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                <title>Pakistan News - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Pakistan News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पाकिस्तान के गुप्त परमाणु परीक्षण के दावे से बढ़ी चिंता, क्या भारत करेगा पोखरण–III?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>International Desk </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दिए गए हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलचल तेज कर दी है। एक टीवी साक्षात्कार में ट्रम्प ने दावा किया कि पाकिस्तान और चीन गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूस और उत्तर कोरिया भी इसी प्रकार की गतिविधियों में शामिल हैं। ट्रम्प ने यह तर्क देते हुए कहा कि जब अन्य देश खुले या गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, तो अमेरिका को भी परीक्षण फिर से शुरू करने की आवश्यकता पड़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रम्प के इस दावे ने भारत की सुरक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158905/pakistans-claim-of-secret-nuclear-test-increases-concern-will-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/पाकिस्तान-के-गुप्त-परमाणु-परीक्षण-के-दावे-से-बढ़ी-चिंता,-क्या-भारत-करेगा-पोखरण–iii.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>International Desk </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दिए गए हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलचल तेज कर दी है। एक टीवी साक्षात्कार में ट्रम्प ने दावा किया कि पाकिस्तान और चीन गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूस और उत्तर कोरिया भी इसी प्रकार की गतिविधियों में शामिल हैं। ट्रम्प ने यह तर्क देते हुए कहा कि जब अन्य देश खुले या गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, तो अमेरिका को भी परीक्षण फिर से शुरू करने की आवश्यकता पड़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रम्प के इस दावे ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। भारत के सामने एक ओर चीन और दूसरी ओर पाकिस्तान जैसे परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र खड़े हैं। भारत ने वर्ष 1998 में पोखरण-द्वितीय परीक्षण के बाद से कोई भी नया परमाणु परीक्षण नहीं किया है, जबकि पाकिस्तान और चीन अपने परमाणु कार्यक्रम तथा मिसाइल तकनीक को लगातार सुदृढ़ कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चीन-पाकिस्तान की तैयारी से चिंतित भारत</strong><br />रिपोर्टों के अनुसार वर्तमान समय में चीन के पास लगभग 600 परमाणु वारहेड हैं, जबकि भारत के पास लगभग 180 और पाकिस्तान के पास करीब 170 वारहेड माने जाते हैं। चीन 2030 तक अपने परमाणु हथियार भंडार को 1,000 तक बढ़ाने की दिशा में कार्यरत है। वहीं पाकिस्तान सामरिक परमाणु हथियार (टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन्स) विकसित कर भारत की ‘कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ को चुनौती दे रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन ने हाल के वर्षों में फ्रैक्शनल ऑर्बिटल बॉम्बार्डमेंट सिस्टम (FOBS) जैसी उन्नत तकनीक का परीक्षण किया है, जो मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भ्रमित करने में सक्षम है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तकनीकी सहयोग से भारत की रणनीतिक स्थिति पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्या भारत को करना चाहिए पोखरण–III?</strong><br />ट्रम्प के दावों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या भारत को अब पोखरण–III के रूप में नया परमाणु परीक्षण करना चाहिए? रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की ‘नो-फर्स्ट-यूज़ (NFU)’ यानी पहले परमाणु हमला न करने की नीति उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में स्थापित करती है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां इस नीति की समीक्षा की मांग कर सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि चीन और पाकिस्तान गुप्त रूप से परीक्षण कर रहे हैं, तो भारत को अपनी हाइड्रोजन बम क्षमता (थर्मोन्यूक्लियर वेपन) और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) तकनीक को परखने के लिए वैज्ञानिक विकल्पों या वैध परीक्षण की दिशा में कदम बढ़ाना पड़ेगा। हालांकि इसका निर्णय केवल सैन्य दृष्टि से