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                <title>Economic Growth India - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Economic Growth India RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत के विकास का अर्थशास्त्रीय दृष्टिकोण, कुछ भी असंभव नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नेपोलियन का एक बड़ा सूत्र वाक्य था कुछ भी असंभव नहीं है। बिस्मार्क जर्मनी के एक ऐसे सम्राट रहे हैं जिनके बारे में कहा जाता है की उनके हाथों में दो गेंद तथा तीन गेंदें हवा में होती थी, यूरोप का जादूगर भी कहलाता था। पूर्व से ही समुद्रगुप्त ,कनिष्क, सम्राट अशोक, चंद्रगुप्त मौर्य, शेरशाह सूरी जैसे शासकों का अदम्य आत्मविश्वास एवं संघर्ष करने की क्षमता के फल स्वरुप ही भारत आज इस स्वरूप में विद्यमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिंदगी का कैनवास जन्म से लेकर  जिंदगी के अवसान तक समुद्र की तरह विराट और गहराई लिए हुए होता है। जीवन में वयक्तिक,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183675/economic-view-of-indias-development-nothing-is-impossible"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नेपोलियन का एक बड़ा सूत्र वाक्य था कुछ भी असंभव नहीं है। बिस्मार्क जर्मनी के एक ऐसे सम्राट रहे हैं जिनके बारे में कहा जाता है की उनके हाथों में दो गेंद तथा तीन गेंदें हवा में होती थी, यूरोप का जादूगर भी कहलाता था। पूर्व से ही समुद्रगुप्त ,कनिष्क, सम्राट अशोक, चंद्रगुप्त मौर्य, शेरशाह सूरी जैसे शासकों का अदम्य आत्मविश्वास एवं संघर्ष करने की क्षमता के फल स्वरुप ही भारत आज इस स्वरूप में विद्यमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिंदगी का कैनवास जन्म से लेकर  जिंदगी के अवसान तक समुद्र की तरह विराट और गहराई लिए हुए होता है। जीवन में वयक्तिक, पारिवारिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक विकास की संभावनाओं के साथ मनुष्य अपना जीवन प्रारंभ कर विकास प्रगति तथा ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है,बशर्ते उसके व्यक्तित्व में जीवन के प्रति जीजिविषा, संघर्ष करने की क्षमता, अनंत आत्म विश्वास और संयम के घटक मौजूद हो। ऐतिहासिक तौर पर भारतीय विकास सांस्कृतिक संरचना एवं संस्कार के मूलभूत तत्वों को लेकर दुनिया में अभूतपूर्व रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वैसे भी भारतवर्ष सभ्यता से लेकर संस्कृति की प्रकृति के मामले में वैभवशाली इतिहास को समेटे हुए हैं। विकास और प्रगति के सोपान को कोई एक दिन वर्ष अथवा दशक में रेखांकित नहीं किया जा सकता, यह एक निरंतर, सतत एवं समय के साथ चलने वाली क्रिया की प्रतिक्रिया है। और प्रकृति सभ्यता तथा मानव जीवन में परिवर्तन एक अकाट्य सत्य और शाश्वत अभिक्रिया है। व्यक्ति के जीवन तथा समाज या देश में विकास के संदर्भ में एवं घटकों को प्रारंभ से आदमी का धन उपार्जन, गरीबी भुखमरी से लड़ाई भूतकाल की कुरीतियों की विडंबना से संघर्ष का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन सब से समाज की प्रगति और विकास में राजाओं, सम्राटों की कूटनीति ,राजनीति सर्वोपरि रही है इतिहास से लेकर अब तक मनुष्य देश और विश्व के विकास में राजनैतिक नीति निर्देशक तत्व ही देश को बलवान,शक्तिहीन,भौगोलिक रूप से बड़ा या छोटा बनाते आए हैं। किसी भी राष्ट्र के राजा, सम्राट या राष्ट्र प्रमुख की अपनी क्षमता ,शक्ति, ऊर्जा और उसके विवेक से उस राष्ट्र की प्रगति विशाल या न्यूनतम होती देखी गई है। भूतकाल में कई संघर्षशील एवं उत्साह से लबरेज यात्रियों के वृतांत हमारी नजरों में आए हैं यथा कोलंबस और वास्कोडिगामा जैसे अत्यंत ऊर्जावान संघर्षशील और साहसिक यात्रियों द्वारा लगभग नामुमकिन रास्तों की खोज कर एक मिसाल कायम की है।</p>
