग के खिलाफ पंजाब सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी अपनाते हुए, ज़िला एडमिनिस्ट्रेशन ने माइनिंग नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 42 FIR दर्ज की हैं, 110 गाड़ियां ज़ब्त की हैं और 1.25 करोड़ रुपये से ज़्यादा का जुर्माना लगाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल ने कहा कि गैर-कानूनी माइनिंग में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिसके तहत 1 अप्रैल, 2022 से 31 मार्च, 2026 के बीच 42 FIR दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, गैर-कानूनी माइनिंग की गतिविधियों में शामिल 110 गाड़ियां ज़ब्त की गई हैं और उल्लंघन करने वालों पर 1.25 करोड़ रुपये से ज़्यादा का जुर्माना लगाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी साफ किया कि ज़िला एडमिनिस्ट्रेशन किसी भी कीमत पर गैर-कानूनी माइनिंग को फलने-फूलने नहीं देगा और चेतावनी दी कि माइनिंग नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गैर-कानूनी माइनिंग या उसके ट्रांसपोर्टेशन में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या ग्रुप के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बंसल ने आगे बताया कि माइनिंग, पुलिस और रेवेन्यू डिपार्टमेंट की जॉइंट टीमें सेंसिटिव इलाकों पर कड़ी नज़र रख रही हैं और नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए लगातार चेकिंग कर रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के लोगों से अपील करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि अगर किसी को कोई परेशानी, शिकायत या मदद चाहिए, तो वह बिना किसी झिझक के एडमिनिस्ट्रेशन के हेल्पलाइन नंबर 01822-233777 पर संपर्क कर सकता है। डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन हर समय लोगों की सेवा में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैप्शन- डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 20:02:28 +0530</pubDate>
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