नहीं, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक प्रभावों को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भारत की शांतिपूर्ण नीति, लेकिन सतर्क दृष्टिकोण</strong><br />भारत की परमाणु नीति हमेशा ‘विश्व शांति और जिम्मेदार उपयोग’ पर आधारित रही है। भारत ने कभी भी परमाणु शक्ति का प्रदर्शन युद्ध के लिए नहीं, बल्कि प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence) के रूप में किया है। अग्नि सीरीज़ की मिसाइलें, INS अरिहंत परमाणु पनडुब्बी और के-श्रृंखला की SLBM क्षमताएं भारत की मजबूत तकनीकी स्थिति को दर्शाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 21:55:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान -लश्कर के गाजी का अंत… टॉप कमांडर सैफुल्लाह खालिद की पाकिस्तान में हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर रजाउल्लाह निजामानी उर्फ अबू सैफुल्लाह की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इसको सिंध प्रांत के मटली शहर के फालकारा चौक के पास मारा गया, जहां हमलावरों ने उसे घर से निकलते ही निशाना बनाया और मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151991/the-end-of-lashkars-ghazi%E2%80%A6-top-commander-saifullah-khalid-was"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/whatsapp-image-2025-05-18-at-18.35.53_4af0ee13.jpg" alt=""></a><br /><p class="article-HD" style="text-align:justify;">  पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक घटना ने लश्कर-ए-तैयबा और आतंकी नेटवर्कों में हड़कंप मचा दिया है. लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर रजाउल्लाह निजामानी उर्फ सैफुल्लाह खालिद की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इसको सिंध प्रांत के मटली शहर के फालकारा चौक के पास मारा गया, जहां हमलावरों ने उसे घर से निकलते ही निशाना बनाया और मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया.अबू सैफुल्लाह खालिद मालन क्षेत्र का निवासी था, लंबे समय तक कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा था.</p>
<p style="text-align:justify;">कश्मीर जिहाद से लौटने के बाद लश्कर-ए-तैयबा ने उसे गाजी अबू सैफुल्लाह की उपाधि दी गई थी. हालांकि कहा जाता है कि हाल ही में संगठन ने उसे अलर्ट किया था और उसकी गतिविधियों पर सीमित रहने का निर्देश भी दिया था. साथ ही उसे सुरक्षा भी दी गई थी, लेकिन जिस दिन वह मटली शहर में अपने घर से बाहर निकला, उसी दिन हमलावरों ने उसके सिर और सीने में गोलियां दाग दीं. अबू सैफुल्लाह भारत में लश्कर के कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था. माना जाता है कि वह भारत में कम से कम तीन आतंकी हमलों की साजिश में मुख्य भूमिका निभा चुका था.</p>
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<h3 style="text-align:justify;"><strong>इन तीन हमलों में था सैफुल्लाह का दिमाग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>रामपुर सीआरपीएफ कैंप पर हमला…</strong> साल 2001 में उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी हमले की साजिश रजाउल्लाह निजमानी ने रची थी. इस हमले में आतंकियों ने भारी गोलीबारी की थी, जिसमें सात जवान शहीद हुए थे. बाद में जांच एजेंसियों ने इस हमले की प्लानिंग से जुड़े जो नाम सामने लाए, उनमें अबू सैफुल्लाह सबसे ऊपर था.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बंगलौर में मचाया था आतंक का तांडव…</strong> अबू सैफुल्लाह ने 2005 में बंगलौर में हुए सिलसिलेवार धमाकों की साजिश भी रची थी. इन धमाकों से बंगलौर शहर दहल गया था. आईटी कंपनियों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए हमला किया गया था.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नागपुर में RSS मुख्यालय को बनाया था निशाना… </strong>साल 2006 में नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय को निशाना बनाकर एक बड़ा हमला करने की कोशिश की गई थी. हालांकि समय रहते सुरक्षाबलों ने हमलावरों को ढेर कर दिया, लेकिन जांच में साफ हुआ कि इस हमले के पीछे भी अबू सैफुल्लाह का ही दिमाग था.</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>लश्कर के लिए भर्ती व फंडिंग की जिम्मेदारी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों और सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, अबू सैफुल्लाह की हत्या किसी सुनियोजित टारगेट किलिंग का हिस्सा हो सकती है. अबू सैफुल्लाह जम्मू-कश्मीर में भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का संचालन कर चुका था और पाकिस्तान लौटने के बाद वह सिंध में जमात और लश्कर के लिए भर्ती व फंडिंग जैसे अभियानों में सक्रिय था.