<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/97829/administrative-officer" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Administrative Officer - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/97829/rss</link>
                <description>Administrative Officer RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मैम, मुझे आपके बाल बहुत पसंद हैं.. और सब कुछ बदल गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ फैसले दिमाग में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्यता की भीगी तहों में जन्म लेते हैं। वे तर्क से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनदेखे दर्द की प्रतिध्वनि से आकार लेते हैं और फिर एक जीवन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">असंख्य संवेदनाओं का अर्थ बदल देते हैं। ऐसा ही एक क्षण मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और वर्तमान में सिंगरौली नगर निगम की आयुक्त (कमिश्नर) सविता प्रधान के जीवन में आया। सोशल मीडिया पर अंतिम चरण से जूझ रही एक बच्ची की सहज पंक्ति—“मैम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुझे आपके बाल बहुत पसंद हैं”—इन सात शब्दों ने वर्षों से बंद स्मृतियों के द्वार खोल दिए।</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184617/maam-i-love-your-hair-and-everything-changed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1.-prof.-rkjain.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ फैसले दिमाग में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्यता की भीगी तहों में जन्म लेते हैं। वे तर्क से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनदेखे दर्द की प्रतिध्वनि से आकार लेते हैं और फिर एक जीवन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">असंख्य संवेदनाओं का अर्थ बदल देते हैं। ऐसा ही एक क्षण मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और वर्तमान में सिंगरौली नगर निगम की आयुक्त (कमिश्नर) सविता प्रधान के जीवन में आया। सोशल मीडिया पर अंतिम चरण से जूझ रही एक बच्ची की सहज पंक्ति—“मैम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुझे आपके बाल बहुत पसंद हैं”—इन सात शब्दों ने वर्षों से बंद स्मृतियों के द्वार खोल दिए। उनकी माँ तीन बार कैंसर से लड़ी थीं। कीमोथेरेपी के बाद सिर का सूनापन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आईने में अपरिचित चेहरा और भीतर चुपचाप दरकता आत्मसम्मान—यह सब उनके लिए सुनी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जी हुई सच्चाइयाँ थीं। इसलिए वह वाक्य प्रशंसा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीड़ा की मौन पुकार था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने पहले उनके अंतर्मन को भिगो दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्य की सबसे बड़ी पहचान वह नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे वह अपने पास रखता है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे वह बिना हिचक किसी और के लिए छोड़ देता है। दो दिन बाद जब सविता प्रधान के लंबे बाल ज़मीन पर गिरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब केवल केश नहीं कटे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाहरी सौंदर्य का अदृश्य मुकुट भी उतर गया। उन्हीं बालों से बनी विग उस बच्ची तक पहुँची</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके लिए आईना अब तक बीमारी का दूसरा नाम था। सविता प्रधान ने सार्वजनिक रूप से लिखा कि असली सुंदरता बालों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आभूषणों या बाहरी आडंबर में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मविश्वास में बसती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बिना झिझक इसी रूप में कार्यालय जाएँगी। उस दिन उनका साफ माथा केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं रहा</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह पूरे शहर के सामने मौन संदेश बन गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने बता दिया कि स्वेच्छा से किया गया त्याग उपदेश नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणा बन जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन की सबसे अनमोल पूँजी सुख नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह पीड़ा है जो मनुष्य को दूसरों के आँसू