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                <title>Public Funds - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Public Funds RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ग्राम पंचायत सिसई पंडित के भ्रष्टाचार को रोकना बीडीओ कुदरहा के लिए बना चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कुदरहा बस्ती । </strong>विकासखंड कुदरहा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिसई पंडित में पटरी सफाई और नाला सफाई के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के किनारे दोनों तरफ बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है, जबकि नाले में करीब 10 फीट तक पानी भरा हुआ है। इसके बावजूद मजदूरों के नाम पर हाजिरी दर्ज किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का सवाल है कि जब नाले में पानी भरा हुआ है तो आखिर नाला सफाई का कार्य किस तरह कराया जा रहा है। वहीं, पटरी सफाई के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186614/stopping-corruption-of-gram-panchayat-sisai-pandit-becomes-a-challenge"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260827-wa0044.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कुदरहा बस्ती । </strong>विकासखंड कुदरहा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिसई पंडित में पटरी सफाई और नाला सफाई के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के किनारे दोनों तरफ बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है, जबकि नाले में करीब 10 फीट तक पानी भरा हुआ है। इसके बावजूद मजदूरों के नाम पर हाजिरी दर्ज किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का सवाल है कि जब नाले में पानी भरा हुआ है तो आखिर नाला सफाई का कार्य किस तरह कराया जा रहा है। वहीं, पटरी सफाई के नाम पर भी धरातल पर अपेक्षित कार्य नहीं दिखाई देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान उर्मिला पर उच्च अधिकारियों की निगरानी से बचते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। साथ ही सचिव और तकनीकी सहायक की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पूर्व में भी जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत से फर्जी भुगतान कराए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यदि पटरी और नाला सफाई के नाम पर सरकारी धन खर्च किया जा रहा है तो मौके पर कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि APO कुदरहा और BDO कुदरहा द्वारा प्रभावी निगरानी नहीं किए जाने से ग्राम पंचायत में कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लग पा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब सवाल यह है कि क्या संबंधित अधिकारी मौके पर स्थलीय जांच कराकर मजदूरों की हाजिरी, कार्य की स्थिति और भुगतान अभिलेखों का सत्यापन करेंगे? जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि सफाई कार्य वास्तव में कराया गया है या सरकारी धन के भुगतान में कोई अनियमितता हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी धन की रिकवरी की मांग की है। खण्ड विकास अधिकारी कुदरहा आलोक कुमार पंकज के लिए ग्राम पंचायत सिसई पंडित के भ्रष्टाचार को रोकना चुनौती बना हुआ है । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 18:06:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वीडियो की सह परभानपुर में ग्राम प्रधान, सचिव व टीए की मिलीभगत से सरकारी धन का हो रहा लूट</title>
                                    <description><![CDATA[आनलाइन मस्टर रोलपंचायत चुनाव को नजदीक देख ग्राम प्रधान शकुन्तला देवी ने सरकारी धन को लूटने में झोंकी पूरी ताकत सचिव प्रिया शुक्ला, तकनीकी सहायक एस ० के ० सिंह ने भ्रष्टाचार को बढ़ाने में लगाया है पूरी ताकत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182770/video-government-money-is-being-looted-in-parbhanpur-with-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0094.