</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आतंक की दुनिया में कहीं टकराव तो नहीं</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस हत्या ने पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्कों के भीतर गुटबाजी और आंतरिक टकराव की आशंकाओं को भी जन्म दे दिया है. अबू सैफुल्लाह जैसे प्रशिक्षित और गाज़ी घोषित आतंकी की इस तरह हत्या, यह बताती है कि पाकिस्तान में आतंक के संरक्षक अब खुद असुरक्षित होते जा रहे हैं. साथ ही यह घटना एक और संकेत देती है कि सिंध जैसे इलाकों में भी आतंकी संगठनों के भीतर आपसी प्रतिद्वंद्विता या विरोध तेज हो चुका है.</p>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 18:37:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भारत के लिये स्थाई सिरदर्द बन चुका आतंक पोषक पाकिस्तान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:large;">  तनवीर जाफ़री </span></strong>
<div>                                                              </div>
<div>  </div>
<div>      जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में गत 22 अप्रैल को हुए बर्बरतापूर्ण व अमानवीय आतंकी हमले को देश जल्दी भुला नहीं पायेगा। इसमें 27 बेगुनाहों की जान चली गई जिनमें अधिकांश देश के विभिन्न राज्यों से आये हुये पर्यटक शामिल थे। इस अमानवीय घटना की जितनी भी निंदा की जाये वह कम है। इस घटना के बाद राजनीति,भारतीय मीडिया,सोशल मीडिया, पक्ष और विपक्ष से जुड़े कई ऐसे पहलू थे जिनपर चर्चा होनी स्वभाविक थी और वह हुई भी। जैसे इस त्रासदी को मुख्य धारा के कहे जाने वाले टी वी चैनल्स ने एक बार फिर 'एजेंडा रिपोर्टिंग ' की</div>
<div> </div>
<div>इस</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151439/pakistan-has-become-a-permanent-headache-for-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/teerrorist-pak.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:large;"> तनवीर जाफ़री </span></strong>
<div>                               </div>
<div> </div>
<div>   जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में गत 22 अप्रैल को हुए बर्बरतापूर्ण व अमानवीय आतंकी हमले को देश जल्दी भुला नहीं पायेगा। इसमें 27 बेगुनाहों की जान चली गई जिनमें अधिकांश देश के विभिन्न राज्यों से आये हुये पर्यटक शामिल थे। इस अमानवीय घटना की जितनी भी निंदा की जाये वह कम है। इस घटना के बाद राजनीति,भारतीय मीडिया,सोशल मीडिया, पक्ष और विपक्ष से जुड़े कई ऐसे पहलू थे जिनपर चर्चा होनी स्वभाविक थी और वह हुई भी। जैसे इस त्रासदी को मुख्य धारा के कहे जाने वाले टी वी चैनल्स ने एक बार फिर 'एजेंडा रिपोर्टिंग ' की तर्ज़ पर पेश कर देश में विभाजनकारी माहौल बनाने की पूरी कोशिश की।</div>
<div> </div>
<div>इस आतंकी हमले को हिंदू बनाम मुस्लिम के रूप में पेश करने का भरसक प्रयास किया। इन टी वी चैनल्स को हमले के बाद कश्मीर सहित पूरे देश में इस हमले के विरुद्ध उपजी सहानुभूति,एकजुटता, पर्यटकों को बचाने,उन्हें पनाह देने व आतंकियों का बहादुरी से मुक़ाबला करते हुये स्थानीय कश्मीरी की जान देने व पर्यटकों के प्रति मानवता से पेश आने के दृश्य नज़र नहीं नज़र आये। न ही सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही न ही 'आपदा में अवसर ' ढूंढने वाली विमानन कंपनियों द्वारा आतंकी हमले की दहशत के परिणामस्वरूप पर्यटकों की वापसी की भारी भीड़ को देखते हुये उनसे आठ से दस गुना तक अधिक किराया वसूल किया जाना दिखाई दिया। </div>
<div> </div>
                                       बहरहाल 22 अप्रैल से लेकर अब तक इस विषय को लेकर दोनों देशों की ओर से कई क़दम उठाये जा चुके हैं। भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध जो अहम फ़ैसले लिए हैं उनमें मुख्य रूप से भारत-पाकिस्तान के बीच हुये सिंधु जल समझौते को स्थगित करना,अटारी बॉर्डर को बंद करना,भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों को इसी मार्ग से लौटने के लिए 1 मई तक की समय सीमा निर्धारित करना,पाकिस्तानी नागरिकों को भारत का वीज़ा न देना,भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय देना, सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा रद्द करना, नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाईकमीशन में तैनात