<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/97788/1857-revolt" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>1857 Revolt - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/97788/rss</link>
                <description>1857 Revolt RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शहीद झूरी सिंह स्मारक स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">देश की आजादी की प्रथम क्रांति 1857 के महानायक एवं भदोही के लाल अमर शहीद झूरी सिंह की स्मृतियों को संजोए उनका स्मारक स्थल पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने की अपार संभावनाएं रखता है। यदि इस ऐतिहासिक स्थल को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो यह न केवल जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और शहीदों के बलिदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शहीद झूरी सिंह के प्रपौत्र डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि शहीद झूरी सिंह स्मारक का शिलान्यास</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185170/6a7c8da7055ff"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/ihufdjlkihkifkhh.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश की आजादी की प्रथम क्रांति 1857 के महानायक एवं भदोही के लाल अमर शहीद झूरी सिंह की स्मृतियों को संजोए उनका स्मारक स्थल पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने की अपार संभावनाएं रखता है। यदि इस ऐतिहासिक स्थल को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो यह न केवल जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और शहीदों के बलिदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शहीद झूरी सिंह के प्रपौत्र डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि शहीद झूरी सिंह स्मारक का शिलान्यास वर्ष 1981 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह द्वारा किया गया था। यह स्मारक स्थल जनपद मुख्यालय ज्ञानपुर से लगभग सात किलोमीटर दूर लखनऊ रोड पर स्थित है। स्थान की सुगम पहुंच और यहां पहले से मौजूद विभिन्न सुविधाओं के कारण इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185170/6a7c8da7055ff</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/185170/6a7c8da7055ff</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 20:43:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/ihufdjlkihkifkhh.jpg"                         length="146169"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकली विशाल तिरंगा यात्रा, तिरंगे के रंग में रंगा शहर </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत बुधवार को सरसैया घाट से ग्रीन पार्क स्टेडियम तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में आन-बान-शान से लहराता तिरंगा और चेहरों पर देश के प्रति गर्व का भाव लिए हजारों कदम एक साथ आगे बढ़े तो पूरा यात्रा मार्ग राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग गया। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों, युवाओं, सुरक्षाबलों के जवानों, विभिन्न विभागों के कार्मिकों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रा के साथ चल रहे विद्यार्थियों और स्काउट के बैंड ने देशभक्ति की धुनें बजाकर समा बांध दिया। बच्चों और युवाओं का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185150/under-the-har-ghar-tricolor-campaign-a-huge-tiranga-yatra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002194420.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत बुधवार को सरसैया घाट से ग्रीन पार्क स्टेडियम तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में आन-बान-शान से लहराता तिरंगा और चेहरों पर देश के प्रति गर्व का भाव लिए हजारों कदम एक साथ आगे बढ़े तो पूरा यात्रा मार्ग राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग गया। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों, युवाओं, सुरक्षाबलों के जवानों, विभिन्न विभागों के कार्मिकों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रा के साथ चल रहे विद्यार्थियों और स्काउट के बैंड ने देशभक्ति की धुनें बजाकर समा बांध दिया। बच्चों और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अमर शहीदों को नमन करते नारे लगातार गूंजते रहे। हाथों में लहराते राष्ट्रध्वज, बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों और नारों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। तिरंगा यात्रा में विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक सरोज कुरील, विधायक नीलिमा कटियार, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन और प्रशिक्षु आईएएस संदीप कुमार शामिल हुए। स्कूली छात्र-छात्राओं, आईटीबीपी एवं अन्य सुरक्षा बलों के जवानों, एनसीसी कैडेटों, स्काउट, विभिन्न विभागों के कार्मिकों और बड़ी संख्या में शहरवासियों की भागीदारी ने यात्रा को जनोत्सव का स्वरूप प्रदान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तिरंगा यात्रा का विशेष आकर्षण भारत माता की झांकी रही। इसमें छात्राओं ने भारत माता के साथ वैज्ञानिक, अधिवक्ता, पुलिसकर्मी और प्रशासक की भूमिका निभाई। झांकी के माध्यम से वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से वर्ष 1950 में देश का संविधान लागू होने तक की उपलब्धि तथा इसके बाद निरंतर प्रगति करते हुए विकसित भारत की ओर बदलती तस्वीर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की गई। झांकी ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से लेकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते आधुनिक भारत की गौरवगाथा को जीवंत कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि तिरंगा देश के गौरव, स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है। उन्होंने जनपदवासियों से अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और हर घर तिरंगा अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देने की अपील की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185150/under-the-har-ghar-tricolor-campaign-a-huge-tiranga-yatra</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/185150/under-the-har-ghar-tricolor-campaign-a-huge-tiranga-yatra</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:35:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1002194420.jpg"                         length="201594"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शौर्य दिवस' पर गूंजी सशस्त्र सलामी, 'विस्मृति से स्मृति' तक पहुंचा इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 की अमर गाथा और गुमनाम शहीदों की स्मृति को समर्पित तीन दिवसीय "महुआ डाबर महोत्सव-2026" का समापन बुधवार को ऐतिहासिक क्रांति स्थल पर गरिमामय कार्यक्रमों के साथ हुआ। महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा आयोजित महोत्सव का तीसरा एवं अंतिम दिन 'शौर्य दिवस' के रूप में मनाया गया।</div><div style="text-align:justify;">इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि 10 जून 1857 को महुआ डाबर के वीर पुरखों ने 6 ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों को मार गिराकर ईस्ट इंडिया कंपनी के अत्याचार के विरुद्ध निर्णायक विद्रोह का बिगुल फूंका था। इसी घटना के प्रतिशोध में 3 जुलाई को अंग्रेजों</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181124/armed-salute-echoed-on-bravery-day-history-reached-memory-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0087.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 की अमर गाथा और गुमनाम शहीदों की स्मृति को समर्पित तीन दिवसीय "महुआ डाबर महोत्सव-2026" का समापन बुधवार को ऐतिहासिक क्रांति स्थल पर गरिमामय कार्यक्रमों के साथ हुआ। महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा आयोजित महोत्सव का तीसरा एवं अंतिम दिन 'शौर्य दिवस' के रूप में मनाया गया।</div><div style="text-align:justify;">इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि 10 जून 1857 को महुआ डाबर के वीर पुरखों ने 6 ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों को मार गिराकर ईस्ट इंडिया कंपनी के अत्याचार के विरुद्ध निर्णायक विद्रोह का बिगुल फूंका था। इसी घटना के प्रतिशोध में 3 जुलाई को अंग्रेजों ने पूरे गांव को जलाकर लगभग 5000 नागरिकों का नरसंहार किया और महुआ डाबर को 'गैर-चिरागी' घोषित कर दिया था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">'शौर्य दिवस' के अवसर पर प्रातः 8 बजे क्रांति स्थल पर अमर क्रांतिवीरों की स्मृति में राजकीय सम्मान के साथ सशस्त्र सलामी दी गई। सलामी गारद दल में उपनिरीक्षक नन्हेलाल के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी गुलाब चौधरी, संतोष सिंह, प्रभुनाथ चौरसिया, आरक्षी संजीत कुमार यादव, मनोज कुमार, पुष्कर यादव, राजन कुमार, मोहम्मद शकील और रणविजय शामिल रहे। इस दौरान बहादुर चौकी प्रभारी तेज प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक विपिन कुमार भट्ट, आरक्षी सचिन यादव, आशीष कुमार राजपूत सहित भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा।</div><div style="text-align:justify;">समारोह में भाग लेने आए सैकड़ों लोगों ने महुआ डाबर संग्रहालय का अवलोकन किया। संग्रहालय में रखी 'ट्रेजरी ऑफ नॉलेज' दिखाते हुए निदेशक डॉ. शाह आलम राना ने कहा कि आज आप यहां 'विस्मृति से स्मृति' तक की यात्रा पर हैं। उत्खनन में मिली जली हुई ईंटें, सिक्के, औजार, 1857 के मुकदमों की कार्यवाही और दुर्लभ पुस्तकें दशकों की तपस्या का फल हैं। यह संग्रहालय 5000 शहीदों की स्मृति का जीवंत दस्तावेज है।</div><div style="text-align:justify;">समापन सत्र में 'विरासत संरक्षण संकल्प सभा' का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आमजन के पास संरक्षित ब्रिटिशकालीन धरोहरों को महुआ डाबर संग्रहालय को सौंपकर इस ऐतिहासिक धरोहर को और समृद्ध बनाने की अपील की। साथ ही भावी पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के इस गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का आह्वान किया।</div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंतिम चरण में महोत्सव को सफल बनाने में योगदान देने वाली उत्कृष्ट प्रतिभाओं, लोक कलाकारों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों को अंगवस्त्र और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। महुआ डाबर की शहीद गाथा पर आधारित लोकगीतों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक कर दिया।</div><div style="text-align:justify;">अंत में दीप प्रज्वलन कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रगान के साथ तीन दिवसीय  गरिमापूर्ण समापन हो गया।</div><div style="text-align:justify;">इस ऐतिहासिक आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, इतिहास प्रेमियों, शोधार्थियों, युवाओं एवं समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181124/armed-salute-echoed-on-bravery-day-history-reached-memory-from</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181124/armed-salute-echoed-on-bravery-day-history-reached-memory-from</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:52:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260613-wa0087.jpg"                         length="316486"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        