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के विकास खंड हरैया केग्राम पंचायत भानपुर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी / सचिव प्रिया शुक्ला का चयन मंडी समिति में हो गया है लेकिन अभी तक सचिव प्रिया शुक्ला विकासखंड हरैया में कार्यरत हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सचिव प्रिया शुक्ला विकासखंड हरैया से जाते-जाते अपनी साफ सुथरी छवि धूमिल करने पर तुली हुई है यदि सचिव ग्राम प्रधान शकुंतला देवी को सह न देती तो ग्राम प्रधान शकुंतला देवी पानी से भरे तालाब में विकसित भारत की जी राम जी के नाम पर मजदूरों की फर्जी हाजिरी न लगती । पानी से भरे तालाब में विकसित भारत जी राम जी के नाम पर मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगने पर सचिव प्रिया शुक्ला के कार्यों पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है और तकनीकी सहायक हरि किशन सिंह भी ग्राम पंचायत भानपुर में कमीशन के लालच पानी से भरे तालाब की फर्जी एमबी की तैयारी में जुटे हुए हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   सूत्रों की माने तो तकनीकी सहायक हरि किशन सिंह ने ग्राम पंचायत भानपुर में पूर्व भी कई विकास कार्यों के नाम पर फर्जी एमबी कर चुके हैं और फर्जी एमबी के सहारे ग्राम प्रधान शकुंतला देवी फर्जी भुगतान प्राप्त कर चुकी हैं । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      विकसित भारत जी राम जी के कार्य को पलीता लगाने वाली रोजगार सेवक वर्षा जायसवाल व ग्राम प्रधान शकुंतला देवी के भ्रष्टाचार के आगे खंड विकास अधिकारी हरैया विनय कुमार द्विवेदी नतमस्तक हो चुके हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     मीडिया टीम धरातलीय पड़ताल में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत भानपुर के राजस्व गांव नागपुर के सभी तालाब एवं गढही में पानी भरा है । सरकारी धन लूटने के उद्देश्य मजदूरों के नाम पर फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बातचीत में ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि ग्राम प्रधान शकुंतला देवी व ब्लॉक हरैया के जिम्मेदार अधिकारियों का कर्मचारियों की मनमानी से 05 वर्षों से ग्राम पंचायत भानपुर तरस रहा है । जब तक ग्राम प्रधान शकुंतला देवी व रोजगार सेवक वर्षा जायसवाल व अन्य भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक ऐसे ही सरकारी धन के लूटने का खेल जारी रहेगा । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      अब देखना यह है कि डीसी मनरेगा संजय शर्मा के द्वारा उक्त प्रकरण में क्या कार्यवाही की जाती है ?</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:14:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सेवा के अंतिम दौर में बीडीओ ने 22 जून को तालाब व खेल मैदान पर लगवाया फर्जी हाज़िरी*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>कप्तानगंज बीडीओ चन्द्रभान उपाध्याय रिटायर्ड की रेखा पर खड़े हुए हैं ।और उनके द्वारा किए/कराए गए भ्रष्टाचार की चर्चा जोरों पर बनी हुई है ।पिछले दिनों ग्राम पंचायत नरहरपुर में ललहवा पर तालाब खुदाई कार्य में हुए भ्रष्टाचार को लेकर डीसी मनरेगा बस्ती द्वारा नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया था ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">साहब के आदेशों को पैर की जुती समझ कर 20 दिन बाद भी वीडीओ आख्या प्रेषित करना मुनासिब नहीं समझते। जिसका नतीजा यह है कि सचिव पंकज सिंह का भ्रष्ट्राचार रुक नहीं रहा है कार्यवाही न होने से पुनः एक बार फिर उसी साइड पर मस्टररोल जारी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182458/in-the-last-round-of-service-bdo-imposed-fake-attendance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260624-wa0090.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>कप्तानगंज बीडीओ चन्द्रभान उपाध्याय रिटायर्ड की रेखा पर खड़े हुए हैं ।और उनके द्वारा किए/कराए गए भ्रष्टाचार की चर्चा जोरों पर बनी हुई है ।पिछले दिनों ग्राम पंचायत नरहरपुर में ललहवा पर तालाब खुदाई कार्य में हुए भ्रष्टाचार को लेकर डीसी मनरेगा बस्ती द्वारा नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया था ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साहब के आदेशों को पैर की जुती समझ कर 20 दिन बाद भी वीडीओ आख्या प्रेषित करना मुनासिब नहीं समझते। जिसका नतीजा यह है कि सचिव पंकज सिंह का भ्रष्ट्राचार रुक नहीं रहा है कार्यवाही न होने से पुनः एक बार फिर उसी साइड पर मस्टररोल जारी कर रोजगार सेवक सुनील राव ने फर्जी हाजिरी लगाना शुरू कर दिया ।रोजगार सेवक सुनील राव के हौसले इस कदर बुलंद है कि बिना काम फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है यदि यही आलम चलता रहा तो अन्य ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक भी सुनील राव की तरह माल समेटने में जुट जाएंगे ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेवानिवृत होने वाले कप्तानगंज वीडीओ चंद्रभान उपाध्याय तो चले जाएंगे लेकिन आने वाले नवागत अधिकारी के ऊपर भ्रष्टाचार के कार्यवाहियों की तमाम चुनौतियां यादगार के लिए दे जा रहे है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार -खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज चंद्रभान उपाध्याय दिनांक 30 जून 2026 सायं 5 बजे कार्यकाल समाप्त हो रहा है ।