पाकिस्तानी डिफ़ेन्स एडवाइज़र्स को भारत छोड़ने के लिए एक हफ़्ते का समय देना, तथा दोनों हाई कमीशन में तैनात कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 तक किया जाना शामिल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत के विरुद्ध कई फ़ैसले लिये हैं जिनमें भारत के साथ हुआ शिमला समझौता स्थगित करना,वाघा बॉर्डर से व्यापार पूरी तरह बंद करना,30 अप्रैल तक जिन लोगों ने वैध काग़ज़ों के साथ इस रास्ते से पाकिस्तान प्रवेश किया है, उन्हें वापस लौटने का निर्देश देना,सार्क वीज़ा छूट योजना के तहत भारतीय नागरिकों को दी गई वीज़ा छूट खत्म करना (सिख तीर्थयात्रियों को छोड़कर), भारतीय हाई कमीशन में काम कर रहे सैन्य सलाहकारों – डिफ़ेंस, नेवी और एयर अटैची को अवांछित व्यक्ति(persona non grata) घोषित करना और उन्हें व उनके सहायक स्टाफ़ को 30 अप्रैल तक पाकिस्तान छोड़ने का निर्देश देना,इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के कर्मचारियों की संख्या घटाकर 30 करना,पाकिस्तानी एयरस्पेस को अब भारतीय स्वामित्व या संचालन वाली सभी एयरलाइंस के लिए बंद करना तथा हर प्रकार का व्यापार चाहे वह सीधे भारत से हो या किसी तीसरे देश के ज़रिए, तत्काल प्रभाव से बंद कर देना जैसी घोषणायें शामिल हैं।      </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">                    उधर दोनों देशों द्वारा एक दूसरे के विरुद्ध उठाये जा रहे इन क़दमों के बीच पाकिस्तान की ओर से की गयी एक ऐसी स्वीकारोक्ति ने भारत द्वारा पाकिस्तान के विरुद्ध लगभग चार दशकों से लगाये जा रहे इन आरोपों को सच साबित कर दिया है कि पाकिस्तान आतंकवाद की नर्सरी भी है और पनाहगाह भी। ग़ौरतलब है कि स्काई न्यूज़ के संवाददाता ने पहलगाम में आतंकी हमले के सन्दर्भ में जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ से पूछा कि- "क्या आप मानते हैं कि पाकिस्तान का इन आतंकी संगठनों को समर्थन देने, प्रशिक्षण देने और धन मुहैया कराने का लंबा इतिहास रहा है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो ख़्वाजा आसिफ़ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान आतंकी समूहों को धन मुहैया कराने के साथ-साथ उन्हें हर तरह से समर्थन करता रहा है। ख़्वाजा आसिफ़ ने एक बातचीत के दौरान कहा कि - "हम अमेरिका और ब्रिटेन समेत पश्चिमी देशों के लिए क़रीब तीन दशकों से यह गंदा काम कर रहे हैं।" इसे दूसरे शब्दों में कहा जाये तो पाकिस्तान अमेरिका व ब्रिटेन जैसे पश्चिमी देशों की कठपुतली बनकर आतंकवाद की पनाहगाह व आतंकवादियों का 'मुख्य उत्पादक देश' बना हुआ है। रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने यह भी कहा कि -'यदि हम सोवियत संघ के विरुद्ध युद्ध में और बाद में 9/11 के बाद के युद्ध में शामिल नहीं होते, तो पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड बेदाग़ होता।'             </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      परन्तु सच पूछिये तो धर्म के आधार पर भारत से विभाजित होकर 1947 में ही अलग अस्तित्व में आने वाले पाकिस्तान में शुरू से ही अधर्म,ज़ोर ज़बरदस्ती,कट्टरपंथ,हिंसा व आतंकवाद का बोल बाला रहा है। और समय के साथ से यह और भी बढ़ता ही गया है। पाकिस्तानी नेताओं व शासकों द्वारा पोषित व प्रायोजित आतंकवाद का पहला निशाना तो पूर्वी पाकिस्तान (तत्कालीन) के लोग ही बने। बड़े पैमाने पर हत्यायें बलात्कार क्या नहीं किया गया बंगाली मुसलमानों के साथ ? तब कहाँ चला गया था इनका 'इस्लामी राष्ट्र '? क्यों 24 वर्षों में ही पाकिस्तान से अलग होकर बांग्लादेश वजूद में आया ? उसके बाद पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों विशेषकर हिन्दुओं,सिखों,शिया व अहमदिया मुसलमानों पर अत्याचार करने व उनकी हत्याओं का सिलसिला भी कोई केवल तीन दशक की कहानी नहीं है बल्कि यह सब घिनौनी हरकतें पाकिस्तान के वजूद में आते ही शुरू हो गयी थीं। स्वयं राष्ट्रपति ज़ियाउलहक़ के दौर में पाकिस्तान में कट्टरपंथ व आतंकवाद ख़ूब फला फूला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी पाकिस्तान में धर्म के नाम पर आत्मघातियों की भर्ती की गयी जिन्होंने मस्जिदों,दरगाहों,इमाम बारगाहों व अनेक धार्मिक जुलूसों में अब तक हज़ारों लोग मारे। उसके बाद इसी पाकिस्तान ने तालिबानों को शुरूआती दौर में पूरा संरक्षण दिया। उनके कार्यालय तक खोले गये और ओसामा बिन लादेन व मुल्ला उमर के समय में तालिबानी प्रवक्ता पाकिस्तान में बैठकर पत्रकार वार्ता करता तथा तालिबानी नीतियों को सार्वजनिक करता था। अफ़ग़ानिस्तान की कट्टरपंथी