<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/98054/uttar-pradesh-agriculture" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Uttar Pradesh Agriculture - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/98054/rss</link>
                <description>Uttar Pradesh Agriculture RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उप निदेशक कृषि ने उर्वरक केन्द्रों का किया औचक निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शोहरतगढ़ क्षेत्र के उर्वरक के दुकानों की मंगलवार को उप निदेशक कृषि राजेश कुमार द्वारा औचक निरीक्षण कर दुकानदारों के अभिलेखों का गहनता से जांच किया। दुकानदार को निर्देशित किया कि किसानों का फार्मर रजिस्ट्री,खतौनी, आधार देखकर पी ओ एस मशीन पर अंगूठा लगवाकर उचित मूल्य पर उर्वरक का वितरण करें।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उप  निदेशक कृषि राजेश कुमार ने मंगलवार को अपनी टीम के साथ शोहरतगढ क्षेत्र में पहुंच कर चिल्हिया में स्थित संजय ट्रेडिंग कंपनी,पल्टादेवी में स्थित चौधरी क़ृषि रक्षा सेवा केन्द्र,कृषि रक्षा सेवा केन्द्र भदाव और चोडार चौराहा पर स्थित अंशिका फर्टीलाइजर का औचक निरीक्षण किए।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184693/deputy-director-of-agriculture-conducted-surprise-inspection-of-fertilizer-centers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1785856154856.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शोहरतगढ़ क्षेत्र के उर्वरक के दुकानों की मंगलवार को उप निदेशक कृषि राजेश कुमार द्वारा औचक निरीक्षण कर दुकानदारों के अभिलेखों का गहनता से जांच किया। दुकानदार को निर्देशित किया कि किसानों का फार्मर रजिस्ट्री,खतौनी, आधार देखकर पी ओ एस मशीन पर अंगूठा लगवाकर उचित मूल्य पर उर्वरक का वितरण करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उप  निदेशक कृषि राजेश कुमार ने मंगलवार को अपनी टीम के साथ शोहरतगढ क्षेत्र में पहुंच कर चिल्हिया में स्थित संजय ट्रेडिंग कंपनी,पल्टादेवी में स्थित चौधरी क़ृषि रक्षा सेवा केन्द्र,कृषि रक्षा सेवा केन्द्र भदाव और चोडार चौराहा पर स्थित अंशिका फर्टीलाइजर का औचक निरीक्षण किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">औचक निरीक्षण में सभी खाद केन्द्रों पर उर्वरक वितरण/स्टाक रजिस्टर,पी ओ एस मशीन एवं गोदाम में रखें उर्वरकों का जांच किये तथा सभी उर्वरक विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देशित किये की किसानों का फार्मर रजिस्ट्री,खतौनी, आधार देखकर पी ओ एस मशीन पर अंगूठा लगवाकर उचित मूल्य पर उर्वरक का वितरण करें।उप निदेशक कृषि राजेश कुमार ने विक्रेताओं से कहा कि किसानों से शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जायेंगी। औचक निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा अंशिका फर्टीलाइजर चोडार के वितरण रजिस्टर में अंकित किसानों के अभिलेखों का सघनता से जांच कर किसानों से फोन पर बात किया गया, जिसमें किसानों द्वारा संतोषजनक जबाब दिया गया। इस दौरान दुकान पर क्षेत्र के किसान संजय मिश्रा, राम औतार, ध्रुव कुमार, सुधाकर गिरी, अरुण उपाध्याय आदि लोग मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184693/deputy-director-of-agriculture-conducted-surprise-inspection-of-fertilizer-centers</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184693/deputy-director-of-agriculture-conducted-surprise-inspection-of-fertilizer-centers</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 21:06:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1785856154856.jpg"                         length="263463"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनो उर्वरकों के उपयोग आधारित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इफको के नैनो उर्वरक भारतीय कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इनके प्रयोग से सस्ती एवं टिकाऊ खेती करने में सफलता प्राप्त की जा सकती है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उक्त बातें , डॉ.विवेक दीक्षित, प्रधानाचार्य, मोतीलाल नेहरू फार्मरस ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट कॉर्डेट इफको फूलपुर ने ग्राम  सेफ खानपुर वि.खं. बहरिया के कृषकों  हेतु दिनांक 20 जुलाई 2026 को आयोजित  एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कहीं ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  उन्होंने संबोधित करते हुए बताया कि  इफको के नैनो उर्वरक जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक क्रांतिकारी  परिवर्तन ला रहे हैं को जरूर प्रयोग करें।  