पढ़ना सिखा देती है। सविता प्रधान की यात्रा सहज नहीं थी। बाल विवाह की अँधेरी गलियों से निकलकर उन्होंने घरेलू हिंसा की यातनाएँ झेली थीं। जीवन ने उन्हें बार-बार गिराया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर हर बार वे अधिक दृढ़ होकर उठीं। मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा तक पहुँचना केवल प्रतियोगी परीक्षा में सफलता नहीं था</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह टूटे आत्मविश्वास के पुनर्जन्म का इतिहास था। शायद इसी कारण वे समझ सकीं कि रोशनी का अर्थ केवल स्वयं प्रकाशित होना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि किसी और के अँधेरे में अपनी लौ पहुँचा देना भी है। तभी एक बच्ची की पीड़ा उन्हें अपनी पीड़ा से अलग नहीं लगी</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वही साझा दर्द करुणा बनकर उनके निर्णय में उतर आया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समाज की सबसे बड़ी विडंबना यह नहीं कि लोग बुराई पर विश्वास कर लेते हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">विडंबना यह है कि उन्हें अच्छाई पर भरोसा नहीं होता। सविता प्रधान का बदला हुआ रूप सामने आते ही सवाल उठने लगे—क्या परिवार में कोई शोक हुआ है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या कोई निजी संकट है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या इसके पीछे कोई छिपा कारण है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने सहजता से कहा कि सब कुछ कुशल-मंगल है और यह कदम पूरी तरह उनकी अपनी इच्छा का है। उनका उत्तर केवल अफवाहों का खंडन नहीं था</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने उस सोच को भी बेनकाब कर दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो हर सद्भावना में स्वार्थ तलाशती है। उन्होंने शब्दों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपने आचरण से सिद्ध किया कि करुणा को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर दिन दफ्तरों के दरवाज़े खुलते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बहुत कम दिनों में किसी दिल का दरवाज़ा खुलता है। जिस दिन ऐसा होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्था कागज़ों से निकलकर इंसानियत की भाषा बोलने लगती है। सविता प्रधान का बदला चेहरा भी हर सुबह मौन संदेश बनकर कार्यालय पहुँचा होगा। उन्होंने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अपने कर्मों से बता दिया कि अधिकारी केवल नियमों और फाइलों के लिए नहीं होते</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वे उन अनदेखे आँसुओं के लिए भी होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो किसी सरकारी दस्तावेज़ में दर्ज नहीं होते। एक छोटी बच्ची की मासूम इच्छा ने प्रशासन और समाज के बीच खड़ी कठोर दीवार में संवेदना की ऐसी दरार बना दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ से दया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपनापन और विश्वास की रोशनी भीतर उतर आई। उसी क्षण पद का वैभव पीछे छूट गया और मनुष्यता सबसे आगे खड़ी दिखाई दी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन की सबसे बड़ी विरासत संपत्ति नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदना होती है। जो मनुष्य अपने दर्द को दूसरों के आँसू पोंछने की शक्ति बना लेता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय उसके लिए अलग इतिहास लिखता है। सविता प्रधान की माँ का तीन बार कैंसर से संघर्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयं उनका कठिन जीवन और फिर एक अनजान बच्ची के लिए अपने बाल समर्पित कर देना—ये तीनों घटनाएँ अलग-अलग नहीं हैं। ये एक ही जीवन-दर्शन के सूत्र हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बताते हैं कि पीड़ा यदि मनुष्य को कठोर न बनाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वही उसे असाधारण बना देती है। चरित्र वही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो परिस्थितियों के थपेड़ों से नहीं बदलता</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बाल कट जाने पर भी कम नहीं होता और पद छूट जाने पर भी समाप्त नहीं होता।