तालिबानी सरकार को मान्यता देने वाला पहला देश पाकिस्तान ही था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान में पोषित तालिबानी ही आगे चलकर कट्टरपंथी व आतंकी गिरोह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के नाम से जाने गये। और यही बाद में पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान सीमा के क़रीब संघीय प्रशासित क़बायली क्षेत्र के चरमपन्थी उग्रवादी गुटों के संग्ठन के रूप में स्थापित हुये। इसका मक़सद पाकिस्तान में शरिया पर आधारित एक कट्टरपन्थी इस्लामी अमीरात को क़ायम करना था। इस संग्ठन ने भी कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के प्रयास किये थे। तहरीक-ए-तालिबान ही वह संगठन था जिसके छः आतंकियों ने 16 दिसम्बर 2014 को पेशावर के सैनिक स्कूल पर हमला करके पाक फ़ौजियों के ही 126 बच्चों की हत्या कर दी थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<p style="text-align:justify;">                    इन सब वास्तविकताओं के बावजूद जब जब पाकिस्तान पर आतंकवाद फैलाने या उसे संरक्षण देने का आरोप भारत द्वारा लगाया जाता तो पाकिस्तान यह कहकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश करता कि 'वह तो स्वयं आतंकवाद का दंश झेल रहा है और इसका भुक्तभोगी है '। परन्तु पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ की ताज़ातरीन स्वीकारोक्ति से यह साबित हो चुका है कि पाकिस्तान आतंक फैलाने का केवल आरोपी ही नहीं बल्कि दोषी भी है। मसूद अज़हर,कंधार विमान अपहरण, हाफ़िज़ सईद,क़साब, पहलगाम का ताज़ातरीन अमानवीय हमला ऐसे दर्जनों सुबूत हैं जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि  पाकिस्तान द्वारा पोषित व संरक्षित आतंकवाद भारत के लिये स्थाई सिरदर्द बन चुका है लिहाज़ा इसका स्थाई समाधान होना भी ज़रूरी है।<strong> </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Apr 2025 16:52:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिर क्या है इमरान खान और आसिम मुनीर की जेल में हुई सीक्रेट मीटिंग का राज़ </title>
                                    <description><![CDATA[<p>दुनियाभर में अपनी बिगड़ती छवि को सुधारने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने फैसला किया है कि वो इमरान खान की जुबान पर लगाम लगाने के लिए ताकत का नहीं बल्कि कूटनीति का सहारा लेंगे। इसी के तहत उन्होंने इमरान खान को दोस्ती का ऑफर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया की माने तो सेना प्रमुख आसिम मुनीर पुरानी दुश्मनी भुलाकर इमरान खान से हाथ मिलाना चाहते हैं। खबरों की माने तो आसिम मुनीर गुपचुप तरीके से रावलपिंडी की अदियाला जेल गए थे।</p>
<p>  उन्होंने इमरान खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद पाकिस्तानी सेना की तरफ से बयान आया</p>
<p>कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141004/what-is-the-secret-of-the-secret-meeting-between-imran"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/imran-khan_large_1321_19.webp" alt=""></a><br /><p>दुनियाभर में अपनी बिगड़ती छवि को सुधारने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने फैसला किया है कि वो इमरान खान की जुबान पर लगाम लगाने के लिए ताकत का नहीं बल्कि कूटनीति का सहारा लेंगे। इसी के तहत उन्होंने इमरान खान को दोस्ती का ऑफर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया की माने तो सेना प्रमुख आसिम मुनीर पुरानी दुश्मनी भुलाकर इमरान खान से हाथ मिलाना चाहते हैं। खबरों की माने तो आसिम मुनीर गुपचुप तरीके से रावलपिंडी की अदियाला जेल गए थे।</p>
<p> उन्होंने इमरान खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद पाकिस्तानी सेना की तरफ से बयान आया कि इमरान खान अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगे। अंदर की खबर ये है कि इमरान खान और आसिम मुनीर की डील फाइनल हो चुकी है। इमरान खान के सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते ही पाकिस्तान की सेना उन्हें सत्ता में वापस लाने की तैयारी शुरू कर देगी।</p>
<p>कहा तो ये भी जा रहा है कि नवाज शरीफ को एक बार फिर से पाकिस्तान छोड़ना पड़ सकता है। हालांकि ये खबरें कितनी सही है ये तो बताना मुश्किल है। लेकिन इमरान खान का लगातार सेना के खिलाफ जहर उगलना और सेना का उन आरोपों को खारिज करना।</p>