विकास खंड कप्तानगंज में  जिस प्रकार से दर्जनों ग्राम पंचायतो में मनरेगा भ्रष्टाचार एवं शिकायत पर फर्जी रिपोर्ट लगना एव परिसर मयखाना में तब्बदील होने की लगातार खबरे प्रकाशित हो चुकी है तो वही स्थानीय मीडिया के साथ राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिला अध्यक्ष कृष्णा ननंद ने बीडीओ कार्यालय में व्याप्त भ्रष्ट्राचार को लेकर ऑन कैमरा बीडीओ की पोल खोली गयी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उससे हर कोई वाकिफ हैं। बीडीओ का गैर जिम्मेदाराना बयान मीडिया सहित आम जनता में चर्चा का माहौल दिनो दिन बढ़ता जा रहा है।जब मीडिया टिम ने फोन पर बीडीओ कप्तानगंज से ग्राम पंचायत नरहरपुर में ललहवा तालाब खुदाई के संबंधों में जानकारी लेनी चाहि तो माकूल जवाब नही मिला।22 जून को मनरेगा पटल पर 45 मजदूरों की फर्जी हाजिरी तो लगी है।बड़ा सवाल यह है कि बीडीओ की कार्यवाही एवं मीडिया के सवालो के जबाब जलेबी की तरह होती यदि कार्यवाही हुयी है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:50:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;">  काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181682/fake-payment-of-rs-5-crore-using-ai-photo-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781878450387.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;"> काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह आरोप लगाया है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता, सहायक अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियरों ने सिल्ट सफाई और अन्य कार्यों के नाम पर लगभग 5 करोड़ सरकारी धन का भारी भ्रष्टाचार और बंदरबांट किया गया है। सरकार की मंशा के उलट बड़े पैमाने पर पैसे का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने 12 अप्रैल 2026 को जनसुनवाई (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सहायक अभियंता चतुर्थ मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  आरोप है कि निविदा शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए बिना कोई वास्तविक काम किए सरकारी धन का गबन किया गया। ट्रेजरी से अवैध भुगतान, कार्यस्थल बदलना, हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन का इस्तेमाल न करना, और AI से फर्जी फोटो जेनरेट कर विभाग को गुमराह करना मुख्य आरोप हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों पर AI से काम दिखाया, जमीन पर बदहाल है हाल</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने कई तकनीति बिंदुओं पर सिंचाई विभाग में धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बाणगंगा नहर प्रणाली और जमींदारी नहर प्रणाली की पट्टियों पर सड़क की गड्ढामुक्ति और नवीनीकरण का काम कागजों पर दिखाया गया लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। AI की मदद से बनाई गई तस्वीरों को असली कहकर पेश किया गया। बस्ती के अधीक्षण अभियंता, गंडक बाढ़ मंडल ने 11 सितंबर 2025 को जारी निविदा (नंबर-03/2025-26) जारी की। इसके तहत सिद्धार्थनगर जिले में नहरों और सड़कों की मरम्मत का काम 2.40 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना था। काम में अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, बानगंगा बैराज, अलीदापुर पश्चिमी नहर, बजहा सागर, बटुआ सागर समेत कई नहरों और नौगढ़ कालोनी के सर्विस रोड को गड्ढामुक्त करना था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781878450406.jpg" alt="सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान" width="1080" height="556"></img></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> निर्माण स्थल की कुल लंबाई 13.9 किलोमीटर थी। काम पूरा करने की समयसीमा सिर्फ एक महीने की रखी गई थी। निविदा में साफ शर्त थी कि काम हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन से ही होना चाहिए। ठेकेदार को प्लांट अपनी या लीज पर होने का शपथ-पत्र भी देना था।सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना जमीन पर हुए किसी काम के ट्रेजरी से भुगतान पूरा कर लिया गया। वाउचर इसकी पुष्टि करते हैं कि धन उस काम के लिए निकाला गया जो जमीन पर हुआ ही नहीं। यह राजकीय धन का खुला गबन है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  जयंत्री पांडेय ने इस पूरे मामले में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है।  सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना किसी ठोस काम के ट्रेजरी से पूरा पैसा निकाल लिया गया। वाउचर दिखाते हैं कि पैसे तो निकल गए, लेकिन जमीन पर काम हुआ ही नहीं। यह खुला गबन है। अधिशासी अभियंता के पत्रांक 1829 में निविदा में तय जगहों, अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, सिसवा नेउरा आदि पर काम नहीं कराया गया। अधिशासी अभियंता के एक पत्र में दूसरी जगहों का जिक्र किया गया, जिसका फायदा उठाकर असल काम स्थल पर कुछ नहीं किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> फर्जी फोटो और AI का इस्तेमालः काम न होने के बावजूद मालविका जैसल पर आरोप है कि उन्होंने AI टूल और मोबाइल एडिटिंग से फर्जी तस्वीरें बनाईं और विभाग को गुमराह किया। इन फर्जी तस्वीरों के आधार पर भुगतान को वैध ठहराने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह अनिश्चित है कि काम कहीं हुआ भी या सिर्फ कागजों पर घर की खेती कर सरकारी पैसा बांट लिया गया।जयंत्री पांडेय ने कहा है कि तकनीकी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। निविदा शर्त 31 का खुला उल्लंघन किया गया है। बिना हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन के काम दिखाया गया। शर्त साफ थी कि काम इन्हीं मशीनों से होना है। बिना प्लांट के सड़क निर्माण तकनीकी रूप से मानकहीन है।जयंत्री पांडेय ने आरोप लगाया, 'शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्त होना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने एस्टीमेट और NIT बदलकर उच्च अधिकारियों को बिना बताए काम कराया। कार्यस्थल हटने को शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्तीकरण और विभागीय कार्रवाई का आधार बताया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नोटिफिकेशन में प्रस्तावित नहर पट्टियों के बजाय बजट अपनी मर्जी से कहीं और खर्च करना तकनीकी अपराध है। बिना भौतिक मापन के पैसा बांट लिया गया।निविदा में जिन जगहों का जिक्र है, उनमें बटुआ सागर, बसंतपुर नहर, नौगढ़ कालोनी की पटरी, अलीदापुर पश्चिमी नहर, सिरवत कोठी, सिसवा नेउरा नहर, अतरी माइनर पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। जयंत्री पांडेय ने तस्वीरें भी साझा की हैं। बटुआ सागर में कच्चे रास्ते दिख रहे हैं, कोई मरम्मत नहीं दिख रहा है। बसंतपुर नहर पर पुरानी सड़क घास से भरी हुई है। अलीदापुर पश्चिमी नहर पर पुरानी टूटी सड़क दिख रही है। सिसवा नेउरा और अतरी माइनर पर भी कच्चे रास्ते या टूटी सड़कें हैं। फोटो में तारीखें अप्रैल 2026 की हैं, जो काम पूरा होने के बाद की स्थिति दर्शाती हैं। इन फोटो में GPS लोकेशन, एलिवेशन, समय आदि डिटेल्स मौजूद हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जहां सफाई का दावा किया गया, वहां घास उगी है</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जयंत्री पांडेय ने केवल IGRS पर ही नहीं, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य अधिकारियों को पंजीकृत डाक से शिकायतें भेजी हैं।ट्रेजरी वाउचर की जांच कर अवैध भुगतान की रिकवरी मालविका जैसल द्वारा भेजी फोटो की फोरेंसिक जांच दोषी अधिकारियों पर तत्काल कठोर विभागीय और</div><div style="text-align:justify;">अनुशासनात्मक कार्रवाई विभागीय दस्तावेजों में क्या खामी गिनाई गई है?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ठेकेदार को कार्यस्थल की जानकारी पहले लेनी होती है। प्री-बिड मीटिंग 18 सितंबर 2025 को बस्ती में होनी थी। टेक्निकल बिड खुलने के 24 घंटे में आपत्ति ईमेल से दर्ज करानी होती है। बजट आवंटन पर ही फाइनेंशियल बिड खुलती है। यह सिर्फ एक सड़क निर्माण का मामला नहीं है। नहर पट्टियों पर बनी सड़कें सिंचाई क्षेत्र में किसानों, आम लोगों की सुविधा के लिए होती हैं। 13.9 किमी सड़क का 4.81 करोड़ का काम अगर कागजों पर रह गया तो विकास योजनाओं का पैसा बर्बाद हो रहा है। AI का इस्तेमाल फर्जी सबूत बनाने में सरकारी विभाग में नई समस्या पैदा कर रहा है। फोरेंसिक जांच जरूरी है ताकि असली और नकली फोटो में फर्क साबित हो। शिकायककर्ता का कहना है कि विभागीय मिलीभगत से ट्रेजरी भुगतान, कार्यस्थल बदले गए, शर्तों की अनदेखी की गई। ये सभी बिंदु ऐसे हैं, जिनकी विभागीय जांच होनी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता गंडक बाढ़ मंडल बस्ती, मुख्य अभियंता गोरखपुर, आयुक्त बस्ती, जिलाधिकारी, एसएसपी आदि को पत्र भेज कर की गई है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format2">इस पूरे प्रकरण में जांच के लिए जो टीम गठित की गई थी ।