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्यता का सबसे उजला क्षण वह होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब कोई अपना सबसे प्रिय किसी अनजान की उम्मीद के नाम कर देता है। सविता प्रधान का निर्णय भी ऐसा ही क्षण है। यह केवल एक बच्ची के चेहरे पर मुस्कान लौटाने की घटना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे तंत्र के सामने रखा आईना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें व्यवस्था अपना मानवीय चेहरा देख सकती है। नियम आवश्यक हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन संवेदना उससे भी अधिक। कागज़ निर्णय लिख सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसी टूटे मन में जीने का साहस नहीं। सविता प्रधान ने सिद्ध कर दिया कि सत्ता का सर्वोच्च रूप आदेश देना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वयं का एक अंश किसी और के जीवन को समर्पित करना है। अब जब वह बच्ची आईने के सामने खड़ी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसके सिर पर केवल विग नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसी अजनबी के विश्वास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ममता और आत्मबल का स्पर्श भी होगा। शायद वही स्पर्श उसे जीवन भर यह भरोसा देगा कि दुनिया आज भी सुंदर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि कुछ लोग अपने हिस्से की चमक बाँटकर दूसरों के जीवन में उजाला लिखना जानते हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184617/maam-i-love-your-hair-and-everything-changed</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184617/maam-i-love-your-hair-and-everything-changed</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 22:05:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1.-prof.-rkjain.jpg"                         length="55370"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'थोड़ी सी उम्मीद थोड़ा सा आसमान' देगा सपनों को नई उड़ान।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>  ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div>  </div>
<div>  कहते हैं कि इंसान की किस्मत उसके हालात तय करती है, लेकिन कभी-कभी एक हिम्मती इंसान दुनिया की इस सोच को बदल देता है। सन नियो का नया शो 'थोड़ी सी उम्मीद थोड़ा सा आसमान' वैदेही की प्रेरणादायक कहानी है। वह एक साधारण-से गाँव की लड़की है, जो समाज और मुश्किल हालात के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की ठान लेती है। इस शो में आरती बिराजदार- वैदेही, गौरव बाजपेयी- अभिजीत और अंकिता बहुगुणा- अनुप्रिया का किरदार निभा रहे हैं। यह कहानी उम्मीद, सपनों, रिश्तों और जिंदगी में लिए गए फैसलों के बारे</div>
<div> </div>
<div>यह</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182635/a-little-hope-a-little-sky-will-give-new-flight"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260702-wa0121.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong> ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div> </div>
<div> कहते हैं कि इंसान की किस्मत उसके हालात तय करती है, लेकिन कभी-कभी एक हिम्मती इंसान दुनिया की इस सोच को बदल देता है। सन नियो का नया शो 'थोड़ी सी उम्मीद थोड़ा सा आसमान' वैदेही की प्रेरणादायक कहानी है। वह एक साधारण-से गाँव की लड़की है, जो समाज और मुश्किल हालात के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की ठान लेती है। इस शो में आरती बिराजदार- वैदेही, गौरव बाजपेयी- अभिजीत और अंकिता बहुगुणा- अनुप्रिया का किरदार निभा रहे हैं। यह कहानी उम्मीद, सपनों, रिश्तों और जिंदगी में लिए गए फैसलों के बारे में है। 6 जुलाई से हर शाम 7:30 बजे,  सन नियो पर प्रसारित होगा।</div>
<div> </div>
<div>यह कहानी महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि पर आधारित है। वैदेही एक मेहनती और स्वाभिमानी लड़की है। उसके दिवंगत पिता का सपना था कि वह एक प्रशासनिक अधिकारी (अफसर) बने। अब वही सपना उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य बन जाता है। वैदेही का मानना है कि शिक्षा और ईमानदारी से जिंदगी बदली जा सकती है। इसी सफर में उसकी मुलाकात अभिजीत से होती है, जो एक प्रतिभाशाली लेकिन बहुत महत्वाकांक्षी फोटोग्राफर है और सफलता को सबसे ज्यादा महत्व देता है। वहीं, अनुप्रिया एक सफल और आत्मविश्वासी उद्यमी है, जिसकी पहचान सिर्फ उसकी कामयाबी नहीं, बल्कि उसकी दयालु सोच भी है। जैसे-जैसे इन तीनों की जिंदगी एक-दूसरे से जुड़ती है, रिश्तों की परीक्षा होती है, कई सच्चाइयाँ सामने आती हैं और हर किरदार को महत्वाकांक्षा और इंसानियत, दिखावे और सच्चाई के बीच चुनाव करना पड़ता है।</div>