प्रधानाचार्य ने उपस्थित  कृषक प्रतिभागियों को कार्डेट</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दानेदार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183869/a-one-day-farmer-training-program-based-on-the-use-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260720-wa0173.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको के नैनो उर्वरक भारतीय कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इनके प्रयोग से सस्ती एवं टिकाऊ खेती करने में सफलता प्राप्त की जा सकती है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उक्त बातें , डॉ.विवेक दीक्षित, प्रधानाचार्य, मोतीलाल नेहरू फार्मरस ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट कॉर्डेट इफको फूलपुर ने ग्राम  सेफ खानपुर वि.खं. बहरिया के कृषकों  हेतु दिनांक 20 जुलाई 2026 को आयोजित  एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कहीं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उन्होंने संबोधित करते हुए बताया कि  इफको के नैनो उर्वरक जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक क्रांतिकारी  परिवर्तन ला रहे हैं को जरूर प्रयोग करें।  प्रधानाचार्य ने उपस्थित  कृषक प्रतिभागियों को कार्डेट एवं इफको के क्रियाकलाप से परिचित कराया तथा धान की फसल में नैनो यूरिया प्लस, नैनो कॉपर, नैनो जिंक, एवं नैनो डीएपी के प्रयोग की विस्तार से जानकारी दी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> नैनो उर्वरकों के प्रयोग से कृषि लागत में कमी आएगी साथ ही यूरिया एवं डीएपी के अत्यधिक प्रयोग से जल, मृदा एवं पर्यावरण को होने वाले नुकसान से भी अवगत कराया तथा फसलों में  नैनो डीएपी से बीज/जड़/कंद/सेट शोधित कर बुवाई/रोपाई करने की सलाह दी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दानेदार डीएपी की मात्रा आधी प्रयोग करें नैनो डीएपी 500 मिलीलीटर की बोतल से 100 किलोग्राम बीज को शोधित कर सकते हैं एवं मात्र ₹600 की है जो कि दानेदार डीएपी से काफी सस्ता है नैनो डीएपी के प्रयोग से लागत में कमी आएगी साथ ही उत्पादन एवं उत्पाद की गुणवत्ता भी बढ़ती है तथा नैनो यूरिया फसल की पत्तियों पर @4 ml प्रति लीटर पानी से घोल बनाकर स्प्रे करें। </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में संस्थान की वरिष्ठ अधिकारी  सविता शुक्ला ने फल संरक्षण एवं खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि विभिन्न प्रकार के अचार मुरब्बा और जूस बनाकर के हम  अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं । </div>
<div style="text-align:justify;">समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने खेती में जैव उर्वरकों एवं जैव अप घटकों के प्रयोग की जानकारी दी।  प्रभारी प्रशिक्षण मुकेश तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन किया एवं स्वस्थ व टिकाऊ खेती के लिए मृदा परीक्षण के महत्व को  बताया।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों  को कारडेट की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया। कार्यक्रम में  चंद्रकाली देवी , मीना कुमारी, शकुंतला, मालती , लाखन सिंह, जय सिंह , हरिश्चंद्र, अभय प्रताप सहित कॉर्डेट फूलपुर  के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183869/a-one-day-farmer-training-program-based-on-the-use-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183869/a-one-day-farmer-training-program-based-on-the-use-of</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 21:42:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260720-wa0173.jpg"                         length="176257"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब कानपुर के खेतों, तालाबों में खिल रहे हैं मोती </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>खेत तालाब अब केवल सिंचाई और वर्षा जल संचयन तक सीमित नहीं रह गए हैं। कानपुर नगर के बिधनू विकासखंड स्थित ग्राम सम्भुआ में एक खेत तालाब में मोती उत्पादन और मत्स्य पालन का अभिनव प्रयोग किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लगभग 30 हजार सीपियों पर आधारित इस परियोजना में प्रति सीपी दो मोती तैयार किए जा रहे हैं। इनमें चयनित सीपियों में विशेष मोल्ड तकनीक के माध्यम से स्वस्तिक, भगवान गणेश, पुष्प, पत्तियों तथा अन्य कलात्मक आकृतियों वाले डिजाइनर पर्ल विकसित किए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लगभग 18 से 20 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना से तैयार होने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183735/now-pearls-are-blooming-in-the-fields-and-ponds-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002109825.