<p style="text-align:justify;">अर्थशास्त्रीय दृष्टिकोण से भी किसी भी राष्ट्र में सदैव विकास वैभव और आर्थिक तंत्र को मजबूत करने की संभावनाएं अवस्थित रहती हैं। भारत की विशाल जनसंख्या को देखते हुए भारत में गरीबी, भुखमरी ,बाढ़ तथा अन्य विभीषिका सदैव आती जाती रहती हैं। विशाल जनसंख्या के होने के कारण भारत में ही भारत की बड़ी जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है और केवल भारत के कुछ नागरिकों को ही सारी जीवन की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, बाकी लोग इन सुविधाओं से वंचित भी हैं। हमारा देश स्वतंत्रता के बाद से ही आवाज की कमी भूख गरीबी भ्रष्टाचार काला धन हवाला कुपोषण बेरोजगारी की बड़ी समस्याओं से जूझ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की विशाल जनसंख्या के बावजूद ऐतिहासिक तौर पर देश सांस्कृतिक वैचारिक और संस्कारी ग्रुप से सदैव समृद्ध रहा है और धार्मिक रूप से भी देश में ज्ञान की जड़े बहुत गहराई तक हैं। भारत को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने के लिए वेद, पुराण, उपनिषद, गीता ,रामायण ,महाभारत महा ग्रंथों की पृष्ठभूमि बड़ी ही शक्तिशाली है। देश में अनेक साधु संत ज्ञानी जिनमें मोहम्मद मूसा कबीर, रैदास, नामदेव, तुकाराम चैतन्य, तुलसीदास शंकरदेव जैसे महापुरुषों ने देश के सांस्कृतिक आध्यात्मिक विकास मैं अभूतपूर्व योगदान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में अनेक विदेशी आक्रमणों को झेल कर उन्हें आत्मसात किया है किंतु हमारी संस्कृत पाली एवं प्राकृत भाषा अन्य भाषाओं के साथ आज भी समृद्ध है। भारत में अनेक भाषा क्षेत्र एवं बोलियां हैं किंतु हिंदी, पंजाबी, गुजराती, बांग्ला, मराठी ,असमिया भाषाएं उसी तरह पल्लवित पुष्पित हो रही हैं जैसे की संस्कृत और प्राकृत पाली भाषा होती रही है। भारत में स्वाधीनता के बाद विकास के प्रगति के पथ पर वैज्ञानिक क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया और पृथ्वी से लेकर नभ तक हर क्षेत्र में मानव की अतीव उत्कंठा ,जीजिविषा के कारण हमने चांद पर भी अपने वायुयान भेजें हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">देश के नागरिकों की भौतिकवादी सुविधा के लिए भी हमने वतानुकुलित यंत्र ,वायुयान तेज चलने वाली ट्रेनें और वायुमंडल में अनेक ऐसे तथ्यों को जो आज तक छुपे हुए थे उजागर कर अपने महत्व के लिए इसका उपयोग करना शुरू किया है। यह कहावत आशाओं पर आकाश टिका हुआ है और आकाश का कोई अंत नहीं यानी मनुष्य की इच्छाओं का कोई अंत नहीं है मनुष्य पर सही प्रतीत होती है।इसी तरह प्रगति और विकास का भी कोई अंत या अनंत नहीं है। भारत देश में वैश्विक स्तर पर राजनैतिक सामाजिक वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक स्तर पर काफी प्रगति की एवं विश्व में योग अध्यात्म दर्शन का लोहा भी मनवाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मनुष्य की अभिलाषा का कोई निश्चित लक्ष्य नहीं है, मनुष्य मूल रूप से अत्यंत महत्वकांक्षी,लोलुप एवं इच्छाओं का दास हुआ करता है, ऐसे में पूर्व में किए गए कार्यों को निरंतर सुधार कर उसे नए रूप में प्राप्त करना मनुष्य की अभिलाषा हो सकती है,पर इसके लिए अथक मेहनत संघर्ष आत्मविश्वास एवं संयम की आवश्यकता होगी तभी जाकर हम अपने नए-नए लक्ष्यों को विकास तथा प्रगति के पैमाने पर टटोलकर आगे बढ़ा सकते हैं। पर लक्ष्य की प्राप्ति के साधन जरूर सच्चे ,पवित्र और मानव कल्याण की ओर अग्रेषित होने चाहिए, तब ही विकास प्रगति चाहे वह आध्यात्मिक, सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक अथवा वैज्ञानिक ही क्यों ना हो सफल हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 22:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सर्किट हाउस में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सर्किट हाउस में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम के अन्तर्गत कहा कि मा0 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश की प्रगति तथा विकास के हर क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक एवं सराहनीय कार्यों द्वारा आम जनमानस का जीवन स्तर ऊंचा उठाने हेतु सतत् प्रयास किया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि सुशासन को समर्पित प्रधानमंत्री के द्वारा 140 करोड़ भारतीयों की निरन्तर सेवा के 12 वर्ष पूर्ण हो चुके है। इसी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181135/media-interaction-program-organized-by-minister-in-charge-surya-pratap-shahi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0097.