<p>ये इशारा जरूर करता है कि कहीं न कहीं आसिम मुनीर और इमरान खान के बीच कोई न कोई खिचड़ी तो पक रही है। महानिदेशक इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया था कि 9 मई के हिंसक विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों से माफी मांगने और कोई भी बातचीत करने से पहले अराजकता की राजनीति से दूर रहने की मांग की थी।</p>
<p>जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक अध्यक्ष इमरान खान ने 9 मई की घटनाओं के लिए माफी मांगने की सेना की मांग को ठुकरा दिया है। इसके साथ ही इमरान ने अपनी गिरफ्तारी के तुरंत बाद पिछले साल देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में अपनी पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा था कि 9 मई के आरोपियों और अपराधियों को संविधान और कानून के मुताबिक सजा देनी होगी। रावलपिंडी की अदियाला जेल में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा मुझे माफी क्यों मांगनी चाहिए, यह मुझसे मांगी जानी चाहिए।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 May 2024 14:51:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाक के राष्ट्रपति ज़रदारी को भ्रष्टाचार के मामले में मिली राहत </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Pakistan:</strong> पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को कहा कि भ्रष्टाचार के एक मामले में जरदारी को पद पर रहते विशेष छूट मिलेगी। भ्रष्टाचार के इस मामले को आमतौर पर पार्क लेन के रूप में जाना जाता है। जरदारी पर प्रमुख कंपनियों को ऋण जारी करने के लिए अधिकारियों को प्रभावित करने का आरोप है। इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश नासिर जावेद राणा ने पार्क लेन मामले की सुनवाई की।</p>
<p>जरदारी पर आरोप है कि राष्ट्रपति के पद पर रहते उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल 2008 से 2013 के दौरान अपनी कुछ बड़ी कंपनियों के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139666/pak-president-zardari-gets-relief-in-corruption-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/president-zardari_large_0630_153.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Pakistan:</strong> पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को कहा कि भ्रष्टाचार के एक मामले में जरदारी को पद पर रहते विशेष छूट मिलेगी। भ्रष्टाचार के इस मामले को आमतौर पर पार्क लेन के रूप में जाना जाता है। जरदारी पर प्रमुख कंपनियों को ऋण जारी करने के लिए अधिकारियों को प्रभावित करने का आरोप है। इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश नासिर जावेद राणा ने पार्क लेन मामले की सुनवाई की।</p>
<p>जरदारी पर आरोप है कि राष्ट्रपति के पद पर रहते उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल 2008 से 2013 के दौरान अपनी कुछ बड़ी कंपनियों के लिए ऋण जारी करने के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रभावित किया था।</p>
<p>जरदारी के वकीलों ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि राष्ट्रपति बनने के बाद उनपर अदालती मामलों में मिलने वाली छूट लागू होती है और अब उनके खिलाफ कोई भी सुनवाई जारी नहीं रह सकती। जरदारी नौ मार्च को दूसरी बार पाकिस्तान के राष्ट्रपति चुने गए थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Mar 2024 17:07:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाक के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सेना प्रमुख जनरल मुनीर से हुई मुलाकात </title>
                                    <description><![CDATA[<p>पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बुधवार को पहली बार मुलाकात की और पेशेवर तथा सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना ने एक दिन पहले ही शहबाज शरीफ को पद संभालने पर बधाई दी थी। सेना प्रमुख जनरल मुनीर ने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री आवास परशहबाज शरीफ को बधाई देने के लिए मुलाकात की और देश के 24वें मुख्य कार्यकारी के रूप में पदभार संभालने के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।</p>
<p>पाकिस्तान में आठ फरवरी को हुए आम चुनाव के लगभग एक महीने बाद शहबाज ने सोमवार को औपचारिक रूप से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139170/pakistan-prime-minister-shahbaz-sharif-met-army-chief-general-munir"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/licensed-image.jpg" alt=""></a><br /><p>पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बुधवार को पहली बार मुलाकात की और पेशेवर तथा सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना ने एक दिन पहले ही शहबाज शरीफ को पद संभालने पर बधाई दी थी। सेना प्रमुख जनरल मुनीर ने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री आवास परशहबाज शरीफ को बधाई देने के लिए मुलाकात की और देश के 24वें मुख्य कार्यकारी के रूप में पदभार संभालने के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।</p>