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>खेत तालाब अब केवल सिंचाई और वर्षा जल संचयन तक सीमित नहीं रह गए हैं। कानपुर नगर के बिधनू विकासखंड स्थित ग्राम सम्भुआ में एक खेत तालाब में मोती उत्पादन और मत्स्य पालन का अभिनव प्रयोग किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लगभग 30 हजार सीपियों पर आधारित इस परियोजना में प्रति सीपी दो मोती तैयार किए जा रहे हैं। इनमें चयनित सीपियों में विशेष मोल्ड तकनीक के माध्यम से स्वस्तिक, भगवान गणेश, पुष्प, पत्तियों तथा अन्य कलात्मक आकृतियों वाले डिजाइनर पर्ल विकसित किए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लगभग 18 से 20 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना से तैयार होने वाले मोती करीब 50 लाख रुपये में बिकने का अनुमान है, जबकि मत्स्य पालन से प्रतिवर्ष लगभग चार लाख रुपये की अतिरिक्त आय होने की संभावना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस परियोजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को इसे जनपद के अन्य खेत तालाब लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा ग्राम सम्भुआ निवासी श्रीमती रश्मि वर्मा के खेत में 22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा एवं तीन मीटर गहरा खेत तालाब निर्मित कराया गया है। योजना के तहत उन्हें खेत तालाब निर्माण पर 50 प्रतिशत (अधिकतम ₹52,500) का अनुदान डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराया गया। कृषि विभाग एवं मणि एग्रो हब के सहयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने तालाब में मोती की खेती शुरू की। वर्तमान में इस परियोजना को लगभग नौ माह पूरे हो चुके हैं तथा करीब 18 माह में मोती तैयार हो जाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस परियोजना की विशेषता यह है कि चयनित सीपियों में विशेष साँचे (मोल्ड) प्रत्यारोपित किए गए हैं, जिन पर सीपी प्राकृतिक रूप से मोती की परतें चढ़ाती है। इसी प्रक्रिया से स्वस्तिक, भगवान गणेश, पुष्प, पत्तियों तथा अन्य कलात्मक आकृतियों वाले डिजाइनर पर्ल तैयार किए जा रहे हैं। सामान्य गोल मोतियों की तुलना में ऐसे डिजाइनर पर्ल आभूषण एवं सजावटी बाजार में अधिक मांग वाले उत्पाद माने जाते हैं, जिससे बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहती है। वहीं सामान्य सीपियों में प्रति सीपी दो मोती तैयार किए जा रहे हैं, जिससे उत्पादन क्षमता भी बढ़ रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">परियोजना के साथ मत्स्य पालन को भी जोड़ा गया है। रश्मि वर्मा ने बताया कि उनके दूसरे खेत तालाब में मत्स्य पालन किया जा रहा है और अब तक तीन बार मत्स्य उत्पादन किया जा चुका है। इससे प्रतिवर्ष लगभग चार लाख रुपये की अतिरिक्त आय होने की संभावना है। उन्होंने अन्य किसानों से भी खेत तालाबों का उपयोग केवल सिंचाई तक सीमित न रखकर मत्स्य पालन, मोती की खेती तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने की अपील की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183735/now-pearls-are-blooming-in-the-fields-and-ponds-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183735/now-pearls-are-blooming-in-the-fields-and-ponds-of</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 17:37:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1002109825.jpg"                         length="126398"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दिलाया विकसित कृषि का संकल्प।।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में शुक्रवार को "प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181676/emphasis-on-increasing-the-income-of-farmers-through-natural-farming"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0182-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में शुक्रवार को "प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने तथा कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं, जैविक खाद के उपयोग, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। किसानों को प्राकृतिक खेती से मिलने वाले लाभों एवं सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सांसद प्रवीण पटेल, विधायकगण, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी), भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष, महापौर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, किसान एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने कृषि क्षेत्र को अधिक उन्नत, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181676/emphasis-on-increasing-the-income-of-farmers-through-natural-farming</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181676/emphasis-on-increasing-the-income-of-farmers-through-natural-farming</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:14:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260619-wa0182-%281%29.jpg"                         length="243381"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से शोभापुर स्केप की खुदाई का कार्य शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज (रायबरेली)</strong> लंबे अरसे से किसानों के लिए समास्या का सबब बनी शोभापुर स्केप इस बार किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी क्योंकि पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से इसकी खुदाई का रास्ता साफ हो चुका है, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बता दें कि महराजगंज ब्लाक क्षेत्र के बरहुवां ग्राम पंचायत अंतर्गत पूरे अभिमान सिंह गांव के पास से शोभापुर स्केप निकली हुई है, जिसकी लंबाई तकरीबन साढ़े चार किलोमीटर है,जो बजट के अभाव में झाड़ियों से पटी होने के कारण, जल निकासी की समास्या बनी हुई थी और हजारों बीघे फसल डूब जाती थी जिससे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181156/excavation-work-of-shobhapur-scape-started-due-to-the-efforts"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0374---2026-06-13t194305.430.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज (रायबरेली)</strong> लंबे अरसे से किसानों के लिए समास्या का सबब बनी शोभापुर स्केप इस बार किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी क्योंकि पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से इसकी खुदाई का रास्ता साफ हो चुका है, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बता दें कि महराजगंज ब्लाक क्षेत्र के बरहुवां ग्राम पंचायत अंतर्गत पूरे अभिमान सिंह गांव के पास से शोभापुर स्केप निकली हुई है, जिसकी लंबाई तकरीबन साढ़े चार किलोमीटर है,जो बजट के अभाव में झाड़ियों से पटी होने के कारण, जल निकासी की समास्या बनी हुई थी और हजारों बीघे फसल डूब जाती थी जिससे किसानों के सामने संकट उत्पन्न हो जाता था।</div><div style="text-align:justify;"> इसकी खुदाई को लेकर क्षेत्रीय किसान कई सालों से परेशान थे और पिछले दिनों पूर्व विधायक राकेश सिंह से मिलकर स्केप की सफाई की मांग की थी जिस पर उन्होंने अधिकारियों से बात कर समास्या के निराकरण के निर्देश दिए थे।</div><div style="text-align:justify;">अब पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से स्केप की खुदाई का काम शुरू हो गया है जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी है, राज्य मंत्री स्वतंत्रत प्रभार दिनेश प्रताप सिंह बड़े भाई गणेश प्रताप सिंह ने अधिशाषी अभियंता सुशील कुमार सिंचाई विभाग की उपस्थिति में नारियल फोड़कर कार्य का शुभारंभ किया।</div><div style="text-align:justify;">स्केप की खुदाई से भीरा, मझिगवां, मलिकपुर बरना,पंचम सिंह गोंदरिहा बरहुआं पखनपुर पूरे श्रध्दा शोभापुर पूरे लाखन सिंह सहित दर्जनों गांवों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।</div><div style="text-align:justify;">शीतला बक्श सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीपू सिंह, पूर्व रंजीत सिंह, राम प्रताप सिंह, सुशील बाजपेई, राजू, चंद्र शेखर श्री राम सिया राम,जय राम लोधी, सहित अन्य मौजूद रहे।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181156/excavation-work-of-shobhapur-scape-started-due-to-the-efforts</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181156/excavation-work-of-shobhapur-scape-started-due-to-the-efforts</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:59:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260613-wa0374---2026-06-13t194305.430.jpg"                         length="30539"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        