<div> </div>
<div>वैदेही का किरदार निभाने वालीं आरती बिराजदार ने कहा,  वह सिखाती है कि ताकत हमेशा ऊँची आवाज़ में नहीं होती, बल्कि हर मुश्किल के बावजूद चुपचाप आगे बढ़ते रहने में भी होती है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक उसकी सच्चाई, मेहनत और कभी हार न मानने वाले जज्बे से जरूर जुड़ेंगे। मुझे विश्वास है कि उसकी कहानी कई लोगों को प्रेरित करेगी।"</div>
<div> </div>
<div>अभिजीत का किरदार निभा रहे गौरव बाजपेयी ने कहा,</div>
<div> </div>
<div>हर किरदार की अपनी अहम् भूमिका है और यही इस शो को खास बनाती है। मेरा किरदार अभिजीत महत्वाकांक्षी, आत्मविश्वासी और कई रंगों वाला है। दर्शक उसे सिर्फ एक एपिसोड देखकर पूरी तरह नहीं समझ पाएँगे और यही बात उसे दिलचस्प बनाती है। मुझे उम्मीद है कि लोग उसके सफर और उसके अलग-अलग पहलुओं को पसंद करेंगे।"</div>
<div> </div>
<div>अनुप्रिया का किरदार निभा रही  हमेशा दया और इंसानियत को चुनती है। मुझे लगता है कि दर्शकों को उसकी भावनाओं से भरी यात्रा और उसके खूबसूरत रिश्ते बहुत पसंद आएँगे।"</div>
<div> </div>
<div>उम्मीद, भावनाओं और प्रेरणा से भरपूर 'थोड़ी सी उम्मीद थोड़ा सा आसमान' एक ऐसी साधारण लड़की की असाधारण कहानी है, जो अपने हालात से आगे बढ़कर बड़े सपने देखने की हिम्मत करती है। यह कहानी हमें सिखाती है कि यदि आपके अंदर हिम्मत, मेहनत और खुद पर भरोसा हो, तो कोई भी सपना बड़ा नहीं होता।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182635/a-little-hope-a-little-sky-will-give-new-flight</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182635/a-little-hope-a-little-sky-will-give-new-flight</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 20:50:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260702-wa0121.jpg"                         length="70260"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती PWD में 27 साल से जमे अधिकारी पर गंभीर आरोप, पत्नी की फर्म और 65 लाख के लेन-देन की जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भ्रष्टाचार का जिन्न 27साल बाद बाहर निकल कर आया अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग और तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले को पत्र देकर  गृह जनपद बस्ती में विगत 26-27 वर्षों से तैनात  अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग कार्यालय वृत्त बस्ती में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र पुत्र  राम सेवक पर अनियमितता के  अनेक गंभीर आरोप लगाते हुये उनके स्थानान्तरण और  सतर्कता विभाग से  उच्च स्तरीय जाँच कराये जाने की मांग किया है.भेजे पत्र में  अपना दल एस के प्रदेश</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181126/serious-allegations-against-officer-stuck-in-basti-pwd-for-27"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0095.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भ्रष्टाचार का जिन्न 27साल बाद बाहर निकल कर आया अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग और तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले को पत्र देकर  गृह जनपद बस्ती में विगत 26-27 वर्षों से तैनात  अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग कार्यालय वृत्त बस्ती में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र पुत्र  राम सेवक पर अनियमितता के  अनेक गंभीर आरोप लगाते हुये उनके स्थानान्तरण और  सतर्कता विभाग से  उच्च स्तरीय जाँच कराये जाने की मांग किया है.भेजे पत्र में  अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने कहा है कि  प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र  द्वारा ठेकेदारों व कर्मचारियों का लगातार दोहन किया जा रहा है तथा सरकारी अभिलेखों में भी फेरबदल किये जाने की शिकायत पूर्व में जन प्रतिनिधियों द्वारा की जाती रही है परन्तु  प्रेमचन्द्र की  ऊँची पहुँच के कारण मण्डलीय कार्यालय पर तैनाती लेते रहे हैं, जिससे इनके भ्रष्टाचार एवं कागजी हेरफेर के कारण सरकारी कार्यों में भी गोपनीयता भंग की जाती रही है.</div>
<div style="text-align:justify;">प्रेस को जारी विज्ञप्ति में संजय सिंह पगार ने कहा है कि  प्रेमचन्द्र ने अपनी सेवा अवधि का लगभग 90 प्रतिशत समय बस्ती वृत्त, बस्ती कार्यालय में ही व्यतीत किया है. बाबू पद से लेकर प्रशासनिक अधिकारी पद तक की उनकी अधिकांश सेवा बस्ती मण्डल में ही रही है. इतने लंबे समय तक एक ही मंडलीय कार्यालय में तैनाती से प्रशासनिक निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विभागीय कार्यप्रणाली की गोपनीयता पर गंभीर प्रश्न उत्पन्न होते हैं.</div>