<p>पाकिस्तान में आठ फरवरी को हुए आम चुनाव के लगभग एक महीने बाद शहबाज ने सोमवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, बैठक के दौरान, पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा मामलों के पेशेवर मामलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।</p>
<p>यह भी कहा गया कि बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा समेत अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर, सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री को उनके पदभार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Mar 2024 12:18:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुद के बुने हुए जाल में उलझ गया है पाकिस्तान, आये दिन हो रहे है आतंकी हमले </title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत का दुश्मन नम्बर 1 पाकिस्तान अब अपने ही कर्मों की सजा काट रहा है. आतंकवादियों की फैक्ट्री बन चुका पाकिस्तान अब खुद आतंकवाद का शिकार है. पाकिस्तान के मियांवली में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है. आतंकवादी एयरबेस में घुस गए. सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुआ. ‘तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान’ नाम के संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. पाकिस्तानी सेना ने बताया कि तीन आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि तीन अन्य अब भी सक्रिय हैं. इसके साथ ही हमले में तीन विमान, ईंधन भरने वाला टैंकर क्षतिग्रस्त हो गया है.</p>
<p>पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136673/pakistan-is-entangled-in-its-own-web-terrorist-attacks-are"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/terror-attack-pakistan-1280-720-03-11-2023.webp" alt=""></a><br /><p>भारत का दुश्मन नम्बर 1 पाकिस्तान अब अपने ही कर्मों की सजा काट रहा है. आतंकवादियों की फैक्ट्री बन चुका पाकिस्तान अब खुद आतंकवाद का शिकार है. पाकिस्तान के मियांवली में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है. आतंकवादी एयरबेस में घुस गए. सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुआ. ‘तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान’ नाम के संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. पाकिस्तानी सेना ने बताया कि तीन आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि तीन अन्य अब भी सक्रिय हैं. इसके साथ ही हमले में तीन विमान, ईंधन भरने वाला टैंकर क्षतिग्रस्त हो गया है.</p>
<p>पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार को आतंकवादियों ने सेना की दो गाड़ियों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें कम से कम 14 सैनिक मारे गए. बलूचिस्तान में शुक्रवार को हुआ यह आतंकवादी हमला इस साल का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है, जिसमें पाकिस्तानी सेना के सबसे ज्यादा सैनिक मारे गए हैं. पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, आतंकवादियों ने यह हमला उस वक्त किया, जब सैनिकों की दो गाड़ियां पसनी से ग्वादर जिले के ओरमारा इलाके में जा रहे थे.</p>
<p>दो दिन पहले ही पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान के सांबास इलाके में 6 आतंकियों को मार गिराया था. माना जा रहा है कि आतंकियों ने इसी कार्रवाई का बदला लिया है. अफगानिस्तान की तालिबानी सत्ता डूरंड लाइन बॉर्डर पर पाकिस्तान को चुनौती दे रही है. पाक-अफगान बॉर्डर पर आतंकी गतिविधियों में लगातार इजाफा हो रहा है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से सीमा पर जबरदस्त तनाव चल रहा है. पाकिस्तान के आर्थिक संकट और अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बीच प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) इस्लामाबाद के लिए संभावित खतरे के रूप में लगातार उभर रहा है, जिसे देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखने के सख्त आदेश जारी किया गया है.</p>