इसी मंडल के ही अधिकारी शामिल थे । जबकि शासनादेश है कि जिस मंडल का मामला होता है उस मंडल के अधिकारियों को जांच नहीं सौंपी जानी चाहिए। जिसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए जांच टीम निरस्त कर दी और दूसरी जांच टीम गठित कर दी है। यह जांच टीम सिद्धार्थनगर कभी धमक सकती है।</blockquote></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:58:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन योजना: पानी भरते ही ‘वॉटरफॉल’ बनी लाखों की टंकी, सवालों के घेरे में पूरी व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भ्रष्टाचार अंगदकी तरह पांव जमाए बैठे हैं जिसे रोक लगाने जिला प्रशासन फेल नजर आ रहा है बस्ती जिले में कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है जहां पर भ्रष्टाचार ना हो रहा हो देखने में सबसे ज्यादा विकास विभाग राजस्व विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मनमानी कर भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी को सूचित किया जाता है जांच कर कार्रवाई करने की बात पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है </div>
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<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बस्ती जिले में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181477/jal-jeevan-mission-scheme-becomes-victim-of-corruption-tank-worth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0107.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भ्रष्टाचार अंगदकी तरह पांव जमाए बैठे हैं जिसे रोक लगाने जिला प्रशासन फेल नजर आ रहा है बस्ती जिले में कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है जहां पर भ्रष्टाचार ना हो रहा हो देखने में सबसे ज्यादा विकास विभाग राजस्व विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मनमानी कर भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी को सूचित किया जाता है जांच कर कार्रवाई करने की बात पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बस्ती जिले में इस योजना के क्रियान्वयन की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिले के राजपुर क्षेत्र में बनी एक पानी की टंकी में जैसे ही पानी भरा गया, टंकी की दीवारें जवाब दे गईं और देखते ही देखते पानी तेज धार के साथ बाहर निकलने लगा। कुछ ही मिनटों में पूरी टंकी किसी झरने या वॉटरफॉल का नजारा पेश करने लगी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लाखों रुपये की लागत से बनी टंकी से पानी कई जगहों से रिसते हुए बाहर निकल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में पाइप लाइनें बिछाने का काम वर्षों पहले पूरा दिखा दिया गया, लेकिन आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। कहीं सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं तो कहीं पाइप लाइनें डालने के बाद काम अधूरा पड़ा है। ऐसे में राजपुर की यह घटना पूरे जिले में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि टंकी में तकनीकी खामी सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ऑपरेटर को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया है। हालांकि संबंधित ऑपरेटर का दावा है कि उसने टंकी में मौजूद कमियों और निर्माण संबंधी खामियों की जानकारी पहले ही ग्राम प्रधान तथा विभागीय अधिकारियों को दी थी। उसके अनुसार कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कमियों को दूर करने के बजाय मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पहला मामला नहीं है जब जल जीवन मिशन की परियोजनाएं सवालों के घेरे में आई हों। इससे पहले पड़ोसी जनपद सिद्धार्थनगर में भी एक पानी की टंकी तेज हवा के दौरान धराशायी हो गई थी, जिसके बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। अब बस्ती की यह घटना भी यही संकेत दे रही है कि कहीं न कहीं निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी और जवाबदेही की कमी गंभीर समस्या बन चुकी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाती और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो करोड़ों रुपये की सरकारी परियोजनाओं की ऐसी दुर्दशा सामने नहीं आती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">राजपुर