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सर्किट हाउस में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम के अन्तर्गत कहा कि मा0 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश की प्रगति तथा विकास के हर क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक एवं सराहनीय कार्यों द्वारा आम जनमानस का जीवन स्तर ऊंचा उठाने हेतु सतत् प्रयास किया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि सुशासन को समर्पित प्रधानमंत्री के द्वारा 140 करोड़ भारतीयों की निरन्तर सेवा के 12 वर्ष पूर्ण हो चुके है। इसी के उपलक्ष्य में विश्वास, विकास के जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को संतृप्त किया जा रहा है। मा0 मंत्री ने प्रेस-वार्ता के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के इस स्वर्णिम कार्यकाल में अबतक किए गये जनहित कार्यो से भारत की तस्वीर व तकदीर दोनो बदली है। उन्होने कहा कि वर्ष 2014 में यह सरकार बनी है तब से सरकार ने सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के आधार पर जनहितकारी कार्य किया है, बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ पात्रता के आधार पर दिया जा रहा है। सुशासन के लिए जनसुझावों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने 10 करोड़ करीब परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन देकर उनके जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास किया है। मा0 मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं व शिशुओं की सुरक्षा, नियमित टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव एवं समुचित चिकित्सा हेतु तत्परतापूर्वक कार्य किया है। पी.एम. कुशुम, पी.एम. सूर्यघर, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सड़को एवं सम्पर्क मार्गो का विस्तारीकरण, रेलवे, बिजली उत्पादन एवं आपूर्ति, एयरपोर्ट, रक्षा एवं अनुसंधान, एक्सप्रेस-वे, आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीक एआई जैसे अभिनव प्रयोग कर आम जनमानस को सामाजिक, आर्थिक रूप से विकसित करने का सतत् कार्य किया गया है। देश में भ्रष्टाचार एवं आतंकवाद को समाप्त करने के लिए अभियान चलाकर कार्य किया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> मा0 मंत्री ने कहा कि जनपद में किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण व शहरी), प्रधानमंत्री मातृ वंदन, प्रधानमंत्री जनधन, पी.एम. स्वनिधि,, प्रधानमंत्री जन आरोगय, जलजीवन मिशन ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविकास मिशन, व्यक्तिगत व सामूहिक शौचलयों का निर्माण, वृद्धा, निराश्रित महिला व दिव्यांग पेंशन, कन्या सुमंगला योजनाओं सहित अन्य संचालित योजनाओं द्वारा पात्र लाभार्थियों को आच्छादित किया गया है।  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि विगत 12 वर्षों में देश को नई दिशा, नई ऊर्जा और नई पहचान मिली है। भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है तथा हम वैश्विक मंच पर मजबूत नेतृत्व के रूप में उभरे हैं। मा0 प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमेशा गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों तथा सभी वर्गों के लिए कार्य किया गया है। आज हम खाद्यान्न, रक्षा, चिकित्सा, आयुध उपकरणों के निर्माण में पहले से अधिक आत्मनिर्भर हैं, आज देश में शांति एवं कानून व्यवस्था का राज स्थापित है, हम सभी निडर होकर पहले से अधिक सम्मान से राष्ट्र के निर्माण में प्रगति कर रहे है।  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा विवेकानन्द मिश्रा, पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, रवि सोनकर, चन्द्र प्रकाश शुक्ला, संजय प्रताप जायसवाल, अपना दल के विवेक चौधरी, गोपेश्वर त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल, सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती, एसडीएम सदर हिमांशु कुमार, डीएसटीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव, डीपीओ राजेश कुमार, उप निदेशक कृषि, अशोक कुमार, उप निदेशक कृषि एवं रक्षा रामबचन राम तथा जिला कृषि अधिकारी डा. बी.आर. मौर्य सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रेस प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:07:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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