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                <title>Animal Welfare - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Animal Welfare RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ पशुधन संरक्षण, गौसंवर्धन और ग्रामीण समृद्धि की उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊः</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ जनपद में पशुधन संरक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, गौसंवर्धन, डेयरी विकास तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग ने पशुपालकों की आय वृद्धि, पशुधन उत्पादकता बढ़ाने, निराश्रित गोवंश संरक्षण तथा विभिन्न पशुधन विकास योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विभाग की योजनाएं केवल उपचार सेवाओं तक सीमित न रहकर पशुधन आधारित आजीविका, संरक्षण और समावेशी विकास का मजबूत माध्यम बनकर उभरी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं के उपचार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण तथा कृत्रिम गर्भाधान जैसी सेवाओं के माध्यम से पशुधन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184371/veterinary-department-lucknow-livestock-protection-cow-promotion-and-rural-prosperity"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊः</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ जनपद में पशुधन संरक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, गौसंवर्धन, डेयरी विकास तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग ने पशुपालकों की आय वृद्धि, पशुधन उत्पादकता बढ़ाने, निराश्रित गोवंश संरक्षण तथा विभिन्न पशुधन विकास योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विभाग की योजनाएं केवल उपचार सेवाओं तक सीमित न रहकर पशुधन आधारित आजीविका, संरक्षण और समावेशी विकास का मजबूत माध्यम बनकर उभरी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं के उपचार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण तथा कृत्रिम गर्भाधान जैसी सेवाओं के माध्यम से पशुधन को सुरक्षित और उत्पादक बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। खुरपका-मुंहपका, ब्रूसेलोसिस तथा अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु व्यापक टीकाकरण अभियान चलाए गए, जिससे पशुधन संरक्षण को बल मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निराश्रित बेसहारा गौवंश संरक्षण योजना के अंतर्गत जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों में 31,343 गौवंशों का संरक्षण 101 गौ आश्रय स्थलों में किया गया है। यह उपलब्धि गौसंरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के संरक्षण, पोषण और उपचार के लिए आश्रय स्थलों की स्थापना तथा संचालन ने पशु कल्याण और सामाजिक सहभागिता दोनों को बढ़ावा दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />गौसंरक्षण को और मजबूत बनाने की दिशा में वृहद गौ संरक्षण केंद्र निर्माण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में 14 वृहद गौ संरक्षण केंद्रों का निर्माण रु. 16.11 करोड़ की लागत से कराया गया है। यह आधारभूत संरचना न केवल निराश्रित गोवंश संरक्षण को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि पशु कल्याण की स्थायी व्यवस्था भी विकसित कर रही है। इन केंद्रों के निर्माण से गोवंश संरक्षण के लिए व्यवस्थित और दीर्घकालिक व्यवस्था सुनिश्चित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />दुग्ध उत्पादन संवर्धन और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में नंदिनीधमनी नंदिनी योजना भी महत्वपूर्ण रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में 09 लाभार्थियों को मिनी नंदिनी योजना का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित कर रही है। इसी प्रकार नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में 09 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। इस मिशन के माध्यम से पशुधन आधारित आजीविका, नस्ल सुधार, उत्पादन क्षमता वृद्धि और आधुनिक पशुपालन को प्रोत्साहन मिला है। यह मिशन पशुधन क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />कुक्कुट विकास योजना 2022 के अंतर्गत भी जनपद लखनऊ में 09 लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया गया है। इस योजना ने मुर्गी पालन को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में प्रोत्साहित किया है। विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए कुक्कुट पालन आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी साधन बनकर उभरा है।पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों, संतुलित आहार, रोग प्रबंधन और डेयरी संचालन संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। इन प्रयासों से पशुपालकों की दक्षता बढ़ी है और वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />नस्ल सुधार के क्षेत्र में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली नस्लों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि और पशुपालकों की आय में सुधार देखने को मिला है। विभाग द्वारा पशुधन को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स तथा ग्रामीण पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से दूरस्थ क्षेत्रों तक उपचार सुविधा पहुंचाई गई है। समय पर उपचार और आपातकालीन सेवाओं ने पशुधन हानि को कम करने में सहायता की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />लखनऊ में पशुपालन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने के लिए डेयरी, बकरी पालन तथा कुक्कुट पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और किसानों की आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित हुए हैं। महिला सशक्तीकरण में भी पशुपालन योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। महिलाओं को डेयरी और लघु पशुपालन गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित किया गया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी इन योजनाओं को गति मिली है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा चारा विकास, पशु पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों पर भी विशेष बल दिया गया है। संतुलित पोषण और वैज्ञानिक प्रबंधन से पशुओं की उत्पादकता और स्वास्थ्य दोनों में सुधार हुआ है। यदि उपलब्धियों को समग्र रूप में देखें तो गौसंरक्षण, पशुधन विकास, डेयरी प्रोत्साहन, कुक्कुट पालन और आधारभूत संरचना विकास जैसे क्षेत्रों में विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 31,343 गौवंश संरक्षण, 101 गौ आश्रय स्थल, 14 वृहद गौ संरक्षण केंद्रों का निर्माण, 16.11 करोड़ रुपये की लागत से आधारभूत संरचना विकास, तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता विभाग की सक्रिय कार्यप्रणाली को दर्शाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग की सफलता में नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शी क्रियान्वयन और योजनाओं की सतत समीक्षा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर निरीक्षण और समीक्षा के माध्यम से योजनाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित की गई है। आज पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ केवल पशु उपचार तक सीमित न रहकर पशुधन आधारित आर्थिक विकास, सामाजिक सहभागिता और ग्रामीण समृद्धि का प्रमुख माध्यम बन चुका है। विभाग की योजनाएं किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को सशक्त बना रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में पशुधन संरक्षण, गौसंवर्धन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। निराश्रित गौवंश संरक्षण योजना, मिनी नंदिनी योजना, नेशनल लाइव स्टॉक मिशन, कुक्कुट विकास योजना तथा वृहद गौ संरक्षण केंद्र निर्माण जैसी पहलें विभाग की प्रभावी कार्यशैली और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। ये उपलब्धियां लखनऊ के समग्र विकास और ग्रामीण समृद्धि को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।</strong></p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 19:37:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो दिन से सरकारी विद्यालय में घायल अवस्था में घूम रहा गाय का बछड़ा, माट साहब का नहीं गया ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हर्रैया सरकार गौसेवा, शिक्षा और संवेदनशील प्रशासन के लाख दावे करे, लेकिन प्राथमिक विद्यालय मझौवा बाबू की यह तस्वीर उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div>  </div>
<div>विद्यालय के जिस कमरे में नौनिहालों को शिक्षा दी जानी चाहिए, उसी कमरे में दो दिन से घायल गौवंश का बछड़ा तड़पता और भटकता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में खून के निशान भी दिखाई दिए, लेकिन विद्यालय खुला होने के बावजूद भी माट साहब का ध्यान उस मूक प्राणी की ओर नहीं गया और उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।</div>
<div>  </div>
<div>गौरतलब है कि कुछ दिन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182385/maat-saheb-did-not-pay-attention-to-the-cows-calf"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260630-wa0098.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हर्रैया सरकार गौसेवा, शिक्षा और संवेदनशील प्रशासन के लाख दावे करे, लेकिन प्राथमिक विद्यालय मझौवा बाबू की यह तस्वीर उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div> </div>
<div>विद्यालय के जिस कमरे में नौनिहालों को शिक्षा दी जानी चाहिए, उसी कमरे में दो दिन से घायल गौवंश का बछड़ा तड़पता और भटकता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में खून के निशान भी दिखाई दिए, लेकिन विद्यालय खुला होने के बावजूद भी माट साहब का ध्यान उस मूक प्राणी की ओर नहीं गया और उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।</div>
<div> </div>
<div>गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी विद्यालय का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कक्षाओं में आवारा कुत्तों का घूमना और ब्लैकबोर्ड की लकड़ी जलाकर खाना बनाते हुए दृश्य सामने आए थे। उस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं दिखा।</div>
<div> </div>
<div>अब एक बार फिर सामने आई यह तस्वीर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। क्या कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है? क्या सरकारी दावों की हकीकत यही है</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा अधिकारी और पशुपालन विभाग से तत्काल घायल बछड़े का उपचार कराने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।जब शिक्षा के मंदिर में मानवता घायल हो जाए, तब सवाल सिर्फ एक विद्यालय का नहीं, पूरी व्यवस्था का होता है।"</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:50:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गौआश्रय स्थल में बदहाली देखकर सीडीओ ने जताई नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  सिद्धार्थनगर।</strong> भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत नावडीह में शुक्रवार को  सीडीओ बलराम सिंह ने गौआश्रय का औचक निरीक्षण किया गया । निरीक्षण में गौआश्रय  की स्थिति देख कर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ग्राम सचिव को निर्देशित किया कि गौआश्रय में भूसा के साथ दाना, चारा  का सही से प्रयोग करें।  नगर पंचायत बिस्कोहर के वार्ड नंबर 2 के हनुमाननगर के गौआश्रय का  निरीक्षण किया जहां गौआश्रय में कई खामियां मिली। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि गौआश्रय में हरा चारा व दाना सुचार रूप से उपलब्ध रहे। उन्होंने  गौआश्रय में कितने कर्मचारी कार्यरत है, इसकी जानकारी ली, बताया</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181143/cdo-expressed-displeasure-after-seeing-the-poor-condition-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781359041719.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong> सिद्धार्थनगर।</strong> भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत नावडीह में शुक्रवार को  सीडीओ बलराम सिंह ने गौआश्रय का औचक निरीक्षण किया गया । निरीक्षण में गौआश्रय  की स्थिति देख कर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ग्राम सचिव को निर्देशित किया कि गौआश्रय में भूसा के साथ दाना, चारा  का सही से प्रयोग करें।  नगर पंचायत बिस्कोहर के वार्ड नंबर 2 के हनुमाननगर के गौआश्रय का  निरीक्षण किया जहां गौआश्रय में कई खामियां मिली। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि गौआश्रय में हरा चारा व दाना सुचार रूप से उपलब्ध रहे। उन्होंने  गौआश्रय में कितने कर्मचारी कार्यरत है, इसकी जानकारी ली, बताया गया कि तीन कर्मचारियों की ड्यूटी है। इस दौरान खण्ड विकास अधिकारी विनोद मणि त्रिपाठी आदि उपस्थित हो।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:37:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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