की फटी हुई पानी की टंकी केवल एक निर्माण की विफलता नहीं, बल्कि उन सवालों का प्रतीक बन गई है जो जल जीवन मिशन के तहत खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर लगातार उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को महज एक तकनीकी खराबी मानता है या फिर इसकी तह तक जाकर जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करता है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181477/jal-jeevan-mission-scheme-becomes-victim-of-corruption-tank-worth</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:52:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तिन्ना से पटा तलाब में 194 की लग रही फर्जी हाजिरी धरातल की स्थित जस का तस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज.सरकार भले भ्रष्टाचार मुक्ति का डिडोरा पीट रही है और बड़े-बड़े पोस्टरो पर वादे कर रही हैं । किन्तु प्रशासक बने प्रधान द्वारा मंसूबे पर पानी फेर रही है । जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है । जमीनी स्तर पर कप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य के नाम पर प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार करने के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार विकासखंड</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181131/fake-attendance-of-194-is-being-seen-in-patta-pond"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0096.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज.सरकार भले भ्रष्टाचार मुक्ति का डिडोरा पीट रही है और बड़े-बड़े पोस्टरो पर वादे कर रही हैं । किन्तु प्रशासक बने प्रधान द्वारा मंसूबे पर पानी फेर रही है । जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है । जमीनी स्तर पर कप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य के नाम पर प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार करने के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार विकासखंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य मनरेगा के कागज में चल रहा है । तालाब खुदाई में 194 मजदूरों की हाजिरी पटल पर लगाई जा रही है । प्रधान व सचिव कागजी कोरमपूरा कर फर्जी हाजिरी लगवाकर सरकारी धन को लूटने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है। प्रधान एवं रोजगार सेवक द्वारा भटपुरवा ललहवा पर तिन्ना से पटा/पानी भरे तालाब व तैरती जलकुंभी में लगभग एक सप्ताह से फर्जी हाजिरी सरकारी रजिस्टर पर दर्ज की जा चुकी है । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अगर जमीनी हकीकत की बात करे तो मजदूर नही मिले कार्य शून्य है । ग्रामीणों से मालूम हुआ कि प्रधान रोजगार सेवक के सहारे भ्रष्टाचार की पटकथा लिखते हैं और विना कार्य कराए सरकारी धन को लूटने के प्रयास में लगे रहते हैं । ग्रामीणों की बातो पर गौर करे तो प्रधान प्रतिदिन लगभग पच्चास हजार रुपए सरकारी धन का बंदरबांट करने में लगे हुए हैं । ग्राम पंचायत नरहरपुर में नशे में चूर सचिव पंकज सिंह के दस्खत से दो साइडों पर 245 जॉब कार्ड धारकों का मस्टरोल जारी हुई थी । </div><div style="text-align:justify;">.</div><div style="text-align:justify;">जिसमें राम अभिलाख के खेत से अर्खापुर सरहद तक 51 मजदूरो का मस्टर रोल पूर्ण हो चुका है भटपुरवा में ललहवा पर तालाब जीर्णोधार कार्य पर अभी भी ऑनलाइन फर्जी हाजिरी भरे जा रहे हैं लेकिन धरातल की स्थिति जस का तस बनी हुई है ।यदि वास्तव में 194 मजदूरों को लगाकर कार्य कराया गया होता तो स्थल की वर्तमान स्थिति बदल चुकी होती। ग्रामीणो का सवाल है कि क्या जेब भरने के लिए मस्टररोल जारी किया जाता है या फिर वास्तव में गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी चलाने के लिए मस्टर रोल जारी किया जाता है । खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज यदिअपनी कुर्सी छोड़कर कार्य स्थल का निरीक्षण करते तो शायद इतने बड़े पैमाने पर फर्जी वाडा न होता कहीं ना कहीं वीडिओ साहब के भी हाथ चासनी से सने हुए प्रतीत होती हैं । यदि वीडिओ साहब भ्रष्टाचारियों पर उचित कार्रवाई करते हैं तो जनता की निगाह में सही बन सकते हैं । खबर की पुष्टि के लिए जब साहब से फोन पर पूछा गया तो बताया कि मेरी ड्य़ूटी पुलिस परीक्षा में लगी है आने पर देखवाता हूँ।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:02:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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