<p>पाकिस्तान खुद आतंक की पाठशाला चलाता रहा. यही नहीं अफगानिस्तान में जो तालिबानी आतंकी कैम्प आज फलफूल रहे हैं. उनमें से कई की ट्रेनिंग खुद पाकिस्तान में ही हुई है लेकिन अब यही तालिबानी आतंकी संगठन पाकिस्तान के लिए खतरा बन गए हैं. इसी खतरे को भांपते हुए पाकिस्तान ने डूरंड लाइन बॉर्डर पर बड़ी संख्या में आर्मी की तैनात कर दी है. आज वहां एक लाख से ज्यादा पाक आर्मी तैनात है.</p>
<p>पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जो बॉर्डर है उसे डूरंड लाइन कहा जाता है. पाकिस्तान इसे बाउंड्री लाइन मानता है, लेकिन तालिबान खैबर पख्तूनख्वा राज्य को अपना हिस्सा मानता है. अफगानिस्तान की सल्तनत पर तालिबान का कब्जा करने के साथ ही तालिबानियों ने डूरंड लाइन को मानने से इंकार किया और यहीं से आतंकवाद को फैलाना शुरू कर दिया. कांटेदार फेंसिंग को क्रॉस करके आए दिन आतंकी हमले किए जाने लगे. तालिबान ने वहां मौजूद पाकिस्तानी चेक पोस्ट्स को उड़ा दिया. इस इलाके में कई पाकिस्तानी फौजी मारे जा चुके हैं और कई तालिबान के कब्जे में हैं.</p>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
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                <pubDate>Sat, 04 Nov 2023 16:20:58 +0530</pubDate>
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                <title>दरिंदगी की हद पार, पिता कर रहा था बेटी का रेप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पाकिस्तान में एक बेटी ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी. मामला कथित रूप से बलात्कार का है. आरोप है कि तीन महीने से उसका पिता उसका बलात्कार कर रहा था. एक दिन अचानक बेटी ने उसे गोली मार दी, जहां मौके पर ही उसकी मौत हो गई. पंजाब प्रांत की इस घटना की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. मामला पाकिस्तान के लाहौर शहर में गुज्जरपुरा का है. </p>
<p>पुलिस की पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसका बाप उसका तीन महीने से दुष्कर्म कर रहा था और इस वजह से उसने पिता की जान ले ली.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135097/the-father-was-raping-his-daughter-beyond-the-limits-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/61.jpeg" alt=""></a><br /><p>पाकिस्तान में एक बेटी ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी. मामला कथित रूप से बलात्कार का है. आरोप है कि तीन महीने से उसका पिता उसका बलात्कार कर रहा था. एक दिन अचानक बेटी ने उसे गोली मार दी, जहां मौके पर ही उसकी मौत हो गई. पंजाब प्रांत की इस घटना की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. मामला पाकिस्तान के लाहौर शहर में गुज्जरपुरा का है. </p>
<p>पुलिस की पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसका बाप उसका तीन महीने से दुष्कर्म कर रहा था और इस वजह से उसने पिता की जान ले ली. मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी सोहेल काज्मी ने बताया कि लड़की गंभीर हालात से गुजर रही थी. उसका जीवन जहन्नुम बन गया था. आखिर में उसने अपने पिता की हत्या करने का फैसला किया.</p>
<p>पुलिस अधिकारी सोहेल काज्मी ने कहा कि लड़की ने अपने पिता की ही बंदूक से उसे गोली मार दी. उन्होंने बताया कि लड़की के पिता ने गोली लगने के बाद वहीं दम तोड़ दिया. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब हाल ही में एक पाकिस्तानी कोर्ट ने नाबालिग बेटी का दुष्कर्म करने के आरोप में एक पिता को मौत की सजा सुनाई.</p>
<p>नाबालिग की मौत हो गई थी. इसके बाद वह लापता था. पुलिस उसे लगातार खोज रही थी. आरोपी पिता बाद में देश छोड़कर भाग गया. पाकिस्तान पुलिस उसे विदेशों में भी ढूंढ रही है. इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को आरोपी बनाया. इसी साल की शुरुआत में एक 19 वर्षीय बेटी ने अपने 65 वर्षीय पिता की गोली मारकर हत्या कर दी.</p>
<p>पिता की मर्जी के बगैर शादी करने के बाद पिता ने पुलिस में उसके पति पर बेटी के किडनैपिंग का आरोप लगाया था.रेप की वारदात का खुलासा होने के बाद शख्स के पुलिस ने गिरफ्तार किया था. लाहौर में एक सेशन कोर्ट के जस्टिस मिया शाहिद जावेद ने मोहम्मद रफीक को मौत की सजा दी. अगस्त महीने में एक शख्स ने अपनी 10 साल की बेटी का रेप किया था.</p>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
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                <pubDate>Sun, 24 Sep 2023 20:33:29 +0530</pubDate>
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