<div style="text-align:justify;">बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी से नाराज व्यापारी, बस्ती में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन यह भी पढ़ें: बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी से नाराज व्यापारी, बस्ती में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन</div>
<div style="text-align:justify;">पत्नी की फर्म के जरिए आर्थिक लाभ पहुंचाने का आरोप</div>
<div style="text-align:justify;">श्री पगार ने बताया कि  प्रेमचन्द्र द्वारा अपने पद एवं प्रभाव का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए ठेकेदारी व्यवस्था में हस्तक्षेप किया जाता रहा है. आरोप है कि उनके द्वारा कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने, विभागीय गोपनीय सूचनाओं को प्रभावित करने तथा ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव डालने जैसी गतिविधियों में भूमिका निभाई गई है. इसके अतिरिक्त यह भी गंभीर आरोप है कि  प्रेमचन्द्र द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती सीमा के नाम से संचालित फर्म मेसर्स बुद्धा इंटरप्राइजेज का उपयोग स्वयं एवं अपने परिवार के सदस्यों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है. उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार उक्त फर्म की प्रोपराइटर श्रीमती सीमा है, जिसका पता रौतापार, गांधी नगर, बस्ती दर्शाया गया है. उक्त फर्म का  यूनियन बैंक में है.तीन साल में खाते से 65 लाख का लेन-देन, जांच की उठी मांग</div>
<div style="text-align:justify;">उपलब्ध बैंक विवरण के अनुसार पिछले लगभग तीन वर्षों में उक्त फर्म के खाते में लगभग 65 लाख रुपये की क्रेडिट एवं डेबिट प्रविष्टियां पाई गई हैं, जिससे लेन-देन की प्रकृति, धन के स्रोत तथा संबंधित ठेकेदारों से संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है. आरोप है कि वे अपने पूर्व कार्यकाल से संबंधित अभिलेखों, कथित अनियमितताओं एवं आने वाली निविदा/ई-टेण्डरिंग प्रक्रियाओं हस्तक्षेप बनाए रखने के उद्देश्य से उसी कार्यालय में बने रहना चाहते हैं. प्रेमचन्द्र ने अपना आलीशान मकान लखनऊ में बनवा लिया है.</div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रकार की शिकायतें पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय स्तर पर उठाई जाती रही हैं. हाल ही में भी कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा  प्रेमचन्द्र के विरुद्ध शासन स्तर पर लिखित शिकायतें प्रेषित की गई, जिसके क्रम में शासन द्वारा धारा 7 के अंतर्गत मुख्य अभियंता, बस्ती से रिपोर्ट मांगी गई. किंतु मुख्य अभियंता, बस्ती  आनन्द कुमार द्वारा एक माह से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद शासन को अपेक्षित रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गई. जबकि शासन की प्रक्रिया के अनुसार, किसी भी गंभीर शिकायत के क्रम में संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त कर स्थानांतरण अथवा अन्य विभागीय कार्रवाई की जाती है.</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानांतरण प्रक्रिया की पूर्व निर्धारित समय-सीमा 31 मई तक थी, परंतु रिपोर्ट समय से न भेजे जाने के कारण आवश्यक कार्रवाई प्रभावित हुई. वर्तमान में शासन द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया की समय-सीमा 30 जून तक बढ़ा दी गई है, इसलिए जनहित एवं प्रशासनिक पारदर्शिता की दृष्टि से यह आवश्यक है कि मुख्य अभियंता स्तर से लंबित रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजी जाए तथा प्रेमचन्द्र का स्थानांतरण करते हुए उनके विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए.</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181126/serious-allegations-against-officer-stuck-in-basti-pwd-for-27</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181126/serious-allegations-against-officer-stuck-in-basti-pwd-for-27</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:55:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260613-wa0095.jpg"                         length="47294"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        